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लवी मेले का पुराना एवं गौरवमयी इतिहास : मुख्यमंत्री

  • मुख्यमंत्री ने की लवी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने जीवन में प्रत्येक चुनौति का साहसपूर्वक सामना किया है कि वह विपक्ष के रहमो-करम से नहीं बल्कि प्रदेश के लोगों के स्नेह एवं विश्वास के कारण वह छठी बार मुख्यमंत्री बने हैं। उन्हें केन्द्र की एनडीए के नेतृत्व वाली सरकार के किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है और वह उनकी ओच्छी चालों के आगे कभी नहीं झुकेंगे।

वीरभद्र सिंह आज शिमला जिले के रामपुर बुशैहर में अन्तर्राष्ट्रीय लवी मेले के समापन समारोह के अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि कोई और जांच शेष रही हो, तो केन्द्र सरकार को उसे भी करवा लेना चाहिए और अगर केन्द्र सरकार को लगता है तो जांच के लिए एफबीआई की मदद भी ले सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सच्चे एवं ईमानदार व्यक्ति जिसने कुछ भी गलत नहीं किया है, उसे डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी जांच से नहीं डरते। जब भी विपक्ष ने उनके विरूद्व जांच बिठाई, वह पहले से अधिक मजबूत होकर उभरे हैं और प्रदेश के लोगों का आशीर्वाद एवं स्नेह सदैव उनके साथ है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनके विरूद्व सभी मामले राजनीति से प्रेरित हैं और जिसमें प्रदेश के भाजपा नेताओं के साथ कुछ केन्द्रीय मंत्रियों की मिली भगत हैं, लेकिन उनकी स्वार्थपूर्ण मंशा कभी पूरी नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने रामपुर क्षेत्र के सौंदर्यीकर्ण, स्वच्छता, मल निकासी प्रणाली, स्ट्रीट लाईटें स्थापित करने तथा मन्दिरों के जीर्णाद्धार के लिए कोई कमी नहीं रखी है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के सदियों पुराने मन्दिरों और श्राई-कोटी के जीर्णोद्धार के लिये 15 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। उन्होंने लोगों से मन्दिरों तथा इनकी प्राचीन वास्तुकला को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि लवी मेले का पुराना एवं गौरवमयी इतिहास है। देश की आजादी से पूर्व यह मेला भारत और तिब्बत के मध्य व्यापार के लिये प्रसिद्ध था। उन्होंने मेले की पारम्पराओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य की सदियों पुरानी संस्कृति एवं परम्पराओं के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न भागों में मनाए जाने वाले मेले एवं त्यौहार हिमाचल प्रदेश की समृद्ध पुरातन संस्कृति तथा आपसी भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अभूतपूर्व उन्नति हुई है और तेजी के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हासिल हुआ। हालांकि समय में बदलाव के साथ लोगों की आश्यकताओं में भी परिवर्तन आया है और सत्तासीन कांग्रेस की सरकारों ने राज्य के लोगों के कल्याण के लिये बहुत कुछ किया है। प्रदेश में आज 34000 किलोमीटर से अधिक लम्बी मोटर योग्य सड़कें

और 18500 पाठशालाओं के अतिरिक्त 94 महाविद्यालय सरकारी क्षेत्र में दूर-दराज एवं कठिन क्षेत्रों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को सामाजिक एवं शैक्षिक तौर पर सशक्त बनाना के लिये कृतसंकल्प है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने पंडित जवाहर लाल नेहरू को उनके 125वें जन्म दिवस पर श्रद्वा सुमन अर्पित किए तथा उन्हें जननायक की संज्ञा दी।

मुख्यमंत्री ने मेले में विभिन्न विभागों एवं स्वंय सेवी संस्थाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों के प्रथम तीन स्थान हासिल करने वाले तथा लोक नृत्य प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए। उन्होंने प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया।

इसके पश्चात, वीरभद्र सिंह ने सांयकाल लवी मेले की सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्य अतिथि शिरक्त की तथा लवी मेले को चिरस्मरणीय बनाने के उद्देश्य से निकाली गई स्मारिका का विमोचन भी किया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न भागों के कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।

 

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