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CM सुक्खू ने किया प्राकृतिक खेती से उत्पादित ‘पांगी एप्पल’ ब्रांड लॉन्च

प्रदेश सरकार 10 और 20 किलोग्राम के कार्टन पर किसानों को दे रही 50 प्रतिशत अनुदान
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज पांगी घाटी में प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादित सेबों के लिए ‘पांगी एप्पल’ ब्रांड लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दे रही है। ‘पांगी एप्पल’ ब्रांड के लॉन्च होने से पांगी क्षेत्र में उत्पादित सेब को एक विशिष्ट पहचान मिलेगी। साथ ही स्थानीय उत्पादों के लिए अलग बाजार विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांगी उपमंडल को प्रदेश का पहला प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित किया गया है। यह पहल क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ इस दूरदराज जनजातीय क्षेत्र को आर्थिक अवसरों और जीवन की गुणवत्ता के मामले में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के समकक्ष लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि पांगी में लगभग 370 हेक्टेयर भूमि पर सेब के 1,04,000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इस सीजन में (लगभग 550 मीट्रिक टन) 35,000 पेटियां सेब उत्पादन होने की उम्मीद है। अब तक पांगी में उत्पादित सेबों को घाटी से बाहर ‘कुल्लू एप्पल’ या ‘किन्नौर एप्पल’ के नाम से ब्रांडिंग किए गए कार्टन में बेचने के लिए भेजा जाता था, जिससे पांगी के अपने सेबों को अलग पहचान नहीं मिल पाती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए ‘पांगी एप्पल’ नाम से विशेष कार्टन तैयार किए गए हैं, जो 20 किलोग्राम और 10 किलोग्राम की क्षमता में उपलब्ध होंगे। ये कार्टन किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इस पहल से पांगी के सेबों की विशिष्ट पहचान स्थापित करने, प्राकृतिक खेती से उत्पादित फलों को प्रोत्साहित करने तथा बाजार में उनकी पहचान और मांग बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल प्राकृतिक खेती के माध्यम से पांगी को प्रदेश का पहला रसायन-मुक्त उपमंडल बनाने की राज्य सरकार की परिकल्पना का अहम हिस्सा है। इससे क्षेत्र के लगभग 6,300 कृषक परिवारों की आजीविका सुदृढ़ होगी, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा तथा इस दूरदराज जनजातीय क्षेत्र के लोगों के लिए आर्थिक उन्नति के नए अवसर सृजित होंगे।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, आवासीय आयुक्त अमनदीप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

दिल्ली की महारैली में हिमाचल से जाएंगे 15 हजार लोग..

शिमला : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा है कि 1 नवम्बर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली देश बचाओ, वोट बचाओ ऐतिहासिक होगी। उन्होंने कहा कि इस महारैली में देशभर से लगभग 10 लाख से अधिक लोग इस महारैली में भाग लेंगे।
आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में इंडिया गठबंधन के नेताओं की उपस्थिति में प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए रजनी पाटिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश से इस महारैली में 15 हजार लोग दिल्ली कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि आज देश मे लोकतंत्र व संविधान को बचाने के लिए इंडिया गठबंधन एक मंच पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार इस आंदोलन को कुचलने का पूरा प्रयास कर रही है पर वह इसमें सफल नही होगी।उन्होंने कहा कि भाजपा ने जिस प्रकार से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ मिलकर देश के संविधान से खिलवाड़ करते हुए लोकतंत्र का मजाक उड़ाया है, देश के 13 करोड़ नागरिकों को उनके संवैधानिक वोट के अधिकार से बंचित किया है वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी देश को बचाने की एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं अब इंडिया गठबंधन के साथ आने से उनके इस आंदोलन को गति मिली है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनैतिक दल की नही है यह लड़ाई देश को बचाने,संविधान व लोकतंत्र की रक्षा करने के लड़ाई है जिस के लिये सभी को एक साथ मिलकर लड़ना होगा।
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक पंजाब के पूर्व मंत्री राव दान सिंह ने कहा कि जिस प्रकार से देश को आजाद करवाने के लिये राष्ट्र भक्तों ने लड़ाई लड़ी थी आज उसी प्रकार देश के लोकतंत्र व संविधान को बचाने के लिये आगे आने का अवसर है। उन्होंने 1 नवंबर की महारैली में लोगों से बढ़चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया।

जयराम सरकार के तीन साल कार्यक्रम में पढ़ा गया नड्डा का संदेश...

