“कांग्रेस राज में ‘महंगाई की पूजा’, जनता पर आर्थिक अत्याचार—शिमला में परमिट फीस 5 गुना बढ़ाना तानाशाही फैसला” : नंदा
“कांग्रेस राज में ‘महंगाई की पूजा’, जनता पर आर्थिक अत्याचार—शिमला में परमिट फीस 5 गुना बढ़ाना तानाशाही फैसला” : नंदा
“₹2,000 से ₹10,000, ₹100 से ₹500—कांग्रेस ने बढ़ाया हर शुल्क, जनता को राहत शून्य”
शिमला: भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान कांग्रेस सरकार के शासनकाल में केवल महंगाई को बढ़ावा दिया जा रहा है और जनता को राहत के नाम पर शून्य दिया जा रहा है। शिमला जैसे संवेदनशील और पर्यटन प्रधान शहर में प्रतिबंधित सड़कों की परमिट फीस को सीधे 5 गुना बढ़ाना न केवल अव्यवहारिक है बल्कि आम लोगों, व्यापारियों और स्थानीय निवासियों पर सीधा आर्थिक हमला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने परमिट से जुड़े हर शुल्क में भारी वृद्धि की है— परमिट जारी करने की फीस ₹2,000 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दी गई प्रोसेसिंग फीस ₹100 से बढ़ाकर ₹500 कर दी गई अस्थायी पास शुल्क ₹200 से बढ़ाकर ₹1,000 कर दिया गया प्रतिदिन शुल्क ₹100 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया इतना ही नहीं, बिना परमिट गाड़ी चलाने पर अब ₹10,000 तक जुर्माना और 15 दिन तक की सजा का प्रावधान किया गया है, जो पहले केवल ₹3,000 तक सीमित था। कर्ण नंदा ने कहा कि यह फैसला दर्शाता है कि कांग्रेस सरकार को शिमला शहर की जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है और सरकार केवल राजस्व बढ़ाने के लिए जनता की जेब पर डाका डाल रही है। पहले ही पेट्रोल-डीजल पर सेस, टैक्स में बढ़ोतरी और महंगाई के बोझ से दबे प्रदेशवासियों पर अब इस प्रकार के निर्णय थोपना कांग्रेस की जनविरोधी मानसिकता को उजागर करता है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जिससे आम आदमी का जीवन कठिन होता जा रहा है। हर स्तर पर शुल्क वृद्धि और करों का बोझ बढ़ाकर कांग्रेस अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है। भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस जनविरोधी फैसले को तुरंत वापस नहीं लिया, तो भाजपा सड़कों से लेकर सदन तक इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगी और जनता के हक की लड़ाई लड़ेगी।