
शिमला: जिला शिमला के मशोबरा विकास खंड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नीन में जोनल स्तरीय अंडर-19 गर्ल्स खेल प्रतियोगिता का हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह की अध्यक्षता में आज भव्य आगाज़ किया गया जिसमें मशोबरा जोन के 15 विद्यालयों की छात्राओं द्वारा अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित की जाएगी।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि एक विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास में खेल महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं और खेल से जहां विद्यार्थी का शारीरिक विकास होता है वहीं पढ़ाई के मद्देनजर मानसिक विकास में भी बढ़ोतरी दर्ज होती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपने शारीरिक विकास व खान-पान का खास ध्यान रखना चाहिए ताकि आज के इस बदलते परिवेश में उनके स्वास्थ्य व शिक्षा का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की छात्राएं आयोजित होने वाली विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश व देश का नाम रोशन कर रही हैं और लगभग हर खेल में हिमाचल की लड़कियों की प्रतिभागिता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को खेलों से जोड़ने और नशे से दूर रखने के लिए जमीनी स्तर पर कदम उठाए गए हैं और हिमाचल के युवा को खेल से जोड़कर एक स्वस्थ समाज व सशक्त राष्ट्र की ओर अग्रसर किया जा रहा है।
नीन पंचायत में विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा पूर्ण
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत नीन शिमला ग्रामीण क्षेत्र में प्रवेश करने का पहला पड़ाव है और पंचायत के विकास कार्यों को गति देना हमेशा से उनकी प्राथमिकता रही है। क्षेत्र के लोगों को सड़क, एंबुलेंस रोड, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं का चरणबद्ध तरीके से समाधान करना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से प्राप्त मांगों और समस्याओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण क्षेत्र में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं पर कार्य चल रहा है। नीन, पाहल और घैणी पंचायतों के क्षेत्र में सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि देवीधार से नया सेर और आगे ब्रिज तक सड़क निर्माण के लिए करीब 14.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जबकि नया सेर से आगे ब्रिज का निर्माण करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने स्वयं निर्माण कार्य का निरीक्षण किया है और प्रयास रहेगा कि यह कार्य मार्च-अप्रैल तक पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बेहतर इंटरकनेक्टिविटी के लिए यह एक महत्वपूर्ण परियोजना है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के अन्य हिस्सों को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण के लिए भी करीब 11 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है और जल्द ही इसका कार्य शुरू किया जाएगा। इसी प्रकार नीन पंचायत की लिंक रोड सहित अन्य सड़कों पर भी कार्य प्रगति पर है। अयोग वाली लिंक रोड के लिए करीब 3.50 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी प्राप्त हो चुकी है और विभाग द्वारा इस पर कार्य करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों तथा स्थानीय लोगों की सार्वजनिक मांगों को पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
शिमला ग्रामीण खेल महाकुंभ में महिलाओं के लिए होंगे विशेष आयोजन
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि शिमला ग्रामीण खेल महाकुंभ को इस बार विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने वाला आयोजन बनाया जा रहा है। महिलाओं के लिए इतना बड़ा आयोजन क्षेत्र के इतिहास में पहली बार होने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण खेल महाकुंभ का आयोजन अलग-अलग चरणों में सुन्नी सहित क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा। इसमें कबड्डी, क्रिकेट, बैडमिंटन सहित अनेक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। महिलाओं के लिए विशेष रूप से रस्साकशी सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं रखी गई हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने महिलाओं से खेल महाकुंभ में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का आह्वान किया तथा सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में वॉलीबॉल, कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन, योगा, चैस व सांस्कृतिक प्रतियोगिता आयोजित की जा रही हैं।
इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति भी प्रस्तुत की गई। सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा 31 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने को घोषणा की गई। इसके अलावा उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विद्यालयों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आवश्यक सामान नीन विद्यालय को शीघ्र उपलब्ध करवाया जाएगा।

