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23 साल तक वाइल्डफ्लावर हॉल से प्रदेश को कुछ नहीं, अब मिलेंगे सालाना 37 करोड़ रुपये – CM सुक्खू

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद कर हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार प्रदेशवासियों और सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों के सहयोग से विभिन्न चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि वाइल्डफ्लावर हॉल का मामला वर्ष 2003 से लंबित था और इस मामले में प्रदेश सरकार ने प्रभावी कानूनी पैरवी करते हुए जीत हासिल की। इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार को 401 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि अब ई-नीलामी के माध्यम से प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 37 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि पिछले 23 वर्षों में इस संपत्ति से प्रदेश को कोई राजस्व प्राप्त नहीं हुआ था, लेकिन अब इससे होने वाली आय जनहित के कार्यों पर खर्च की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह धनराशि जनता की है और इसका उपयोग केवल जनता के हित में किया जाएगा। उन्होंने इसे राज्य सरकार की ईमानदार कार्यप्रणाली और स्पष्ट नीयत का प्रमाण बताते हुए कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वह भाजपा नेताओं के नेतृत्व में भी केंद्र सरकार के समक्ष आरडीजी की बहाली का मुद्दा उठाने के लिए तैयार थे, लेकिन भाजपा नेता इसके लिए भी सहमत नहीं हुए। उन्होंने कहा कि आरडीजी बंद होने से प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग आठ से दस हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के सम्मान और उनके सामाजिक एवं आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की है। हालांकि, इसके परिणामस्वरूप केंद्र सरकार ने प्रदेश को मिलने वाली लगभग 1,600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता बंद कर दी।
उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में नशे की समस्या के रोकथाम के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सत्ता में आने के बाद चिट्टे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं तथा बार-बार नशा तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को चिट्टा मुक्त बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए वॉकाथॉन सहित विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी इन वॉकाथॉन में भाग लेकर युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासियों के सामूहिक सहयोग और सरकार के निरंतर प्रयासों से हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर राज्य के रूप में विकसित करने के लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।

31 मार्च तक स्वास्थ्य संस्थानों में भरे जाएंगे 70 फीसदी से अधिक पद – CM सुक्खू

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा सिरमौर ज़िला के रेणुका विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नौहराधार में नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन का लोकार्पण किया। 6.92 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित छह बिस्तरों की क्षमता का स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर शिमला में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, सचिव स्वास्थ्य आशीष सिंहमार, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी जबकि नौहराधार में उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत नेगी तथा स्थानीय नेता भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्वास्थ्य केंद्र से आस-पास की 20 ग्राम पंचायतों और 47 गांवों के लगभग 50 हजार लोग लाभान्वित होंगे। यहां मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे लोगों को अपने घर-द्वार के निकट ही समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इस दिशा में विशेषकर ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि लोगों को बेहतर उपचार के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। इस स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने से स्थानीय लोगों को समयबद्ध और बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में दो चिकित्सा अधिकारियों और एक स्टॉफ नर्स को नियुक्त किया गया है ताकि मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता से स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के आधुनिकीकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है। प्रदेश सरकार विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुलभ और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने पर बल दे रही है।

उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र की अनदेखी हुई और उस समय अस्पतालों में केवल 35 प्रतिशत स्टॉफ ही उपलब्ध था। जबकि वर्तमान प्रदेश सरकार 31 मार्च, 2027 तक स्वास्थ्य संस्थानों में स्टॉफ की संख्या 70 प्रतिशत से अधिक करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा महाविद्यालयों, क्षेत्रीय अस्पतालों, ज़िला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को सुदृढ़ कर रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों को घर के समीप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सीबीएसई स्कूल भी खोले जा रहे हैं। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संगड़ाह को सीबीएसई स्कूल बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने क्षेत्र में प्रतिदिन 5,000 लीटर क्षमता का मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन भी दिया।

इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार ने नए भवन के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस स्वास्थ्य केंद्र से आसपास की 20 ग्राम पंचायतों और 47 गांवों की लगभग 50 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। यहां स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से लोगों को अपने घरों के नजदीक ही समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

मण्डी शहर के अधिकांश क्षेत्रों में 1 नवंबर को बिजली रहेगी बंद..

