सोका गाक्काई ने किया वेबिनार आयोजित, नए युग का निर्माण करने वाली महिलाओं की प्रेरक कथाओं पर रहा केन्द्रित

नई दिल्ली: भारत सोका गाक्काई का ने वेबिनार का आयोजन किया, जोकि 2030 की ओर अग्रसर एक नए युग का निर्माण करने वाली महिलाओं की प्रेरक कथाओं पर केन्द्रित रहा।  2030 की ओर अग्रसर एक नए युग का निर्माण करने वाली महिलाओं की प्रेरक कथाओं द्वारा इस वेबिनार में शांति के युग का आरम्भ करने में महिलाओं की भूमिका को सशक्त करने के लिए विशेष बल दिया गया। भारत में सोका गाक्काई इंटरनेशनल की सहयोगी संस्था भारत सोका गाक्काई द्वारा आयोजित इस वेबिनार ने उस मूल्य और ज्ञान की ओर ध्यान आकर्षित किया जो महिलाएं भविष्य के नेताओं के रूप में हमारे समाज को दे सकती हैं।

इस वेबिनार में समाज के अधिकांश वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाली महिला वक्ताओं ने हिस्सा लिया। सर्वप्रथम सुश्री विनीता बाली, स्वतंत्र निदेशक, रणनीति सलाहकार और ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज की पूर्व सीईओ और एमडी, सुश्री मिरियन विलेला, कार्यकारी निदेशक, अर्थ चार्टर इंटरनेशनल; सुश्री सफी नाहुसैन, संस्थापक और कार्यकारी निदेशक, एजुकेटगर्ल्स, और फिल्मफेयर पुरस्कार विजेता फिल्म अभिनेत्री सुश्री तिलोत्तमाशोम ने अपने अनुभवों द्वारा महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला।

उनके साक्ष्यों से एक मौलिक सत्य स्पष्टत: उभर कर सामने आया कि विश्व में शांति और समृद्धित भी सम्भव है, जब समाज में लैंगिग समानता हो। सोका गाक्काई का मानना है कि शांति संस्कृति के निर्माण और पोषण में महिलाओं की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। यह वेबिनार इस सोच पर आधारित था। एसजीआई के अध्यक्ष दाईसाकु इकेदा जिन्होंने वास्तविक न्याय संगत समाज के निर्माण के लिए अथक प्रयास किया है, उनका कहना है कि इक्कीसवीं शताब्दी महिलाओं की शताब्दी होगी।

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, कोकाकोला और कैडबरी जैसी कई कंपनियों में वरिष्ठ कार्यकारी पदों पर काम कर चुकीं विनीता बाली ने कहा कि सभी एक निष्पक्ष और न्याय संगत दुनिया में रह सकें, इसके लिए बातचीत द्वारा सहानुभूति, करुणा और समझ को बढ़ावा देने के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता।

सफीना हुसैन ने कहा कि 70 साल की सेवा पूरी करना सोका गाक्काई के महिला प्रकोष्ठ के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। दशकों से बीएसजी ने सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामुदायिक नेतृत्व वाली पहलों के माध्यम से शांति का वातावरण बनाने का प्रयास किया है। लड़कियों की शिक्षा और लैंगिक समानता के हिमायती के रूप में अपनी भूमिका निभाते हुए मुझे खुशी हो रही है। लड़कियों की शिक्षा पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि लड़कियों की शिक्षा सबसे बड़ा निवेश है जो आज एक राष्ट्र कर सकता है और बीएसजी जैसे समान विचार धारा वाले समर्थकों के लगातार समर्थन से, हम 2030 तक एसडीजी 4 की उपलब्धि के लिए और अधिक आकर्षण पैदा करने की आशा कर सकते हैं।

वेबिनार के संदेश ने वक्ताओं और दर्शकों को समान रूप से प्रभावित किया, “शांति के लिए तड़प केवल उन लोगों के लिए नहीं है जो युद्ध के बीच में हैं। यह हमारी साझा जिम्मेदारी है, चाहे हम कोई भी हों। कोविड के बाद की दुनिया में दूसरे की पीड़ा स्वयं की पीड़ा से बड़ी गहराई से जुड़ी हुई है तिलोत्तमा शोम ने कहा  कि बहनत्व बहुत शक्तिशाली पारिस्थिति की तंत्र हैं।

बी.एस.जी. की ओर से भारत सोका गाक्काई के अध्यक्ष विशेष गुप्ता ने वक्ताओं को धन्यवाद देते हुए कहा, “चुनौती और लगातार सीखने की भावना आपके जीवन के संघर्ष को आसन बनाती है। 21वीं सदी को महिलाओंकी सदी होने का उनका सपना आप जैसी महिलाओं के काम में जीवंत हो उठता है।”

राशि आहूजा, निदेशक और बाहिये संबंध प्रमुख ने वेबिनार में वक्ताओं और दर्शकों का स्वागत करते हुए उन्हें एक साथ मिलकर एक ऐसे युग का निर्माण करने का आह्वान किया, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को उसकी मानवता के लिए, जीवन की अनूठी और अपूरणीय अभिव्यक्तियों के रूप में महत्व मिल सके। एक ऐसा युग जिसमें सभी लोग मानव विविधता की पूर्ण समृद्धि का आनंद ले सके।

वेबिनार ने देश भर से और समाज के सभी वर्गो से श्रोताओं को आकर्षित किया।

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