


हिमाचल : प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज समुद्र तल से 10,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल का दौरा किया। राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता और लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी मौजूद रहीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अटल टनल की इंजीनियरिंग विशेषताओं और निर्माण कार्य में गहरी रुचि दिखाई तथा अधिकारियों से इसके तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने आसपास के हिमालयी क्षेत्र के मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य को भी निहारा।
इस अवसर पर राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने अटल टनल को विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का उदाहरण बताते हुए कहा कि इसने लाहौल-स्पीति को देश के बाकी हिस्सों के और अधिक करीब ला दिया है। उन्होंने कहा कि यह टनल भारत के विजन, तकनीकी क्षमता और दूरदराज व दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
राज्यपाल ने कहा कि अटल टनल आधुनिक बुनियादी ढांचे और सामरिक विकास की शक्ति का प्रतीक है तथा चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं को पूरा करने की देश की क्षमता का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएं न केवल संपर्क सुविधा को बेहतर बनाती हैं, बल्कि दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विकास और नए अवसर भी उपलब्ध करवाती हैं।
टनल के उत्तरी पोर्टल पर स्थानीय लोगों ने राष्ट्रपति का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने राष्ट्रपति को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान सांसद कंगना रनौत, लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा, उपायुक्त किरण भड़ाना, जिला प्रशासन तथा सेना के अधिकारियों ने भी राष्ट्रपति का स्वागत किया।
इसके उपरांत, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने मनाली के ढुंगरी स्थित सुप्रसिद्ध हिडिंबा मंदिर के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। उन्होंने देशवासियों की शांति, सुख-समृद्धि एवं कल्याण के लिए प्रार्थना की।
राज्यपाल ने मनाली स्थित वन विश्राम गृह का भी दौरा किया। उन्होंने यहां दुर्लभ पौधे गिंग्को बिलोबा का पौधारोपण कर पर्यावरण तथा हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के महत्व का संदेश दिया।
राज्यपाल ने पौधरोपण के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध प्राकृतिक विरासत के संरक्षण और संवेदनशील पर्वतीय पर्यावरण में सतत विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

शिमला: हिमाचल प्रदेश के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण अर्थात ‘जनसंख्या गणना’ का क्षेत्रीय कार्य 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक तथा पुनरीक्षण कार्य 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित समय-सीमा में डिजिटल माध्यम से मोबाइल एप के जरिए सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इस चरण के दौरान आधिकारिक रूप से अधिसूचित 40 प्रश्नों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में निवास करने वाले सभी व्यक्तियों से आवश्यक जानकारी एकत्रित की गई। इन प्रश्नों के माध्यम से जनसांख्यिकीय, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति, साक्षरता, प्रवासन तथा प्रजनन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक मापदंडों से संबंधित आंकड़े संकलित किए गए।इस चरण में विषम भौगोलिक परिस्थितियों, दुर्गम क्षेत्रों तथा चुनौतीपूर्ण मौसम के बीच राष्ट्रीय महत्व के इस महाअभियान को निर्धारित समय-सीमा में सफलतापूर्वक संपन्न करना हिमाचल प्रदेश के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
इस विशाल और चुनौतीपूर्ण कार्य को सफल बनाने का श्रेय हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव तथा सचिव (सामान्य प्रशासन) सह-राज्य जनगणना नोडल अधिकारी एवं जनगणना कार्य निदेशालय हि.प्र. की निदेशक के कुशल मार्गदर्शन में किया गया । इसके साथ ही, हिमाच्छादित क्षेत्रों के उपायुक्तों, नगर आयुक्तों और सभी चार्ज अधिकारियों की रणनीतिक योजना और उत्कृष्ट प्रबंधन के परिणामस्वरूप ही यह जटिल कार्य सुगमता से पूरा हो सका।
इस सफलता के वास्तविक नायक प्रगणक और पर्यवेक्षक हैं। दुर्गम रास्तों को पार करते हुए घर-घर जाकर सटीक आंकड़े एकत्रित करने में उनकी अभूतपूर्व मेहनत, अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा ने इस महाभियान को धरातल पर सफल बनाया है। जनगणना कार्य निदेशालय, हिमाचल प्रदेश ने हिमाच्छादित क्षेत्रों में रहने वाले सभी निवासियों का इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। इन क्षेत्रों के निवासियों द्वारा अपने दायित्व को समझते हुए दी गई सटीक जानकारी और पूर्ण सहयोग के कारण ही यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो पाया है।

