एनएसएस शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों में सामुदायिक सेवा की भावना सुदृढ़
एनएसएस शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों में सामुदायिक सेवा की भावना सुदृढ़
शिमला: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के वानिकी महाविद्यालय एवं औद्यानिकी महाविद्यालय के 196 स्वयंसेवकों के लिए दो सात-दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
वानिकी महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए एन.एस.एस. शिविर का आयोजन नौणी पंचायत में किया गया, जबकि औद्यानिकी महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने शमरोड पंचायत में विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सामुदायिक सेवा, स्वच्छता, सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित तथा सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास करना था।
शिविरों के दौरान स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान, ट्रेकिंग एवं प्रकृति भ्रमण, नशा-उन्मूलन जागरूकता अभियान, श्रमदान तथा स्थानीय निवासियों के साथ संवाद जैसी विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। विद्यार्थियों को सामाजिक मुद्दों एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति संवेदनशील बनाने हेतु शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी सत्रों का भी आयोजन किया गया।
इन शिविरों का आयोजन डीन छात्र कल्याण डॉ. एच.पी. सांख्यान के मार्गदर्शन में किया गया तथा समन्वय एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों द्वारा किया गया। वानिकी महाविद्यालय से डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. चंद्रेश गुलेरिया, डॉ. प्रतिमा वैद्य एवं डॉ. नितिन शर्मा तथा औद्यानिकी महाविद्यालय से डॉ. मीनू गुप्ता, डॉ. नीलम कुमारी एवं अतुल धीमान ने समन्वयक की भूमिका निभाई।
शिविर के समापन समारोह में हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति निगम के प्रबंध निदेशक अजय कुमार यादव मुख्य अतिथि रहे। स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए उन्होंने सामुदायिक सेवा गतिविधियों में उनकी लगन और उत्साह की सराहना की तथा ग्रामीण विकास और सामाजिक परिवर्तन में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से शिविर के दौरान अर्जित सेवा एवं अनुशासन की भावना को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया और कहा कि ऐसे प्रयास सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं।
डॉ. हरि पाल सांख्यान, डीन छात्र कल्याण, ने एनएसएस स्वयंसेवकों एवं कार्यक्रम अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए शिविरों के सफल आयोजन के लिए उन्हें बधाई दी तथा सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में एनएसएस की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने नौणी एवं शमरोड पंचायतों तथा स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
नौणी पंचायत के प्रधान मदन हिमाचली एवं शमरोड पंचायत के प्रधान नंद राम ने अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की। समापन समारोह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर वानिकी महाविद्यालय के डीन डॉ. चमन लाल ठाकुर एवं औद्यानिकी महाविद्यालय के डीन डॉ. मनीष कुमार भी उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
सात-दिवसीय एन.एस.एस. शिविर स्वयंसेवकों के लिए एक सार्थक एवं समृद्ध अनुभव सिद्ध हुए, जिसने विश्वविद्यालय एवं ग्रामीण समुदाय के बीच संबंधों को सुदृढ़ किया तथा एन.एस.एस. के मूल मंत्र—‘नॉट मी, बट यू’ (मैं नहीं, बल्कि आप)—को और अधिक सशक्त किया।