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शिमला: विधानसभा पहुंचे 210 छात्र; पठानिया बोले- भारत विश्व का सबसे बड़ा व सशक्त लोकतंत्र

शिमलाः राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी, जिला चम्बा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला स्पाटू, जिला सोलन तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टुटीकण्डी, सेंट बीडस कॉलेज संजौली तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलदया, जिला शिमला के लगभग 210 छात्र छात्राओं ने हि०प्र० विधान सभा सचिवालय पहुँचकर कॉलिस चैम्बर के बाहर हि०प्र० विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से आज मुलाकात की। इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ने उन्हें संसदीय प्रणाली, देश के अन्दर विद्यमान लोकतांत्रिक व्यवस्था, विधान सभा, लोक सभा तथा राज्य सभा की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। छात्र छात्राओं को अवगत करवाते हुए पठानियां ने कहा कि बड़े प्रदेशों में विधान परिषदों का भी प्रावधान है। हि०प्र० छोटा राज्य होने के नाते यहाँ पर विधान परिषद नहीं है।

   पठानिया ने कहा कि लोक सभा तथा विधान सभा लोकतन्त्र के सबसे बड़े मन्दिर हैं। लोक सभा के लिए जब सांसद सदस्य चुनकर जाते हैं तो वे मिलकर लोक सभा का गठन करते हैं। जिस दल के पास बहुमत होता है वह केन्द्र में सरकार का गठन करता है। सबसे बड़ा दल जिनके पास सरकार बनाने का पर्याप्त बहुमत होता है सबसे पहले अपने नेता का चुनाव करता है तथा वह देश का प्रधानमंत्री बनता है। उसके बाद मंत्री परिषद का गठन होता है जबकि राज्य सभा के सदस्य का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से विधान सभा सदस्यों द्वारा किया जाता है। वर्तमान में लोक सभा सदस्यों की कुल संख्या 543 है जबकि राज्य सभा सदस्यों की कुल संख्या 245 हैं। जिसमें से 233 सदस्य भारत के राज्य तथा केन्द्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं जबकि 12 सदस्यों को भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया जाता है। पठानियां ने कहा कि लोक सभा का कार्यकाल 5 वर्षों का होता है तथा राज्य सभा सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है। राज्य सभा उपरी सदन जबकि लोक सभा निचला सदन कहलाता है। संवाद के दौरान सैंट बीडस कॉलेज की छात्राओं के साथ बातचीत करते हुए पठानियां ने कहा कि जहाँ आप खड़े हैं इस भवन को कौंसिल चैम्बर कहते हैं।  इस भवन का निर्माण कार्य वर्ष 1920 में आरम्भ हुआ था तथा वर्ष  1925 में पूर्ण हुआ था। उन्होने कहा कि इसके निर्माण में      5 वर्ष लगे थे तथा इस पर 10 लाख रूपये खर्चा हुआ था। इसका निर्माण तत्कालीन ब्रिटिश सरकार द्वारा कौंसिल चैम्बर के रूप में किया गया था जिसका मुख्य उद्देश्य  राष्ट्रीय असैम्बली  के लिए  एक समर्पित भवन  था। पठानिया ने कहा कि हालांकि फ्रेडरिक व्हाईट राष्ट्रीय असैम्बली के पहले नोमिनेटिड स्पीकर थे लेकिन वर्ष 1925 में विठ्ठल भाई पटेल अपने ब्रिटिश प्रतिद्वन्द्वी को 2 मतों से पराजित कर राष्ट्रीय असैम्बली  के इसी सदन में पहले निर्वाचित स्पीकर बने थे। यह भवन कई ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह रहा है। महिलाओं को मत देने का अधिकार तथा भारत छोड़ो का प्रस्ताव भी इसी सदन में पारित किया गया था। उन्होने कहा कि सदन के अन्दर जिस आसन पर वह बैठते हैं यह कुर्सी भी वर्ष 1925 में वर्मीज सरकार द्वारा तत्कालीन बर्तानिया सरकार को उपहार स्वरूप भेंट की गई थी। पठानियां ने सभी छात्र-छात्राओं को सदन की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया तथा अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दी।