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में 108.16 करोड़ रुपये लागत की तीन विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए। उन्होंने ऐतिहासिक रिज में 66.81 करोड़ रुपये की लागत से किए गए सुधार एवं स्थिरीकरण कार्यों का लोकार्पण किया। इन कार्यों का उद्देश्य रिज मैदान के धंसने से संबंधित समस्या का समाधान करना तथा क्षेत्र को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने शिमला में श्री गुरुद्वारा साहिब के समीप पुराने बस अड्डे के पास 6.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का भी लोकार्पण किया। इस सुविधा से स्थानीय लोगों, दुकानदारों तथा परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और क्षेत्र में पार्किंग की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बालूगंज के समीप पशु पड़ाव में शिमला नगर निगम के कर्मचारियों के लिए 34.50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आवासीय परिसर की आधारशिला भी रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यटन मानचित्र पर शिमला की एक विशिष्ट पहचान है और इसकी सुंदरता को बनाए रखते हुए आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने विभिन्न परियोजनाओं के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किए बिना केवल शिलान्यास किए थे जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक बजट का प्रावधान सुनिश्चित किया है।
उन्होंने कहा कि शिमला में यातायात की समस्या के समाधान के लिए सर्कुलर रोड को डबल लेन किया जा रहा है, जिससे शहर में ट्रैफिक जाम से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी।
श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार 600 करोड़ रुपये की लागत से सब्जी मंडी में एक आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर रही है। इसके अलावा, छोटा शिमला से सीटीओ तक 150 करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत यूटिलिटी डक्ट्स का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिमला के समग्र एवं व्यवस्थित विकास के लिए कदम उठा रही है, ताकि शहर की प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित एवं संवर्धित करने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।

शिमला: शिमला पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल सैल शिमला की टीम ने चिट्टा/हेरोइन की बरामदगी के संबंध में कार्रवाई की है। पुलिस को 6 अक्तूबर को सूचना प्राप्त हुई कि सोलन से शिमला की ओर आ रही एक बस में रमन हिमालवी पुत्र बालक राम, आयु 35 वर्ष, तहसील ठियोग, जिला शिमला चिट्टा लेकर आ रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा बस को शोघी पुलिस चौकी के समीप रोककर उक्त व्यक्ति की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से कुल लगभग 12 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है।

शिमला: राजधानी शिमला के संजौली – ढली बाईपास पर बुधवार को पहाड़ी दरक गई। अचानक हुए भूस्खलन से बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए। इसी दाैरान सड़क से गुजर रही गाड़ियां भूस्खलन की चपेट में आने से बाल-बाल बच गईं। भूस्खलन का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। भूस्खलन के तुरंत बाद मौके पर निर्माण कार्य में लगाई गई जेसीबी से सड़क पर आए कुछ पत्थरों और मलबे को हटा दिया गया। करीब सवा तीन बजे हुई घटना के कुछ ही देर बाद सड़क पर ट्रैफिक बहाल कर दिया गया था।

