आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में प्रभावी संचार प्रणाली महत्त्वपूर्ण भूमिका : डीसी राणा

प्रदेश में कम्यूनिकेशन मॉकड्रिल का किया गया आयोजन

 वर्चुअल बैठक में वी-सैट तथा आई-सैट जैसे संचार उपकरणों के महत्त्व के बारे में की चर्चा 

शिमला: आपदा के कारण उत्पन्न होने वाली आपातकालीन स्थिति में विभिन्न संचार माध्यमों की प्रतिक्रिया और तत्परता का आकलन करने के लिए आज प्रदेश में कम्यूनिकेशन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण  (एसडीएमए) द्वारा आयोजित इस मॉक ड्रिल में पुलिस विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, प्रौद्योगिकी विभाग, राज्य बांध प्राधिकरण और प्रदेश के विभिन्न दूरसंचार सेवा प्रदाताओं की संचार एवं तकनीकी सेवा प्रदाताओं ने भाग लिया।
ड्रिल के दौरान प्रभावी संचार के लिए वीसैट और आई-सैट का उपयोग किया। आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई करते हुए सीटीएस ने 30 मिनट के भीतर पोर्टेबल फ्लाईवे टर्मिनल वीसैट स्थापित किया गया, जिसके माध्यम से प्रदेश में पुलिस स्टेशनों के साथ ऑडियो वीडियो संचार किया गया। इसी प्रकार आपदा प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में प्रभावी एवं निर्बाध संचार के लिए आईसैट का उपयोग किया गया। प्रदेश में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सीटीएस के पास 76 फ्लाइवे टर्मिनल वीसैट और 36 आई-सैट हैं। एसडीएमए के पास 31 आई-सैट और एसडीआरएफ के पास 7 आई-सैट है।
निदेशक एवं विशेष सचिव, राजस्व डीसी राणा ने कहा कि आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में प्रभावी संचार प्रणाली महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में सूचना की जानकारी एवं सटीकता प्रभावी एवं त्वरित बचाव कार्य सुनिश्चित करते हैं। संचार मॉक ड्रिल के आयोजन का उद्देश्य भू-स्खलन, बाढ़, अत्याधिक वर्षा, हिमपात इत्यादि आपदाओं के लिए संचार प्रतिक्रियाओं का मूल्यांकन कर बेहतर प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करना है।
इससे पूर्व डीसी राणा की अध्यक्षता में एक वर्चुअल बैठक भी आयोजित की गई जिसमें वी-सैट तथा आई-सैट जैसे संचार उपकरणों के महत्त्व के बारे में चर्चा की गई। उपकरण प्रदाताओं ने त्वरित प्रतिक्रिया में उपकरणों के महत्त्व और उपकरणों के रख-रखाव के बारे में जानकारी दी।
बैठक में डीएसपी सीटीएस कमल किशोर, एसडीओ (सिविल) भरमौर, एसडीएम संगड़ाह व नाहन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व आईटीबीपी के प्रतिनिधि, विभिन्न बांधों के सुरक्षा प्रमुख, जिला बांध प्रबंधन प्राधिकरण के प्रतिनिधि तथा सभी जिलों के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे।

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