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सोलन: केवीके ताबो ने स्पीति घाटी में टिकाऊ बागवानी के भविष्य के लिए किसानों को किया प्रेरित

सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), ताबो द्वारा एक किसान मेले का आयोजन किया गया, जिसमें स्पीति घाटी के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 400 किसानों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में कृषि एवं बागवानी को आगे बढ़ाने के लिए अनुसंधान एवं विकास पहलों से संबंधित आईसीएआर की जनजातीय उपयोजना (ट्राइबल सब प्लान) के अंतर्गत किया गया।

किसान मेले ने वैज्ञानिकों, प्रसार कार्यकर्ताओं और किसानों के बीच संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। इसके माध्यम से प्राकृतिक खेती, फल उत्पादन तथा उन्नत कृषि तकनीकों से संबंधित ज्ञान एवं अनुभवों का आदान-प्रदान किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. डी.पी. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। स्पीति की खंड विकास समिति (बीडीसी) की अध्यक्ष छेरिंग डोलमा सहित क्षेत्र के विभिन्न पंचायत प्रधानों और बीडीसी सदस्यों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

किसानों का स्वागत करते हुए केवीके ताबो के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.एस. स्पेहिया ने शीत मरुस्थलीय क्षेत्र में वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए केंद्र की गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ताबो स्थित अनुसंधान केंद्र के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान स्पीति घाटी में सेब की खेती की तकनीक को शुरू करने और उसका प्रसार करने में डॉ. शर्मा के अग्रणी योगदान की सराहना की। उन्होंने स्पीति घाटी को प्राकृतिक खेती घाटी घोषित करने के लिए हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे एक लंबे समय से संजोया गया लक्ष्य बताया, जिसे साकार करने के लिए केवीके लगातार प्रयासरत है। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. डी.पी. शर्मा ने स्पीति घाटी में सेब की खेती की शुरुआत से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने क्षेत्र में सेब के बगीचे स्थापित करने के शुरुआती दौर में सामने आई चुनौतियों और कठिनाइयों का उल्लेख किया तथा स्थानीय किसानों की दूरदृष्टि, दृढ़ संकल्प और सहयोग से हासिल हुई उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला।

उन्होंने सेब और मटर की खेती के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए किसान समुदाय की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन फसलों ने ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित तकनीकों को अपनाने और उनके प्रसार में सहयोग देने के लिए भी किसानों की प्रशंसा की। डॉ. शर्मा ने स्पीति घाटी की कठोर जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल किस्मों को अपनाने तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। केवीके की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए छेरिंग डोलमा ने स्पीति घाटी में बागवानी गतिविधियों को सुदृढ़ करने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से पूरे क्षेत्र में सेब की खेती का विस्तार करने पर जोर दिया, ताकि किसानों की आजीविका को बेहतर बनाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान बागवानी एवं कृषि फसलों में प्राकृतिक और पारंपरिक खेती की पद्धतियों को बढ़ावा देने वाले प्रगतिशील किसानों को कृषि विकास तथा किसान जागरूकता एवं प्रसार में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। किसान मेले में केवीके, स्थानीय किसानों और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा विकसित विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। प्रदर्शनी में स्थानीय कृषि उत्पादों, प्राकृतिक खेती से प्राप्त उपज से तैयार उत्पादों तथा सी-बकथॉर्न से बने उत्पादों की विविध श्रृंखला प्रदर्शित की गई, जिसे प्रतिभागियों ने खूब सराहा।

विभिन्न विभागों में दृष्टिबाधितों के लिए आरक्षित पदों को भरना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – शांडिल