एसजेवीएन वर्ष 2025-26 के राजभाषा शील्ड तृतीय पुरस्कार से सम्मानित

शिमला : एसजेवीएन को आज वर्ष 2025-26 के दौरान राजभाषा नीति के उत्कृष्ट कार्यान्वयन हेतु विद्युत मंत्रालय द्वारा राजभाषा शील्ड तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार माननीय केन्द्रीय  विद्युत तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल के कर कमलों से अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन भूपेन्द्र गुप्ता ने विद्युत मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति की नई दिल्ली में आयोजित बैठक के दौरान प्राप्त किया। इस अवसर पर माननीय विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक, राज्य सभा सांसद दिनेश शर्मा, लोकसभा सांसद सुरेश कुमार कश्यप, विद्युत सचिव, भारत सरकार  पंकज अग्रवाल और विद्युत मंत्रालय एवं उसके नियंत्रणाधीन उपक्रमों, संस्थानों, निगमों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  भूपेन्द्र गुप्ता, ने बताया कि एसजेवीएन को यह पुरस्कार निगम की विभिन्न परियोजनाओं तथा कार्यालयों में राजभाषा नीति के श्रेष्ठ कार्य-निष्पादन के लिए प्रदान किया गया है। एसजेवीएन में राजभाषा को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाते हैं और यह पुरस्कार इस बात का परिचायक है कि हमारे सभी अधिकारी एवं कर्मचारी राजभाषा के प्रति वचनबद्ध हैं।इस पुरस्कार की स्थापना विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विद्युत मंत्रालय के नियंत्रणाधीन उपक्रमों, संस्थानों, निगमों द्वारा हिन्दी के प्रयोग एवं प्रसार की दिशा में किए गए सद्प्रयासों को पुरस्कृत करने के लिए की गई है। इसके अंतर्गत, विद्युत मंत्रालय द्वारा प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन राजभाषा नीति के कार्यान्वयन संबंधी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाता है।

CBSE स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए होंगे ड्रेस कोड; स्कूलों में तीन बार उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था होगी लागू

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिक्षा विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेशभर में स्थापित 150 सीबीएसई स्कूलों में तीन बार उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। स्कूल दिवस के दौरान तीन चरणों में प्रातः स्कूल पहुंचने के समय, लंच ब्रेक के दौरान और स्कूल से छुट्टी के समय उपस्थिति दर्ज करवाना अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड निर्धारित किए जाएंगे। शिक्षकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड इस वर्ष पहली अक्तूबर से अनिवार्य किया जाएगा। निर्धारित ड्रेस की खरीद में सुविधा के लिए शिक्षकों को एकमुश्त 5,000 रुपये की विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की स्कूल यूनिफार्म के संबंध में निर्णय अगले एक सप्ताह के भीतर लिया जाएगा।
श्री सुक्खू ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में लगभग 1,200 शिक्षकों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है तथा आने वाले समय में और शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों को उनके घरों के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीबीएसई स्कूलों के सुधार तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त 80 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके घर-द्वार पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है।
उन्होंने शिक्षा विभाग को इन उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा सीबीएसई स्कूलों के संचालन और सुविधाओं में निरंतर सुधार करने के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, महाधिवक्ता अनूप रतन, सचिव शिक्षा राकेश कंवर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

शिमला में पेंशनरों का सरकार के खिलाफ हल्ला बोल…

हिमाचल: हिमाचल प्रदेश भर से शिमला के चौड़ा मैदान पहुंचे पेंशनरों ने मंगलवार को अपनी लंबित वित्तीय देनदारियों और विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित राज्यस्तरीय धरने में बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने लंबित डीए/डीआर एरियर, संशोधित वेतनमान के बकाये और चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लंबित बिलों का जल्द भुगतान करने की मांग उठाई।

​ संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि जिन बुजुर्गों ने अपनी जिंदगी प्रदेश की सेवा और निर्माण में लगा दी, आज उन्हें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। समिति ने कहना है कि यदि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री के बयानों और वादों पर असंतोष जताते हुए आरोप लगाया कि 13 मई को सचिवालय में हुई। बैठक में 31 जुलाई से पहले 40 प्रतिशत अदायगी (ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, लीव एनकैशमेंट और एरियर) देने का जो वादा किया गया था, उसे पूरा नहीं किया गया और अगस्त में नोटिफिकेशन निकालकर इसे ग्रेडेशन में बांट दिया गया।  उन्होंने चेतावनी दी कि पेंशनर्स अपने अधिकार और अपनी कमाई का हक मांगने आए हैं, भीख मांगने नहीं, और सरकार द्वारा उनके साथ खेली जा रही राजनीतिक चालों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। समिति के अनुसार प्रदेश में करीब 1.90 लाख से अधिक पेंशनर हैं और करीब 7,000 करोड़ रुपये की देनदारी अभी भी लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी ओर सरकार विभिन्न मदों में खर्च कर रही है, जबकि पेंशनरों को वर्षों से अपने बकाये के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एरियर और अन्य देनदारियों के भुगतान में देरी के कारण कई पेंशनरों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने एचआरटीसी और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों की लंबित मांगों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सरकार को कर्मचारी व पेंशनर वर्ग की समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए।

सुरेश ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार का रवैया नहीं बदला तो पेंशनर्स आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक के बाद आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी और जरूरत पड़ी तो शिमला में भी आंदोलन जारी रखा जाएगा।

कुल्लू: जल शक्ति विभाग आनी में 10 पैरा वर्करों के पदों के लिये 21 सितंबर तक करें आवेदन

कुल्लू: जल शक्ति विभाग की जल शक्ति मंडल आनी के तहत पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर एवं मल्टीपर्पज वर्कर के कुल 10 पदों की भर्ती की जानी है। इन पदों के लिए पात्र उम्मीदवार 1 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन कर सकते हैं।

जल शक्ति विभाग द्वारा जारी भर्ती सूचना के अनुसार पैरा पंप ऑपरेटर के 4 पद, पैरा फिटर के 2 पद तथा मल्टीपर्पज वर्कर के 4 पद भरे जाएंगे। ये पद अंशकालिक आधार पर प्रतिदिन छह घंटे कार्य करने के लिए होंगे।
पैरा पंप ऑपरेटर के लिए उम्मीदवार का न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास होना तथा इलेक्ट्रिशियन/वायरमैन/डीजल मैकेनिक/पंप मैकेनिक/ मोटर मैकेनिक अथवा पंप ऑपरेटर-कम-मैकेनिक ट्रेड में मान्यता प्राप्त आईटीआई प्रमाणपत्र होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त सरकार की कौशल विकास योजना के तहत उपरोक्त ट्रेड में प्रमाणपत्र रखने वाले 10वीं पास उम्मीदवार भी पात्र होंगे। इस पद के लिए मानदेय 7,100 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है। पंप ऑपरेटर के 4 पदों में 2 आरक्षित, 1 अनुसूचित वर्ग तथा 1 (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिये आरक्षित है।
पैरा फिटर के लिए उम्मीदवार का 10वीं पास होना तथा मान्यता प्राप्त आईटीआई/संस्थान से फिटर अथवा प्लंबर ट्रेड में प्रमाणपत्र होना आवश्यक है। सरकार की कौशल विकास योजना के तहत संबंधित ट्रेड में प्रमाणपत्र रखने वाले 10वीं पास उम्मीदवार भी पात्र होंगे। इस पद के लिए भी 7,100 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसमे एक पद अनारक्षित और एक पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिये आरक्षित है।
मल्टीपर्पज वर्कर के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास निर्धारित की गई है। उम्मीदवार के पास राज्य सरकार अथवा केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त विद्यालय की योग्यता होनी चाहिए। इस पद के लिए 6,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित है। इसमे 2 पद अनारक्षित, 1 अनुसूचित जाति तथा 1 पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये आरक्षित है।
तीनों श्रेणियों के पदों के लिए आयु सीमा 18 से 45 वर्ष रखी गई है। पदों की श्रेणीवार संख्या में विभागीय आवश्यकता के अनुसार वृद्धि या कमी की जा सकती है।

