राशन के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाएं भी बदहाल, आईजीएमसी और चमियाना में मरीज परेशान – भाजपा

शिमला में राशन व्यवस्था दो महीने ठप, कांग्रेस सरकार की प्रशासनिक विफलता उजागर : नंदा

शिमला:  भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने शिमला शहर के राशन डिपुओं में दो महीने बाद चीनी का कोटा पहुंचने पर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजधानी शिमला में भी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। दो महीने तक सस्ती चीनी का वितरण बंद रहना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस सरकार जनता की बुनियादी जरूरतों को लेकर पूरी तरह असंवेदनशील और नाकाम साबित हुई है।

भाजपा मीडिया संयोजक ने कहा कि नवंबर से राशन डिपुओं में चीनी न मिलने के कारण एपीएल, बीपीएल सहित हजारों राशन कार्ड धारकों को बाजार से महंगे दामों पर चीनी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा। राजधानी जैसे शहर में ऐसी स्थिति होना कांग्रेस सरकार की नाकामी को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि केवल राशन व्यवस्था ही नहीं, बल्कि शिमला में चिकित्सा सेवाओं की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। आईजीएमसी और चमियाना अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जांच, दवाइयों, डॉक्टरों की उपलब्धता और व्यवस्थाओं को लेकर आम जनता त्रस्त है।

भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक ने कहा कि आईजीएमसी प्रदेश का प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है और इसे उसी व्यवस्था और मानकों के अनुसार चलाया जाना चाहिए, जैसे यह पहले संचालित होता था। कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन के चलते आज मरीजों का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से उठता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार राजधानी शिमला में भी सुचारू व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है, जिससे यह साफ हो गया है कि पूरे प्रदेश में हालात कितने बदतर होंगे। भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक ने मांग की कि राशन आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं को तुरंत दुरुस्त किया जाए, अन्यथा भाजपा जनता के हितों को लेकर सड़क से सदन तक आवाज बुलंद करेगी।

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