मण्डी: विद्युत उपमंडल मंडी-1 के सहायक अधिशासी अभियंता नरेश ठाकुर ने आज यहां बताया कि आगामी शीतकालीन मौसम एवं दीपावली पर्व के दृष्टिगत 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र समखेतर में 01 नवंबर, 2026 (रविवार) को आवश्यक सामान्य मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य किया जाना प्रस्तावित है, ताकि विद्युत उपकरणों एवं संबंधित विद्युत तंत्र का सुचारू एवं सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि इस कार्य के दृष्टिगत 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र समखेतर के तहत सभी क्षेत्रों, जिनमें लोअर एवं अपर समखेतर, गोल पौड़ी, बालक रूपी, खत्री सभा, मोती बाजार, अस्पताल रोड, जोनल अस्पताल, गणपति रोड, पैलेस कॉलोनी, सैण मोहल्ला, सैण मट्ट, कोषागार कार्यालय, कल्याण कार्यालय, तुंगल कॉलोनी, टाउन हॉल, यू.पी. कॉलोनी, नेशनल स्ट्रीट, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, सुहड़ा मोहल्ला, रवि नगर, नर्सिंग छात्रावास, महाजन बाजार, उपायुक्त कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला न्यायालय परिसर, सेरी बाजार, चौबाटा बाजार, इंदिरा मार्केट, डाकघर मार्ग, भूतनाथ बाजार, दरम्याना मोहल्ला, भगवाहन मोहल्ला, चंद्रलोक गली, बंगला मोहल्ला, जिमखाना, सरदार पटेल विश्वविद्यालय, पुलिस थाना पड्डल, रामनगर, पुलघराट, अप्पर एवं लोअर मंगवाईं, तहसील कार्यालय, विश्वकर्मा मंदिर, अप्पर एवं लोअर सन्यारड़, थनेहड़ा मोहल्ला, महामृत्युंजय मंदिर, जेल रोड, त्वाम्बड़ा, पंजेहटी, लोक निर्माण विभाग मुख्य अभियन्ता कार्यालय एवं कॉलोनी, टारना रोड, टारना हिल, परिधि गृह, जल शक्ति विभाग परियोजना टारना, अमर विहार, परमार कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी एवं इनके आसपास के क्षेत्रों में 01 नवंबर, 2026 (रविवार) को प्रातः 10:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यदि मौसम खराब रहता है अथवा वर्षा की स्थिति में मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य अगले दिन भी किया जा सकता है।

उन्होंने इन क्षेत्रों के समस्त विद्युत उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे आपूर्ति में बाधा के दृष्टिगत अपनी आवश्यक व्यवस्थाएं एवं तैयारियां पहले से सुनिश्चित कर लें तथा मरम्मत कार्य के निष्पादन में अपना सहयोग प्रदान करें।

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी 31 अक्तूबर को करेंगे राज्य स्तरीय अंडर-14 टूर्नामेंट का शुभारंभ

बिलासपुर: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी 31 अक्तूबर को प्रातः 11 बजे पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (सीबीएसई) बिलासपुर में राज्य स्तरीय अंडर-14 खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ करेंगे।

यह जानकारी आज यहां एक सरकारी प्रवक्ता ने दी।

श्री ज्वालामुखी मंदिर के मास्टर प्लान में श्रद्धालुओं की सुविधाओं और शहर के सौंदर्यीकरण को मिलेगी प्राथमिकता – संजय रत्न