हिमाचल : छह मेडिकल कॉलेजों में 320 नई पीजी सीटों को मंजूरी

शिमला: केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के लिए चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि की घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार ने प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 320 नई पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) मेडिकल सीटों के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए भारत सरकार लगभग 415 करोड़ रुपये का अनुदान उपलब्ध करवाएगी।

नड्डा ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान देश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए अनेक क्रांतिकारी योजनाएं लागू की गई हैं। इसी दिशा में केंद्र सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये की लागत से अगले पांच वर्षों में देशभर में 10,000 नई मेडिकल सीटें जोड़ने की योजना स्वीकृत की है। हिमाचल प्रदेश को मिली 320 पीजी सीटों की मंजूरी इसी महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा है।

उन्होंने बताया कि स्वीकृत सीटों में **आईजीएमसी शिमला को 91, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर को 57, नेरचौक मंडी को 55, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा को 57, मेडिकल कॉलेज नाहन को 32 और मेडिकल कॉलेज चंबा को 28 सीटें** प्रदान की गई हैं।

नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव पर अत्यंत तेजी से निर्णय लिया है। हिमाचल सरकार से 23 जून को प्रस्ताव प्राप्त हुआ था। इसके बाद 6 अक्टूबर को एम्स बिलासपुर के दीक्षांत समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इस विषय पर उनसे चर्चा की थी। अब केंद्र सरकार ने प्रस्तावित सभी 320 सीटों को मंजूरी प्रदान कर दी है।

उन्होंने कहा कि इन अतिरिक्त सीटों से सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, कैंसर तथा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलेगी। प्रदेश के युवाओं को मेडिकल शिक्षा में उच्च अध्ययन के अधिक अवसर प्राप्त होंगे, वहीं मरीजों को अपने घरों के नजदीक बेहतर और विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध करवाने में सहायता मिलेगी।

नड्डा ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि वह इन सभी 320 सीटों के समयबद्ध सृजन के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं अन्य प्रक्रियाएं बिना किसी देरी के पूरी करे, ताकि केंद्र सरकार की इस स्वीकृति का लाभ जल्द से जल्द प्रदेश के युवाओं और आम जनता तक पहुंच सके।

उन्होंने केंद्र पोषित अन्य विकास परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर भी ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि प्रदेश में केंद्र सरकार के सहयोग से बनाए जा रहे  क्रिटिकल केयर ब्लॉकों और जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के निर्माण कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है।

इसी प्रकार चंडीगढ़–बद्दी और भानुपल्ली–बिलासपुर रेल परियोजनाओं में राज्य सरकार की वित्तीय हिस्सेदारी तथा भूमि संबंधी लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए हरसंभव सहयोग देने को प्रतिबद्ध है। केंद्र की प्राथमिकता स्पष्ट है—**हिमाचल का विकास, युवाओं के लिए नए अवसर और प्रदेश के प्रत्येक परिवार का कल्याण।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता से निभा रही है और अब प्रदेश सरकार को भी विकास परियोजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए गंभीरता दिखानी चाहिए।

मण्डी के इन क्षेत्रों में 24 अक्टूबर को बंद रहेगी बिजली..

