रोहड़ू : धार्मिक अनुष्ठान में हवाई फायरिंग से 26 वर्षीय महिला की मौत; हत्या का मामला दर्ज
रोहड़ू : धार्मिक अनुष्ठान में हवाई फायरिंग से 26 वर्षीय महिला की मौत; हत्या का मामला दर्ज
शिमला: रोहड़ू उपमंडल के कुलगांव में देर रात एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान हुई हवाई फायरिंग ने खुशी के माहौल को मातम में बदल दिया। देवता के आयोजन में सैकड़ों लोग पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नाच-गा रहे थे, तभी अचानक हुई फायरिंग के दौरान एक महिला को गोली लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतका की पहचान रितिका (उर्फ गुड़िया), पत्नी सतीश, निवासी गांव बकोरा डाकघर आंध्रा, तहसील चिड़गांव, जिला शिमला के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने दो आरोपियों रजत सोहटा और अमित अक्का को गिरफ्तार कर लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देवता के अनुष्ठान के दौरान कुछ लोगों द्वारा हवा ने फायरिंग की जा रही थी। इसी बीच अचानक चली एक गोली भीड़ में जा लगी और रितिका को गंभीर रूप से घायल कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कुलगांव में हुई फायरिंग की घटना के बाद मृत महिला का शव जब रोहड़ू अस्पताल पहुंचा तो वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। जानकारी के अनुसार, गोली लगने से घायल महिला को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया था, इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला भेजा जाना था। सुबह करीब 10 बजे पुलिस प्रशासन द्वारा शव को शिमला भेजने के लिए वाहन मंगवाया गया, उसमें पहले से रेत भरी हुई थी। इसे लेकर परिजनों ने कड़ा विरोध जताया और इसे मृतका के प्रति असंवेदनशीलता करार दिया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा। काफी देर तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने शव को एंबुलेंस के माध्यम से शिमला भेजने की व्यवस्था की, तब जाकर मामला शांत हुआ।
फायरिंग में महिला की मौत के बाद सार्वजनिक आयोजनों में हथियारों पर स्थायी प्रतिबंध
हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए रोहड़ू उपमंडल में सार्वजनिक, धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में हथियार ले जाने पर स्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। उपमंडलाधिकारी (नागरिक) रोहड़ू द्वारा जारी आदेश में “सेलिब्रेटरी फायरिंग” को पूरी तरह गैरकानूनी घोषित करते हुए कहा गया है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने धार्मिक समारोह में महिला के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला ज़िला के रोहड़ू उपमंडल के कुल गांव में एक धार्मिक समारोह के दौरान एक महिला की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने ज़िला प्रशासन के अधिकारियों से फ़ोन पर इस हादसे के बारे में जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा ईश्वर से दिवंगत की आत्मा को शांति और परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
रोहड़ू फायरिंग कांड ने कानून-व्यवस्था की पोल खोली—कांग्रेस सरकार पूरी तरह विफल: राकेश जमवाल
भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने रोहड़ू उपमंडल के कुलगांव में धार्मिक आयोजन के दौरान हुई फायरिंग की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताया। उन्होंने मृतका रितिका (उर्फ गुड़िया) के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता का परिणाम है। राकेश जमवाल ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में हर्ष फायरिंग जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार इसे रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने कहा “यह घटना बताती है कि प्रदेश में कानून का भय खत्म हो चुका है और प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है,”। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते प्रशासन और पुलिस सतर्क होती, तो इस तरह की दुखद घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने कहा “सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में हथियार लहराना और फायरिंग होना प्रशासन की नाकामी का सबसे बड़ा उदाहरण है,” । राकेश जमवाल ने रोहड़ू अस्पताल में शव को ले जाने की व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस प्रकार रेत से भरे वाहन में शव भेजने की कोशिश की गई, वह प्रशासन की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा“यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है,”। उन्होंने कहा कि परिजनों का आक्रोश पूरी तरह जायज है और सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा “कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है—न कानून-व्यवस्था संभाल पा रही है, न ही संवेदनशीलता दिखा पा रही है,”। भाजपा ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। अंत में राजेश जमवाल ने कहा कि “प्रदेश की जनता अब असुरक्षित महसूस कर रही है और कांग्रेस सरकार की लापरवाह कार्यशैली का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है—यह स्थिति तुरंत सुधारने की जरूरत है।”