भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के भाषण के एक छोटे से हिस्से को कांट-छांट कर जनता को गुमराह करने का कर कांग्रेस रही प्रयास : रणधीर शर्मा

रणधीर शर्मा ने लगाया प्रदेश सरकार पर पंचायती राज संस्थाओं व शहरी निकाय चुनाव को जानबूझ कर टालने का आरोप

शिमला: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं विधायक रणधीर शर्मा ने हिमाचल सरकार पर पंचायती राज संस्थाओं व शहरी निकाय चुनाव को जानबूझ कर टालने का आरोप लगाया है। उन्होंने जारी एक ब्यान में कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार व आय से अधिक सम्पति के मामले में सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज करने के उपरान्त उत्पन्न स्थिति के कारण सरकार इन चुनाव को लटकाने का प्रयास कर रही है। क्योंकि वे जानते हैं इन चुनाव में भ्रष्टाचार का मुद्दा कांग्रेस सरकार के खिलाफ जाएगा। रणधीर शर्मा ने कहा कि पंचायती राज व ग्रामीण विकास मंत्री ने स्वयं नवम्बर दिसम्बर में यह चुनाव करवाने की बात कही थी परन्तु मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर मामला दर्ज होने के बाद वे इसे जानबूझ कर आगे खिसकाने का प्रयास कर रहे है। जानबूझ कर ऐसी गलतियां की जा रही हैं कि मामले अदालत में जाएं और चुनाव टल जाए।

शर्मा ने कहा कि पंचायती राज व शहरी निकाये संस्थाओं के पुर्नसीमांकन व पुर्नगठन के मामले को वेवजह लटकाया जाता रहा। उन्होंने इस सम्बन्ध में पंचायती राज मंत्री द्वारा दी गई सफाई की विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों ने समय पर सुझाव नहीं दिए, हास्यस्पद है। क्योंकि इन संस्थाओं के पुर्नसीमांकन में विधायक व पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकतर सुझावों को तो माना ही नहीं गया और नई पंचायतों के गठन पर तो सरकार ने रोक ही लगा दी। विभाग ने सरकार के कर्णधारों के इशारे पर स्वयं पुर्नसीमाकन किया जो कि समयसीमा के अन्दर न हो पाने के कारण प्रदेश उच्च न्यायालय ने उस पर रोक लगा दी जिसके लिए वीरभद्र सरकार पूर्ण रूप से जिम्मेवार है। रणधीर शर्मा ने कहा कि पंचायती राज मंत्री ने पहले कम्यूटर साफटवेयर के माध्यम से इन चुनावों के आरक्षण रोस्टर तय करने का निर्णय लिया था, पूरा विभाग कई महीने इस पर कारवाई करता रहा परन्तु अन्तिम समय में कैबिनैट ने आरक्षण रोस्टर, कम्प्यूटर साफटवेयर के बजाए मैनुअली तय करने का निर्णय ले लिया जिससे यह प्रक्रिया और लम्बी खिंच गई तथा इसमें धांधली की अंशका भी बढ़ गई जिसके फलस्वरूप अभी तक आरक्षण रोस्टर भी तय नहीं हो पाया। भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस सरकार के कर्णधार इस आरक्षण रोस्टर को लागू करने में बड़े पैमाने पर हेराफेरी करवा सकते हैं। इसलिए भारतीय जनता पार्टी इस कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देती है कि आरक्षण रोस्टर पंचायती राज एक्ट अनुसार और 2011 की जनसंख्या के आधार लागू किया जाए अन्यथा उन्हें गम्भीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

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