मुख्यमंत्री कल करेंगे शिमला के खनेरी में सब-स्टेशन का शिलान्यास, सब-स्टेशन ज्यूरी का लोकार्पण : अनुराग पराशर

  • मुख्यमंत्री सराहन में करेंगे विद्युत उपमंडल सराहन कार्यालय भवन का शिलान्यास
  • ऊर्जा एवं कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया और मुख्य संसदीय सचिव (स्वास्थ्य) नंद लाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति समारोह में करेंगे शिरकत
बिजली बोर्ड के उप निदेशक (लोक सम्पर्क) अनुराग पराशर

बिजली बोर्ड के उप निदेशक (लोक सम्पर्क) अनुराग पराशर

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कल यानि कि 29 जून, 2016 को जिला शिमला के खनेरी में 22 के.वी. कंट्रोल सब-स्टेशन खनेरी का शिलान्यास, ज्यूरी में 22 के.वी. कंट्रोल सब-स्टेशन ज्यूरी का लोकार्पण और सराहन में विद्युत उपमंडल सराहन कार्यालय भवन का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर ऊर्जा एवं कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया और मुख्य संसदीय सचिव (स्वास्थ्य) नंद लाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति समारोह में शिरकत करेंगे।

सर्वप्रथम 22 के.वी. कंट्रोल सब-स्टेशन खनेरी के बारे में जानकारी देते हुए राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के उप निदेशक (लोक सम्पर्क) अनुराग पराशर ने बताया कि वर्तमान में रामपुर शहर और आस-पास क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को 220 के.वी. विद्युत उपकेन्द्र कोटला से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। वर्तमान में कंट्रोल सब-स्टेशन के न होने के कारण एक विद्युत फीडर में व्यवधान आते ही सभी विद्युत फीडरों की विद्युत आपूर्ति में बाधा आ जाती है। रामपुर शहर और आस-पास क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और गुणवतापूर्ण विद्युत आपूर्ति प्रदान करने और हर एक फीडर की विद्युत आपूर्ति को अलग करने के लिए हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रीसिटी बोर्ड लिमिटेड ने 22 के.वी. कंट्रोल सब-स्टेशन खनेरी को स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस कंट्रोल सब-स्टेषन के बन जाने से रामपुर शहर और आस-पास क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति अलग-अलग की जा सकेगी, जिससे एक दिषा में व्यवधान आने पर दूसरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति जारी रहेगी और विद्युत आपूर्ति में रूकावट का पता भी जल्द लग सकेगा। इस कंट्रोल सब-स्टेशन के निर्माण के बाद 220 के.वी. विद्युत उपकेन्द्र कोटला से 3 इनकमिंग और 6 आउटगोईंग फीडर पाटबंगला, रामपुर-एक, रामपुर-दो, दरशाई, जगातखाना और हॉस्पीटल फीडर निकाले जाऐंगे। इस कंट्रोल सब-स्टेषन के बन जाने से रामपुर शहर सहित आस-पास क्षेत्रों की 5 पंचायतों के 20 गांवों के लगभग 75 हजार लोग लाभान्वित होंगे। इस कंट्रोल सब-स्टेशन के निर्माण पर लगभग 1 करोड़ 77 लाख रूपये की लागत आने का अनुमान है।

22 के.वी. कंट्रोल सब-स्टेशन ज्यूरी के बारे उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्युत मंडल रामपुर बुशहर के विद्युत अनुभाग ज्यूरी-1, ज्यूरी-2, सराहन और गौरा तथा विद्युत मंडल रिकांगपिओ के विद्युत अनुभाग निगुलसारी को विद्युत आपूर्ति 220 के.वी. विद्युत उपकेन्द्र कोटला से एक 22 के.वी. फीडर द्वारा की जा रही है। कंट्रोल सब-स्टेशन के न होने के कारण एक विद्युत फीडर में व्यवधान आते ही सभी विद्युत फीडरों की विद्युत आपूर्ति में बाधा आ जाती थी। अतः विद्युत मंडल रामपुर बुषहर के विद्युत अनुभाग ज्यूरी-1, ज्यूरी-2, सराहन और गौरा तथा विद्युत मंडल रिकांगपिओ के विद्युत अनुभाग निगुलसारी के तहत आने वाले क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और गुणवतापूर्ण विद्युत आपूर्ति प्रदान करने के लिए हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रीसिटी बोर्ड लिमिटेड ने 22 के.वी. कंट्रोल सब-स्टेशन ज्यूरी को स्थापित करने का निर्णय लिया था। इस कंट्रोल सब-स्टेशन का शिलान्यास 14 नवम्बर 2014 को किया गया था। इस कंट्रोल सब-स्टेशन के निर्माण पर 1 करोड़ 61 लाख रूपये की लागत आई है। इस कंट्रोल सब-स्टेशन से 22 के.वी. के 4 फीडर सराहन, किन्नौर, गानवी पावर हाउस और गानवी निकाले गए हैं। इस कंट्रोल सब-स्टेशन से 6 पंचायतों सहित पन्द्रह-बीस क्षेत्र और अन्य कठिन क्षेत्रों की विद्युत आपूति सुदृढ़ होगी, जिससे लगभग 16 हजार 500 लोग लाभान्वित होंगे। इस कंट्रोल सब-स्टेशन से विद्युत उपमंडल भाबानगर के निगुलसारी क्षेत्र के लोगों को भी सुविधा होगी।

उन्होंने बताया कि 29 जून को ही विद्युत उपमंडल सराहन कार्यालय भवन का भी शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विद्युत उपमंडल सराहन कार्यालय भवन के निर्माण पर लगभग 35 लाख रूपये की लागत आने का अनुमान है। सराहन विद्युत उपमंडल अगस्त 1983 में निजी भवन में खोला गया था, तब से यह विद्युत उपमंडल कार्यालय निजी भवन में चल रहा है। अब कैपेक्स प्लान के अंतर्गत इस विद्युत उपमंडल कार्यालय भवन को बनाने का प्रावधान रखा गया है। कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि और क्षेत्र में हुए विकास के दृश्टिगत बढ़ती हुई उपभोक्ताओं की संख्या ने अपने भवन के निर्माण की आवश्यकता को जन्म दिया है। इस विद्युत उपमंडल कार्यालय भवन के बन जाने से स्थानीय लोगों और कर्मचारी वर्ग को लाभ मिलेगा। इस विद्युत उपमंडल के अंतर्गत आने वाले लगभग 50 हजार लोगों को लाभ मिलेगा।

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