सुक्खू सरकार का अपनी प्रशासनिक कमियों को छिपाने के लिए केंद्र सरकार को कोसना तर्कसंगत नहीं – जयराम ठाकुर

शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरडीजी (Revenue Deficit Grant) के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस इस संवेदनशील विषय पर केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है और प्रदेश की जनता को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तविक तथ्यों को छिपाकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक ने स्वयं आरडीजी को बंद करने की बात कही थी। जब उनकी ही पार्टी के राज्य ऐसी मांग कर चुके हैं, तो हिमाचल के मुख्यमंत्री इस तथ्य पर मौन क्यों हैं? क्या कांग्रेस की अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नीति है?
उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने अपनी सिफारिशों में स्पष्ट संकेत दिया था कि भविष्य में आरडीजी की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से समाप्त हो सकती है। उस समय वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू विधानसभा में विधायक थे। उन्हें इस विषय की पूरी जानकारी थी, फिर आज वे अनभिज्ञता का दिखावा क्यों कर रहे हैं? मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि तब उन्होंने इस पर क्या रुख अपनाया था।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आरडीजी को लेकर झूठा भय और भ्रम फैलाकर कांग्रेस सरकार अपनी वित्तीय कुप्रबंधन और प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान हटाना चाहती है। सच्चाई यह है कि वित्त आयोग की सिफारिशें एक दीर्घकालिक ढांचे के तहत आती हैं और राज्यों को पहले से संकेत दिए जाते हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को चाहिए कि वह राजनीतिक बयानबाजी बंद करे और प्रदेश की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए। केंद्र पर अनावश्यक आरोप लगाने के बजाय अपनी आर्थिक नीतियों और खर्च प्रबंधन पर जवाब दे।
उन्होंने कहा कि भाजपा तथ्यों के आधार पर बात करती है और आरडीजी के मुद्दे पर भी सच्चाई जनता के सामने लाती रहेगी।

सब्सिडी मॉडल से निवेश मॉडल तक पहुँचा देश का बजट, CAPEX में 516% वृद्धि और हर सेक्टर में ऐतिहासिक विस्तार : जयराम ठाकुर

हिमाचल को रेल, सड़क, स्वास्थ्य और हवाई सेवाओं में रिकॉर्ड केंद्रीय सहायता—कांग्रेस केवल भ्रम फैला रही : नेता प्रतिपक्ष

शिमला। भाजपा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2013-14 और बजट 2026-27 की तुलना करने पर स्पष्ट हो जाता है कि देश का बजट मॉडल पूरी तरह बदल चुका है। वर्ष 2013-14 में बजट सब्सिडी आधारित था, जबकि 2026-27 का बजट पूंजीगत निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार ने विकास आधारित बजट मॉडल लागू किया है, जिसका परिणाम हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि कुल पूंजीगत व्यय (CAPEX) 2013-14 में लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये था, जो 2026-27 में बढ़कर 12.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है, यानी 516 प्रतिशत से अधिक वृद्धि। रक्षा बजट 2.03 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 7.85 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो लगभग 287 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। कृषि मंत्रालय का बजट 27 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1.32 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, शिक्षा बजट लगभग 65 हजार करोड़ से बढ़कर 1.39 लाख करोड़ रुपये हो गया। रेलवे CAPEX 63 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2.93 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि स्वास्थ्य बजट 37 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 92 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में निवेश लगभग 35 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो करीब 8 गुना वृद्धि है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 76 गीगावॉट से बढ़कर 254 गीगावॉट हो गई है। देश का कुल निर्यात लगभग 310 बिलियन डॉलर से बढ़कर 825 बिलियन डॉलर तक पहुंचा है। महिला श्रम भागीदारी दर 23 प्रतिशत से बढ़कर 41 प्रतिशत से अधिक हो गई है और बहुआयामी गरीबी दर 55 प्रतिशत से घटकर लगभग 11 प्रतिशत रह गई है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। आयुष्मान भारत के तहत 42 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है। कांग्रेस शासन तक देश में केवल 7 AIIMS थे, जबकि आज 23 AIIMS स्वीकृत या स्थापित हो चुके हैं, जो 229 प्रतिशत वृद्धि है। हिमाचल प्रदेश को भी AIIMS बिलासपुर के रूप में बड़ी सौगात मिली।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार भरपूर सहयोग दे रही है। वर्ष 2026-27 में कर हस्तांतरण के तहत हिमाचल के लिए 13,949 करोड़ रुपये तथा अनुदान सहायता में 10,243 करोड़ रुपये का प्रावधान है। पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता योजना के अंतर्गत 2020-21 से 2025-26 तक हिमाचल को 8,309 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है।
उन्होंने बताया कि उड़ान योजना के अंतर्गत प्रदेश में चार हवाई अड्डों/हेलीपोर्ट का संचालन शुरू हुआ और 22 नए हवाई मार्ग शुरू किए गए। मंडी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को साइट क्लीयरेंस मिल चुकी है। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में 2,600 किलोमीटर से अधिक कार्य पूरा हुआ है। भारतमाला परियोजना के तहत 9,964 करोड़ रुपये की लागत से नए कॉरिडोर स्वीकृत हुए हैं। अटल टनल जैसी विश्वस्तरीय परियोजना भी केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत हिमाचल के पर्यटन स्थलों के लिए 68 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत हुए। स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए काला अंब ESIC अस्पताल, AIIMS बिलासपुर विस्तार, ड्रोन स्वास्थ्य सेवाएं और नालागढ़ में PLI मेडिकल परियोजनाएं शुरू हुईं। चंबा, हमीरपुर और नाहन में मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए।
उन्होंने कहा कि केंद्र की 90:10 फंडिंग वाली लगभग 200 योजनाओं से हिमाचल को बड़ा लाभ मिल रहा है। ग्रामीण रोजगार और विकास योजनाओं के लिए इस वर्ष वीबी ग्राम योजना में 96 हजार करोड़, मनरेगा के लिए 30 हजार करोड़, जल जीवन मिशन के लिए 60 हजार करोड़ और आवास योजना के लिए 54,917 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि आंकड़े स्पष्ट बताते हैं कि केंद्र सरकार का बजट विकास, निवेश और जनकल्याण पर आधारित है, जबकि कांग्रेस केवल भ्रम और राजनीति कर रही है।

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