ज्वालामुखी: शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर एवं शहर के समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से आज मंदिर न्यास के सभागार में श्री ज्वालामुखी में मास्टर प्लान को लेकर बैठक आयोजित की गई। संयुक्त आयुक्त (मंदिर) एवं एसडीएम ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विधायक ज्वालामुखी संजय रत्न विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
बैठक में एनआईटी हमीरपुर के डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर के आर्किटेक्ट्स के साथ मंदिर क्षेत्र के सुनियोजित विकास, श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा ज्वालामुखी शहर को आकर्षक स्वरूप प्रदान करने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विधायक संजय रत्न ने कहा कि शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर प्रदेश की महत्वपूर्ण धार्मिक धरोहर है और यहां देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर के साथ-साथ पूरे शहर का विकास भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी को एक सुंदर, सुव्यवस्थित एवं सुविधाजनक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना प्राथमिकता है तथा मास्टर प्लान के माध्यम से इस दिशा में ठोस पहल की जानी चाहिए। उन्होंने विकास से जुड़े कार्यों को शीघ्र आगे बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं को व्यावहारिक स्वरूप देकर समयबद्ध तरीके से कार्यान्वित करने के प्रयास किए जाएं।
विधायक ने कहा कि ज्वालामुखी शहर की सुंदरता ऐसी होनी चाहिए कि बस स्टैंड पहुंचने से ही श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को एक व्यवस्थित और आकर्षक धार्मिक नगरी का अनुभव हो। इसके लिए बस स्टैंड से मंदिर तक जाने वाली सड़क के सौंदर्यीकरण, मार्ग के आसपास की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा शहर को स्वच्छ एवं सुंदर स्वरूप प्रदान करने के लिए प्रभावी योजना तैयार करने की आवश्यकता है। उन्होंने बिजली की तारों को भूमिगत करने की संभावनाओं पर भी विचार करने का सुझाव दिया, ताकि शहर की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ विद्युत तारों के बेतरतीब जाल से भी निजात मिल सके।
बैठक में विधायक ने नगर परिषद एवं मंदिर न्यास के अंतर्गत गेट नंबर-1 से रेन शेल्टर तक स्थित दुकानों को लेकर विस्तृत चर्चा की और प्रभावी रूपरेखा तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान तैयार करते समय मौजूदा व्यवस्थाओं, उपलब्ध स्थान और व्यावसायिक गतिविधियों का समुचित आकलन किया जाना चाहिए, ताकि विकास कार्यों की योजना वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप बनाई जा सके। उन्होंने क्षेत्र में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए डबल स्टोरी निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार करने का सुझाव दिया।
उन्होंने मंदिर क्षेत्र में पेयजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पहाड़ियों से होने वाले पानी के रिसाव की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक प्रावधान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने और मौसम के प्रभाव से बचाव के लिए उपयुक्त स्थानों पर कैनोपी विकसित करने की संभावनाओं को भी मास्टर प्लान में शामिल किया जाना चाहिए। मंदिर परिसर में उपलब्ध स्थान और सुविधाओं को इस प्रकार विकसित किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांगजनों, बुजुर्गों तथा चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें मंदिर तक पहुंचाने के लिए उचित व्यवस्था विकसित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सहज एवं सुविधाजनक दर्शन का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए मास्टर प्लान में सुगम आवागमन और आवश्यक सुविधाओं से संबंधित प्रावधानों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुनियोजित विकास पर बल: उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी में धार्मिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। मंदिर एवं शहर की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करके, सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देकर तथा श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं विकसित करके इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक आकर्षक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी के विकास से संबंधित कार्यों को अनावश्यक विलंब के बिना आगे बढ़ाने के लिए सभी संबंधित विभागों, मंदिर न्यास एवं विशेषज्ञों को आपसी समन्वय से कार्य करना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर का मास्टर प्लान तैयार करते समय धार्मिक महत्व, श्रद्धालुओं की सुविधा, शहर की सुंदरता और भविष्य की जरूरतों के बीच संतुलन स्थापित करना आवश्यक है, ताकि ज्वालामुखी को योजनाबद्ध विकास के माध्यम से एक बेहतर धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।

बैठक में मंदिर अधिकारी अजय मडंयाल, एनआईटी हमीरपुर के डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर के आर्किटेक्ट्स प्रोफ़ेसर भानू मारवा ,सह – प्राध्यापक डॉ अश्वनी कुमार, डॉ संदीप शर्मा ,मंदिर न्यास प्रधान दिव्याशुं भूषण दत्त , अध्यक्ष नगर परिषद सोम किरण शर्मा, उपाध्यक्ष दीप्ति ,पुजारी सभा प्रधान अविंनेद्रं शर्मा ,पुजारी शैलेन्द्र, न्यास सदस्य दीपक शर्मा, कपिल,सुधीर वैध, राजन चौधरी सहित विभागीय अधिकारी व कर्मचारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हिमाचल चयन आयोग: जेई (सिविल) भर्ती का फाइनल परिणाम घोषित, 149 उम्मीदवारों का चयन

हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने जेई (सिविल) के 149 पदों को भरने के लिए पोस्ट कोड-26016 के तहत आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है।

आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इन पदों के लिए कुल 8192 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 6726 उम्मीदवारों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा दी थी और इस परीक्षा में 372 उम्मीदवारों का चयन दस्तावेजों की जांच के लिए किया गया था। 15 से 17 अक्तूबर तक दस्तावेजों की जांच के बाद 149 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। सचिव ने बताया कि यह अंतिम परिणाम सभी उम्मीदवारों के नाम, रोल नंबर और अंकों सहित आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन पर उपलब्ध करवा दिया गया है।