हिमाचल: जनगणना विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि हिमाचल प्रदेश के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनगणना के द्वितीय चरण का कार्य 1 सितम्बर से शुरू हो गया है। यह महत्वपूर्ण चरण प्रदेश के सभी चिन्हित हिमाच्छादित क्षेत्रों में 30 सितंबर, 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस अवधि के दौरान प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना से संबंधित आंकड़े एकत्रित करेंगे।
उन्होंने बताया कि भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस चरण में प्रदेश के पूर्ण एवं आंशिक बर्फबारी वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें जिला शिमला, किन्नौर तथा लाहौल-स्पीति पूरी तरह से हिमाच्छादित क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जबकि चंबा, कुल्लू, कांगड़ा, सिरमौर और मंडी जिले आंशिक रूप से हिमाच्छादित क्षेत्र की श्रेणी में शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए जनसंख्या गणना का कार्य समयबद्ध पूरा किया जाएगा। इस गणना प्रक्रिया के तहत प्रगणक घर-घर जाकर आधिकारिक रूप से राजपत्र में प्रकाशित 40 प्रश्न पूछेंगे। 17 से 31 अगस्त तक हिमाच्छादित क्षेत्रों के निवासियों को ‘स्व-गणना’ की डिजिटल सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई थी।
उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने स्व-गणना पूरी कर ली है, वे प्रगणक के आने पर अपनी स्व-गणना आई. डी. अवश्य साझा करें। यदि किसी कारणवश स्व-गणना नहीं की गई है, तो भी प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे।
उन्होंने सभी हिमाच्छादित क्षेत्रों के निवासियों से घर आए प्रगणक का सहयोग करने और पूर्ण व सटीक जानकारी उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि आम नागरिक जनगणना सम्बन्धी किसी भी जानकारी के लिए जनगणना हेल्पलाइन 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। उत्तरदाता द्वारा दी गई समस्त जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय है। जनगणना से प्राप्त आंकड़े ही प्रदेश के समग्र विकास और भविष्य की जनकल्याणकारी नीतियों के निर्माण का आधार बनते हैं। उन्होंने आम जनता जनगणना में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने व प्रदेश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

शिमला : हिमाचल प्रदेश में एक बात हमेशा मुख्यमंत्री कहते हैं कि हम कर्मचारी हितैषी हैं। अगर सरकार कर्मचारी हितैषी है तो बताएं कि क्यों कर्मचारी और पेंशनर्स धरने पर हैं। क्यों उनको अपनी मांगों को मनवाने के लिए हड़ताल का रास्ता ढूंढना पड़ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा कि चार साल सरकार के पूरे होने जा रहे हैं लेकिन अभी भी भत्ते और अन्य ड्यूज लंबित हैं। आने वाले समय में सरकार को इसका जवाब देना ही होगा। हम विधानसभा के अंदर और बाहर ये सभी मुद्दे उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता बहुत बड़ी गलत फहमी का शिकार हैं कि राहुल गांधी देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। शायद वे भूल चुके हैं कि राहुल गांधी अब तक 13 बार लांच हुए और हर बार उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा है। जिस नेतृत्व को जनता बार बार नकार रही है उसको ढोने से अब क्या ही हासिल होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर होने के बाबजूद मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के धरने प्रदर्शनों में शामिल हो रहे हैं जो मर्यादा के खिलाफ है। मैं भी मुख्यमंत्री पांच वर्ष रहा लेकिन कभी ऐसे हर बात पर नारेबाजी करने सड़क पर नहीं उतरा। मुख्यमंत्री सिर्फ राजनीति करने के मकसद से अपने पद के प्रतिष्ठा को भी दांव पर लगा रहे हैं। उन्हें थोड़ा तो परहेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा वोट बैंक की राजनीति करती है। राहुल गांधी खुद नफरत की राजनीति करते हैं और दूसरे किसी नेता का सम्मान करना नहीं जानते। जातिवाद को बढ़ावा देकर राहुल गांधी सिर्फ राजनीति कर रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है जबकि भाजपा ऐसी राजनीति से परहेज करती है।

