स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलें सेवा विस्तार: रोहित ठाकुर

प्रदेश के बागवानों को राम भरोसे छोड़कर भाजपा सरकार का सारा ध्यान उप-चुनाव पर केंद्रित : रोहित ठाकुर

सेब के दामों में भारी गिरावट के चलते बाग़वान चिंतित, वहीं सरकार के वरिष्ठ मंत्री हास्यास्पद ब्यान देकर बाग़वानों के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने का कर रहे काम

मुख्यमंत्री  सेब उद्योग को प्राथमिकता देते हुए ईरान, मध्य एशिया देशों सहित अन्य देशों से सेब आयात पर रोक लगाने का मामला केंद्र  से उठाएं

सेब भंडारण की उपयोगिता को समझते प्रदेश सरकार सेब बहुलीय क्षेत्रों में सरकारी नियंत्रण के सीए स्टोर बनाने की करे पहल 

भाजपा सरकार का बाग़वानों की ज्वलन्त समस्याओं के प्रति अगर रहा यही उदासीन रवैया तो कांग्रेस जनता के सहयोग से करेगी आंदोलन 

शिमला: प्रदेश के बागवानों को राम भरोसे छोड़कर भाजपा सरकार का सारा ध्यान उप-चुनाव पर केंद्रित हैं। यह बात पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व जुब्बल-नावर-कोटखाई के पूर्व विधायक रोहित ठाकुर ने ठियोग में मीडिया को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार के कृषि- बाग़वानी क्षेत्र के प्रति उदासीन रवैये से किसानों-बागवानों को मात्र निराशा ही हाथ लगी हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सेब के दामों में भारी गिरावट के चलते बाग़वान चिंतित हैं वहीं आएं दिन सरकार के वरिष्ठ मंत्री हास्यास्पद ब्यान देकर बाग़वानों के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों-बागवानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी करने की बात कहीं थी लेक़िन भाजपा सरकार की किसान-बाग़वान विरोधी नीतियों के चलते वर्तमान में लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा हैं जिससे लगता हैं कि किसानों-बाग़वानों की आय में दोगुनी कटौती होनी निश्चित हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि इस वर्ष भारी ओलावृष्टि और बेमौसमी बर्फ़बारी से सेब की फ़सल को भारी नुक़सान पहुँचा हैं।  उन्होंने कहा कि सरकारी आंकलन के अनुसार बागवानों को 284 रूपये करोड़ का नुक़सान हुआ हैं जबकि प्रदेश की भाजपा सरकार नुक़सान की  भरपाई करने में नाकाम रहीं हैं। सेब की फ़सल पर मौसम की मार और अब एकाएक दामों में भारी गिरावट से बाग़वानों को सेब का लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा हैं। उन्होंने कहा कि गत्त दो वर्षो से बागवानों की MIS के तहत लगभग 15  करोड़ रुपए की राशि लंबित पड़ी हैं जिसे बार-2 आग्रह पर भी ज़ारी नही किया जा रहा। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालातों को देखते हुए सरकार को MIS के तहत सेब के समर्थन मूल्य 9.50 रुपये को बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।

रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार MIS के तहत सेब खरीद कर निश्चित समय अवधि में नक़द भुगतान करें ताकि बागवान अपने आगामी खर्चो का वहन कर सकें। रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार MIS के तहत बागवानों से 9.50 रुपए में सेब ख़रीद रही हैं जबकि परमाणू विक्रय केंद्र में इसे मात्र 1 रुपए की दर से बेचा जा रहा हैं जिससे मंडियों में सेब के दाम लगातर गिरते जा रहें हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि यदि इसी तरह MIS के सेब का विक्रय होता रहा तो बाज़ार में सेब के दाम बढ़ने की सभी संभावनाएं ख़त्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले कि जम्मू-कश्मीर का सेब मंडियों में दस्तक दें सरकार एमआईएम के तहत ख़रीदे जाने वाले सेब को नष्ट करने बारें आवश्यक क़दम उठाएं। भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2014 व 2019 के लोकसभा चुनाव में सेब को विशेष उत्पाद श्रेणी का दर्ज़ा दिलाने व सेब पर आयात शुल्क तीन गुना बढ़ाने की बात की थी। सेब को विशेष उत्पाद की श्रेणी में शामिल करना तो दूर की बात हैं इसके विपरीत सेब पर जो आयात शुल्क 50% प्रतिशत हुआ करता था मोदी सरकार ने उसे घटाकर 15% प्रतिशत कर दिया हैं जिसके चलते अब विदेशों से सस्ते दामों में सेब आयात होगा और प्रदेश के बागवानों को भारी आर्थिक नुक़सान उठाना पड़ेगा। 

न्होंने कहा कि सितम्बर माह में ईरान से सेब आयात होना हैं। रोहित ठाकुर ने प्रदेश के सेब उद्योग को बचाने के लिए ईरान सहित अन्य देशों से सेब के आयात पर तुरन्त रोक लगाने की मांग की हैं। उन्होंने कहा हैं कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सेब उद्योग को प्राथमिकता देते हुए ईरान, मध्य एशिया देशों सहित अन्य देशों से सेब आयात पर रोक लगाने का मामला केंद्र सरकार से उठाएं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सेब की उत्पादन लागत बढ़ती जा रही हैं।  फफूंदनाशक-कीटनाशक दवाइयां महंगी , सेब पैकिंग सामग्री के मूल्यों में 25-30% की वृद्वि, पेट्रोल-डीज़ल के दामों में बढ़ोतरी के चलते भाड़े में भी अतिरिक्त वृद्वि हुई हैं। उन्होंने कहा कि सेब की उत्पादन लागत में कई गुणा वृद्वि हुई हैं इसके बावजूद भी बाग़वानों से निजी सेब कंपनियां इस वर्ष 10 साल पुराने दाम पर सेब ख़रीद रहीं हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि निजी सेब कम्पनियों और मंडियों में बाग़वानों के शोषण को रोकनें के लिए सरकार प्रभावी क़दम उठाएं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सेब उद्योग पर आएं संकट से उभरने के लिए जम्मू-कश्मीर की तर्ज़ पर हिमाचल में नेफेड़ के माध्यम से सेब विपणन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नेफेड़ के माध्यम से सेब विपणन का मामला केंद्र से उठाएं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सेब भंडारण की उपयोगिता को समझते प्रदेश सरकार सेब बहुलीय क्षेत्रों में सरकारी नियंत्रण के सीए स्टोर बनाने की पहल करें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल में हर क्षेत्र में जिला शिमला की घोर उपेक्षा हुई हैं। रोहित ठाकुर ने अंत में कहा कि भाजपा सरकार का बाग़वानों की ज्वलन्त समस्याओं के प्रति यही उदासीन रवैया रहा तो कांग्रेस पार्टी जनता के सहयोग से शीघ्र आंदोलन करेंगी।

सम्बंधित समाचार

अपने सुझाव दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

79  +    =  80