कांग्रेस सरकार ने भाजपा नेताओं पर मुकदमे दर्ज करने को बना लिया राजनीतिक हथियार – राकेश जमवाल
कांग्रेस सरकार ने भाजपा नेताओं पर मुकदमे दर्ज करने को बना लिया राजनीतिक हथियार – राकेश जमवाल
शिमला: भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने हिमाचल प्रदेश में लोकतांत्रिक विरोध का जवाब विकास से नहीं, बल्कि एफआईआर और मुकदमों से देना शुरू कर दिया है। सत्ता में आने के बाद भाजपा नेताओं और विधायकों के खिलाफ लगातार मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे साफ है कि सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है।
राकेश जमवाल ने कहा कि हाल ही में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और पूर्व मंत्री एवं विधायक सुखराम चौधरी सहित अनेक भाजपा नेताओं पर माजरा थाना, जिला सिरमौर में एफआईआर दर्ज की गई। प्रदर्शन के दौरान उन्हें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया, जिनमें सरकारी कार्य में बाधा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, दंगा और अन्य गंभीर आरोप शामिल किए गए। बाद में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने इन नेताओं को अग्रिम जमानत देते हुए राहत प्रदान की।
उन्होंने कहा कि हमीरपुर के भाजपा विधायक आशीष शर्मा के स्वामित्व वाले स्टोन क्रशर को लेकर भी अवैध खनन, जालसाजी, धोखाधड़ी और रॉयल्टी चोरी जैसे आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई। स्वयं विधायक आशीष शर्मा ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए कहा कि सरकार उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने के उद्देश्य से निशाना बना रही है।
जमवाल ने कहा कि भाजपा विधायक होशियार सिंह के खिलाफ भी लगातार विभिन्न मामलों में कार्रवाई कर उन्हें राजनीतिक रूप से दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी प्रकार कई भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं पर आंदोलनों के दौरान मुकदमे दर्ज किए गए, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस सरकार विपक्ष को कानूनी मामलों में उलझाकर उसकी आवाज दबाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि यह केवल अलग-अलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक पैटर्न है। पहले भाजपा नेताओं पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, फिर उन्हें लंबी कानूनी प्रक्रिया में उलझाया जाता है। कांग्रेस सरकार प्रशासन और पुलिस का उपयोग राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ हथियार के रूप में कर रही है।
राकेश जमवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस प्रकार की प्रतिशोधात्मक राजनीति से डरने वाली नहीं है। झूठे मुकदमे दर्ज कर विपक्ष की आवाज को दबाने का हर प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है और प्रदेश की जनता इसका उचित जवाब देगी।