प्रदेश सरकार दृष्टिबाधितों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित: डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल
शिमला: स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में आज यहां ब्लाइंड पर्सन्स एसोसिएशन तथा नेशनल फेडरेशन ऑफ़ द ब्लाइंड के साथ दृष्टिबाधितों के अधिकारों, शिक्षा, प्रशिक्षण और सशक्तिकरण आदि महत्त्वपूर्ण मद्दों पर चर्चा की गई।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों में दृष्टिबाधितों के लिए आरक्षित पदों को भरना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है।
डॉ. कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार आदि क्षेत्रों में दृष्टिबाधितों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूर्णतः समर्पित है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ऐसे संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष योजनाएं, कार्यक्रम तथा नवीन पहल कर रहे हैं जिन्हें प्रदेश सरकार के सहारे और सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि संवेदनशील वर्गों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाए।
बैठक के दौरान दृष्टिबाधित संघ एवं महासंघ द्वारा प्रस्तुत विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा की गई तथा उनकी जायज मांगों को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया गया।
बैठक में मुख्य सचिव के.के. पंत, सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सी.पी. वर्मा, सचिव शहरी विकास अमरजीत सिंह, निदेशक सुमित खिमटा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

शिमला: पुलिस मैदान भराड़ी में मनाया गया पुलिस स्मृति दिवस;  DGP बोले- शहीदों का बलिदान हमारी प्रेरणा, उनके परिवार हमारी जिम्मेदारी

हिमाचल: प्रदेश पुलिस ने आज पुलिस मैदान भराड़ी, शिमला में पुलिस स्मृति दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया। इस अवसर पर नागरिकों के जीवन, आत्मसम्मान और सुरक्षा के लिए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिस जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि समारोह में औपचारिक परेड और शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया।
राज्यपाल ने अपने संदेश में पुलिस कर्मियों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मी कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने और राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई बार अपने जीवन को जोखिम में डालकर कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। उन्होंने देश सेवा में अपने प्रियजनों को खोने वाले शहीदों के परिवारों के धैर्य, साहस और त्याग को भी नमन किया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अपने संदेश में कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान सदैव सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और कल्याण के लिए समर्पित एक पेशेवर, संवेदनशील और जनहितैषी पुलिस बल के महत्व पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने पुलिस शहीदों के परिवारों के साहस और धैर्य की भी सराहना की।
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि शहीदों के परिवारों के लिए यह ऐसी अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इन वीरों ने केवल वर्दी नहीं पहनी बल्कि उसके सर्वाेच्च आदर्शों को भी अपने जीवन में उतारा और जब कर्तव्य ने पुकारा तो दूसरों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।
अशोक तिवारी ने कहा कि शहीदों का बलिदान हमारी प्रेरणा है। उनके परिवार हमारी जिम्मेदारी हैं और उनके अधूरे कर्तव्य को पूरा करना हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने दोहराया कि पुलिस शहीदों के परिवारों का कल्याण, सम्मान और सुख-सुविधाएं पुलिस की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में सदैव शामिल रहनी चाहिए।
पुलिस स्मृति दिवस प्रत्येक वर्ष 21 अक्तूबर को देशभर में मनाया जाता है। वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों द्वारा किए गए हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दस जवानों की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन राष्ट्र सेवा में सर्वाेच्च बलिदान देने वाले सभी पुलिस कर्मियों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
इस अवसर पर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न यूनिटों के पुलिस जवान उपस्थित रहे।

