


पालमपुर: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए तथा किसानों को सीधा लाभ पहुँचाने के लिए प्राकृतिक खेती की विधि से उगाये गए मक्की, धान व हल्दी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। यह जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक जिला काँगड़ा डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि इसी कड़ी में प्राकृतिक खेती के उत्पाद उपभोक्ताओं को भी सस्ती दरों से मिलें इसलिए इनकी बिक्री कृषि विभाग के माध्यम से की जा रही है
डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि गेहूं का आटा व दलिया कृषि विभाग के कार्यालयों में पहले से ही उपलब्ध करवा दिया गया था और अब मक्की का आटा भी कृषि विभाग के विकास खंड स्तर के कार्यालयों में उपलब्ध हो गया है अब कोई व्यक्ति किसी भी मात्रा में यह मक्की का आटा या दलिया खरीद सकते हैं I उन्होंने कहा कि गेहूं का आटा 5 किलो और दलिया आधा किलो की पैकिंग में, जबकि मक्की का आटा 1 किलो की पैकिंग में उपलव्ध है
उन्होंने बताया कि अब मक्की का आटा छोटी पैकिंग में उपलब्ध है इसलिए छोटे उपभोक्ताओं को भी यह आटा खरीदने की सुविधा रहेगी I प्राकृतिक खेती के मक्की के आटे का कुल मूल्य 60 रूपये प्रति किलो है लेकिन सभी उपभोक्ताओं के लिए यह आटा अनुदान पर 55 रूपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध रहेगा I यदि किसी उपभोक्ता को मक्की के आटे की अधिक मात्रा में आवश्यकता हो तो उप कृषि निदेशक के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं I

कांगड़ा- चंबा के इच्छुक उम्मीद्वार 13 फरवरी से 1 अप्रैल 2026 तक करें पंजीकरण
पालमपुर : सेना भर्ती कार्यालय पालमपुर (हि. प्र.) द्वारा जानकारी प्रदान की गई है कि भर्ती वर्ष 2027 की अधिसूचना (नोटिफिकेशन) को वेबसाइट पर जारी किया जा चुका है। कांगड़ा चंबा के इच्छुक युवा www.joinindianarmy.nic.in वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके तहत अग्निवीर सामान्य ड्युटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क/एसकेटी, अग्निवीर ट्रेड मेन (दसवीं पास) और अग्निवीर ट्रेड मेन (आठवीं पास), अग्निवीर वूमन एमपी शामिल हैं।
युवा अपना ऑनलाइन पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) भारतीय सेना के आधिकारिक वेबसाईट पर 13 फरवरी 2026 से 01 अप्रेल 2026 तक करा सकते हैं। युवाओं को यदि ऑनलाइन पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) से सम्बंधित किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो निजी तौर पर सेना भर्ती कार्यालय, पालमपुर ई-मेल आईडी aropalampur@gmail.com से सम्पर्क कर सकते हैं। उम्मीदवारों को यह भी सूचित किया जाता है कि पंजीकरण हेतू ई-मेल आईडी और आधार कार्ड मोबाईल नम्बर से लिंक होना अनिवार्य है।

देहरा:वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी देहरा डॉ राजेश भाटिया ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार की पशु मित्र नीति-2025 के अंतर्गत मल्टी टास्क वर्कर (पशु मित्र) के पदों पर चयन प्रक्रिया प्रगति पर है। इसी कड़ी में उप मंडल देहरा, जिला कांगड़ा में पात्र अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। यह शारीरिक परीक्षण 24 फरवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल)प्रागपुर, में आयोजित किया जाएगा।
यह शारीरिक परीक्षण पशु मित्रों के चयन हेतु पशु चिकित्सा अस्पताल ढलियारा, पशु चिकित्सा अस्पताल धवाला, पशु चिकित्सा अस्पताल सकरी, पशु औषधालय ठाकुरद्वारा, पशु औषधालय भटोली फकोरिया, पशु औषधालय मूहल, पशु औषधालय बुच्छू गुलेर, उप मंडलीय पशु चिकित्सा अस्पताल गरली, पशु चिकित्सा अस्पताल शांतला, पशु चिकित्सा अस्पताल डाडासिवा तथा पशु चिकित्सा अस्पताल घमरूर के अंतर्गत प्रस्तावित पदों के लिए आयोजित किया जा रहा है। सभी पात्र अभ्यर्थियों से आग्रह किया गया है कि वे निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित होना सुनिश्चित करें।

