समावेशी सोच एवं व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित होगा नलवाड़ी मेला- राजेश धर्माणी

राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोले तकनीकी शिक्षा मंत्री

बिलासपुर: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 के आयोजन के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मेले की तैयारियों, व्यवस्थाओं और प्रस्तावित नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा संबंधित मेला समितियों एवं विभागीय अधिकारियों को सभी आवश्यक प्रबंध समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला जिला का सबसे बड़ा आयोजन है। यह आयोजन महज सांस्कृतिक एवं दंगल आयोजन तक सीमित न होकर समाज के सभी वर्गों की समुचित भागीदारी सुनिश्चित बनाते हुए एक समावेशी कार्य योजना के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार नलवाड़ी मेला को युवा प्रतिभाओं, साहित्य, रंगमंच, खेल और साहसिक गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से इस बार “वॉइस ऑफ बिलासपुर” का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 16 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन जिला के युवाओं के लिए पहचान और प्रोत्साहन का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

राजेश धर्माणी ने कहा कि इस वर्ष मेले के दौरान नलवाड़ी नाट्य उत्सव तथा नलवाड़ी लिटरेचर फेस्टिवल का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे साहित्यकारों, रंगकर्मियों और रचनात्मक प्रतिभाओं को अपनी अभिव्यक्ति का मंच मिलेगा। इसके अतिरिक्त कबड्डी, हैंडबॉल, शतरंज, एथलेटिक्स और बैडमिंटन जैसी खेल स्पर्धाओं में जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिल सके और युवाओं में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हो सके।

उन्होंने कहा कि मेले के दौरान पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा तथा पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोग निर्धारित वाणिज्यिक दरों पर इसका आनंद ले सकेंगे। इसके साथ ही मेला अवधि के दौरान जलक्रीड़ा गतिविधियों को प्रोत्साहित करते हुए यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मेले में रोमांच और आकर्षण को बल मिलेगा।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बार नलवाड़ी मेले के लिए लोगो डिजाइन करने के लिए प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है। जिसमें स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राएं भी भाग ले सकेंगे और चयनित लोगो को आधिकारिक रूप से अपनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त लोगो डिजाइन करने वाले विजेता प्रतिभागी को आकर्षक पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने इसे युवाओं की सृजनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया।

उन्होंने मेले में अनाथ, विधवा एवं दिव्यांगजनों को अलग से स्टॉल कम दरों पर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिल सके। इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रदर्शनियों के लिए भी अलग से स्थान निर्धारित करने के निर्देश दिए गए, जिससे आमजन को सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। उन्होंने मेले के दौरान सभी विभागों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्रों को लाभान्वित किया जा सके।

बैठक के दौरान उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा गठित विभिन्न मेला समितियों की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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