भाजपा के गुट गिनाने के बजाय, अपनी सरकार के काम गिनाएं मुख्यमंत्री – जयराम ठाकुर

शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि लोन प्रिय मुख्यमंत्री को भाजपा के गुट गिनाने के बजाय अपनी पार्टी पर ध्यान देना चाहिए। न उनसे सरकार और मंत्रिमंडल संभल रहा है और न ही पार्टी। प्रदेश की हालत आज प्रदेश के लोग ही जानते हैं। विकास से लेकर जनहित के सारे काम ठप हैं। एक कल्याणकारी राज्य के बजाय ‘शुल्क की सरकार’ चलाने वाले सुक्खू जीवन भर एक गुट की राजनीति करते रहे और आज भी सिर्फ एक गुट की सरकार ही चला रहे हैं। बाकी गुट और प्रदेश को उन्होंने उनके हाल पर छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल को ही इकट्ठा नहीं कर पा रहे हैं। आज उनके साथ चार लोग खड़े नहीं हैं। मंत्रिमंडल को दरकिनार कर मित्रमंडल की सरकार चलाने वाले सुक्खू को भाजपा के पाँच गुट गिनाने के बाद अपने चार साल के चार काम गिनाते तो बेहतर होता। लेकिन जब कोई काम किया ही नहीं है, तो वह गिनाएंगे क्या? बस उनके पास बताने के लिए भाजपा की बंद की गई योजनाओं और संस्थानों के अलावा कुछ नहीं है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उड़ान योजना के तहत सेवाएं शुरू की हैं। मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रही इस केंद्रीय योजना में सर्वाधिक योगदान केंद्र सरकार का होता है। लेकिन मुख्यमंत्री केंद्र सरकार को श्रेय देना तो दूर, उसका नाम लेने से भी कतराते हैं। उन्हें केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करना चाहिए। उड़ान योजना के तहत होने वाली वायबिलिटी गैप फंडिंग (व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण) का सर्वाधिक हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता है। राज्य सरकार नाममात्र का हिस्सा देती है। इसके बाद भी मुख्यमंत्री द्वारा सामान्य शिष्टाचार का निर्वहन करते हुए आभार तक नहीं जताया जा रहा है। प्रदेश में विकास के नाम पर जो भी काम हो रहा है, उसमें केंद्र का ही योगदान है। स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में जो भी काम हो रहे हैं, वे केंद्र द्वारा दिए गए आर्थिक सहयोग से ही हो रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार सिर्फ अराजकता और भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है। आपदा से जो सड़कें टूटी हैं, वे आज तक वैसी ही हैं। नशा पूरे प्रदेश में तांडव मचा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाएं गर्त में जा रही हैं। लोगों को न हिमकेयर का लाभ मिल रहा है और न ही आयुष्मान का। इलाज के लिए लोगों के भटकने की खबरें आम बात हो गई हैं। नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी हो या आउटसोर्स के नाम पर मित्र मंडली द्वारा वसूली के आरोप, ये सब आम बात हो गई है। सरकार की नाकामियों को उजागर करने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि उनकी आवाज दबाई जा सके। चौतरफा नाकामियों से घिरे मुख्यमंत्री इधर-उधर की बातें करके अपना समय काट रहे हैं।

शिमला: शोघी में चिट्टा मामले में तीन युवक गिरफ्तार..

शिमला: शिमला पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना पश्चिम में दर्ज चिट्टा बरामदगी के मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में दिनांक 13 अक्टूबरको शोघी चौकी के नजदीक नाकाबंदी के दौरान एक बस की तलाशी में ऊपर रैक पर रखे काले रंग के पिट्ठू बैग से लगभग 36 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई थी। बैग का मालिक मौके पर नहीं मिलने के कारण अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था। मामले के अन्वेषण के दौरान डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड तथा CCTV फुटेज के विश्लेषण के आधार पर अविनाश कपूर (31 वर्ष), निवासी रामपुर, जिला शिमला; विशाल ठाकुर (26 वर्ष), निवासी रामपुर, जिला शिमला; तथा खुशवंत सिंह (31 वर्ष), निवासी रामपुर, जिला शिमला की संलिप्तता सामने आई। अविनाश कपूर को 16.10.2026 को गिरफ्तार किया गया, जबकि विशाल ठाकुर और खुशवंत सिंह को 19.10.2026 को पुलिस थाना बालूगंज की टीम ने रामपुर से गिरफ्तार किया।

तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला तथा अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में आगामी अन्वेषण जारी है। शिमला पुलिस नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऊना : बस-बाइक की टक्कर, 2 युवकों की मौत

 ऊना : ऊना जिले में अंब-ऊना मार्ग पर मंगलवार देर रात हुए सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। हादसा कटौहड़ खुर्द स्थित कृष्णा नर्सरी के पास रात करीब 10:45 बजे हुआ। यहां एचआरटीसी बस और बाइक के बीच टक्कर हो गई, जिसमें बाइक सवार दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, एचआरटीसी बस ऊना से अंब की ओर जा रही थी। इसी दौरान सामने से आ रही बाइक के साथ बस की टक्कर हो गई। हादसे के बाद दोनों युवकों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) अंब ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान स्टोथर गांव निवासी योगेश कुमार और अमन भाटिया के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में बस चालक बचित्तर सिंह के खिलाफ तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