मण्डी:  विद्युत उपमंडल मण्डी-2 के सहायक अभियन्ता ई. सुनील शर्मा ने आज यहां बताया कि आवश्यक मरम्मत कार्य के चलते 24 अक्टूबर, 2026 को शहर एवं आस-पास के कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।

उन्होंने बताया कि दिनांक 24 अक्टूबर, 2026 को 33/11 केवी सब–स्टेशन सौलीखड्ड में दिवाली पर्व के चलते आवश्यक रख-रखाव तथा मरम्मत किया जाना प्रस्तावित है। इस कारण उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न क्षेत्रों गुटकर, रानीबाईं, बहना, रोपा ब्राधीवीर, मलोरी, कैहनवाल, टिल्ली, मन्याना, दुदर, चछोल, सब्जी मंडी, चढ़यारा, सौलीखड्ड, औद्योगिक क्षेत्र फेज-1, 2 एवं 3, नेला, लांगनी, शिल्लाकीपड़, बिन्द्रावनी, ईसीएचएस, भारत पेट्रोल पंप, आर.टी.ओ. कार्यालय, रिवर डेल कॉलोनी, कवारी, पड्डल, एच.आर.टी.सी. बस स्टैंड, मझवाड़, सायरी, कोर्टमोर्स, चाम्बी, लझुखर, पुखर, शरणधार, मब, चंदेह, किप्पड, बड़ोग, निहालग, बंगाली बस्ती, भीमाकाली मंदिर, भ्यूली, कांगनीधार, मोतीपुर, संस्कृति सदन, लोअर एवं अपर पड्डल, जल शक्ति विभाग पंप हाउस पड्डल, गुरुद्वारा मोहल्ला, बस स्टैंड, पुलिस लाइन, डिग्री कॉलेज, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, लोअर एवं अपर भ्यूली, पुरानी मंडी पोस्ट ऑफिस, फॉरेस्ट ऑफिस, आई.जी. ऑफिस, जागृति हॉस्पिटल, पुरानी मंडी के आस-पास के क्षेत्रों में सुबह 10:00 बजे से सायं 5.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।

उन्होंने संबंधित उपभोक्ताओं एवं जनता से सहयोग की अपील की है।

13th MTB Shimla Riders -130km challenge with 8lakh prize from 23rd -25th oct

Riders from 20 cities take on forest trails, fierce climbs and technical descents from 23–25 October
SHIMLA: About 130 kilometres of Himalayan terrain, 3,800 metres of climbing  and a prize purse of Rs 8 lakh await riders at the 13th edition of MTB Shimla, powered by HARTEX. Organised by HASTPA from 23–25 October, the race brings together cyclists from 20 cities, including nine
national podium holders, for a demanding test of endurance, technical skill and race strategy. Returning to its Cross Country Marathon (XCM) roots, this year’s edition comprises a prologue and two timed stages. Around 90 per cent of the course is off-road, combining narrow singletrack, forest paths and jeep roads with rock gardens and stream crossings. Long climbs will test stamina; technical descents will demand control and concentration. Gravel bikes are permitted for the first time. Stage 1, The Flight of the Pheasant, on 24 October covers 55 km with 1,780 metres of climbing. Starting at Kufri Wildlife Sanctuary, the route passes through Patgyaar, Talo ka Naal, Mundaghat, Tharol, Galu and Fagu before finishing at Dak Bangla. Its combination of forest terrain and sustained elevation gain promises a hard opening day of competitive racing.
Stage 2, The Cedar Wreath, on 25 October covers 48 km with 1,280 metres of climbing. From Kufri Wildlife Sanctuary, riders head through Charabra, Mashobra, Purani Koti, Kanda, Dak Bangla, Fagu and Bekalthi before finishing at Mashobra. Across both stages, the route showcases the countryside beyond Shimla’s familiar tourist landmarks, placing its forests, villages and mountain trails at the heart of the
experience. The Rs 8 lakh prize purse will be awarded across six categories. The field spans generations: Shimla’s 11- year-old Kaarik Sharma is the youngest participant, while 68-year-old Maheshwar Dutt is the oldest. Shimla fields 18 riders and Bengaluru six, with competitors also arriving from Jaipur, Delhi, Leh and Guwahati.
Local talent and visiting contenders will race on the same demanding terrain, giving emerging riders valuable exposure to accomplished competitors. Road safety is a central message alongside the competition. HASTPA and Royal Enfield Social Mission have joined hands as Partners for Safe Riding, drawing on the Helmets for India initiative. Mehar Panwar, ASP Shimla, Himachal Pradesh Police, specially joined the press conference to deliver her strong message on road safety and helmet use. She lauded the organisers for making responsible riding an integral part of the event alongside its sporting and fitness message. Addressing the press conference, Ms Mehar Panwar, ASP Shimla, said: “Wear a helmet correctly on every ride, follow traffic rules and respect every road user. I commend HASTPA and the organisers for promoting road safety alongside sport and fitness. Such efforts can help build
responsible habits, particularly among young riders. Every ride should end with a safe return home.”

