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भाजपा की स्थिति ‘उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे’ वाली  – CM सुक्खू

शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि जयराम पाँच साल बाद फैसलों की समीक्षा की बात कर रहे हैं, जैसे उनकी सरकार बनने वाली हो। सवाल यह है कि भाजपा को प्रदेश की जनता वोट क्यों देगी? प्रदेश की संपदा लूटने वालों पर जनता भरोसा क्यों करेगी?

सीएम ने कहा कि आपदा के समय भाजपा हिमाचल की जनता के साथ खड़ी नहीं हुई। हमारी सरकार ने संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों का हाथ थामा। प्रधानमंत्री आवास योजना में 1,30,000 रुपये की सहायता मिलती थी, हमने अपने संसाधनों से आपदा प्रभावित परिवारों को 8,00,000 रुपये की मदद दी। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को भी हमने राहत दी। पहली ही कैबिनेट में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की। 10,000 करोड़ रुपये का पेंशन एरियर छोड़कर वह चले गए, हमारी सरकार उसका भुगतान चरणबद्ध तरीके से कर रही है। मुख्यमंत्री  ने कहा कि जयराम ठाकुर दिन में सपने देख रहे हैं कि अगली सरकार उनकी बनेगी। लेकिन, सरकार बनाने का ख़्वाब देखने से पहले उन्हें अपनी पार्टी के पाँच गुटों से निपटना होगा। बीजेपी के अनेक विधायक अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं और कांग्रेस के संपर्क में हैं।

सीएम ने बोले कि भाजपा की स्थिति ‘उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे’ वाली है। पिछले साढ़े तीन वर्षों में हमारी सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षक मिले हैं और मरीजों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ। जयराम कहते हैं कि वह इन फैसलों की समीक्षा करेंगे। क्या वह बच्चों से उनके शिक्षक और मरीजों से अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ छीनना चाहते हैं?

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की जनता 2032 तक प्रदेश को देश के सबसे समृद्ध राज्यों में देखना चाहती है। कांग्रेस सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य तथा जनहित के कार्यों के माध्यम से इसी लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ रही है। हम अपने अधिकारों के लिए हिमाचल की भाजपा क्या, दिल्ली वाली भाजपा से भी लड़ सकते हैं?

CM सुक्खू बोले बीजेपी के विधायकों की स्थिति यह है कि वे परवाणू से नीचे नहीं जा पाते हैं, दिल्ली जाने की बात तो छोड़ ही दीजिए। अभी जयराम जी प्रधानमंत्री मोदी जी से मिलकर आए हैं, लेकिन आने के बाद उन्होंने इस मुलाकात को लेकर कुछ नहीं कहा। हिमाचल प्रदेश के हक को लेकर इनकी आवाज़ ही नहीं निकलती है। यह बात हमारे पत्रकार साथी भी बेहतर जानते हैं।

मेरा यही कहना है कि जयराम को तनाव में नहीं रहना चाहिए। उन्हें रोज़ सुबह उठकर ठंडा पानी पीना चाहिए।

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