शिमला: संजौली से रामपुर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का शुरू, CM सुक्खू बोले- हमीरपुर, चम्बा और पालमपुर के लिए भी जल्द शुरू होगी हेेलीकॉप्टर सेवा

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रामपुर प्रवास के दौरान किया वायदा निभाते हुए आज शिमला के संजौली से रामपुर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का शुभारम्भ किया। क्षेत्रीय सम्पर्क योजना उड़ान के अंतर्गत आरम्भ हेली-हॉप हिमाचल हेलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में तीन दिन उपलब्ध होगी।
इस सेवा के तहत हेलीकॉप्टर प्रातः 9:55 बजे संजौली से उड़ान भरेगा और 10:30 बजे रामपुर पहुंचेगा। इसके बाद प्रातः 10:50 बजे रामपुर से रिकांगपिओ के लिए उड़ान होगी जो 11:25 बजे पहुंचेगी। वापसी में रिकांगपिओ से प्रातः 11:30 बजे उड़ान होगी और दोपहर 12:05 बजे हेलीकॉप्टर रामपुर पहुंचेगा। इसके बाद 12:10 बजे रामपुर से संजौली के लिए उड़ान होगी और दोपहर 12:45 बजे संजौली पहुंचेगी। यह सेवा सप्ताह में 3 दिन सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हमीरपुर, चम्बा और पालमपुर के लिए चार माह में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करेगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल महज एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का साधन नहीं, बल्कि पहाड़ों में बदलते वक्त, नई सोच और विकास की असीम संभावनाओं का प्रतीक है। इससे सफर का समय कम होगा, पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल के हर कोने को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लोगों को सुगम, सहज और समयबद्ध सम्पर्क सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए दृढ़ता से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिमला में हवाई क्नेक्टिविटी को और सुदृढ़ करने के लिए जमीन चिन्हित करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा सके।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इन उड़ानों के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण की पूरी राशि राज्य सरकार वहन कर रही है। इस पर सरकार द्वारा लगभग 35.70 लाख रुपये प्रतिमाह खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘हम प्रदेश में सभी जिला मुख्यालयों सहित कुल 16 हेलीपोर्ट के निर्माण और विकास पर भी काम कर रहे हैं, ताकि हवाई परिवहन सुविधाओं का और विस्तार किया जा सके।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कांगड़ा स्थित गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार के लिए भी दृढ़ता से कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण के लिए अपने स्रोतों से 2400 करोड़ रुपये की राशि लोगों को वितरित की जा चुकी हैं। इस हवाई अड्डे के विस्तार के बाद इसे हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से सभी जिला मुख्यालयों को जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में मदद भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सोच स्पष्ट है कि हिमाचल के दूरदराज क्षेत्रों को बेहतर संपर्क सुविधाओं से जोड़ें, लोगों का समय बचाएं और विकास के अवसरों को हर क्षेत्र तक पहुँचाया जाए।

शिमला: पहली कक्षा से शुरू होगी नैतिक शिक्षा; CM सुक्खू ने जेबीटी के 600 पदों पर भर्ती के करने के दिए निर्देश

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए बच्चों में प्रारंभिक अवस्था से ही नैतिक मूल्यों, अनुशासन, करुणा, बड़ों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए कक्षा पहली से नैतिक शिक्षा आरम्भ करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठयक्रम लागू करने की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इन स्कूलों में योग्य शिक्षकों, पर्याप्त प्रशासनिक कर्मचारियों तथा अनुकूल शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने पर बल दिया।
उन्होंने सीबीएसई स्कूलों के लिए जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) के 600 पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने तथा 100 नए स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों की आवश्यकताओं को योजनाबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सीबीएसई स्कूलों में मिनिस्ट्रीयल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आवश्यकता की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित मानदंडों के अनुसार कर्मचारियों की जरूरत का आकलन कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने नई योजना आधारित भर्ती के तहत 3,900 शिक्षकों तथा 900 गैर-शिक्षकों के पदों को भरने की प्रक्रिया की समीक्षा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, सरकारी स्कूलों को सुदृढ़ करने तथा प्रभावी निगरानी और जवाबदेही के माध्यम से लिए गए निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में सचिव शिक्षा डॉ. यूनुस, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव का शुभारंभ; 347 से अधिक देवी-देवताओं पहुंचे ऐतिहासिक ढालपुर मैदान