मल्टीपर्पज वर्कर पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को मिडिल कक्षा की विस्तृत अंकतालिका आवेदन के साथ संलग्न करना अनिवार्य है। संबंधित शिक्षा बोर्ड द्वारा अंकतालिका जारी न किए जाने की स्थिति में विद्यालय के प्रधानाचार्य से प्राप्त विस्तृत अंक प्रमाणपत्र संलग्न करना होगा। चयन एवं शॉर्टलिस्टिंग, आवश्यकता होने पर, मिडिल स्तर पर प्राप्त अंकों के आधार पर की जाएगी।

इच्छुक उम्मीदवार अपने आवेदन निर्धारित प्रपत्र पर कार्यकारी अभियंता, जल शक्ति मंडल आनी, जिला कुल्लू के कार्यालय में 21 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे तक जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्र के लिफाफे पर जिस पद के लिए आवेदन किया गया है, उसका नाम स्पष्ट रूप से अंकित करना होगा। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त अथवा अधूरे आवेदन सीधे तौर पर अस्वीकार कर दिए जाएंगे।

आवेदकों को आवेदन पत्र में अपना मोबाइल नंबर भी स्पष्ट रूप से अंकित करना होगा। कौशल एवं शारीरिक परीक्षा में शामिल होने के लिए किसी प्रकार का टीए/डीए देय नहीं होगा।

भर्ती से संबंधित विस्तृत सूचना, पात्रता एवं मूल्यांकन मानदंड जल शक्ति विभाग की वेबसाइट www.http:/jsv.hp.gov.in तथा जल शक्ति मंडल आनी के कार्यकारी अभियंता कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध है।

भारी वाहनों के लिए सड़क बन्द करने के सम्बन्ध में आदेश

मण्डी/पधर: 15 सितंबर को हरडगलू मेला मैदान में होगी वाहनों की पासिंग व ड्राइविंग टेस्ट

पधर: उपमंडल पधर में वाहनों की पासिंग तथा ड्राइविंग टेस्ट के लिए 15 सितंबर, 2026 की तिथि निर्धारित की गई है। यह जानकारी एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ने दी।

उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथि को वाहनों की पासिंग तथा ड्राइविंग टेस्ट हरडगलू मेला मैदान में आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि वाहन पासिंग एवं ड्राइविंग टेस्ट से संबंधित सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी करें। फीस एवं टैक्स की केवल ऑनलाइन रसीद ही मान्य होगी।एसडीएम ने बताया कि सभी आवेदक निर्धारित तिथि को संबंधित आवश्यक दस्तावेजों सहित प्रातः 11:00 बजे निर्धारित स्थान पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग टेस्ट के लिए स्लॉट बुकिंग 10 सितंबर, 2026 से शुरू कर दी जाएगी। बिना स्लॉट बुकिंग के किसी भी आवेदक का ड्राइविंग टेस्ट नहीं लिया जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि ड्राइविंग टेस्ट के लिए स्लॉट समय पर बुक करवाएं तथा निर्धारित तिथि और समय पर सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित होकर प्रक्रिया में सहयोग करें।

सितंबर माह के लिए इंडेन गैस एजेंसी जोगिंदर नगर का रूट चार्ट जारी..

जोगिंदर नगर:  उपमंडल जोगिंदर नगर में इंडेन गैस एजेंसी द्वारा सितंबर माह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए निर्धारित रूट चार्ट जारी कर दिया गया है। इस संबंध में जानकारी एसडीएम जोगिंदर नगर मनीश चौधरी ने दी।

उन्होंने बताया कि निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार 2 सितम्बर को अप्पर घमरेड, दारट बगला, सेरु, बनाई दारट बगला व बनाई हार, 3 सितम्बर को मझारनू, कुफरू, सियुरी, नेर बस्सी, मनोह, मछ्यालु, भ्लेयान्द्रा, बुझडू, बड़ॉन, कुफुरु व बनेड, 4 सितम्बर को कस कोठी, बटोहलू, अलगावाडी भराडू, बिहू, टिककर, छम्ब, गडूही व स्पेडू तथा 5 सितम्बर को लोअर बिहू, कुण्ड, सरस्वती स्कूल, चनेड लांगा में गैस का वितरण किया जायेगा।

