DC किरण भड़ाना ने दूरसंचार सेवाओं को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश; जिले के सभी प्राथमिकता वाले गांवों तक 4G कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने और नई मोबाइल टावर परियोजनाओं में तेजी लाने पर दिया जोर
DC किरण भड़ाना ने दूरसंचार सेवाओं को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश; जिले के सभी प्राथमिकता वाले गांवों तक 4G कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने और नई मोबाइल टावर परियोजनाओं में तेजी लाने पर दिया जोर
केलांग: लाहौल एवं स्पीति जिले के सीमांत एवं दुर्गम क्षेत्रों में निर्बाध मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त किरण भड़ाना की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित दूरसंचार परियोजनाओं, 4G नेटवर्क विस्तार, मोबाइल टावरों की स्थापना तथा डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़े विभिन्न कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि बेहतर दूरसंचार सेवाएं आज केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और प्रशासनिक सेवाओं की प्रभावी पहुंच का महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने संबंधित विभागों एवं दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले के प्रत्येक प्राथमिकता वाले क्षेत्र तक गुणवत्तापूर्ण मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिले के कुल 521 गांवों में से वर्तमान में 391 गांव 4G नेटवर्क से आच्छादित हैं। 125 गैर-आबादी वाले गांवों को छोड़कर शेष सभी प्राथमिकता वाले गांवों में शत-प्रतिशत 4G नेटवर्क उपलब्ध कराने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने विशेष रूप से स्पीति उप-मंडल के धार तुकमांड तथा उदयपुर उप-मंडल के आर.एफ. दारेड जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में उपलब्ध अक्षांश-देशांतर एवं जनसंख्या संबंधी आंकड़ों के आधार पर शीघ्र मोबाइल टावर स्थापित कर नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर डिजिटल सेवाओं का समान रूप से लाभ मिलना चाहिए। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में वर्तमान में विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के 239 सक्रिय 4G टावर तथा 29 सक्रिय 5G टावर कार्यरत हैं। इनमें बीएसएनएल के 71 तथा रिलायंस जियो (RJIL) के 132 4G टावर शामिल हैं। उपायुक्त ने बीएसएनएल एवं एयरटेल के अधिकारियों को नेटवर्क गुणवत्ता में सुधार लाने, कॉल ड्रॉप की समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने तथा सेवा विश्वसनीयता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न पंचायतों तथा उप-मंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) केलांग एवं काजा स्तर पर लंबित एनओसी (NOC) एवं भूमि हस्तांतरण संबंधी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि नई टावर परियोजनाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्गम क्षेत्रों में दूरसंचार अवसंरचना के विकास के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं आधारभूत सहयोग समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी से न केवल स्थानीय ग्रामीणों और विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, बल्कि पर्यटन गतिविधियों, आपदा प्रबंधन तथा सरकारी सेवाओं की पहुंच भी और अधिक प्रभावी होगी। उपायुक्त ने बैठक में बीएसएनएल के अधिकारियों को जिला की विभिन्न पंचायतों में खराब पड़े वीसेट को ठीक करने व क्रियाशील करने के निर्देश दिये तथा उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिवों को वीसेट का नॉडल ऑफिसर बनाने को भी कहा।। बीसनल के संबंधित अधिकारियों ने जल्द ही सभी बीसेट को क्रियाशील करने का आश्वासन दिया। बीएसएनएल के अधिकारियों ने बताया कि भारत नेट कार्यक्रम के तहत जिला के सभी पंचायत घरों को ऑपटिकल फाइबर के माध्यम से जोड़ने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिला की 45 ग्राम पंचायत के लिए 448 किलोमीटर लम्बी ऑपटिकल फाइबर केवल बिछाई जा रही है। बैठक में संबंधित उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) कुनिका एकर्स, वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से निदेशक ग्रामीण एलएएस दूरसंचार विभाग चंद्रभान यादव,भारत संचार निगम लिमिटेड के एसडीओ गौरव शर्मा, विभिन्न निजी दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।