एचपी शिवा परियोजना: हिमाचल के स्वीट ऑरेंज ने रचा संगठित विपणन का नया इतिहास

हिमाचल : प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना के अंतर्गत बागवानी क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई है। परियोजना के तहत तैयार की गई दूसरी बड़ी खेप को 5 जनवरी 2026 को सफलतापूर्वक हरियाणा के पिंजौर स्थित महाजन फ्रूट कंपनी के लिए रवाना किया गया। इस खेप में विभिन्न क्लस्टरों से एकत्रित कुल 140 क्विंटल उच्च गुणवत्ता वाला स्वीट ऑरेंज शामिल रहा, जिसमें ब्लड रेड और जाफा किस्म के फल सम्मिलित हैं।

यह प्रेषण केवल मात्रा के लिहाज से ही नहीं, बल्कि संगठित उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण और पेशेवर विपणन के दृष्टिकोण से भी ऐतिहासिक माना जा रहा है। इस खेप में तलवारा क्षेत्र से 33 क्विंटल, तासली क्षेत्र से 31 क्विंटल, कसोल क्षेत्र से 6 क्विंटल और करोट क्षेत्र से सर्वाधिक 70 क्विंटल स्वीट ऑरेंज का संकलन किया गया। विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों से एक ही दिन में इतनी बड़ी मात्रा में फल का एकत्रीकरण और प्रेषण परियोजना की मजबूत योजना और जमीनी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

एचपी शिवा परियोजना के परियोजना निदेशक डॉ. देविंद्र सिंह ठाकुर ने इस उपलब्धि को परियोजना की बढ़ती सफलता का प्रमाण बताते हुए कहा कि 05 जनवरी 2026 को भेजी गई यह दूसरी बड़ी खेप दर्शाती है कि हिमाचल के किसान अब व्यक्तिगत बिक्री से आगे बढ़कर सामूहिक और व्यावसायिक विपणन की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 140 क्विंटल स्वीट ऑरेंज का एक साथ प्रेषण न केवल किसानों की मेहनत का परिणाम है, बल्कि परियोजना के उद्देश्यों की सार्थक पूर्ति भी है।

सहायक परियोजना निदेशक डॉ. रमल अंगारिया ने कहा कि तलवारा, तासली, कसोल और करोट जैसे क्षेत्रों से एक ही दिन में इतनी बड़ी मात्रा में फल का संकलन किसानों की जागरूकता, विभागीय मार्गदर्शन और सुदृढ़ मार्केटिंग नेटवर्क का प्रत्यक्ष उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है और भविष्य में उनकी आय में स्थायी और संरचित वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

महाजन फ्रूट कंपनी जैसी प्रतिष्ठित विपणन संस्था को लगातार बड़ी खेपों की आपूर्ति यह संकेत देती है कि हिमाचल प्रदेश का स्वीट ऑरेंज अब राष्ट्रीय बाजार में अपनी विश्वसनीय पहचान बना चुका है। एचपी शिवा परियोजना के माध्यम से किसानों को सीधा बाजार, पारदर्शी विपणन व्यवस्था और बेहतर आर्थिक लाभ मिल रहा है, जिससे बागवानी को एक संगठित उद्योग के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस आधार तैयार हुआ है।

यह दूसरी बड़ी खेप केवल एक आपूर्ति नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश के बागवानी क्षेत्र में आ रहे संरचनात्मक बदलाव और भविष्य की संभावनाओं की झलक है। आने वाले समय में और अधिक मात्रा में फल विपणन की संभावनाओं के साथ एचपी शिवा परियोजना प्रदेश को फल उत्पादन और विपणन के राष्ट्रीय मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने की ओर अग्रसर है।

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