रक्षा मंत्री के पत्र से छावनी क्षेत्रों के नागरिकों को बड़ी राहत का मार्ग प्रशस्त — सुरेश कश्यप

छावनी परिषद क्षेत्रों के नागरिक हिस्सों को अलग कर नगर निकायों में विलय की प्रक्रिया तेज

शिमला: भाजपा नेता एवं लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि देशभर की छावनी परिषदों से जुड़े नागरिक क्षेत्रों को अलग कर निकटवर्ती नगर निकायों में विलय करने की प्रक्रिया को लेकर रक्षा मंत्रालय ने महत्वपूर्ण प्रगति की पुष्टि की है। यह जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा भेजे गए आधिकारिक पत्र के माध्यम से प्राप्त हुई है।

सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि उन्होंने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत यह विषय उठाया था, जिसमें छावनी परिषदों के अधीन आने वाले नागरिक क्षेत्रों को स्थानीय नगर निकायों में शामिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया गया था। रक्षा मंत्री ने अपने उत्तर में अवगत कराया है कि रक्षा मंत्रालय द्वारा 38 छावनियों के लिए सभी संबंधित पक्षों को शामिल करते हुए समितियों का गठन किया गया, ताकि नागरिक क्षेत्रों को अलग करने तथा नगर निकायों में विलय से जुड़ी प्रस्तावित कार्यप्रणालियों की विस्तार से समीक्षा की जा सके।

पत्र के अनुसार 37 छावनियों, जिनमें हिमाचल प्रदेश की सभी 6 छावनियाँ भी शामिल हैं, के नागरिक क्षेत्रों को अलग करने के प्रस्ताव राज्य सरकारों को उनकी सहमति के लिए भेजे जा चुके हैं और अब राज्य सरकारों की औपचारिक स्वीकृति अपेक्षित है।

सुरेश कश्यप ने कहा कि यह कदम छावनी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को प्रशासनिक सुविधाओं, विकास कार्यों और स्थानीय निकाय सेवाओं का बेहतर लाभ दिलाने में सहायक होगा। रक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान में छावनी परिषदों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, स्वच्छता, सड़क, गलियां और सड़क प्रकाश जैसी विभिन्न नागरिक सेवाएं निरंतर प्रदान की जा रही हैं तथा ई-छावनी पोर्टल के माध्यम से अनेक ऑनलाइन सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

सांसद कश्यप ने कहा कि छावनी क्षेत्रों के नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के समाधान की दिशा में यह एक सकारात्मक और ठोस कदम है, जिससे हिमाचल प्रदेश सहित देशभर के छावनी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भविष्य में सीधा लाभ मिलेगा।

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