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज चंडीगढ़ के निकट बद्दी क्षेत्र में प्रस्तावित हिम-चंडीगढ़ सिटी की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही इस नए शहर का विकास कार्य शुरू करेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताओं के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम-चंडीगढ़ सिटी को अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और आवश्यक नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित एक आधुनिक, सुनियोजित एवं टिकाऊ शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रस्तावित शहर का सुनियोजित, सतत एवं संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए सभी संभावनाओं का पता लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सरसा नदी के किनारे लगभग नौ किलोमीटर लंबे सुविकसित रिवरफ्रंट को परियोजना में शामिल किया जाए, ताकि शहर की सुंदरता बढ़े और निवासियों को स्वच्छ, आकर्षक एवं मनोरंजन के लिए उपयुक्त सार्वजनिक स्थान उपलब्ध हो सकें। उन्होंने प्रस्तावित शहर से आवागमन के लिए मजबूत एवं प्रभावी सड़क संपर्क सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि आवागमन सुगम हो और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सके।
सुक्खू ने कहा कि प्रस्तावित शहर न केवल क्षेत्र की बढ़ती शहरी आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा होगा और राज्य के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सहारा योजना तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की।
बैठक में योजना का प्रभावी, पारदर्शी एवं सुगम क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा एक समर्पित ऑनलाइन सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन विकसित की गई है। नई प्रणाली के तहत 4,050 सक्रिय एवं पात्र लाभार्थियों को सफलतापूर्वक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित किया गया है। पोर्टल के माध्यम से 3,958 लाभार्थियों का ‘आधार’ आधारित ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है। इसके परिणामस्वरूप जुलाई, 2026 माह के लिए अब तक 3,723 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता जारी की जा चुकी है। ई-कल्याण पोर्टल के माध्यम से अब तक कुल 4,143 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों को योजना के प्रावधानों के अनुसार प्रक्रिया में लाकर स्वीकृत किया जा रहा है।
विभाग द्वारा विकसित ऑनलाइन पोर्टल लाइव है और आम जनता के लिए उपलब्ध है। पात्र एवं जरूरतमंद आवेदक मुख्यमंत्री सहारा योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए ई-कल्याण पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारा योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन व्यक्तियों को प्रति माह 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जो कुछ चिन्हित घातक बीमारियों से पीड़ित हैं। योजना के तहत उनके परिचारकों को भी सहायता प्रदान की जाती है, जिससे लंबे समय तक चलने वाले चिकित्सा उपचार के दौरान परिवारों पर आर्थिक बोझ और कठिनाइयों को कम करने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष के लिए योजना के तहत 20.01 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें से अब तक 4.46 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।
श्री सुक्खू ने विभाग को निर्देश दिए कि योजना के लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध एवं सुगम तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लंबे समय तक चलने वाले चिकित्सा उपचार के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे जरूरतमंद परिवारों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव सी.पी. वर्मा, निदेशक ईएसओएमएसए सुमित किमटा, निदेशक महिला एवं बाल विकास डॉ. पंकज ललित तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शिमला: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सोमवार को शिमला के बालूगंज चौक पर स्थानीय लोगों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ चाय की चुस्कियां लेते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। कागज के कप में चाय पीते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि चाय केवल एक पेय नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को आपस में जोड़ने और संवाद का एक सशक्त माध्यम भी है। डॉ. बिंदल ने कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक पूरे भारत में चाय अलग-अलग तरीकों से पी जाती है। चाय लोगों के मिलने, बैठने और विचार साझा करने का माध्यम बनी हुई है। उन्होंने कहा कि चाय के साथ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी जुड़ा हुआ है और आज चाय पर चर्चा जनसंवाद का प्रतीक बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि आज भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। दुनिया के अनेक हिस्सों में आर्थिक चुनौतियां दिखाई दे रही हैं, लेकिन भारत की आर्थिक विकास दर 7.8 प्रतिशत दर्ज हुई है। यह पूरे देश के लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है। उन्होंने देशवासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि भारत की विकास यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है। डॉ. बिंदल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की प्रगति और राष्ट्रीय एकता को सकारात्मक दृष्टि से देखने के बजाय वे ऐसे विषय सामने लाते हैं, जिनसे समाज में अनावश्यक विभाजन पैदा होता है। उन्होंने कहा कि अब राहुल गांधी को कागज के कप और दूसरे प्रकार के कप में भी विभाजन दिखाई देने लगा है।
