अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 : श्यामला कवि सम्मेलन” एवं “श्यामला मुशायरा” का होगा आयोजन

शिमला: अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के अंतर्गत साहित्य, भाषा और संस्कृति को समर्पित दो विशेष कार्यक्रमों “श्यामला कवि सम्मेलन” तथा “श्यामला मुशायरा” का आयोजन गेयटी थियेटर, शिमला के सभागार में किया जाएगा। इन आयोजनों का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को मंच प्रदान करना, स्थानीय रचनाकारों को प्रोत्साहित करना तथा युवा पीढ़ी को साहित्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ना है।

यह जानकारी देते हुए उपायुक्त एवं अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव समिति के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने बताया कि ग्रीष्मोत्सव केवल मनोरंजन का मंच नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक, साहित्यिक और बौद्धिक विरासत को आगे बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और ऐसे आयोजन समाज में संवेदनशीलता, रचनात्मकता तथा सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देते हैं।

उन्होंने बताया कि “श्यामला कवि सम्मेलन” का आयोजन 8 एवं 9 जून 2026 को प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक गेयटी थियेटर के सभागार में किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए पहाड़ी एवं हिंदी भाषा के कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। कार्यक्रम में कविता पाठ के साथ-साथ हिंदी कवि गोष्ठी तथा साहित्यिक संवाद सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकारों एवं युवा रचनाकारों को एक ही मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

इसी क्रम में 10 जून 2026 को प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक “श्यामला मुशायरा” का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष साहित्यिक आयोजन में प्रतिष्ठित शायरों एवं उभरते रचनाकारों द्वारा उर्दू शायरी, ग़ज़ल, नज़्म तथा अदबी की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। मुशायरे के माध्यम से उर्दू साहित्य की समृद्ध परंपरा को सम्मान देने के साथ-साथ भाषा और संस्कृति के विविध आयामों को भी मंच प्रदान किया जाएगा।

अनुपम कश्यप ने कहा कि “श्यामला कवि सम्मेलन” और “श्यामला मुशायरा” दोनों कार्यक्रम साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। इन आयोजनों में विचारों, भावनाओं और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। उन्होंने साहित्यकारों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा आम नागरिकों से इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोक कलाओं, साहित्यिक गतिविधियों तथा विभिन्न रचनात्मक आयोजनों के माध्यम से हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। “संस्कृति की छांव, सृजन का उत्सव” की भावना के अनुरूप यह आयोजन साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में एक यादगार पहल सिद्ध होगा।

इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी DC Shimla के आधिकारिक फेसबुक एवं इंस्टाग्राम पेज तथा जिला प्रशासन शिमला की आधिकारिक वेबसाइट https://hpshimla.nic.in/ पर उपलब्ध है। 

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