हिमाचल की पहली मोनो रेल परियोजना शुरू; अब आसान होगी फसलों व फलों की ढुलाई

मण्डी: राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जनशिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज प्रदेश की पहली एचपी शिवा मोनोरेल परियोजना का उद्घाटन किया।
मंडी जिला के एचपी शिवा क्लस्टर पलहोता-2 में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से एक किलोमीटर लम्बाई की इस मोनोरेल परियोजना का निर्माण किया गया है। यह क्लस्टर 28.44 हेक्टेयर क्षेत्र में है और 85 किसान परिवार इससे जुड़े हुए हैं।
बागवानी मंत्री ने कहा कि मोनोरेल परियोजना क्षेत्र के किसानों-बागवानों के लिए महत्वपूर्ण व लाभकारी साबित होगी। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से दुर्गम एवं ढलानदार क्षेत्रों में उत्पादित फल एवं अन्य कृषि उपज को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना अधिक सुगम और सुविधाजनक होगा। इससे किसानों एवं बागवानों के समय और श्रम की बचत होगी तथा परिवहन की दिक्कतों को कम करने में मदद मिलेगी।
बागवानी मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बागवानी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि मोनोरेल जैसी आधुनिक सुविधाएं हिमाचल प्रदेश में बागवानी के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने कहा कि एशियाई विकास बैंक द्वारा वित्तपोषित 1,292 करोड़ रुपये की एचपी शिवा परियोजना प्रदेश के सात जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन, सिरमौर और ऊना में क्रियान्वित की जा रही है। परियोजना का मुख्य उद्देेश्य किसान परिवारों की आय में वृद्धि करना है। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी निर्णय लेते हुए एचपी शिवा परियोजना की अवधि को दो वर्ष बढ़ाकर जून, 2028 से जून 2030 कर दिया गया है।
बागवानी मंत्री ने कहा कि एचपी शिवा के प्रथम चरण के तहत 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सभी गतिविधियों को पूरा करने तथा सभी क्लस्टरों का किसानों को हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए 28 फरवरी, 2027 की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की गई है।
इस अवसर पर निदेशक बागवानी सतीश शर्मा, अतिरिक्त निदेशक विद्या प्रकाश बैंस, उप-निदेशक जिला मंडी संजय गुप्ता, एचपी शिवा परियोजना निदेशक समीर सिंह राणा, एचपी शिवा विषय विशेषज्ञ उद्यान मनोज शर्मा और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

नन्हे सितारों की शानदार प्रस्तुतियों से गूंजा दयानन्द पब्लिक स्कूल, शिमला; नन्हे कदमों में छिपी बड़ी प्रतिभा ने मोह लिया सबका मन

बाल वाटिका का वार्षिकोत्सव (जूनियर विंग) बना यादगार, नृत्य, नाटक, योग और पहाड़ी संस्कृति की रंगारंग छटा ने मोहा मन