इसी तरह 6 सितम्बर को नगर परिषद जोगिंदर नगर, 7 सितम्बर को घटा, मोहनघाटी, राडा भखेड, एहजु, खोली, रोपडी, कलेहडू व गाहरू 8 सितम्बर को बीड़ रोड, मटरू सूजा, मटरू सुजा, भजराला, भटवाडा, संद्रहल, सियुन, बदेहड, ठारु भेरु, चान्जरा व स्तेन, 9 सितम्बर को लकरेहड, सुका बारा, चौंतडा, अप्पर मच्केहड व नगर परिषद् जोगिन्दर नगर, 10 सितम्बर को पस्सल, बीड, कालोनी, टिक्करी मशेहरा, खज,चोगान,चौंतरा,तिब्बती कलोनी व सग्नेहड़ हार वाया चौंतड़ा, 11 सितम्बर को बजगर, लदरूही, भडयाडा, बरनाहू, धनेतर, पातकु अप्पर ढेलु, खलेही, हरड बेहडू, डकबगडा, भगेहड़,गदयाडा व घोडन तथा 12 सितम्बर को नगर परिषद् जोगिन्दर नगर में गैस का वितरण किया जायेगा।

इसी तरह 14 सितम्बर को लोअर ढेलु, ढेलु वार्ड न.-4, योरा टिकरु, भचकैडा, भालारीडा, आडू व सालंग, 15 सितम्बर को चांदनी, ठठरी, बालोहल, कुटखेतडू, शहीद प्रताप चौक से भच्क्यडा से सालंग ख्वाडा, 16 सितम्बर को डोहग, सेंथल, कोहरा, द्रोब्डी, लोअर चौंतडा व सग्नेहड, 17 सितम्बर को राजा चौकी, सरोली, त्रामट व चक्का 18 सितम्बर को द्रुबल लोअर द्रुबल, लडवान, जोन, कुनकर, चडोंझ व भरमेरा तथा 19 सितम्बर को नगर परिषद् जोगिन्दर नगर में वितरित कि जाएगी।

इसी तरह 21 सितम्बर को कुराटी, पिपली, कुटेहडा, संआ, बैला, रोहटा, सपेडू, सरमाणा, अलमरा, भरोला, जटेहर, दंदेहड़ , सलेरा, फोगला, गरथोली व खारसी 22 सितम्बर को त्रेम्बली, गौथला, अली पाबो, कोलंग व दरकोटी, 23 सितम्बर को बसाही, मकरीड़ी, भरयाडा, निचला भड़याडा कमेहड़, नेरी लांगना व खड़ीहार, 24 सितम्बर को च्लाहरग, नाग नाला, द्राहल, बल्ह-जोल, जगेडा, जोली, मछच्याल व बनौण, 25 सितम्बर को अप्रोच रोड, हरनाला, हारगुर्नेन, आरठी निचला गरोरू व सामुदायिक भवन, 26 सितम्बर को छपरोट, शानन, कुपड, लोअर सेरी व मकड़ेना 28 सितम्बर को हरा बारा, ब्रिज मंडी, गलू, छानंग, पंचान्गना वाया सिंगला अस्पताल, 29 सितम्बर को काथला, जिमजिमा, गलू पट, दुल,बानड व टटानका तथा 30 सितम्बर को नगर परिषद् जोगिन्दर नगर में इंडेन गैस का वितरण किया जायेगा।

एसडीएम मनीश चौधरी ने बताया कि निर्धारित तिथि पर किसी कारणवश गैस की गाड़ी नहीं पहुंच पाती है तो अगले दिन आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि कच्ची सड़कों पर गैस की आपूर्ति मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से निर्धारित रूट एवं तिथि के अनुसार गैस सिलेंडर की बुकिंग एवं प्राप्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

हिमाचल: प्रदेश में मौसम के खराब होने के आसार

हमीरपुर में भारी बारिश से दो दिनों के दौरान लगभग 11.25 करोड़ का नुकसान

इस सीजन के दौरान जिला में हुए नुक्सान का आंकड़ा 71.26 करोड़ से भी अधिक

हमीरपुर: जिला हमीरपुर के अधिकांश क्षेत्रों में पिछले दो दिनों के दौरान हुई बारिश से 11.25 करोड़ रुपये से अधिक के नुक्सान का अनुमान है। इसी के साथ इस मॉनसून सीजन में 30 जून के बाद जिला हमीरपुर में सरकारी और निजी संपत्ति के नुक्सान का आंकड़ा 71.26 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

