केन्द्र सरकार ने बच्चों के भविष्य को पूरी तरह से ताक पर रखा हुआ है – राजेश धर्माणी

शिमला: तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केन्द्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार युवाओं के भविष्य के साथ निरंतर खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामला इसका सीधा उदाहरण है। बच्चे अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं लेकिन केन्द्र सरकार ने बच्चों के भविष्य को पूरी तरह से ताक पर रखा हुआ है। यह 23 लाख बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को बच्चों से माफी मांगनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के भी लगभग 12 हजार बच्चों ने नीट की परीक्षा दी थी। केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण आज युवाओं को अपने हक के लिए आवाज उठानी पड़ रही है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में चौथी बार यह पेपर लीक हुआ है। पूर्व में भी केन्द्र सरकार ने आरोपियों के विरुद्ध कोई कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की। केन्द्र सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, जिसके परिणामस्वरूप आरोपियों को संरक्षण मिलता रहा और नीट का पेपर लीक हुआ। उन्होंने कहा कि मात्र पेपर रद्द करना इस मामले का समाधान नहीं है। इस साजिश में कई लोग शामिल हैं, इसलिए इस मामले की विस्तृत जांच करवानी आवश्यक है।
तकनीकी शिक्षा मन्त्री ने कहा कि केन्द्र में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का कहना है कि केन्द्र सरकार द्वारा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई न करना केन्द्र सरकार की उदासीनता और अन्यायपूर्ण रवैये को प्रदर्शित कर रहा है। केन्द्र सरकार बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि यह देखा गया है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) भी अपना कार्य ईमानदारी से नहीं कर पाई। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनसे यह पता चलता है कि केन्द्र सरकार अपने फायदे के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।हम चाहते हैं कि सर्वोच्च न्यायालय इस मामले में हस्तक्षेप करे।
हिमाचल प्रदेश का उल्लेख करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में पुलिस भर्ती सहित कई पेपर लीक हुए थे, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पेपर बिक्री पर अंकुश लगाते हुए पारदर्शी प्रशासन की एक मिसाल कायम की है। सरकार का पहला कदम कर्मचारी चयन आयोग को भंग करना था। यह प्रदेश सरकार की उपलब्धि है कि इस सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रतियोगी परीक्षा का कोई भी पेपर लीक नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने पेपर लीक करवाए और युवाओं के साथ अन्याय किया गया। वर्तमान प्रदेश सरकार ने मेरिट आधार पर पात्र युवाओं का चयन कर रोजगार प्रदान किया है।

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