शिमला: दयानन्द पब्लिक स्कूल, द मॉल, शिमला में बाल वाटिका का वार्षिकोत्सव समारोह बड़े हर्षोल्लास. उत्साह और उमंग के साथ आयोजित किया गया। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों अद्भुत आत्मविश्वास और बहुरंगी सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को यादगार बना दिया। मंच पर बच्चों की प्रतिभा, कला और अभिव्यक्ति का ऐसा शानदार संगम देखने को मिला कि दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाते नजर आए। समारोह का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या एवं मुख्य अतिथि  अनुपम द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया। इसके पश्चात डीएवी गान प्रस्तुत किया गया।

विद्यालय की उपलब्धियों का गौरवपूर्ण प्रस्तुतीकरण: प्रधानाचार्या अनुपम ने विद्यालय की वार्षिक उपलब्धियों को प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक उत्कृष्टता. खेलकूद, विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा अन्य सहगामी गतिविधियों में विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक, रचनात्मक और खेल गतिविधियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

सरस्वती वंदना से मंगलमय हुआ वार्षिकोत्सव का आगाज़: कार्यक्रम की प्रथम प्रस्तुति में मिशिता. रियांशी समायरा एवं उनके सहयोगियों ने मधुर सरस्वती वंदना से वातावरण को भक्तिमय बना दिया और कार्यक्रम का शानदार आगाज किया।

नृत्य नाटक और योग की शानदार प्रस्तुतियों ने बांधा समां: सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृ खल्में पूर्वित, युवान, तन्मय, राघव, वैष्णवी, ख्याति, तेजस्वी, अनन्या व उनके साथियों ने ऊर्जावान अंग्रेजी नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद विहान, आदित्य चौहान हयान, मान्यता. नूतन, वर्निका एवं उनकी टीम ने प्रभावशाली हिन्दी नाटक के माध्यम से अपनी अभिनय प्रतिभा का परिचय दिया। संदीप. अनिरुद्ध ठाकुर, मृत्यु जमऔर ओजस चौहान की टीम ने उत्कृष्ट योग प्रदर्शन से शारीरिक संतुलन, एकाग्रता और अनुशासन का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया। नन्हे विद्यार्थियों की योग मुद्राओं और तालमेल ने उपस्थित जनसमूह को विशेष रूप से प्रभावित किया।

पहाड़ी नाटी से लेकर पंजाबी भांगड़े तक छाई सांस्कृतिक धूम: समारोह में हिमाचली लोक संस्कृति की मनमोहक झलक तब देखने को मिली, जब जत्सय, जीवांश उदित. वैभवी, सर्विका. दिव्यांशी कुशप्रिया की टोली ने पहाड़ी गीतों की मधुर धुनों पर आकर्षक पहाड़ी नाटी प्रस्तुत की। पारंपरिक लोक संस्कृति से सजी इस प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया और हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया।

इसके पश्चात आशिमा ओजस्वी, रियांशिका धुवांश महदुधिया और कबीर ने पंजाबी धुनों पर जोशपूर्ण भांगड़ा प्रस्तुत कर समारोह में उत्साह और उमंग का नया रंग भर दिया। उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों के साथ खूब सराहना की।

हिन्दी और अंग्रेजी कविताओं की सुंदर प्रस्तुति; बच्चों के आत्मविश्वास और मनमोहक अंदाज ने दर्शकों को किया प्रभावित : कार्यक्रम की अगली कड़ी में सारांश अयांश, अनंधन, शनाया और आव्या ने हिन्दी कविताओं की सुंदर प्रस्तुति दी, जबकि कविश, रुद्र. अव्युक्त सात्विक माहिका दिविशा व उनके समूह ने अंग्रेजी कविताओं के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति और भाषायी प्रतिभा का परिचय दिया। बच्चों की स्पष्ट वाणी, आत्मविश्वास और मनमोहक अंदाज ने दर्शकों को प्रभावित किया। साथ ही अभियुदय आदया, हनविका, रिधवन व उनकी टीम ने अंग्रेजी नाटक द्वारा अपने अभिनय की छटा बिखेरी।