शिमला: कोटखाई में 9.57 ग्राम चिट्टे के साथ युवक – युवती गिरफ्तार

 शिमला: जिला शिमला पुलिस द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस थाना कोटखाई की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों के कब्जे से 9.57 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। 29 अक्टूबर को पुलिस थाना कोटखाई की टीम द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर गांव छोल, तहसील कोटखाई में एक कमरे में कार्रवाई के दौरान 9.57 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई। आरोपियों की पहचान विशाल ताज्टा (36 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय  सुरेश ताज्टा, निवासी गांव छोल, डाकघर एवं तहसील कोटखाई, जिला शिमला (हि.प्र.) तथा प्रियंका (19 वर्ष) पुत्री  हरि सिंह, निवासी गांव एवं डाकघर जुब्बल, तहसील जुब्बल, जिला शिमला (हि.प्र.) के रूप में हुई है। इस संबंध में पुलिस थाना कोटखाई में एफआईआर संख्या 93/2026, दिनांक 29.10.2026, धारा 21 एवं 29 मादक द्रव्य एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (ND&PS Act) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। बरामद मादक पदार्थ को नियमानुसार पुलिस कब्जे में ले लिया गया है। मामले में आगामी जांच जारी है।

धर्मशाला में SIR के समर्थन में भाजपा की पदयात्रा; डॉ. राजीव भारद्वाज बोले- मतपत्रों से हुए चुनावों में भी कांग्रेस को हार, अब किसे दोष देंगे राहुल गांधी?

धर्मशाला: भारतीय जनता पार्टी ने धर्मशाला में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के अंतर्गत पदयात्रा आयोजित कर प्रदेशव्यापी जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता कांगड़ा-चंबा लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाए तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जिम्मेदार आचरण की आवश्यकता पर जोर दिया।डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रणाली पर आरोप लगाने से पहले अपने चुनावी प्रदर्शन का आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आते हैं तो पार्टी निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाती, लेकिन प्रतिकूल परिणाम आने पर मतदाता सूची और मतदान प्रणाली को कठघरे में खड़ा करने लगती है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र के विधान परिषद शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतपत्रों से हुए चुनावों के परिणाम भी कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का विषय हैं। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद भाजपा-जद(एस) गठबंधन ने चारों सीटों पर जीत दर्ज की।डॉ. भारद्वाज ने कहा कि लोकतंत्र में मतपत्र हो अथवा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, मतदाताओं के निर्णय का सम्मान करना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। यदि किसी चुनावी प्रक्रिया को लेकर शिकायत है तो उसे तथ्यों और प्रमाणों के साथ संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष रखा जाना चाहिए।उन्होंने कांग्रेस की प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राजनीतिक नारों के साथ-साथ कांग्रेस नेतृत्व को चुनावी पराजयों और अपनी संगठनात्मक स्थिति पर भी जवाब देना चाहिए।

हिमाचल की दस गारंटियों पर कांग्रेस से मांगा जवाब: डॉ. राजीव भारद्वाज ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान जनता से दस गारंटियों के नाम पर बड़े-बड़े वादे किए गए थे। उन्होंने महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,500, युवाओं को रोजगार, किसानों-बागवानों को राहत तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा से जुड़े वादों की प्रगति पर सरकार से जवाब मांगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति, बढ़ते कर्ज, कर्मचारियों की लंबित मांगों और विकास कार्यों को लेकर जनता के सवालों का जवाब देना सरकार का दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार जनहित के मुद्दों पर संतोषजनक जवाब देने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में उलझी हुई है।

डॉ. भारद्वाज ने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही निभाना भी है। भाजपा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अंतर्गत प्रदेश सरकार की नीतियों और निर्णयों पर सवाल उठाती रहेगी।

धर्मशाला से शुरू हुआ प्रदेशव्यापी अभियान: भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि धर्मशाला से प्रारंभ हुआ ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक पहुंचेगा। इसके माध्यम से जनता के बीच संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रदेश सरकार की जवाबदेही से जुड़े विषय उठाए जाएंगे।

परमार ने कहा कि कांग्रेस को निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाने के साथ-साथ अपने चुनावी वादों की स्थिति भी स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश की जनता को सरकार के कार्यकाल का पूरा लेखा-जोखा जानने का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि भाजपा जनहित के मुद्दों पर जनता से संवाद जारी रखेगी और प्रदेश सरकार से उसके चुनावी वादों तथा निर्णयों पर तथ्यात्मक जवाब मांगेगी।