एडीसी अभिषेक गर्ग ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के जिला एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (डीईओसी) में मंगलवार दोपहर तक प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार गत 24 घंटों के दौरान जिले भर से 11.25 करोड़ रुपये से अधिक के नुक्सान का अनुमान है। इस दौरान एक कच्चा मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है और 2 गौशालाएं ध्वस्त हुई हैं। लोक निर्माण विभाग को लगभग 10 करोड़ रुपये, जल शक्ति विभाग की विभिन्न योजनाओं को 1.24 करोड़ रुपये और बिजली की लाइनों का भी लगभग एक लाख रुपये का नुक्सान हुआ है।

एडीसी ने बताया कि इस मॉनसून सीजन में 30 जून के बाद जिला हमीरपुर में सरकारी और निजी संपत्ति के नुक्सान का आंकड़ा 71.26 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस सीजन में अभी तक लोक निर्माण विभाग को सर्वाधिक 45.33 करोड़ रुपये का नुक्सान हुआ है। जबकि, जल शक्ति विभाग को 23.42 करोड़ रुपये, बिजली बोर्ड को 1.13 करोड़, नेशनल हाईवे को 50.22 लाख और शिक्षा विभाग को 17.70 लाख रुपये की क्षति हुई है। बागवानी की फसलों को 43.56 लाख रुपये के नुक्सान की रिपोर्टें भी प्राप्त हुई हैं। एक पंचायत घर के गिरने से लगभग 3.50 लाख रुपये के नुक्सान का अनुमान है। 2 किचन शैड गिरने से लगभग 65 हजार रुपये की क्षति हुई है।

इस सीजन में एक पक्का मकान और 6 कच्चे मकान ध्वस्त होने से लगभग 14.45 लाख रुपये के नुक्सान का अनुमान है। इसी दौरान 28 अन्य कच्चे मकानों और 5 पक्के मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है, जिससे लगभग 15.07 लाख रुपये का नुक्सान हुआ है। 4 डंगे गिरे हैं, जिनमें लगभग 2.40 लाख रुपये की क्षति हुई है। 32 गौशालाओं के ध्वस्त होने से लगभग 8.85 लाख रुपये का नुक्सान हुआ है।

एडीसी ने बताया कि राजस्व विभाग सहित सभी विभागों के फील्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों नुक्सान की रिपोर्ट तुरंत प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावितों की तुरंत मदद की जा सके।

शिमला: छात्रों ने देखी विधानसभा की कार्यवाही..

शिमलाः  मॉनसून सत्र के 8वें दिन की कार्यवाही आरम्भ होने से पूर्व आर्मी पब्लिक स्कूल डगशाई, जिला सोलन, हि.प्र. विधि अध्ययन संस्थान शाहपुर, जिला काँगड़ा, डी.ए.वी.पब्लिक स्कूल कुमारसेन तथा डीएवी पब्लिक स्कूल टूटु, जिला शिमला के लगभग 200 छात्र छात्राओं ने आज विधान सभा की कार्यवाही देखने से पूर्व हि०प्र० विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से कौंसिल चैम्बर के गेट नं० 1 पर मुलाकात की। छात्रों ने विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से सदन की कार्यवाही, विधान सभा की कार्यप्रणाली स्पीकर की सदन में भूमिका, विधान सभा का गठन, मन्त्रिपरिषद के गठन सम्बन्धी कई प्रश्न पूछे जिसका उन्होने सिलसिलेवार जवाब भी दिया। संवाद के दौरान उन्होने कहा कि हमारी संसदीय व्यवस्था संघीय ढाँचे पर आधारित है जो केन्द्र व राज्य के रूप में राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर व्यवस्था के अनुरूप बनती है। केन्द्र में संसद है जिसमें ऊपरी सदन राज्य सभा तथा निचला सदन लोक सभा है जबकि राज्यों में विधान परिषद तथा विधान मण्डल हैं। विधान परिषद का प्रावधान सिर्फ बड़े राज्यों में है। पठानियां ने कहा कि वह चौदहवीं विधान सभा के सर्वसम्मति से निर्वाचित अध्यक्ष हैं। उनका प्रमुख कार्य विधान सभा की कार्यवाही का संचालन करना होता है जिसके लिए वह सत्ता पक्ष तथा प्रति पक्ष दोनों का सहयोग लेते हैं ताकि सदन की कार्यवाही निर्विघ्न चलती रहे।