नन्ही प्रतिभाओं ने बिखेरे हुनर के रंग: पूरे समारोह के दौरान विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में उनकी मेहनत शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग की झलक दिखाई दी। दर्शकों ने नन्हे कलाकारों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। रंगारंग प्रस्तुतियों से सजा यह आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सर्वांगीण विकास का सु छात्सव बनकर सामने आया।

प्रधानाचार्या ने बढ़ाया नन्हे सितारों का उत्साह: समारोह के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या  अनुपम ने विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनके आत्मविश्वास, रचनात्मकता और प्रतिभा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने. आत्मविश्वास विकसित करने और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग को महत्त्वपूर्ण बताते हुए सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ गरिमापूर्ण ढंग से किया गया। दयानन्द पब्लिक स्कूल, द मॉल, शिमला का यह वार्षिकोत्सव नन्हे सितारों की प्रतिभा, भारतीय संस्कृति की विविधता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता का सु काप्तीक बना।

मुख्यमंत्री सुक्खू के झूठ से जनता के साथ कांग्रेस नेता और मंत्री भी परेशान – जयराम ठाकुर

ठियोग/शिमला: ​पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने ठियोग विधानसभा क्षेत्र में आयोजित नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह एवं कार्यकर्ता सम्मेलन में शिरकत कर सभी जनप्रतिनिधियों को बधाई दी और उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जमकर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू को पहले से ही कांग्रेस की संभावित हार का पूरा अंदेशा था, यही वजह थी कि आपदा का बहाना बनाकर ‘डिजास्टर एक्ट’ लागू किया गया और पंचायत चुनावों को टालने के लिए तमाम षड्यंत्र रचे गए, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और वहां पुरजोर लड़ाई लड़ी, जहाँ हमने साफ तौर पर कहा कि जब कोविड जैसी भीषण महामारी के दौरान देश में चुनाव आयोजित किए जा सकते हैं, तो फिर अब पंचायत चुनाव करवाने से परहेज क्यों किया जा रहा है, जिसके बाद अंततः सर्वोच्च अदालत ने हमारी बात सुनी और तुरंत चुनाव करवाने के आदेश जारी किए।
उन्होंने दावा किया कि हालिया पंचायत चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस सरकार को प्रदेश की जनता का मिजाज और स्पष्ट रुख दिखा दिया है और अब आने वाले विधानसभा चुनाव में भी हिमाचल प्रदेश की जनता कांग्रेस का पूरी तरह सूपड़ा साफ करके राज्य में भाजपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनाएगी। 
ठियोग के स्थानीय मुद्दों को रेखांकित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उनकी सरकार के कार्यकाल के दौरान ठियोग में जनहित के लिए जो भी संस्थान खोले गए थे, वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही उन सभी संस्थानों को राजनीतिक द्वेष के चलते ताला लगा दिया और बंद कर दिया, जबकि सच यह है कि मुख्यमंत्री लगातार सदन के अंदर और बाहर जनता से झूठ बोलते आ रहे हैं और गारंटियों के नाम पर छलावा कर रहे हैं, क्योंकि 24 लाख माताओं और बहनों को हर महीने 1500-1500 रुपये देने का वादा करके उन्हें ठगा गया, वहीं युवाओं को 5 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा करने के बावजूद नौकरियां देने के बजाय केवल अपने खास मित्रों को कैबिनेट रैंक बांटने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के लगातार झूठ बोलने के कारण न केवल राज्य की जनता परेशान है बल्कि कांग्रेस नेता और मंत्रीगण भी हैरान हैं। सुबह से लेकर शाम तक उनकी कही बात बदल जाती है। इसलिए उनकी कही बात को कोई गंभीरता से नहीं लेता है। अब चुनाव नजदीक आ गए हैं तो अपनी असफलता छिपाने के लिये जिले बनाने का शगूफा जनता को भ्रमित करने के लिए छोड़ दिया है लेकिन जनता और भाजपा उनके इस पैंतरे को समझ चुकी है। विधानसभा क्षेत्रों को जोड़तोड़ कर जिले बनाने का प्रयास किया तो भाजपा सरकार बनते ही इसको भी रिव्यू किया जाएगा।