ये नेता रहे उपस्थित:इस अवसर पर कांगड़ा-चंबा लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार, पूर्व मंत्री एवं धर्मशाला विधायक सुधीर शर्मा, विधायक पवन काजल, विधायक ठाकुर रणवीर सिंह निक्का, पूर्व मंत्री सरवीन चौधरी, पूर्व विधायक अरुण कुमार मेहरा कूका, विशाल नैहरिया, मुल्ख राज प्रेमी, रवि धीमान, ठाकुर अर्जुन सिंह एवं रीता धीमान, भाजपा वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर, प्रवक्ता संजय शर्मा, विनय शर्मा, संजय गुलेरिया, पंकज जम्वाल, विनोद ठाकुर, संजीव शर्मा, विश्व चक्षु सहित भाजपा के तीनों संगठनात्मक जिलों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सेंट्रल हीटिंग प्लांट कार्यशील करने के लिए निविदाएं आमंत्रित

शिमला: लोक निर्माण विभाग विद्युत मंडल कसुम्पटी के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा शिमला स्थित विभिन्न कार्यालयों और महत्वपूर्ण भवनों में सेंट्रल हीटिंग प्लांट से संबंधित कार्य के लिए ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। उन्होंने इच्छुक बोलीदाताओं से अधिक जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट 

www.hptenders.gov.in  पर लॉग-इन करने का आग्रह किया है। 

बिलासपुर: आंगनवाड़ी सहायिकाओं के रिक्त पदों के लिए साक्षात्कार की तिथि 20 नवंबर निर्धारित

परिवार की वार्षिक आय सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये की गई, पात्र महिलाएं 19 नवंबर तक कर सकेंगी आवेदन

बिलासपुर:  बाल विकास परियोजना अधिकारी रंजना शर्मा ने बताया कि घुमारवीं के कार्यालय द्वारा आंगनवाड़ी सहायिकाओं के रिक्त पदों को भरने के लिए पूर्व में निर्धारित साक्षात्कार की तिथि में प्रशासनिक कारणों से बदलाव किया गया है। अब इन पदों के लिए साक्षात्कार 20 नवंबर, 2026 को प्रातः 11 बजे उपमंडलाधिकारी (ना.) घुमारवीं के कार्यालय में आयोजित किया जाएगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी घुमारवीं ने बताया कि ग्राम पंचायत तलवाड़ा के आंगनवाड़ी केंद्र धारवाड़ा तथा ग्राम पंचायत पन्तेहड़ा के आंगनवाड़ी केंद्र पट्टा रणौता में आंगनवाड़ी सहायिकाओं के रिक्त पदों को भरने के लिए पूर्व में 4 नवंबर, 2026 को साक्षात्कार निर्धारित किया गया था, जिसे अब पुनर्निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की नियुक्ति के लिए जारी अधिसूचना में परिवार की वार्षिक आय सीमा को लेकर संशोधन किया गया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अधिसूचना के अनुसार अब पात्र अभ्यर्थी के परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 75 हजार रुपये या इससे कम होनी चाहिए। इससे पहले यह सीमा 50 हजार रुपये वार्षिक निर्धारित थी।
उन्होंने बताया कि आय सीमा में किए गए इस संशोधन के मद्देनजर अब नई पात्रता शर्तों को पूरा करने वाली इच्छुक महिला अभ्यर्थी संबंधित रिक्त पदों के लिए 19 नवंबर, 2026 को सायं 5 बजे तक या इससे पूर्व अपना आवेदन सादे कागज पर आवश्यक दस्तावेजों सहित बाल विकास परियोजना अधिकारी घुमारवीं के कार्यालय में जमा करवा सकती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्य सभी पात्रता शर्तें पूर्व में जारी सार्वजनिक सूचना दिनांक 5 अक्तूबर, 2026 के अनुसार ही रहेंगी। जिन पात्र अभ्यर्थियों ने पहले ही निर्धारित अंतिम तिथि 4 नवंबर से पूर्व आवेदन कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने बताया कि साक्षात्कार के दिन सभी अभ्यर्थियों को अपने मूल दस्तावेजों एवं उनकी प्रतियों सहित व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य है। अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए अलग से व्यक्तिगत बुलावा पत्र जारी नहीं किए जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी बाल विकास परियोजना अधिकारी घुमारवीं के कार्यालय में संपर्क इस नबर 01978-255346 पर कर सकते हैं।