उन्होंने कहा कि बालूगंज में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एक साथ बैठकर उसी कागज के कप में चाय का आनंद ले रहे हैं। प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बाद कागज के कप का उपयोग आम हो गया है और सामान्य आयोजनों से लेकर बड़े सामाजिक एवं वैवाहिक समारोहों तक इनका व्यापक इस्तेमाल होता है। ऐसे सामान्य विषयों को सामाजिक विभाजन से जोड़ना उचित नहीं है। डॉ. बिंदल ने कहा कि देश को एकजुट रखना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। राजनीति में मतभेद और विचारों का अंतर हो सकता है, लेकिन ऐसी किसी भी गतिविधि या बयानबाजी से बचना चाहिए जो जाति, धर्म या संप्रदाय के आधार पर समाज को बांटने का काम करे।
कांग्रेस द्वारा शिमला में किए गए प्रदर्शन और राहुल गांधी की लोकप्रियता से जुड़े सवाल के जवाब में डॉ. बिंदल ने कहा कि कोई नेता लोकप्रिय होता है तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “वह बहुत लोकप्रिय हों, हमें भी आनंद की अनुभूति होगी, लेकिन जाति, धर्म और संप्रदाय के आधार पर देश को बांटने की नीति से देश को नुकसान होता है और कांग्रेस को यह समझने की आवश्यकता है।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल को जनता के बीच जाकर अपना पक्ष रखने और समर्थन प्राप्त करने का पूरा अधिकार है। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। डॉ. बिंदल ने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में एकता है और देश को आगे ले जाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म और संप्रदाय के आधार पर देश को बांटने वाली कोई भी गतिविधि स्वीकार्य नहीं हो सकती।
इस अवसर पर भाजपा संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, पायल वैद्य, अमित ठाकुर, किरण बावा, कर्ण नंदा, सुदीप महाजन, संजय सूद, प्रेम ठाकुर और राजीव पंडित सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

शिमला: जिला रोजगार अधिकारी शिमला प्रवीन नगराईक ने बताया कि समग्र शिक्षा, हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत संचालित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षकों की आवश्यकता है। यह कार्यक्रम शास्त्रांग इंडियन मॉडर्न मार्शल आर्ट (SIMMA) द्वारा जिला शिमला के सरकारी विद्यालयों में छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत जिला शिमला के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च एवं माध्यमिक विद्यालयों में छात्राओं को 36 घंटे का आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जाना है। इसके लिए 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के इच्छुक एवं योग्य युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को तीन दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला के साथ आवश्यक रिफ्रेशर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसके उपरांत उन्हें सरकारी विद्यालयों में प्रशिक्षण कार्य संचालित करना होगा।
जिला शिमला में लगभग 616 विद्यालयों में इस कार्यक्रम के संचालन की संभावना को देखते हुए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षकों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि ऐसे इच्छुक अभ्यर्थी जिन्हें मार्शल आर्ट, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, खेल गतिविधियों अथवा प्रशिक्षण कार्य में रुचि एवं अनुभव है, वे अधिक जानकारी के लिए 9988874789 पर संपर्क कर सकते हैं।
जिला रोजगार अधिकारी ने इच्छुक युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने का आह्वान किया है।
शिमला: जिला रोजगार कार्यालय शिमला द्वारा 8 सितंबर, 2026 को कैंपस इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है जोकि उप रोजगार कार्यालय रामपुर में प्रातः 11:00 बजे आयोजित होगा।
जिला रोजगार अधिकारी शिमला प्रवीन नगराईक ने बताया कि कैंपस इंटरव्यू में ऑरो टेक्सटाइल बद्दी, जिला सोलन द्वारा मशीन ऑपरेटर के 100 पदों के लिए भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए 10वीं/आईटीआई पास अभ्यर्थी, जिनकी आयु 18 से 28 वर्ष के बीच है, आवेदन कर सकते हैं। चयनित अभ्यर्थियों को 13,500 रुपये वेतन के साथ आवास की सुविधा प्रदान की जाएगी। इन पदों के लिए महिला एवं पुरुष दोनों अभ्यर्थी पात्र हैं।
उन्होंने बताया कि इच्छुक उम्मीदवारों का रोजगार कार्यालय में ऑनलाइन पंजीकृत होना अनिवार्य है। जिन उम्मीदवारों का नाम रोजगार कार्यालय में पंजीकृत नहीं है, वे eemis.hp.gov.in पर जाकर घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। पात्र उम्मीदवार अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों एवं बायोडाटा/रिज्यूम सहित निर्धारित स्थान पर निर्धारित तिथि व समय पर पहुंचकर कैंपस इंटरव्यू में भाग ले सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी 8410184542 तथा 9816021174 पर संपर्क कर सकते हैं।

