दैविक लीलाओं के लिए प्रसिद्ध हाटू शिखर शिमला के नारकण्डा के समीप ऊंची पर्वतमाला हाटू पीक की चोटी पर स्थित हाटू माता मंदिर यहां के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। मनमोहक सुंदर प्राकृतिक दृश्य...
(तीसरा भाग)….. उत्खनन से प्राप्त सामग्री से यह प्रकट हुआ है कि वानगंगा घाटी (कांगड़ा), सिरसा घाटी (नालागढ़) मारकण्डा घाटी (सिरमौर) में 20 लाख वर्ष पूर्व मानव का पास रहा है। वहां गत्या के हथियार,...
श्री रघुनाथ मन्दिर मंदिर की विशेषता, भगवान रघुनाथ जी के विषय में जानकारी आज भी जगतसिंह के वंशज का बड़ा सुपुत्र श्री रघुनाथ जी का छड़ीदार हिमाचल देवभूमि है। यहां पर अनेकों देवी-देवताओं का वास...
हिमाचल प्रदेश जिसे देव भूमि कहा जाता है यहां बहुत से देवी-देवताओं का वास है। यहां की खास बात यह है कि यहां बहुत से देवी-देवताओं के कई पूजनीय तीर्थ स्थल हैं जहां दूर-दूर से भारी तादात में कई...
पांडवों को जाता है ज्वालामुखी मंदिर खोजने का श्रेय हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा से 30 किलोमीटर दूर स्थित है ज्वालामुखी देवी। ज्वालामुखी मंदिर को ज्योतां वाली का मंदिर और नगरकोट भी कहा जाता है।...
“देवभूमि हिमाचल” जिसके कण-कण में सदियों से देवी-देवता का वास है। वहीं इस देवभूमि में मां भवानी के 52 शक्तिपीठों में से एक-दो नहीं बल्कि आधा दर्जन शक्तिपीठ हैं। हिमाचल प्रदेश के सबसे पड़े जनपद...
त्रिर्गत के तीन शक्तिपीठों में ज्वालाजी, वज्रेश्वरी और चिंतपूर्णी उल्लेखनीय शक्तिपीठ पहला स्थान माता वैष्णों देवी को दिया जाता है, जो जम्मू-कश्मीर में पड़ता है स्वर्ण कलशों से सजा...