उन्होंने पंचायती राज प्रतिनिधियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जिला परिषद सदस्य तारा और नेहा जी चट्टान की तरह भाजपा के साथ मजबूती से खड़ी रहीं जबकि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पूरी ताकत ये चुनाव जीतने के लिए लगाई लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर तंज कसते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायत चुनाव में हुई करारी हार के बाद मुख्यमंत्री को कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली तलब किया था, क्योंकि वह प्रदेश के इतिहास में ऐसे पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं जिनके कार्यकाल में पार्टी को इतनी शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है, इसलिए अब मुख्यमंत्री जी को बैलेट पेपर और ईवीएम पर बेवजह सवाल उठाना बंद कर देना चाहिए। मंत्री उनके कामकाज के तौर तरीकों को पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव हारने का कारण हाईकमान को बता रहे हैं और मुख्यमंत्री अपनी हार का ठीकरा मंत्रियों पर मढ़ रहे हैं। ये भी सच्चाई है कि कुछ मंत्री मुख्यमंत्री को ही बदलने के लिए हाईकमान के पास दबाव बनाए हुए हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को समझ जाना चाहिए ही कांग्रेस पार्टी में आपके नेतृत्व को लेकर ही अविश्वास का वातावरण है।
प्रदेश की गिरती आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने आंकड़े साझा किए कि वर्ष 2022 तक हिमाचल प्रदेश पर 69,000 करोड़ रुपये का ऋण था, जो वर्तमान सरकार के महज कुछ समय के कार्यकाल में ही बढ़कर 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है, जिससे यह सवाल उठना लाजमी है कि जब प्रदेश में विकास के तमाम काम ठप पड़े हैं तो आखिर इतना भारी-भरकम लोन किसलिए लिया जा रहा है, और सच तो यह है कि मुख्यमंत्री की यह सोच बेहद विचित्र बन चुकी है कि जब दोबारा सत्ता में आना ही नहीं है तो काम करने की क्या जरूरत है, जिससे प्रदेश विकास के मामले में 40 साल पीछे चला गया है।
इसके विपरीत केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन लगातार 12 वर्षों के ऐतिहासिक कार्यकाल में राम मंदिर निर्माण, जम्मू कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करने, तीन तलाक खत्म करने जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं और भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर 11वें स्थान से छलांग लगाकर चौथे स्थान पर पहुँच चुकी है, जो मजबूत नेतृत्व का ही प्रमाण है। हमने एक दौर ऐसा भी देखा है जब दस वर्षों तक कांग्रेस पार्टी ने एक अर्थशास्त्री को प्रधानमंत्री तो बनाया लेकिन वो 11वें से दसवें स्थान तक भी देश की अर्थव्यवस्था को नहीं ला पाए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस उनकी कितनी बार री-लॉन्चिंग करेगी जबकि जनता उन्हें बार-बार नकार रही है, और राहुल गांधी को यह भ्रम छोड़ देना चाहिए कि वह सत्ता परिवर्तन के लिए भारत को बांग्लादेश जैसा समझने या बनाने की कोशिश करेंगे, क्योंकि देश में नरेंद्र मोदी का मजबूत नेतृत्व मौजूद है जो किसी भी देशविरोधी सोच को सीधा करना जानता है। अंत में उन्होंने ठियोग वासियों का आह्वान करते हुए कहा कि असली बधाई और उत्सव तब होगा जब ठियोग का विधायक भाजपा का बनकर विधानसभा पहुँचेगा, क्योंकि जनता आज भी भाजपा सरकार के दौरान चलाई गई हिमकेयर, सहारा, गृहिणी सुविधा और मुख्यमंत्री स्वावलंबन जैसी ऐतिहासिक योजनाओं को याद कर रही है।
इस भव्य कार्यक्रम के दौरान भाजपा के लोकसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद सुरेश कश्यप सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता व भारी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हिमाचल: CM सुक्खू के स्वागत की तैयारियों में जुटे युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष की करंट लगने से मौत