कानून की पढ़ाई करने वाले छात्रों की ओर इशारा करते हुए पठानियां ने कहा कि आप आने वाले अधिवक्ता तथा न्यायधीश हैं। आप देश के भविष्य हैं तथा इस देश की आजादी लोकतांत्रिक प्रणाली तथा कानून व्यवस्था को उच्च स्तर पर रखना आप सभी की जिम्मेवारी है। पठानियां ने संवाद के दौरान कहा कि देश आजाद कराने में जिन स्वतंत्रता सैनानियों ने अपनी भूमिका निभाई है वह अधिकतर वैरिस्टर थे। मोती लाल नेहरू, विठ्ठलभाई पटेल, जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल तथा डॉ० राजेन्द्र प्रसाद जैसे सरीखे नेता इसके ज्वलंत उदाहरण हैं।

पठानियां ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे सदन की हमेश ही उच्च परम्परा तथा गरिमा रही है जिसे विठ्ठलभाई पटेल ने राष्ट्रीय असेम्बली के प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में सुशोभित कर स्थापित करने का सफल प्रयास किया था। आज भी हि०प्र० विधान मण्डल की पूरे देश में चर्चा होती है। इस अवसर पर पठानियां ने सभी छात्र छात्राओं को अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दी तथा सभी को सदन की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर उप मुख्य सचेतक हि०प्र० सरकार केवल सिंह पठानियां भी विशेष रूप से मौजूद थे।

भाजपा प्रदेश के कर्मचारियों की हितैषी बनने का ढोंग रच रही है – विनय कुमार

शिमला : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि पूर्व भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में प्रदेश के कर्मचारियों से कुठाराघात करते हुए उनकी देनदारियों को चुकता नहीं किया था,जबकि वर्तमान सुक्खू सरकार उनकी सभी देनदारियों के प्रति पूरी तरह गंभीर है।
विनय कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था का बंटाधार कर प्रदेश पर 76 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज व कर्मचारियों की 12 हजार करोड़ से अधिक की देनदारियों को प्रदेश पर थोपा। आज भाजपा प्रदेश के कर्मचारियों की हितेषी बनने का ढोंग रच रही है। उन्होंने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश के साथ जो अन्याय उनकी केंद्र सरकार ने किया है उसके लिये प्रदेश के लोग उसे कभी माफ नहीं करेंगे।
विनय कुमार ने कहा कि प्रदेश के भाजपा नेताओं ने कभी भी प्रदेश की चिंता नही की। आपदा के समय भाजपा ने केवल घड़याली आंसू बहाए । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा राहत 1500 करोड़ की जो आर्थिक सहायता की घोषणा की थी,वह भी आज दिन तक पूरी नही हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी आपदा प्रभावित लोगों की पूरी मदद की। भाजपा के नेता आपदा के समय अपना राजनैतिक हित साधते रहें।
विनय कुमार ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने आरडीजी बंद कर प्रदेश के विकास को प्रभावित करने का जो घोर अन्याय किया है उसके लिए प्रदेश के लोग उसे कभी माफ नहीं करेंगे।
विनय कुमार ने प्रदेश के कर्मचारियों, पेंशनरों को आश्वासन दिया है कि उनके जितने भी बकाया व देय है उसके प्रति प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और जल्द ही उन्हें चुकता किया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों से भाजपा के किसी भी दुष्प्रचार के प्रति आगह करते हुए कहा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों की ओपीएस बहाल कर अपना वादा पूरा किया है और आगे भी अपने सभी वादों को पूरा करेगी।