हिमाचल नदियों की भूमिका....

हिमाचल नदियों की भूमिका….

हिमाचल प्रदेश की नदियों की भूमिका के विषय में आज आपको हम महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं।

  • सबसे पहले बात करते सतलुज नदी की। इसी नदी पर दो बहुत बड़े प्रोजैक्ट हैं। अन्य परियोजनाओं का आधार भी यह है। एक है भावा हाइड्रो प्रोजैक्ट तथा दूसरा नाथपा झाखड़ी। दोनों प्रोजैक्ट इसी नदी पर हैं। सतलुज नदी वृहद हिमालय तथा जास्कर के बीचों-बीच बहती है। यह नदी खाब नामक स्थान पर स्पिति को किन्नौर से मिला देती है।
  • आगे जाते हुए सतलुज नदी में बासपा नदी मिल जाती है।
  • भाखड़ा के स्थान पर पहुंचकर सतलुज हिमालय की तराई हिमाचल से पूरी तरह निकल जाती है।
  • सतलुज नदी भाखड़ा पहुंचकर हिमाचल को छोड़, पंजाब को अपना लेती है।
  • सतलुज नदी अपनी लम्बी यात्रा में किन्नौर, शिमला तथा बिलासुपर में बहती है।
  • एक और महत्वपूर्ण नदी, यमुना, यह पूर्व दिशा में बहने वाली है।
  • यमुना नदी यमुनोत्तरी नामक स्थान से निकलती है। यही इसका उद्गम स्थान है। यह स्थान गढ़वाल जिला में है।
  • यमुना नदी की सहायक नदियों के नाम हैं- गिरी गंगा, पब्बर तथा टौंस।
  • पब्बर नदी का उद्गम स्थान बान्सल घाटी है।
  • गिरी नदी जुब्बल क्षेत्र की कुप्पड़ नामक पहाड़ी से निकल कर सिरमौर जिला की धरती को सींचती चली जाती है। फिर जाकर यमुना नदी में मिल जाती है।
  • ब्यास नदी का उद्गम स्थान ब्यास कुण्ड है।
  • ब्यास कुण्ड रोहतांग ज्योत में स्थित है।
  • ब्यास कुण्ड को कुछ लोग ऋषि-ब्यास का जन्म स्थान मानते हैं, कुछ इसे उनकी केवल तपस्थली बताते हैं।
  • लाहुल स्पिति के पश्चात् ब्यास नदी कुल्लू मण्डी तथा कांगड़ा जिलों में से बहती चली जाती है।
  • कुल्लू-मण्डी जैसे प्रसिद्ध नगर ब्यास के किनारे, दोनों ओर बसे हैं।
  • अब जानिए चन्द्र भागा नदी के बारे में। इसी नदी का दूसरा प्रसिद्ध नाम चनाब है।
  •  चन्द्रभागा दो नदियों से मिलकर बनी है।
  • पहली चन्द्रा, दूसरी भागा। चन्द्रा दक्षिण-पूर्व से तथा भागा उत्तर पश्चिम से निकलती है।
  • ये दोनों नदियां लाहौल में तांदो स्थान मिल जाती हैं। कहीं तांदों को टान्डी लिखा मिलता है।
  • चनाब (चन्द्रभागा) नदी मुजिन्द नामक स्थान पर पांगी घाटी में प्रवेश करती है।
  • बहते-बहते, अन्त में चन्द्रभागा नदी चम्बा की धरती को भी सींचती चली जाती है।
  • चम्बा जिला की सीमाएं पार कर चन्द्रभागा कश्मीर घाटी में जा पहुंचती है।
  • एक बात और, चन्द्रा तथा भागा के संगम स्थल की चार मील की दूरी खास है क्योंकि इसी स्थल पर केलांग जिला मुख्यालय है, जो कि लाहौल-स्पीति का हैडक्वार्टर है।

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