चंबा: युवा कांग्रेस के हिमाचल प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रमणि कुलेठी की चंबा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की यात्रा के लिए व्यवस्था करते समय बिजली का झटका लगने से मृत्यु हो गई। यह हादसा बुधवार, 21 अक्टूबर की रात को हुआ।  मुख्यमंत्री सुक्खू की जनजातीय भरमौर क्षेत्र की होली घाटी की प्रस्तावित यात्रा की तैयारियों के दौरान घटी इस घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कुलेठी के असमय निधन पर शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री 22 और 23 अक्टूबर को दो दिनों के लिए चंबा का दौरा करने वाले थे। उनके स्वागत की तैयारियां चल रही थीं और कुलेथी व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से शामिल थे। युवा कांग्रेस के राज्य उपाध्यक्ष इस दौरे को लेकर बेहद उत्साहित थे और अपनी टीम के साथ देर रात तक पोस्टर, बैनर और झंडे लगाने का काम करते रहे। उसी दौरान वे बिजली के तार के संपर्क में आ गए और उन्हें बिजली का झटका लगा। बेहोश होने पर उन्हें तुरंत होली अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचते ही मृत घोषित कर दिया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुरजीत भारमौरी ने कुलेठी की मौत की पुष्टि की।

मुख्यमंत्री ने राज्य युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष चंद्रमणि कुलेठी के निधन पर शोक व्यक्त किया

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने चंबा जिला के होली में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में राज्य युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष चंद्रमणि कुलेठी के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में कांग्रेस पार्टी प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत करने में चंद्रमणि कुलेठी के योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने परमपिता परमात्मा से दिवंगत की आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

शिमला: UGC कानून के विरोध में सचिवालय के बाहर प्रदर्शन…

शिमला: राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी की सवर्ण पदयात्रा गुरुवार को मनाली से शिमला पहुंची थी। पार्टी के अनुसार पदयात्रा ने करीब 600 किलोमीटर का सफर तय किया। प्रदर्शनकारी सचिवालय के बाहर जुटे और यूजीसी के नियम वापस लेने तथा सामान्य वर्ग के लिए आयोग गठित करने की मांग उठाई। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी की न्याय यात्रा 2 अक्तूबर को मनाली से शुरू हुई थी। विभिन्न जिलों से होते हुए यह यात्रा वीरवार को शिमला पहुंची। प्रदेशभर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं ने आईएसबीटी से सचिवालय तक यात्रा निकाली। दोपहर करीब एक बजे यात्रा सचिवालय के बाहर पहुंची। यहां प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने तथा प्रदेश में सामान्य वर्ग आयोग के गठन की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की।

राजधानी शिमला में गुरुवार को राज्य सचिवालय के बाहर राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी की स्वर्ण पदयात्रा के दौरान हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। स्थिति को देखते हुए सचिवालय के गेट बंद कर दिए गए। प्रदर्शन के कारण शिमला से संजौली जाने वाली सड़क पर छोटा शिमला के रास्ते वाहनों की आवाजाही बंद रही और दिनभर सड़क पर गाड़ियों की लंबी लाइन लगी रहीं। प्रदर्शन के दौरान तनाव बढ़ने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर और करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने प्रदर्शन के दौरान यूजीसी के नियम वापस लेने और सामान्य वर्ग के लिए आयोग गठित करने की मांग उठाई।