हमीरपुर : प्रसूता महिला और उसके शिशु के जीवन की रक्षा के लिए आरंभ किया गया जननी-शिशु सुरक्षा कार्यक्रम कई महिलाओं तथा उनके शिशुओं के लिए जीवनदायी साबित हो रहा है। विशेषकर, कुछ गंभीर एवं दुर्लभ समस्याओं के साथ जन्म लेने वाले शिशुओं तथा उनके माता-पिता के लिए यह योजना एक वरदान साबित हो रही है। क्योंकि, इस योजना के तहत शिशु का बड़े से बड़ा इलाज या ऑपरेशन भी निशुल्क किया जाता है।
इसी वर्ष 11 जुलाई को तहसील हमीरपुर के गांव रहजोल में रजनीश कुमार के घर में जन्म लेने वाली बच्ची आराध्या राणा के लिए भी जननी-शिशु सुरक्षा कार्यक्रम जीवनदायी साबित हुआ है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने बताया कि जन्म के समय ही इस बच्ची के दिल में एक समस्या थी। इसके दिल में मामूली छेद था, जोकि ऑपरेशन से पूरी तरह ठीक हो जाता है। यह ऑपरेशन काफी महंगा होता है। लेकिन, जननी-शिशु सुरक्षा कार्यक्रम में एक साल तक के बच्चे का महंगे से महंगा इलाज या ऑपरेशन बिलकुल मुफ्त किया जाता है। 11 जुलाई को जन्मीं आराध्या राणा को भी इस योजना से लाभान्वित करने के लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने सभी औपचारिकताएं पूर्ण करवाईं और इस बच्ची को डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल हमीरपुर से पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रैफर करवाया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस बच्ची का ऑपरेशन बिलकुल निशुल्क किया गया है और वह पूरी तरह ठीक है। उन्होंने बताया कि अगर किसी बच्चे को जन्म के बाद एक साल तक की आयु के दौरान स्वास्थ्य से संबंधित किसी भी तरह की समस्या आती है तो जननी-शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत उसका इलाज और बड़े से बड़ा ऑपरेशन भी निशुल्क किया जाता है।