पूर्व भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले जल्दबाजी में अनेक शिक्षा संस्थान और कॉलेज खोले – CM
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बीजेपी-कांग्रेस देखकर संस्थान नहीं खोलती। हमारा निर्णय जनता की जरूरत और क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकता पर आधारित होता है। पूर्व भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले जल्दबाजी में अनेक शिक्षा संस्थान और कॉलेज खोले। राजनीतिक लाभ के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये की रेवड़ियाँ बाँटी गईं। उन्होंने कहा कि सरकार आने के बाद जब हमने इन संस्थानों का रिव्यू किया, तो अनेक जगहों पर पर्याप्त शिक्षक तक नहीं थे। प्लस टू में सात शिक्षकों की जरूरत थी, वहाँ एक शिक्षक के सहारे साइंस शुरू कर दी गई थी। हमने इस वास्तविकता को गंभीरता से समझा। कुछ संस्थानों का युक्तिकरण किया। हम स्कूलों को मजबूत कर रहे हैं। विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
जनगणना का कार्य पूरा होने के बाद आवश्यकता के अनुसार नए संस्थानों की समीक्षा की जाएगी; जरूरत के आधार पर आवश्यक संस्थान खोले जाएंगे – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जसवां प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र में एसडीएम कार्यालय खोलने की घोषणा की थी। इसके लिए भाजपा विधायक को धन्यवाद देना चाहिए था। कैबिनेट से प्रस्ताव पारित होने के बाद इसकी हाईकोर्ट में रिकमेंडेशन की प्रक्रिया पूरी होती है। हमने हाईकोर्ट को इसकी कॉपी भेजी थी, वहां से रिकमेंडेशन प्राप्त हो गई है। अब एक-दो दिन में इसे नोटिफाई कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस समय जनगणना का कार्य चल रहा है। जनगणना का कार्य पूरा होने के बाद आवश्यकता के अनुसार नए संस्थानों की समीक्षा की जाएगी और जरूरत के आधार पर आवश्यक संस्थान खोले जाएंगे।
हमारा प्रयास मल्टी-टास्क वर्कर को न्यूनतम वेतन की व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जाए – CM
मल्टी-टास्क वर्कर के लिए सरकारी विभागों में वर्तमान में अलग-अलग व्यवस्थाएँ लागू हैं। हमारी सरकार अब इन सभी व्यवस्थाओं को एक समान नीति के तहत लाने पर गंभीरता से काम कर रही है। हमारा प्रयास है कि केवल 500 रुपये या 1,000 रुपये की बढ़ोतरी तक सीमित न रहते हुए मल्टी-टास्क वर्कर को न्यूनतम वेतन की व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जाए।
हम ओबीसी समाज का कल्याण किसी राजनीतिक लाभ को देखकर नहीं कर रहे; हम उनकी भावनाओं और अधिकारों को ध्यान में रखकर काम कर रहे हैं – CM
ओबीसी समाज के कल्याण के लिए कांग्रेस पार्टी ने हमेशा काम किया है। भाजपा को अपनी सरकार के दौरान ओबीसी समाज के कल्याण की चिंता नहीं हुई। अब सदन में जोर-जोर से ओबीसी के हित की बात कही जा रही है। हम ओबीसी समाज का कल्याण किसी राजनीतिक लाभ को देखकर नहीं कर रहे हैं। हम उनकी भावनाओं और अधिकारों को ध्यान में रखकर काम कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का अध्ययन किया जा रहा है। हमारी सरकार ने पहली बार ओबीसी कमीशन बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौकरियों में हम आरक्षण दे रहे हैं। प्रदेश में सर्व समाज का कल्याण कांग्रेस पार्टी ही कर सकती है।
स्वास्थ्य संबंधी सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं और सरकार इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखेगी – मुख्यमंत्री
बरसात के मौसम में स्वाइन फ्लू और अन्य वायरल बीमारियों को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क रहती है और अतिरिक्त सावधानी बरती जाती है। सदन में जिस मरीज की बात की जा रही है, वह एम्स बिलासपुर से ट्रांसफर होकर आया था। ऐसे गंभीर मामलों में मरीज को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तत्परता से कार्य करता है। स्वास्थ्य संबंधी सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं और सरकार इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखेगी।
सरकार खुले मन से जनहित में उपयुक्त विकल्प पर विचार करने के लिए तैयार – CM
