सेब में अल्टरनेरिया एवं मार्सोनिना लीफ ब्लॉच पर जागरूकता अभियान 17 फरवरी से पुनः आरंभ
सेब में अल्टरनेरिया एवं मार्सोनिना लीफ ब्लॉच पर जागरूकता अभियान 17 फरवरी से पुनः आरंभ
हिमाचल : प्रदेश के पाँच जिलों में सेब में अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट एवं मार्सोनिना लीफ ब्लॉच रोगों के प्रति जागरूकता अभियान 17 से 19 फरवरी तक पुनः आयोजित किया जाएगा।डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, की आठ टीमें बागवानी विभाग के सहयोग से शिमला, किन्नौर, चंबा, कुल्लू और मंडी जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में फील्ड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेंगी।
इससे पूर्व 10 से 13 फरवरी के बीच विश्वविद्यालय की टीमों ने इन जिलों के 54 स्थानों को कवर करते हुए विभिन्न गांवों के 2,500 से अधिक किसानों को अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट एवं मार्सोनिना लीफ ब्लॉच रोगों के बारे में जानकारी किया। अभियान के दूसरे चरण में उन चिन्हित सेब उत्पादक क्षेत्रों में विशेष रूप से पहुंच बढ़ाई जाएगी, जो इन पर्ण रोगों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं।
हाल के वर्षों में अल्टरनेरिया और मार्सोनिना लीफ ब्लॉच सेब उत्पादन के लिए चुनौती के रूप में उभरे हैं, जिससे समय से पूर्व पत्तों का झड़ना, फल का आकार छोटा होना तथा उत्पादन और गुणवत्ता में उल्लेखनीय कमी देखी जा रही है। प्रदेश के कई बागानों में प्रचलित आर्द्र परिस्थितियाँ इन रोगों की पुनरावृत्ति को बढ़ावा देती हैं। समय पर वैज्ञानिक प्रबंधन के अभाव में ये रोगजनक प्रत्येक मौसम में दोबारा सक्रिय हो जाते हैं, जिससे बागानों के स्वास्थ्य और किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
अभियान के दौरान टीमें खेत भ्रमण, किसान संवाद तथा स्थल पर प्रदर्शन आयोजित करेंगी, ताकि बागवान रोगों के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान कर सकें और वैज्ञानिक रूप से अनुशंसित प्रबंधन उपाय अपनाएं। विशेष जोर रोग चक्र को तोड़ने तथा रसायनों के अंधाधुंध एवं अप्रभावी उपयोग को हतोत्साहित करने पर दिया जाएगा।
जिला-वार कार्यक्रम विवरण
जिला शिमला (टीम 1–4)
• टीम 1: भरथाटा एवं बटारगलु–17 फरवरी; नंदपुर एवं बड्यार–18 फरवरी; छाज्जपुर एवं धर्माना–19 फरवरी
• टीम 2: लोअरकोटी एवं मुनचारा–17 फरवरी; देविदार एवं जांगला–18 फरवरी; तेलगा एवं संदासु–19 फरवरी
• टीम 3: बमटा, मातल एवं खद्दर–17 फरवरी; चौपाल, बासाधार एवं बलग––18 फरवरी;
• टीम 4: ननखड़ी एवं नागाधार–17 फरवरी; खडाहन एवं आदर्शनगर–18 फरवरी; टिप्पर एवं खोलीघाट–19 फरवरी
जिला किन्नौर: कमरू एवं थेमगरंग–17 फरवरी; रिब्बा एवं स्किब्बा–18 फरवरी; चौरा–19 फरवरी
जिला चंबा: सलूणी एवं दांड–17 फरवरी; जसौरगढ़–18 फरवरी; दिउर (सलूणी)–19 फरवरी
जिला कुल्लू: डोगर(बंजार)-17 फरवरी, मनाली क्षेत्र–18 फरवरी; बंजार क्षेत्र––19 फरवरी
जिला मंडी: सेरी करसोग–17 फरवरी; चुराग घाटी–18 फरवरी; केलोधार–19 फरवरी
यह जागरूकता अभियान किसानों की रोग पहचान, रोकथाम एवं वैज्ञानिक रूप से अनुशंसित प्रबंधन तकनीकों संबंधी जानकारी को सुदृढ़ करने के साथ-साथ प्रदेश में सतत सेब उत्पादन एवं बागवानों की आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।