हमीरपुर : सुजानपुर में एक से 4 मार्च तक आयोजित किए जाने वाले राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव-2026 के लिए जर्मन हैंगर और टैंट लगाने तथा कुर्सियों इत्यादि की व्यवस्था करने के लिए 2 अलग-अलग निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।
एसी टू डीसी चिराग शर्मा ने बताया कि जर्मन हैंगर लगाने की निविदाएं 21 फरवरी सुबह 11 बजे तक जमा करवाई जा सकती हैं। ये निविदाएं उसी दिन खोल दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि टैंट, शामियाना और कुर्सियों से संबंधित निविदाएं 19 फरवरी सुबह 11 बजे तक जमा करवाई जा सकती हैं। ये निविदाएं उसी दिन खोल दी जाएंगी।
इन निविदाओं के संबंध में अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 01972-222449 पर संपर्क किया जा सकता है। इनसे संबंधित विस्तृत जानकारी जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी उपलब्ध करवाई गई है।

जैव विविधता को मिली मजबूती
स्थानीय समूह की 6 महिलाएं कर रही हैं जंगल की देखरेख, प्राकृतिक संसाधनों के प्रति बढ़ी है जागरूकता
बिलासपुर: बिलासपुर वन मंडल के अंतर्गत भराड़ी वन रेंज की मरयाणी बीट में मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के तहत पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई है। इस योजना के माध्यम से लगभग 5 हेक्टेयर वन भूमि पर 5,500 फलदार तथा औषधीय पौधे सफलतापूर्वक रोपित किए गए हैं। कभी आगजनी और पेड़ों की कमी से प्रभावित रहा यह क्षेत्र अब पुनः हरे-भरे वन क्षेत्र में परिवर्तित होने लगा है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध हो रही है, बल्कि क्षेत्र की जैव विविधता को भी सुदृढ़ कर रही है।
मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के अंतर्गत पौधरोपण से पूर्व इस क्षेत्र में वृक्षों की संख्या अत्यंत कम थी तथा जंगल में लगी आग के कारण अधिकांश पेड़-पौधे नष्ट हो चुके थे। इसके परिणामस्वरूप पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था तथा मिट्टी कटाव जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो गई थीं। ऐसे में यह योजना क्षेत्र के लिए नई आशा बनकर सामने आई। योजना के तहत 5 हेक्टेयर क्षेत्र में आंवला, हरड़, बहेड़ा, अर्जुन, कचनार, शीशम और खैर सहित विभिन्न फलदार एवं औषधीय प्रजातियों के पौधे रोपित किए गए। इन पौधों के विकसित होने से क्षेत्र की जलवायु में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है तथा स्थानीय जैव विविधता को भी मजबूती मिल रही है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रोपित पौधों की सुरक्षा के लिए मजबूत बाड़बंदी की गई है। साथ ही वर्षा जल संरक्षण के उद्देश्य से ट्रेंच का निर्माण किया गया है। इन ट्रेंचों में वर्षा का जल एकत्रित होकर धीरे-धीरे भूमि में रिसता है, जिससे पौधों को लंबे समय तक नमी मिलती रहती है। इससे पौधों की वृद्धि दर में वृद्धि हुई है तथा उन्हें सूखे से भी संरक्षण मिला है। अधिकारियों के अनुसार ट्रेंच निर्माण के कारण पौधों में सूखेपन की समस्या लगभग समाप्त हो गई है और सभी पौधे स्वस्थ अवस्था में विकसित हो रहे हैं।
यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार सृजन की दिशा में भी प्रभावी सिद्ध हो रही है। स्थानीय महिला समूह को पौधों की देखरेख, निराई-गुड़ाई तथा कटाई-छंटाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। समूह की प्रधान मीरा देवी सहित कुल छह महिलाएं प्रतिदिन पौधों की नियमित देखभाल कर रही हैं तथा उन्हें समय-समय पर पारिश्रमिक भी मिल रहा है।
समूह की प्रधान मीरा देवी का कहना है कि इस योजना ने उन्हें न केवल अस्थाई रोजगार प्रदान किया है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने का अवसर भी मिला है। इससे प्राकृतिक संसाधनों के प्रति उनकी जागरूकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उनका विश्वास है कि आगामी 3 से 4 वर्षों में रोपित अधिकांश पौधे पूर्ण विकसित होकर घने वन का स्वरूप ग्रहण कर लेंगे, जिससे क्षेत्र की जलवायु, जल स्रोतों की स्थिरता तथा जैव विविधता को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
क्या कहते हैं अधिकारी: वन मंडलाधिकारी बिलासपुर, राजीव कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में वन मंडल बिलासपुर के भराड़ी एवं सदर वन परिक्षेत्र में कुल 15 हेक्टेयर वन भूमि पर विभिन्न प्रजातियों के 16,500 पौधे रोपित किए गए हैं। इन पौधों के रोपण एवं संरक्षण पर लगभग 10 लाख रुपये की राशि व्यय की जा रही है।
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार का कहना है कि प्रदेश सरकार की विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं को पूरी गंभीरता के साथ क्रियान्वित करने का कार्य किया जा रहा है ताकि संबंधित योजनाओं के लक्ष्यों एवं उद्देश्यों को हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना को सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से वन विभाग द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत रोपित पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत सुखद एवं प्रेरणादायक है।

