हिमाचल में मेडिकल कॉलेजों पर केंद्र ने की स्थिति स्पष्ट ; प्रदेश सरकार गलत तथ्य पेश कर रही – सांसद सुरेश कश्यप”
हिमाचल में मेडिकल कॉलेजों पर केंद्र ने की स्थिति स्पष्ट ; प्रदेश सरकार गलत तथ्य पेश कर रही – सांसद सुरेश कश्यप”
“सिरमौर मेडिकल कॉलेज में देरी के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार, 283 करोड़ का राज्यांश तक जमा नहीं किया”
शिमला: भाजपा सांसद सुरेश कुमार कश्यप ने हिमाचल प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में दिए गए उत्तर के संदर्भ में प्रदेश सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट तथ्यों के साथ स्थिति रखी है, लेकिन प्रदेश सरकार धरातल की वास्तविकता को छुपाने और गलत तथ्य प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही है।
सांसद कश्यप ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के उत्तर में साफ उल्लेख है कि केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत स्वीकृत मेडिकल कॉलेजों के निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। चंबा, हमीरपुर और नाहन मेडिकल कॉलेज कार्यशील हैं, जबकि सिरमौर मेडिकल कॉलेज परियोजना ठेकेदार और कार्यान्वयन एजेंसी के विवाद के कारण प्रभावित बताई गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार केंद्र को जो आंकड़े भेज रही है, वे सत्य से परे हैं और वास्तविक प्रगति को छुपाया जा रहा है। कश्यप ने कहा कि वास्तविकता यह है कि प्रदेश सरकार सिरमौर में मेडिकल कॉलेज को लेकर गंभीर ही नहीं है और कॉलेज को वहां से हटाने या कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार को लगभग ₹283 करोड़ का राज्यांश जमा करना था, जो अब तक जमा नहीं कराया गया। राज्यांश जमा न होने के कारण परियोजना की प्रगति प्रभावित हुई है, जिसका खामियाजा सिरमौर की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि सिरमौर के लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार उन्हें गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार इस विषय पर स्पष्ट स्थिति सार्वजनिक करे, लंबित राज्यांश तुरंत जारी करे और मेडिकल कॉलेज परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करे।