हिमाचल: चंडीगढ़ में 5 हजार करोड़ रुपये के 25 एमओयू पर हस्ताक्षर

हिमाचल: चंडीगढ़ में 5 हजार करोड़ रुपये के 25 एमओयू पर हस्ताक्षर

  • मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को प्रदेश में विद्यमान निवेश संभावनाओं से  करवाया अवगत

रीना ठाकुर/शिमला: हिमाचल सरकार प्रदेश को देश का इंडस्ट्रीयल हबबनाने के लिए वचनबद्ध है जिसके लिए संभावित उद्यमियों को अनेक प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात हिमाचल प्रदेश सरकार और सीआईआई हिमाचल के सहयोग आयोजित की जाने वाली राइजिंग हिमाचल ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के अंतर्गत मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित रोड शो को सम्बोधन करते हुए कही।
रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में विभिन्न औद्योगिक घरानों के साथ पांच हजार करोड़ रुपये के 25 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इस साल नवंबर में आयोजित की जाने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट से पहले राज्य सरकार अभी तक 35,231 करोड़ की निवेश क्षमता के 297 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित कर चुकी है।    
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जर्मनी, नीदरलैंड और यू.ए.ई. में तीन अंतरराष्ट्रीय रोड शो तथा देश में पांच रोड शो आयोजित किए हैं जिनमें व्यापार समुदाय से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इन दौरान राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने बड़े औद्योगिक घरानों, कम्पनियों और राजदूतों से बैठकें की और राज्य के मजबूत पक्षों को वीडियो एवं क्षेत्र विशेष पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया। जर्मनी में प्रदेश को निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्युटिकल और पर्यटन क्षेत्रों के लिए अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। नीदरलैंड के अधिकतर निवेशकों ने मुख्यतः खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एम.एस.एम.ई), अनुसंधान, पर्यटन एवं वैलनेस के क्षेत्रों में निवेश के लिएरूचि दिखाई जबकि दुबई की कम्पनियों ने विनिर्माण, खेल, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास और पर्यटन क्षेत्रों के प्रति अपना रूझान व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रतिनिधिमण्डल ने 50 देशों के राजदूतों से भी दिल्ली में भेंट कर उन्हें इंवेस्टर्स मीट में आने के लिए आमंत्रित किया। चण्डीगढ़ में आयोजित किए गए इस रोड शो का लक्ष्य हरियाणा, पंजाब और हिमाचल के उद्योगपतियों तथा निवेशकों से सम्पर्क स्थापित करना है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि सतत् विकास लक्ष्यों को लागू करने के लिए प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त मिला है। राज्य में वित्त वर्ष 2018 से वित्तीय वर्ष 2019 में प्रति व्यक्ति आय में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई है जबकि राष्ट्रीय वृद्धि दर 6 प्रतिशत है। हिमाचल प्रदेश में उच्च कामगार भागीदारी दर है और श्रमिक समस्याओं के कारण होने वाला नुकसान न्यूनतम है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य में पर्याप्त प्रतिभा और शैक्षणिक वातावरण भी उपलब्ध है। यहां राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रमुख संस्थान मौजूद हैं। राज्य में इंजीनियरिंग, प्रबंधन और चिकित्सा महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय के माध्यम से उच्च शिक्षा प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य व्यापार में सुगमता के अंतर्गत फास्ट मूवर श्रेणी में शीर्ष स्थान पर है। हिमाचल में एकल खिड़की अनुश्रवण एवं स्वीकृति प्राधिकरण दक्ष, पारदर्शी, समयबद्ध और जबावदेह प्रशासन के माध्यम से निवेशकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राज्य पर्यटकों को रोमांच, वन्य जीवन, ईको पर्यटन, धरोहर, आध्यात्मिक, स्मारक, धार्मिक, स्किईंग आदि गतिविधियों का आनन्द प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। हम राज्य में सतत् पर्यटन को प्रदेश का प्रमुख आय का साधन बनाकर प्रदेश को एक आकर्षक वैश्विक पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए वचनबद्ध हैं।
जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सेब, प्लम, आडू, किवी, अखरोट और नाशपाति का बड़ा उत्पादक है और यहां खाद्य प्रसंस्करण एवं संबद्ध उद्योगों को स्थापित करने की व्यापक सम्भावनाएं मौजूद हैं। सरकार प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए उद्योग निवेश नीति के अंतर्गत निवेशकों को भूमि मूल्य, स्टांप डियूटी, पंजीकरण शुल्क, एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, परिवहन अनुदान आदि में छूट दे रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन, आयुष, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलैक्ट्रॉनिक्स तथा जल विद्युत जैसे क्षेत्रों में भी उद्योग मित्र नीतियां लेकर आ रही है। प्रदेश सरकार पहली ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट आयोजित करने जा रही है, जिसके माध्यम से प्रदेश को वैश्विक प्रतिस्पर्द्धात्मक एवं भारतीय राज्यों में अग्रणी बनाने पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में पर्यटन, आयुष, वैलनेस, उत्पाद, फार्मास्यूटिक्लस, रियल एस्टेट, जल विद्युत, कृषि व खाद्य प्रसंस्करण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सिंगला बिल्डर्स एण्ड प्रमोटर्स के निदेशक अमन सिंगला से भेंट की, जिन्होंने रियल एस्टेट तथा रिज़ार्ट क्षेत्र में लगभग 300 करोड़ से लेकर 500 करोड़ रुपये तक के निवेश की इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कपड़ा उद्योग इकाइयों को स्थापित करने में रूचि दिखाने वाले ट्राईडेंट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक गुप्ता के साथ भी बातचीत की।
उन्होंने ज़िला शिमला के सुन्नी क्षेत्र में सीमेंट प्लांट स्थापित करने में रूचि दिखाने वाले डालमिया ग्रुप के कार्यकारी निदेशक हरजीत सिंह से भी बैठक की। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में इस प्लांट को स्थापित करने के लिए 2500 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया।
मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में लगभग 100 करोड़ रुपये का निवेश करने में रूचि दिखाने वाले जय डायमंड प्राईवेट लिमिटेड के अध्यक्ष हुकम चन्द के साथ बातचीत की।
ज़िला सोलन के बद्दी में फार्मा प्लांट स्थापित करने के लिए राज्य सरकार और ऐश्वर्या लाईफ साईंसिज के नीरज कुमार के बीच 100 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 300 करोड़ रुपये के निवेश से 15 मैगावाट के पावर प्लांट को स्थापित करने के लिए सूनोमैटिक पावर प्राईवेट लिमिटेड के दीपक सैनी के साथ भी बातचीत की।
जय राम ठाकुर ने रियल एस्टेट में 200 करोड़ से लेकर 300 करोड़ रुपये का निवेश करने के इच्छुक होम एण्ड लैंड प्लानर के निदेशक अमनदीप सिंह गिल के साथ बातचीत की।
उन्होंने प्रदेश में पांच सितारा होटल स्थापित करने के लिए एएचजी होटलों के मालिक के.सी. ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विकास शर्मा के साथ बातचीत की। ज़िला सोलन के कसौली में 530 करोड़ रुपये के निवेश से पांच सितारा होटल तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया।
मुख्यमंत्री ने सुखजीत स्टार्च एण्ड कैमिकल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा सुषमा बिल्डटैक लिमिटेड के प्रतिनिधि के साथ भी बैठक की।
प्रदेश में सेवा प्रशिक्षण केन्द्रों को स्थापित करने के लिए राज्य सरकार तथा पम्पकाट के प्रतिनिधि के.एस. भाटिया के बीच 200 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया।
ज़िला सोलन में वर्तमान रिजार्ट के विस्तार के लिए मैसर्ज फोरेस्ट हिल रिजार्ट के साथ 20 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया।
ज़िला सोलन में फार्म टू फोर्क मॉडल स्थापित करने के लिए एचआरडी एग्रो लिमिटेड के साथ 25 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। स्टार्च निर्माण के लिए मैसर्ज न्यूज़न स्टार्च के साथ 47.72 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। सिरमौर के पांवटा साहिब में कोटिंग रैडी मिक्स इकाई स्थापित करने के लिए फार्मा फोरस लैब यूनिट के साथ 6.33 करोड़ रुपये तथा वाटर पार्क स्थापित करने के लिए रॉक एन रॉल थीम पार्क के साथ 16.53 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए। कालाअम्ब में ग्लास टयूब प्लांट स्थापित करने के लिए स्कोट कैशा के साथ 15 करोड़ रुपये जबकि राजश्री फैबरिक के साथ नॉन इवन फैबरिक प्लांट स्थापित करने के लिए 11.78 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
उद्योग बिक्रम सिंह ने कहा कि प्रदेश में निवेशकों की सुविधा के लिए निवेश प्रोत्साहन और सुविधा केन्द्र स्थापित किया गया है ताकि उन्हें मौके पर ही हर प्रकार की सुविधा प्रदान की जा सके।

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