विधानसभा में उठाए जनहित के मुद्दे, घोषणाओं, रोजगार और विकास पर सरकार से मांगा जवाब
शिमला: पूर्व उद्योग मंत्री एवं भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने विधानसभा में पूछे गए सवालों के जवाब को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता से जुड़े गंभीर सवालों का सीधा और तथ्यात्मक जवाब देने के बजाय सरकार गोलमोल जवाब देकर वास्तविक स्थिति से बचने का प्रयास कर रही है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा में पूछे जाने वाले सवाल किसी विधायक के व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं और अधिकारों से जुड़े होते हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्रत्येक सवाल का स्पष्ट, तथ्यात्मक और जवाबदेह उत्तर दे।
घोषणाएं कागजों तक सीमित: बिक्रम ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र जसवां-प्रागपुर में 15 अप्रैल 2025 को परागपुर में एसडीएम कार्यालय खोलने की घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि घोषणा के बावजूद आज तक यह कार्यालय धरातल पर शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार नए प्रशासनिक कार्यालय खोलने के मामले में जनगणना का हवाला देती है, वहीं दूसरी ओर चार दिन में कार्यालय खोलने की घोषणा की जाती है। यह सरकार के दोहरे मापदंड को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक इकाइयां खोलने पर रोक है तो सरकार को ऐसी घोषणाएं कर जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए।
बंद किए संस्थानों को अब दोबारा खोलने की जरूरत क्यों पड़ी?: भाजपा विधायक ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के समय खोले गए शिक्षण संस्थानों को कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद बंद कर दिया था। उस समय सरकार की ओर से गुणवत्ता और आवश्यकता के आधार पर संस्थानों को संचालित करने की बात कही गई थी, लेकिन अब उन्हीं संस्थानों को दोबारा खोलने की प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने सवाल किया कि यदि आज ये संस्थान जनता की जरूरत हैं तो इन्हें बंद करने का फैसला किस आधार पर लिया गया था। उन्होंने कहा कि राजनीतिक कारणों से बंद किए गए संस्थानों की समीक्षा होना जरूरी है और जनहित में आवश्यक संस्थानों को दोबारा संचालित किया जाना चाहिए।
1500 रुपये और एक लाख नौकरियों के वादे का क्या हुआ?: बिक्रम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार के चुनावी वादों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने और युवाओं को हर वर्ष एक लाख नौकरियां देने का वादा किया गया था। सरकार को प्रदेश की जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि इन वादों की वर्तमान स्थिति क्या है।
उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल में चुनावी वादों और धरातल की वास्तविकता के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। प्रदेश का युवा रोजगार के अवसरों की तलाश में है, जबकि सरकार अपने वादों का हिसाब देने से बच रही है।
2027 में जनता तय करेगी किसकी सरकार बनेगी: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के जयराम ठाकुर को लेकर दिए बयान पर पलटवार करते हुए बिक्रम ठाकुर ने कहा कि 2027 में कौन सत्ता में आएगा, इसका फैसला हिमाचल की जनता करेगी। उन्होंने कहा कि पंचायतों, जिला परिषदों और नगर निकायों में भाजपा का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने के बाद सभी फैसलों को केवल राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखेगी, बल्कि प्रत्येक निर्णय की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वह प्रदेश और जनता के हित में है या नहीं। राजनीतिक कारणों से बंद किए गए संस्थानों की समीक्षा कर जनहित में आवश्यक संस्थानों को संचालित किया जाएगा।
सिरमौर खनन हादसे पर सरकार से मांगा जवाब: बिक्रम ठाकुर ने सिरमौर में खनन क्षेत्र में हुए हादसे में तीन लोगों की मौत का मामला भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि बरसात के दौरान जब नियमों के तहत खनन पर रोक रहती है, तो उस स्थान पर खनन कार्य कैसे चल रहा था। उन्होंने संबंधित खदान में सुरक्षा नियमों के पालन, निरीक्षण और अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों को लेकर सरकार से स्पष्ट जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि मामले में स्पष्ट जवाब देने के बजाय अधिकारियों की रिपोर्ट आने का इंतजार करने की बात कही गई। उन्होंने मांग की कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