शिमला: आगामी दीपावली पर्व के दृष्टिगत जिला शिमला में पटाखों की बिक्री, भंडारण एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर आज उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में संबंधित विभागों एवं हितधारकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में पटाखा विक्रेताओं, संबंधित अधिकारियों तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ दीपावली के दौरान सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से पटाखों की बिक्री सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जिला में पटाखों की बिक्री, भंडारण, परिवहन एवं वितरण विस्फोटक अधिनियम, 1884, विस्फोटक नियम, 2008 तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी लाइसेंस एवं अनुमति की शर्तों के अनुरूप ही किया जाएगा। बिना वैध लाइसेंस के पटाखों की बिक्री अथवा भंडारण की अनुमति नहीं होगी। पटाखे विक्रेताओं को नियमों का पालन करना होगा।
इस मौके पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा सहित अन्य हितधारक मौजूद रहे।
पटाखा विक्रेताओं के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं नियामक दिशा-निर्देश
विस्फोटक नियम, 2008 एवं PESO दिशा-निर्देशों के अनुरूप
1. लाइसेंस अनिवार्य — पटाखों का भंडारण एवं बिक्री केवल विस्फोटक नियम, 2008 के तहत विधिवत लाइसेंस प्राप्त परिसर से की जाए। विक्रेता लाइसेंस में निर्धारित मात्रा और शर्तों का पालन करें। बिना लाइसेंस वाली दुकान, सड़क किनारे स्टॉल, वाहन, अस्थायी ढांचे अथवा अन्य अनाधृकित स्थान से बिक्री न की जाए।
2. अधिकृत स्रोत से ही खरीद — पटाखे केवल लाइसेंस प्राप्त निर्माता अथवा अधिकृत आपूर्तिकर्ता से खरीदे जाएं। खरीद की रसीद एवं आपूर्तिकर्ता के लाइसेंस संबंधी विवरण सुरक्षित रखे जाएं। विदेशी मूल के अथवा तस्करी से लाए गए पटाखों का भंडारण या बिक्री न की जाए।
3. निर्धारित मात्रा से अधिक भंडारण नहीं — लाइसेंस में स्वीकृत मात्रा से अधिक पटाखे किसी भी समय परिसर में न रखे जाएं। दस्तावेज में उल्लिखित LE-5 श्रेणी के संदर्भ में PESO द्वारा निर्धारित सीमा के अनुरूप अधिकतम 100 किलोग्राम manufactured fireworks तथा 500 किलोग्राम Chorsa crackers का उल्लेख किया गया है, जो संबंधित लाइसेंस की शर्तों के अधीन होगा।
4. दुकान की सुरक्षा व्यवस्था — दुकान भूतल पर हो तथा उसमें स्वतंत्र प्रवेश एवं आपातकालीन निकास की व्यवस्था हो। दरवाजे बाहर की ओर खुलने वाले हों। परिसर अग्निशमन कर्मियों की पहुंच में हो तथा बेसमेंट, mezzanine अथवा आवासीय तल के नीचे दुकान न हो। विद्युत वायरिंग सुरक्षित एवं संरक्षित हो।
5. सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी — पटाखों की दुकान को विस्फोटक, ज्वलनशील अथवा अन्य खतरनाक सामग्री रखने वाले परिसर से निर्धारित सुरक्षित दूरी पर रखा जाए। दुकान के आसपास ज्वलनशील सामग्री एकत्र न होने दी जाए तथा प्रवेश और निकास मार्ग पूरी तरह खुले रखे जाएं।
6. धूम्रपान एवं खुली आग पर पूर्ण प्रतिबंध — पटाखों की दुकान में या उसके आसपास धूम्रपान, माचिस, मोमबत्ती, तेल के दीपक अथवा किसी अन्य ignition source का इस्तेमाल प्रतिबंधित रखा जाए। दुकान के अंदर अनावश्यक रूप से पटाखों को संभालने से भी बचा जाए।
7. अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था — प्रत्येक विक्रेता के पास उपयोग योग्य अग्निशामक यंत्र पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हों। इसके अतिरिक्त रेत एवं पानी की व्यवस्था भी रखी जाए। अग्निशमन सेवा तक पहुंच का मार्ग खुला रहे तथा आपातकालीन संपर्क नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं।
8. पटाखों की सुरक्षित पैकिंग — पटाखे उनकी मूल एवं स्वीकृत पैकिंग में ही रखे और बेचे जाएं। क्षतिग्रस्त, रिसाव वाले, गीले अथवा खराब पैकेटों को सामान्य तरीके से न संभाला जाए। पटाखों के पैकेट खोलना, उनमें बदलाव करना अथवा अलग-अलग प्रकार के असंगत पटाखों को मिलाकर रखना प्रतिबंधित है।
9. प्रतिबंधित एवं असुरक्षित पटाखों की बिक्री नहीं — केवल अधिकृत पटाखों का भंडारण एवं बिक्री की जाए। निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज करने वाले पटाखे नहीं बेचे जाएं। दस्तावेज के अनुसार 4 मीटर की दूरी पर 125 dB(AI) अथवा 145 dB(C) peak से अधिक ध्वनि वाले पटाखों की बिक्री नहीं की जानी चाहिए।
10. स्टॉक एवं बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखें — विक्रेता opening stock, खरीदी गई मात्रा, आपूर्तिकर्ता का नाम, बेची गई मात्रा तथा closing stock का उचित रजिस्टर रखें। यह रिकॉर्ड अधिकृत अधिकारियों के निरीक्षण के लिए उपलब्ध करवाया जाए।
11. लाइसेंस प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करें — मूल लाइसेंस तथा आवश्यक लाइसेंस विवरण दुकान पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। लाइसेंस और संबंधित दस्तावेज निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहने चाहिए।
12. अस्थायी दुकानों के लिए अलग अनुमति — स्थायी LE-5 लाइसेंस को अन्य स्थान पर अस्थायी दुकान लगाने की अनुमति न माना जाए। अस्थायी दुकान के लिए अलग से सक्षम प्राधिकारी की अनुमति एवं निर्धारित licensing requirements पूरी करनी होंगी।
13. नाबालिगों की सुरक्षा — बच्चों को पटाखे बेचते समय विशेष सावधानी बरती जाए। बच्चों को भंडारण क्षेत्र में प्रवेश करने अथवा पटाखों के पैकेट खोलने/परीक्षण करने की अनुमति न दी जाए।
14. पटाखों का सुरक्षित परिवहन — पटाखों का परिवहन विस्फोटक नियमों के लागू प्रावधानों के अनुरूप किया जाए। पटाखों को ज्वलनशील अथवा अन्य hazardous material के साथ असुरक्षित तरीके से मिलाकर परिवहन न किया जाए।
15. दुर्घटना की तत्काल सूचना — आग, विस्फोट, पटाखों के गायब होने, बिना स्पष्टीकरण स्टॉक की कमी अथवा अन्य गंभीर घटना की स्थिति में तत्काल नजदीकी पुलिस थाना तथा संबंधित licensing authority/local office को सूचित किया जाए।

