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प्रदेश में 17407 बेसहारा गौवंश को किया जाएगा आश्रय प्रदान : वीरेन्द्र कंवर

हिमाचल के लिए 15 ट्राउट हैचरियों व 117 नई ट्राउट इकाईयों की स्थापना को स्वीकृति

  • राज्य में 15 ट्राउट हैचरियों व 117 नई ट्राउट इकाईयों की स्थापना की जाएगीः वीरेन्द्र कंवर
  • बेरोज़गार युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर होंगे सृजित
  • बेरोज़गार युवा आत्मनिर्भर बनने के लिए मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं के साथ जुड़कर सुधारे अपनी आर्थिकी : वीरेन्द्र कंवर

शिमला: केन्द्र सरकार ने नील क्रान्ति के अन्तर्गत वर्ष 2017-18 में हिमाचल प्रदेश के लिए 15 ट्राउट हैचरियों तथा 117 नई ट्राउट इकाईयों की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। यह जानकारी ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पशुपालन व मत्स्य पालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने आज यहां दी। उन्होंने कहा कि नील क्रान्ति योजना के अन्तर्गत सामान्य वर्ग को 40 फीसदी जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला वर्ग को 60 फीसदी दर से अनुदान सहायता प्रदान करने का प्रावधान रखा गया है। अनुमानित लागत पर अनुदान की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डाली जाएगी।

मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार को नील क्रान्ति योजना के अन्तर्गत पिछले वर्ष प्रस्ताव भेजे गए थे जिनका अनुमानित बजट 1342.96 लाख रुपये था, जिसमें 682.77 लाख रुपये केन्द्र का भाग था, जो कि इस वित्त वर्ष में जारी किया गया है। इस राशि में से कुल्लू, मण्डी, शिमला, चम्बा और किन्नौर के अतिरिक्त कांगड़ा व सिरमौर की ऊॅंचाई वाले क्षेत्रों में ट्राउट इकाईयों की स्थापना व अन्य कार्यों पर 542.470 लाख रुपये की राशि व्यय की जाएगी, जिससे बेरोज़गार युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर सृजित होंगे।

वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि एक ट्राउट इकाई के निर्माण पर 4.50 लाख रुपये व्यय किए जाते हैं तथा ट्राउट हैचरी के साथ लाभार्थी को 3 ट्राउट यूनिट दिए जाने प्रस्तावित है। इसके लिए सामान्य वर्ग को 15.48 लाख रुपये व अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला वर्ग को 23.10 लाख रुपये अनुदान के रूप में प्रदान किए जाएंगे। ट्राउट हैचरी तथा ट्राउट इकाईयों के पात्र लाभार्थियों का चयन किया जा चुका है और जल्दी ही इन्हें स्वीकृत राशि प्रदान की जाएगी। वीरेन्द्र कंवर ने बेरोज़गार युवाओं से आहवान किया कि वे आत्मनिर्भर बनने के लिए मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं के साथ जुड़े तथा अपनी आर्थिकी सुधारे।

मंत्री ने कहा कि वर्ष 2018-19 के लिए भी केन्द्र सरकार को कुल 1083.82 लाख रुपये की परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इन योजना के अन्तर्गत राज्य में कार्प तालाब व ट्राउट इकाईयों के निर्माण के अतिरिक्त आहार संयंत्र, मच्छली विक्रय केन्द्र व प्रशिक्षण केन्द्र इत्यादि के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा गया है। इस राशि में से कुल 596.706 लाख रुपये केन्द्र द्वारा प्रदान किए जाने की सम्भावना है।

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