सीडीपीओ हर महीने करेंगे सुखाश्रय योजना के तहत बनने वाले निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण

जब तक आवास कार्य समाप्त नहीं होता हर तीन महीने बाद रिपोर्ट मौके पर जाकर देंगे सीडीपीओ

शिमला: मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत जिला शिमला में बन रहे लाभार्थियों के आवास कार्यो की समीक्षा उपायुक्त अनुपम कश्यप ने आज शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की।  उन्होंने कहा कि जिला के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) घर का निर्माण कार्य पूर्ण होने तक हर तीन महीने बाद लाभार्थी के निर्माणाधीन घर का निरीक्षण करेंगे।  जब तक उक्त घर का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता है। हर सीडीपीओ को महीने में एक लाभार्थी के निर्माणाधीन कार्य की फील्ड रिपोर्ट स्वयं लेनी होगी। इसके अलावा अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी लाभार्थियों की रिपोर्ट फील्ड स्टाफ निरंतर लेते रहें। सीडीपीओ निर्धारित समय पर घर बनाने का कार्य सुनिश्चित करेंगे और हर महीने एक घर का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा।   

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के माध्यम से बेसहारा बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा देकर इनके उत्थान का जिम्मा प्रशासन को दिया है। ऐसे में फील्ड से लेकर आला अधिकारी जिनकी इस योजना के माध्यम से जवाबदेही तय की गई है वे सभी सुनिश्चित करें कि लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जिला में हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत बेघर अनाथ और निराश्रित बच्चों को अपना घर बनाने के लिए 3 बीघा जमीन और ₹3,000,000 (3 लाख रुपये) की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” (राज्य के बच्चे) को सम्मानजनक जीवन और रहने के लिए पक्की छत देना है। घर का काम शुरू करने के लिए पहली किस्त के रूप में ₹1 लाख सीधे बैंक खाते में भेजे जाते है। इसके साथ ही जिन पात्र लाभार्थियों के पास अपनी जमीन नहीं है, उन्हें सरकार द्वारा घर बनाने के लिए 3 बीघा जमीन भी दी जाती है। वर्तमान में इस योजना के तहत जिला शिमला में कुल 29 लाभार्थियों के आवास स्वीकृत किये गए हैं जिनमें से 05 घरों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष 24 लाभार्थियों के आवास निर्माण का कार्य प्रगति पर है। 

इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल सहित जिला के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे। 

“उपायुक्त ने स्वयं लाभार्थियों से फोन पर ली निर्माणाधीन आवास की फीडबैक”

उपायुक्त अनुपम  कश्यप ने स्वयं चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट अक्षित, गांव मधवानी तहसील कुमारसैन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मोबाइल से बात की। उपायुक्त ने पूछा कि निर्माणाधीन आवास कार्य को लेकर किसी प्रकार की कोई परेशानी तो नहीं आ रही है, विभाग की ओर से वित्तीय सहायता समय पर मिल रही है और हर महीने 04 हजार रुपए की मासिक सहायता निरंतर आ रही है। इस पर अक्षित ने बताया कि पुडुचेरी में एक होटल में जॉब करता हूँ, घर का काम काफी हद तक पूर्ण हो चुका है और अब जल्दी ही घर आऊंगा तो सारा काम पूरा करवा दूंगा। मुझे नियमित मासिक सहायता भी मिल रही है।

इसके अतिरिक्त गांव बनोगा, तहसील ननखड़ी के रहने वाले चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट शानित से भी फोन पर उपायुक्त ने बात की। उपायुक्त ने कहा कि जल्दी से मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत बन रहे कार्यों को पूरा करें। शानित ने आश्वासन दिया कि मानसून के समाप्त होने के बाद कार्य को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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