भर्ती रैली की तैयारियों को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक आयोजित
शिमला: शिमला जिला के रामपुर उपमंडल के तहत पृथी मिलिट्री स्टेशन अवेरीपट्टी में 20 से 25 मार्च, 2027 तक सेना भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा। प्रस्तावित भर्ती रैली की तैयारियों को लेकर आज उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त ने सेना के अधिकारियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ भर्ती रैली के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने सेना अधिकारियों को जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
उपायुक्त ने कहा कि भर्ती स्थल पर आने वाले अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएगी, ताकि उन्हें भर्ती प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भर्ती स्थल पर बिजली और पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
युवाओं को गुमराह करने वालों पर रहेगी नजर
उपायुक्त ने कहा कि सेना भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित नियमों के अनुसार पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। उन्होंने उपमंडल दंडाधिकारी रामपुर को उपमंडल स्तर पर संबंधित विभागों एवं सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक आयोजित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भर्ती के दौरान कोई भी व्यक्ति युवाओं को गुमराह न कर सके, इसके लिए प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहेंगी। अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार के प्रलोभन या भ्रामक जानकारी से सावधान रहने के लिए जागरूक किया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाती है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और पूरी भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न हो।
अभ्यर्थियों के ठहरने की होगी उचित व्यवस्था
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती के लिए अवेरीपट्टी आने वाले युवाओं के ठहरने के लिए उचित दरों पर पर्याप्त स्थान उपलब्ध करवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को ठहरने, पेयजल, बिजली तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और भर्ती रैली से पहले सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया सुचारू एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

धर्मशाला: जिला दंडाधिकारी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने अधिसूचना जारी करते हुए खबली-दोसड़का से बणे दी हट्टी तक के सड़कमार्ग पर सीसी पेवमेंट के कार्य के कारण पाइसा से बणे दी हट्टी तक सड़क को सभी प्रकार के वाहनों के लिए 6 नवम्बर तक बन्द करने के आदेश दिये हैं। इस अवधि के दौरान यातायात के लिए पाइसा से भट्ठा सड़कमार्ग को वैकल्पिक सड़कमार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। जबकि एम्बुलेंस, अग्निशमन तथा अन्य आपातकालीन वाहनों का निकलना यदि संभव हो, प्रतिबंध से छूट रहेगी।

सरकाघाट: खंड विकास अधिकारी, गोपालपुर स्थित सरकाघाट, रोहित चौहान ने बताया कि एकीकृत कृषि क्लस्टर एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विभिन्न पदों पर परियोजना-आधारित अस्थायी नियुक्ति के लिए पात्र एवं इच्छुक महिला एवं पुरुष अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। ये नियुक्तियां प्रेरणा संकुल स्तरीय संघ गोपालपुर द्वारा कार्यान्वित एकीकृत कृषि क्लस्टर परियोजना के तहत की जाएगी।
उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के तहत आईएफसी एंकर का एक, सीनियर सीआरपी का एक तथा विलेज सीआरपी के दो पद, कुल चार पद भरे जाएंगे। नियुक्ति प्रारंभिक रूप से एक वर्ष के लिए होगी, जिसे कार्य एवं प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