बिलासपुर: जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, बिलासपुर के सचिव प्रतीक गुप्ता ने जानकारी दी कि जिला बिलासपुर के विभिन्न न्यायालय परिसरों में आगामी 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर बिलासपुर, घुमारवीं तथा झंडुता न्यायालय परिसरों में किया जाएगा, जहां पूर्व मुकदमेबाजी और न्यायालयों में लंबित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत में बैंक से संबंधित मामलों, श्रम विवाद, बिजली और पानी के बिलों से जुड़े विवाद, वैवाहिक विवाद तथा अन्य समझौता योग्य मामलों को शामिल किया जाएगा। जिन व्यक्तियों के मामले न्यायालय में लंबित हैं, वह अपने मामलों को लोक अदालत में लगवाकर आपसी सहमति से त्वरित समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, ऐसे व्यक्ति जिनके मामले अभी न्यायालय में विचाराधीन नहीं हैं, वह भी लोक अदालत में आवेदन कर आपसी समझौते के आधार पर अपने विवादों का निपटारा करवा सकते हैं।
प्रतीक गुप्ता ने यह भी बताया कि डिजिटल मोटर व्हीकल चालान से संबंधित मामलों का निपटारा ऑनलाइन माध्यम से ई-पे (ईकोर्ट पेमेंट) के जरिए या न्यायालय में उपस्थित होकर लोक अदालत से पूर्व भी किया जा सकता है, जिससे लोगों को त्वरित और सुविधाजनक समाधान मिल सके।
उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति निःशुल्क कानूनी सहायता या सलाह के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का टोल-फ्री नंबर 15100, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण बिलासपुर का दूरभाष नंबर 01978-221452, उपमंडलीय विधिक सेवा समिति बिलासपुर का नंबर 01978-224887 तथा उपमंडलीय विधिक सेवा समिति घुमारवीं का नंबर 01978-254080 उपलब्ध हैं।
इसके अतिरिक्त, इच्छुक व्यक्ति अपनी समस्या Secy-dlsa-bil-hp@gov.in ईमेल आईडी पर भेज सकते हैं या राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।

हमीरपुर : सैनिक कल्याण विभाग के उपनिदेशक स्क्वॉड्रन लीडर मनोज राणा ने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों या वीर नारियों को हर माह सैनिक कल्याण विभाग की ओर से पांच हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। यह सहायता राशि पाने वाले द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिक और वीर नारियां अपने आधार कार्ड और बैंक अकाउंट पासबुक के पहले पेज की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी और अपना मोबाइल नंबर, जिसमें व्हाट्सऐप चलता हो, को 25 फरवरी तक जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में जमा करवाएं या डाक के माध्यम से भेज दें, ताकि भविष्य में उन्हें सहायता राशि मिलने में देरी न हो।

हमीरपुर : नगर निगम हमीरपुर ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का गृह कर 31 मार्च तक जमा करवाने वाले शहरवासियों को गृह कर में 10 प्रतिशत छूट प्रदान करने की घोषणा की है। निगम के आयुक्त राकेश शर्मा ने बताया कि निर्धारित अवधि के भीतर गृह कर जमा करने वाले भवन मालिकों को इस छूट का लाभ मिलेगा। उन्होंने शहरवासियों से 31 मार्च तक गृह कर जमा करवाकर इस छूट का लाभ उठाने तथा निगम के विकास कार्यों में सहयोग की अपील की है।

