मण्डी: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज मण्डी में मण्डी नगर की स्थापना के 500 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी (हि.प्र.) द्वारा निर्मित स्मारक ‘प्रतीक-चिह्न’ का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर, राज्यपाल ने कहा कि मंडी यह प्रतीक चिन्ह नगर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है। इस प्रतीक-चिह्न का ध्येय वाक्य “मण्डीः पंचशतानि वर्षाणि – अविच्छिन्ना परम्परा” है, जो पांच शताब्दियों से प्रवाहित आस्था और सांस्कृतिक निरंतरता को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि यह प्रतीक-चिह्न मंडी की 500 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उसकी अविच्छिन्न परंपरा और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जो अतीत, वर्तमान और भविष्य के मध्य एक सुदृढ़ सेतु के रूप में स्थापित होता है।
इस स्मारक में ‘गौरव वर्ष 500’ मंडी की ऐतिहासिक यात्रा का संकेत देता है। ‘छोटी काशी’ के रूप में विख्यात मंदिरों की धार्मिक पहचान, रियासती महलों का वैभव तथा माधवराय पालकी की उत्सवधर्मी लोक परंपरा को इसमें दर्शाया गया है। त्रिशूल शिव-शक्ति का प्रतीक है, जबकि पर्वत और विपाशा नदी (व्यास) नगर की भौगोलिक विशिष्टता एवं प्राकृतिक सौंदर्य को अभिव्यक्त करते हैं।
प्रतीक-चिह्न की परिकल्पना श्री चंद्रशेखर ठाकुर, सदस्य विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद एवं विधायक, धर्मपुर द्वारा की गई तथा इसके निर्माण के लिये मार्गदर्शन कुलपति आचार्य प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने प्रदान किया। अकादमिक प्रारूप इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार शर्मा द्वारा तैयार किया गया, जबकि इसकी कलात्मक अभिव्यक्ति कुमारी स्वस्तिका शर्मा ने अपने सृजनात्मक संयोजन से साकार की।
विधायक श्री चंद्र शेखर, राज्यपाल के सचिव श्री चंद्रप्रकाश वर्मा, कुलपति प्रो. ललित अवस्थी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।