मेडिकल डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग पार्क पर भी सवाल: पूर्व उद्योग मंत्री ने मेडिकल डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग पार्क को लेकर भी प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाएं मिली हैं, लेकिन प्रदेश सरकार इनके क्रियान्वयन को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के लिए केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई राशि में से अभी भी बड़ी राशि खर्च होना बाकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट मिलने के बावजूद यदि निर्धारित धनराशि का समय पर उपयोग नहीं हो पा रहा है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
रोजगार के लिए उद्योग और पर्यटन को मजबूत करना जरूरी: बिक्रम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हर व्यक्ति को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है। इसके लिए औद्योगिक क्षेत्र, पर्यटन और स्वरोजगार को मजबूत करना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में बड़ी संख्या में उद्योग प्रदेश से बाहर गए हैं और बद्दी, बरोटीवाला तथा नालागढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना शुरू की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे बंद कर दिया। भाजपा के पास युवाओं के रोजगार को लेकर स्पष्ट रोडमैप है, जिसमें सरकारी नौकरियों के साथ उद्योग, पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देना प्राथमिकता होगी।
आपदा राहत पर भी सरकार स्थिति स्पष्ट करे: बिक्रम ठाकुर ने कहा कि आपदा के बाद केंद्र सरकार ने विभिन्न मदों और योजनाओं के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को लगातार सहायता उपलब्ध करवाई है। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिलने वाली सहायता को मुख्यमंत्री को सीधे दी गई राशि के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा जल्द ही केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को विभिन्न मदों में उपलब्ध कराई गई सहायता का विस्तृत विवरण जनता के सामने रखेगी। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। सरकार के दावों और धरातल की वास्तविकता को प्रदेश की जनता देख रही है और आने वाले समय में जनता इसका उचित जवाब देगी।

शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि जयराम पाँच साल बाद फैसलों की समीक्षा की बात कर रहे हैं, जैसे उनकी सरकार बनने वाली हो। सवाल यह है कि भाजपा को प्रदेश की जनता वोट क्यों देगी? प्रदेश की संपदा लूटने वालों पर जनता भरोसा क्यों करेगी?
सीएम ने कहा कि आपदा के समय भाजपा हिमाचल की जनता के साथ खड़ी नहीं हुई। हमारी सरकार ने संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों का हाथ थामा। प्रधानमंत्री आवास योजना में 1,30,000 रुपये की सहायता मिलती थी, हमने अपने संसाधनों से आपदा प्रभावित परिवारों को 8,00,000 रुपये की मदद दी। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को भी हमने राहत दी। पहली ही कैबिनेट में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की। 10,000 करोड़ रुपये का पेंशन एरियर छोड़कर वह चले गए, हमारी सरकार उसका भुगतान चरणबद्ध तरीके से कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर दिन में सपने देख रहे हैं कि अगली सरकार उनकी बनेगी। लेकिन, सरकार बनाने का ख़्वाब देखने से पहले उन्हें अपनी पार्टी के पाँच गुटों से निपटना होगा। बीजेपी के अनेक विधायक अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं और कांग्रेस के संपर्क में हैं।
सीएम ने बोले कि भाजपा की स्थिति ‘उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे’ वाली है। पिछले साढ़े तीन वर्षों में हमारी सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षक मिले हैं और मरीजों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ। जयराम कहते हैं कि वह इन फैसलों की समीक्षा करेंगे। क्या वह बच्चों से उनके शिक्षक और मरीजों से अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ छीनना चाहते हैं?
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की जनता 2032 तक प्रदेश को देश के सबसे समृद्ध राज्यों में देखना चाहती है। कांग्रेस सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य तथा जनहित के कार्यों के माध्यम से इसी लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ रही है। हम अपने अधिकारों के लिए हिमाचल की भाजपा क्या, दिल्ली वाली भाजपा से भी लड़ सकते हैं?
CM सुक्खू बोले बीजेपी के विधायकों की स्थिति यह है कि वे परवाणू से नीचे नहीं जा पाते हैं, दिल्ली जाने की बात तो छोड़ ही दीजिए। अभी जयराम जी प्रधानमंत्री मोदी जी से मिलकर आए हैं, लेकिन आने के बाद उन्होंने इस मुलाकात को लेकर कुछ नहीं कहा। हिमाचल प्रदेश के हक को लेकर इनकी आवाज़ ही नहीं निकलती है। यह बात हमारे पत्रकार साथी भी बेहतर जानते हैं।
मेरा यही कहना है कि जयराम को तनाव में नहीं रहना चाहिए। उन्हें रोज़ सुबह उठकर ठंडा पानी पीना चाहिए।