पालमपुर: कृषि विवि में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए दो सप्ताह का ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, नियमों, संस्थागत मूल्यों और करियर अवसरों से करवाया परिचित

पालमपुर: चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर के कृषि महाविद्यालय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए 8 से 21 अक्टूबर, 2026 तक दो सप्ताह का ‘दीक्षारंभ’ विद्यार्थी प्रेरण एवं आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विद्यालय से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में सहज रूप से समायोजित करना तथा उन्हें विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, संस्थागत मूल्यों, परिसर सुविधाओं और नियमों से परिचित करवाना था।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों तथा कृषि महाविद्यालय के विभिन्न विभागों का भ्रमण करवाया गया। उन्हें विश्वविद्यालय की संगठनात्मक संरचना, शैक्षणिक नियमों, आचार संहिता, अनुशासन, परीक्षा प्रणाली, छात्रवृत्ति सुविधाओं और परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग से संबंधित नियमों की जानकारी दी गई। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली समझने और नए वातावरण में सहज होने का अवसर मिला।

प्रेरणात्मक सत्रों के दौरान कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. ए.डी. बिंद्रा, विद्यार्थी कल्याण अधिकारी डॉ. जय देव तथा विभिन्न विभागाध्यक्षों ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक गतिविधियों, विभागीय सुविधाओं और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. (मेजर सेवानिवृत्त) अवनींद्र कुमार (एचपीएएस), चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल ठाकुर, इन्क्यूबेशन सेंटर के प्रभारी डॉ. एस.के. संदल, उप विद्यार्थी कल्याण अधिकारी डॉ. अंजली सूद, एनएसएस अधिकारी डॉ. अंजना पटियाल, एनसीसी अधिकारी डॉ. निशांत तथा उप कुलसचिव राकेश कुमार अवस्थी ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम में उद्योग जगत और विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किए गए। उद्योग विशेषज्ञ डॉ. एस.एस. कटियार, इफको के राज्य विपणन प्रबंधक, पूर्व विद्यार्थी डॉ. एच.एल. शर्मा और डॉ. वीरेंद्र कुमार तथा कृषि उपनिदेशक कार्यालय, पालमपुर की विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. अंजू ठाकुर ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को करियर की संभावनाओं, उद्योग से जुड़ाव और व्यावसायिक अवसरों के बारे में जानकारी देकर प्रेरित किया।

विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक चिंतन और पारस्परिक संवाद कौशल विकसित करने के लिए साहित्यिक गतिविधियां, परिचयात्मक सत्र और विभिन्न खेल आयोजित किए गए। सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों, सामाजिक मुद्दों और करियर अवसरों पर जागरूकता सत्र भी आयोजित किए गए। सांस्कृतिक गतिविधियों के अंतर्गत विद्यार्थियों को गायन और नृत्य में प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा अक्टूबर के अंत में प्रस्तावित फ्रेशर्स डे की तैयारी करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. राज पाल शर्मा, डॉ. राजेश ठाकुर, डॉ. रामेश्वर कुमार, डॉ. विजय कुमारी, डॉ. प्रवीण शर्मा और डॉ. कनिका बघला ने योगदान दिया। ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के वातावरण से परिचित करवाने, उनमें आत्मविश्वास विकसित करने तथा उनकी शैक्षणिक यात्रा की सकारात्मक शुरुआत सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

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