बिलासपुर को मिली तीसरी अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन

उपायुक्त राहुल कुमार ने किया शुभारंभ दूरदराज क्षेत्रों में घर-घर होगी टीबी की जांच, 2027 से पहले जिला के सभी हाई रिस्क क्षेत्रों का होगा शत-प्रतिशत कवरेज

बिलासपुर: जिला बिलासपुर में टीबी उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। उपायुक्त राहुल कुमार ने क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में एनटीपीसी के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत लगभग 30 लाख रूपए की लागत से उपलब्ध कराई गई अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का शुभारंभ किया। जिला को मिली यह तीसरी पोर्टेबल एक्स-रे मशीन अब दूरदराज एवं दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की मौके पर ही जांच करेगी।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस यह मशीन टीबी के साथ-साथ निमोनिया, फेफड़ों के कैंसर तथा फेफड़ों से संबंधित अन्य गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान करने में सक्षम है। इससे समय पर उपचार शुरू कर संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह मशीन विशेष रूप से बुजुर्गों, बीपीएल परिवारों, प्रवासी श्रमिकों तथा अन्य संवेदनशील वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के पास अब कुल तीन पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं। इनमें एक केंद्र सरकार, दूसरी अदानी समूह तथा तीसरी एनटीपीसी द्वारा सीएसआर के तहत उपलब्ध करवाई गई है। इन मशीनों के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गांव-गांव स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर 14 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की एक्स-रे जांच की जा रही है।
उपायुक्त ने बताया कि जिला में 244 हाई रिस्क गांवों की पहचान की गई है, जहां लगभग 90 हजार लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 183 गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं तथा 20 हजार से अधिक लोगों की एक्स-रे जांच की जा चुकी है। वर्ष 2027 से पूर्व शेष सभी गांवों एवं लक्षित आबादी का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि अभी तक दो पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 200 एक्स-रे किए जा रहे थे। जबकि तीसरी मशीन उपलब्ध होने से अब प्रतिदिन लगभग 300 लोगों की जांच संभव होगी, जिससे अभियान को और गति मिलेगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित हो सकेगी।
इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार एवं सहायक आयुक्त राजकुमार ने स्वयं भी नई पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से अपनी जांच करवाई।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) तथा विभिन्न संस्थानों के सीएसआर सहयोग से टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट भी उपलब्ध करा रहा है, ताकि उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक पोषण मिल सके और वह शीघ्र स्वस्थ हो सकें।
उन्होंने एनटीपीसी के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिला बिलासपुर को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित जांच शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की।

कार्यक्रम में एनटीपीसी कोलडैम परियोजना के परियोजना प्रमुख एस. एस. राव, मंगला हरिन्द्रम, अंजुला अग्रवाल, पूरन सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिदत्त शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग एवं एनटीपीसी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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