युवाओं को रोजगार चाहिए, भांग की खेती और लॉटरी नहीं – राकेश जमवाल

शिमला: भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने विधानसभा में प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश के युवाओं से 5 वर्षों में 5 लाख सरकारी नौकरियां और हर वर्ष एक लाख नौकरियां देने की गारंटी दी थी। मुख्यमंत्री सहित कांग्रेस के नेताओं ने जनसभाओं में बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन सत्ता में आते ही सरकार अपने ही वादों से मुकर गई।राकेश जमवाल ने कहा कि विधानसभा के भीतर जब सरकार से 5 लाख सरकारी नौकरियों के वादे पर सवाल किया गया तो मुख्यमंत्री ने ऐसी कोई गारंटी देने से ही इनकार कर दिया। कांग्रेस का चुनावी घोषणा पत्र और उसकी 10 गारंटियां सदन में रखी गईं और पढ़कर भी सुनाई गईं, इसके बावजूद सरकार अपने वादे को स्वीकार करने तक को तैयार नहीं है। यह प्रदेश के लाखों युवाओं के साथ सीधा विश्वासघात है।

उन्होंने कहा कि हर हिमाचली परिवार में पढ़ा-लिखा युवा रोजगार की तलाश में है। युवाओं ने कांग्रेस पर भरोसा किया था कि सरकार बनने के बाद उन्हें नौकरी और रोजगार मिलेगा, लेकिन आज सरकार भांग की खेती और लॉटरी को रोजगार का विकल्प बताने में लगी हुई है।
राकेश जमवाल ने कहा कि हिमाचल में नशे का बढ़ता कारोबार और युवाओं में नशे की प्रवृत्ति गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे समय में सरकार को नशे के खिलाफ कड़े कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन भांग की खेती को बढ़ावा देने की बात करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने कहा कि सरकार लॉटरी शुरू करने की बात कर रही है और इसके पीछे राजस्व बढ़ाने का तर्क दिया जा रहा है। सरकार को अपना खजाना भरने की चिंता है, लेकिन प्रदेश के युवाओं के भविष्य की चिंता नहीं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को लॉटरी की लत नहीं, बल्कि सम्मानजनक रोजगार और आत्मनिर्भर बनने के अवसर चाहिए। राकेश जमवाल ने कहा कि सरकार करीब 150 स्कूलों को CBSE से संबद्ध करने की प्रक्रिया की बात कर रही है। इन स्कूलों में नियुक्त किए जाने वाले शिक्षकों को चयन प्रक्रिया से गुजरने के बाद भी केवल 5 वर्ष की अवधि और लगभग ₹30,000 फिक्स वेतन पर रखने की बात कही जा रही है।
उन्होंने सवाल किया कि पांच वर्ष बाद इन युवाओं का क्या होगा? चयन प्रक्रिया से नियुक्त होने वाले शिक्षकों को रोजगार की स्थायी सुरक्षा क्यों नहीं दी जा रही? सरकार को युवाओं के भविष्य के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ बंद कर स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। राकेश जमवाल ने कहा कि रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देना जरूरी है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के समय मिले औद्योगिक पैकेज से प्रदेश में बड़े पैमाने पर उद्योग आए और हजारों युवाओं को रोजगार मिला।
उन्होंने सवाल किया कि पिछले वर्षों में कितने नए उद्योग हिमाचल आए और कितने उद्योग प्रदेश छोड़कर चले गए? सरकार को इसका जवाब प्रदेश की जनता को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल का युवा समझदार है और वह भी जानता है कि हर व्यक्ति को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है। लेकिन सरकार की जिम्मेदारी है कि उद्योग, पर्यटन, स्टार्टअप और स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करे।
राकेश जमवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार को अब भी समय रहते प्रदेश के युवाओं के सामने सच्चाई रखनी चाहिए। यदि 5 लाख सरकारी नौकरियां और 58 वर्ष तक की पक्की नौकरी देना संभव नहीं है तो मुख्यमंत्री को सदन में इसकी स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए और युवाओं को गुमराह करने के लिए उनसे माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा युवाओं को भांग और लॉटरी नहीं, बल्कि रोजगार, उद्योग, पर्यटन और स्वरोजगार के अवसर देने की नीति पर काम करेगी।
सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन हिमाचल के युवाओं का भविष्य दांव पर नहीं लगाया जा सकता। कांग्रेस सरकार ने युवाओं से किए वादों का जवाब देना होगा और प्रदेश का युवा आने वाले समय में इन वादों का हिसाब जरूर लेगा।

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