मुख्यमंत्री के पास उपलब्धियों का हिसाब नहीं, इसलिए भाजपा विधायकों पर बयानबाजी कर रहे हैं – राकेश जमवाल
मुख्यमंत्री के पास उपलब्धियों का हिसाब नहीं, इसलिए भाजपा विधायकों पर बयानबाजी कर रहे हैं – राकेश जमवाल
शिमला: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के भाजपा विधायकों और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अपनी सरकार की उपलब्धियां बताने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह भाजपा के विधायकों की संख्या और आगामी चुनाव परिणामों की भविष्यवाणी करके जनता का ध्यान अपनी सरकार की विफलताओं से भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
राकेश जमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह दावा कि भाजपा के 28 में से 16 विधायक आगामी चुनाव में जीत नहीं पाएंगे, उनकी हताशा और राजनीतिक घबराहट को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता तय करेगी कि कौन विधायक बनेगा और कौन सरकार बनाएगा, मुख्यमंत्री नहीं। भाजपा के विधायकों को लेकर भविष्यवाणी करने से पहले मुख्यमंत्री को अपनी सरकार, मंत्रियों और कांग्रेस विधायकों के बीच चल रहे असंतोष की चिंता करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को विधानसभा अध्यक्ष के पद से संतोष करने की सलाह देना मुख्यमंत्री की पद की गरिमा के विपरीत है। मुख्यमंत्री को विपक्ष के नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने के बजाय यह बताना चाहिए कि कांग्रेस सरकार ने अपने चुनावी वादों में से कितने पूरे किए। महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह, युवाओं को रोजगार, किसानों-बागवानों को राहत और जनता को 300 यूनिट निःशुल्क बिजली देने जैसे वादों का आज तक क्या हुआ, इसका जवाब प्रदेश की जनता मांग रही है।
जमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री जिस कार्यक्रम को बड़ी जनसभा के रूप में प्रस्तुत करना चाहते थे, उसमें जनता की अपेक्षित भागीदारी नहीं हुई। लोगों के न पहुंचने के कारण रैली के स्थान पर टाउन हॉल के भीतर बैठक करनी पड़ी। यह घटना बताती है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों से कितनी नाराज है। मुख्यमंत्री जनता के इस रोष से घबराए हुए हैं और इसी कारण विकास एवं जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाकर विपक्ष पर निराधार राजनीतिक हमले कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि मुख्यमंत्री बाहरी विपक्ष से अधिक अपनी ही पार्टी के नेताओं और मंत्रियों की अंदरूनी राजनीति से परेशान हैं। कांग्रेस के भीतर नेतृत्व की लड़ाई, मंत्रियों के बीच खींचतान और सत्ता के अलग-अलग केंद्रों ने सरकार की कार्यप्रणाली को प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री अपने ही नेताओं और मंत्रियों के राजनीतिक षड्यंत्रों के शिकार होते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अपनी विफलताओं का दोष भाजपा पर डालने का प्रयास कर रहे हैं।
राकेश जमवाल ने कहा कि तीन वर्षों से अधिक समय बीतने के बावजूद कांग्रेस सरकार के पास जनता के सामने रखने के लिए कोई उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं है। विकास कार्य ठप हैं, संस्थान बंद किए गए, कर्मचारी और पेंशनर अपने आर्थिक अधिकारों के लिए परेशान हैं तथा बेरोजगार युवा स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। प्रदेश की आर्थिक स्थिति को बिगाड़ने के बाद मुख्यमंत्री अब भाषणों और राजनीतिक बयानबाजी के सहारे अपनी सरकार की असफलताओं को छिपाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यह समझ लें कि भाजपा को प्रमाणपत्र देने की आवश्यकता नहीं है। आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का हिसाब करेगी। भाजपा पूरी मजबूती के साथ जनता के बीच जाएगी और कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी, आर्थिक कुप्रबंधन तथा जनविरोधी नीतियों को उजागर करेगी।