कुल्लू: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज ऐतिहासिक ढालपुर मैदान, कुल्लू में सप्ताह भर चलने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इसके साथ ही प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों में से एक इस उत्सव का आगाज हुआ।
उत्सव का शुभारंभ भगवान रघुनाथ जी की पारंपरिक रथयात्रा के साथ हुआ, जिसमें कुल्लू घाटी के विभिन्न क्षेत्रों से आए 347 से अधिक देवी-देवताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी उपस्थित रहीं।
राज्यपाल ने इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कुल्लू दशहरा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति, लोक परंपराओं, सामूहिक आस्था और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि देव संस्कृति और लोक संस्कृति का अनूठा संगम कुल्लू दशहरा को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है और इसे देश के सांस्कृतिक मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाता है। उन्होंने कहा कि परंपराएं केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए सामर्थ्य एवं मार्गदर्शन का स्रोत भी हैं। राज्यपाल ने कहा कि इन परंपराओं का संरक्षण करना और इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विजयादशमी के संदेश का उल्लेख करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन समाज को सत्य, कर्तव्य, त्याग, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने लोगों से नशाखोरी, हिंसा, भ्रष्टाचार तथा समाज में वैमनस्य पैदा करने वाली शक्तियों जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध एकजुट होकर खड़े होने का आह्वान किया।
नागरिकों से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना अपनाने की अपील करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने सभी से आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। यह उत्सव पर्यटन, स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि उत्सव के आर्थिक लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचने चाहिए और इसके साथ ही इसकी पारंपरिक पहचान एवं प्रामाणिकता भी संरक्षित रहनी चाहिए।
राज्यपाल ने युवाओं से नशे से दूर रहने, नए कौशल अर्जित करने, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार को अपनाने, पर्यावरण की रक्षा करने तथा अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का भी आह्वान किया।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव आस्था, सांस्कृतिक गौरव, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता की भावना को निरंतर सुदृढ़ करता रहेगा तथा हिमाचल प्रदेश की समृद्ध विरासत को देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा।
राज्यपाल ने भगवान रघुनाथ जी से हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश की शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।
इसके उपरांत राज्यपाल ने विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों तथा गैर-सरकारी संगठनों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और प्रदर्शित उत्पादों एवं सामग्री की सराहना की।
इससे पूर्व कुल्लू पहुंचने पर राज्यपाल का भव्य स्वागत किया गया।

ऑनलाइन

जेएनवी पेखुबेला में कक्षा 9वीं व 11वीं की प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी

अब 22 अक्तूबर तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

ऊना: पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) पेखुबेला में शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए कक्षा 9वीं एवं 11वीं में रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 22 अक्तूबर कर दी गई है। इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्तूबर निर्धारित की गई थी।

यह जानकारी विद्यालय के प्राचार्य राज सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि इच्छुक विद्यार्थी एवं अभिभावक कक्षा 9वीं के लिए https://cbseitms.nic.in/2026/nvsix_9 तथा कक्षा 11वीं की प्रवेश परीक्षा के लिए https://cbseitms.nic.in/2026/nvsxi_11 पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन करने वाले पंजीकृत अभ्यर्थियों को आवेदन फॉर्म में संशोधन का अवसर भी दिया जाएगा। इसके लिए सुधार विंडो निर्धारित तिथि के बाद तीन दिनों (23 से 25 अक्तूबर) तक खुली रहेगी।

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