गगरेट के विधायक राकेश कालिया जी का चिंतपूर्णी के रोप-वे को लेकर सुझाव स्वागत योग्य है। सरकार इस सुझाव को सकारात्मक रूप से देखती है। हमारा एक एम.ओ.यू. पहले से हुआ है, जिसका अभी क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। विधायक के सुझाव पर माननीय उपमुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। रोप-वे 900 मीटर का हो, 1,000 मीटर का हो या 1,500 मीटर का- सरकार खुले मन से जनहित में उपयुक्त विकल्प पर विचार करने के लिए तैयार है। जहाँ से भी रोप-वे लगाना उचित होगा, सरकार उस दिशा में सहयोग करेगी।
नड्डी में एशिया की सबसे बड़ी ज़िपलाइन का निर्माण किया जाना है; एफ.सी.ए. की अड़चन को दूर करवाकर परियोजना का काम जल्द शुरू करवाया जाएगा : CM
हिमाचल प्रदेश पर्यटन की दृष्टि से बेहद खूबसूरत है। हमारे पास स्विट्जरलैंड से अधिक स्नो-बाउंड क्षेत्र है, जहाँ रोप-वे के माध्यम से अनछुए पर्यटक स्थलों तक पहुँच बनाई जा सकती है।
नड्डी में एशिया की सबसे बड़ी ज़िपलाइन का निर्माण किया जाना है। रोप-वे परियोजना के लिए 80 लाख रुपये का अपफ्रंट प्रीमियम जमा कराया जा चुका है। एफ.सी.ए. की अड़चन को दूर करवाकर परियोजना का काम जल्द शुरू करवाया जाएगा।
घर बनाने में किश्तों के भुगतान के लिए निश्चित समय-सीमा तय की जाए – मुख्यमंत्री
घर बनाने में एक किश्त के बाद दूसरी किश्त और फिर तीसरी किश्त मिलने में समय लगने से अनेक परिवारों के सामने बड़ी कठिनाई खड़ी हो जाती है। मिस्त्री और मजदूर दूसरे काम पर चले जाते हैं।
यह लंबे समय से चली आ रही समस्या है। मैं माननीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जी से भी आग्रह करूँगा कि किश्तों के भुगतान के लिए निश्चित समय-सीमा तय की जाए, ताकि गरीब परिवारों को बार-बार इंतजार न करना पड़े।
पुलिस कांस्टेबल (पुरुष एवं महिला) भर्ती प्रक्रिया स्पष्ट – मुख्यमंत्री
पुलिस कांस्टेबल (पुरुष एवं महिला) भर्ती प्रक्रिया स्पष्ट है। पदों का विज्ञापन 10 जुलाई 2026 को जारी हुआ था और आवेदन की प्रारंभिक अंतिम तिथि 6 अगस्त 2026 थी। इस दौरान करीब 65,000 आवेदन प्राप्त हुए।
युवाओं के हित में प्रदेश सरकार ने आयु सीमा में 1 वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया। पात्र अभ्यर्थियों को इसका लाभ देने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिन बढ़ाकर 21 अगस्त 2026 की गई। इस अतिरिक्त अवधि में करीब 11,000 आवेदन प्राप्त हुए, जिससे कुल आवेदन 77,000 हो गए।
अभ्यर्थियों की सुविधा को देखते हुए अब ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 5 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। पात्र अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं।
पुलिस भर्ती में आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिन बढ़ाकर 5 सितंबर; 1 सितंबर तक कुल 98,719 आवेदन प्राप्त – सीएम
प्रदेश के होम गार्ड्स कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने उन्हें एकमुश्त 5 वर्ष की आयु सीमा में छूट दी है। साथ ही, पुलिस भर्ती में आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिन बढ़ाकर 5 सितंबर 2026 कर दी गई है।
इस बढ़ी हुई अवधि में 21,000 अतिरिक्त आवेदन प्राप्त हुए हैं। 1 सितंबर 2026 को सायं 7:00 बजे तक कुल 98,719 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इससे यह भी स्पष्ट है कि हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग का ऑनलाइन पोर्टल सुचारू रूप से कार्य कर रहा है और पोर्टल के बंद या क्रैश होने संबंधी खबरें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।
भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार शारीरिक मानक परीक्षण एवं शारीरिक दक्षता परीक्षण प्रदेश के सभी 12 जिलों में पुलिस विभाग द्वारा आयोजित किए जाने हैं। प्रदेश की भौगोलिक एवं मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए आवेदन की तिथि बार-बार बढ़ाने से आगामी शीत ऋतु में इन परीक्षणों के आयोजन में कठिनाई आ सकती है।
प्रदेश सरकार ने युवाओं के हित में आयु सीमा में छूट के साथ आवेदन की अवधि दो बार बढ़ाई है।