नवरात्रि 2021: जानें कलश स्थापना का शुभ मुहुर्त, पूजा विधि और मंत्र : आचार्य महिंद्र कृष्ण शर्मा

नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है। माता को प्रसन्न करने के लिए भक्त नौ दिनों तक माता की पूजा अर्चना कर व्रत रखते हैं।

नवरात्रि कब शुरु हो रहे हैं, शुभ मुहूर्त और महत्व

इस बार शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 7 अक्टूबर 2021 दिन बृहस्पतिवार से शुरू होकर 15 अक्टूबर 2021, शुक्रवार तक है। 

कालयोगी आचार्य महिंद्र कृष्ण शर्मा

आचार्य महिंद्र कृष्ण शर्मा

शारदीय नवरात्रि 7 अक्टूबर, गुरुवार से प्रारंभ हो रहे हैं। नवरात्रि के पहले दिन यानी प्रतिपदा तिथि में कलश स्थापना या घट स्थापना का महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास प्रतिपदा तिथि का आरंभ 6 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 35 मिनट पर हो रहा है और प्रतिपदा तिथि 7 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 47 मिनट तक रहेगी।  

शास्त्रों में व्रत एवं त्योहार उदया तिथि में मनाने का विशेष महत्व होता है। ऐसे में 7 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि में सूर्योदय के साथ ही शारदीय नवरात्रि प्रारंभ होंगे। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है।

शारदीय नवरात्रि 2021 कलश स्थापना मुहूर्त: कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6:17 मिनट से 7:07 मिनट तक है। दु्र्गा जी के नौ स्‍वरूपों में पहले द‍िल मां शैलपुत्री की आराधना की जाती है।

 कलश व‍िध‍ि और मंत्र: सुबह पूजा के ल‍िए सबसे पहले पानी में कुछ बूंदें गंगाजल की डालकर स्नान करें। कलश स्थापना के स्थान पर दीया जलाएं। अगर अखंड ज्‍योत जलानी है तो वो भी इसी समय जलाएं। फ‍िर दुर्गा मां को अर्घ्य दें। इसके बाद अक्षत और सिंदूर चढ़ाएं। लाल फूलों से मां को सजाएं। मां को फल, मिठाई का भोग लगाएं। धूप, अगरबत्ती जलाकर दुर्गा चालीसा पढ़े। अंत में मां की आरती करें।

कलश स्थापना के ल‍िए सामग्री: कलश स्थापना के ल‍िए इस सामग्री को तैयार रखें : मिट्टी का कटोरा, जौ, साफ मिट्टी, कलश, रक्षा सूत्र, लौंग इलाइची, रोली और कपूर। आम के पत्ते, पान के पत्ते, साबुत सुपारी, अक्षत, नारियल, फूल, फल।

कलश स्थापना के समय लें संकल्प : मान्यता है कि कलश में दैवीय शक्तियां विराजमान होती हैं और इसलिए कलश या घटस्थापना का विशेष महत्व होता है।कलश स्थापित करने से पहले मिट्टी के बर्तन में जौ बोएं। ध्यान रखें जौ बोने के लिए उन्हें एक रात पहले भिगो दें। इसके बाद कलश पर स्वास्तिक बनाएं और उसमें दो सुपारी, मोली, सिक्के और अक्षत डालें। गंगाजल छिड़कते हुए ॐ वरुणाय नमः मंत्र का जाप करें। इसके बाद माता को लाल चुनरी उड़ा दें।इसके बाद कलश पूजन करें और ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे!’ का जाप करें। फिर देवी मां की तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और आरती करें।

नवरात्र‍ि के नौ द‍िनों में अलग अलग रंग पहनने का व‍िधान है। पहले द‍िन घटस्‍थापना के समय पीले रंग को शुभ माना गया है। 

नवरात्रि में चतुर्थी तिथि का क्षय होने से शारदीय नवरात्रि आठ दिन की होगी। इस दिन घट और प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।

कब से शुरू हो रही है नवरात्रि 2021 : हिंदी पंचांग के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानि 7 अक्टूबर 2021 दिन बृहस्पतिवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। आइए जानते हैं नवरात्रि से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण तिथियां।

  • घटस्थापना तिथि: – 7 अक्टूबर 2021, गुरुवार

  • द्वितीया तिथि: – 8 अक्टूबर 2021, शुक्रवार

  • तृतीया व चतुर्थी तिथि: – 9 अक्टूबर 2021, शनिवार

  • पंचमी तिथि: – 10 अक्टूबर 2021, रविवार

  • षष्ठी तिथि: – 11 अक्टूबर 2021, सोमवार

  • सप्तमी तिथि: – 12 अक्टूबर 2021, मंगलवार

  • अष्टमी तिथि: – 13 अक्टूबर 2021, बुधवार

  • नवमी तिथि: – 14 अक्टूबर 2021, गुरुवार

  • दशमी तिथि: – 15 अक्टूबर 2021, शुक्रवार

  • नवरात्रि में चतुर्थी तिथि का क्षय होने से शारदीय नवरात्रि आठ दिन की होगी। इस तरह तृतीया व चतुर्थी तिथि: – 9 अक्टूबर 2021, शनिवार को होगी। 

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