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राजस्व घाटा अनुदान बंद करना प्रदेश के साथ बहुत बड़ा अन्याय – विनय कुमार

शिमला : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि आज देश में कमजोर होती मुद्रास्फीति, बढ़ती महंगाई,बेरोजगारी व पेट्रोलियम, एलपीजी की भारी कमी व गंभीर हालात के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह जिम्मेवार है। ट्रम्प के हाथ की कठपुतली बन कर प्रधानमंत्री ने देश की विदेश नीति को कमजोर कर दिया है और यही  वजह है कि आज देश पश्चिमी देशों के युद्ध के चलते गंभीर चुनौतियो का सामना करने पर मजबूर हो गया है।
विनय कुमार ने आज यहां कहा कि देश में बढ़ती एलपीजी की कमी की वजह से आम लोग बहुत ही परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री ट्रम्प के हाथों न खेलते तो आज देश में न तो पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी होती और न ही एलपीजी की कोई कमी। देश की अर्थव्यवस्था को तहस नहस करने के लिये मोदी सरकार की नीतियां पूरी तरह जिम्मेदार है।
विनय कुमार ने केंद्र की मोदी सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को संसद में न बोलने का आरोप लगाते हुए कहा संविधान व लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए विनय कुमार ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने की वजह से प्रदेश के हितों व अधिकारों का हनन किया जा रहा है। राजस्व घाटा अनुदान बंद करना प्रदेश के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। इस अन्याय को सहन नहीं किया जा सकता।
विनय कुमार ने प्रदेश से चुन कर गए सभी भाजपा सांसदों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि प्रदेशहित में उनकी जुबान भी पूरी तरह बंद है। उनकी आंखों पर राजनीति का चश्मा चढ़ा है। उन्हें प्रदेश की नहीं,अपनी राजनीति की ज्यादा चिंता है। प्रदेश भाजपा के सभी नेता अपने वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।
विनय कुमार ने कहा है कि प्रदेश के लोग भाजपा को कभी माफ नहीं करेंगे। प्रदेश के लोग कल भी कांग्रेस के साथ थे और आगे भी रहेंगे। लोग भाजपा के झूठ को देख व जान चुके हैं और अब वह उनके किसी भी झांसे में आने वाले  नहीं।

सत्ता पक्ष अपनी विफलताओं पर करे आत्ममंथन, विपक्ष पर आरोप लगाना करे बंद – राकेश जमवाल

शिमला: विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भाजपा की ओर से सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा गया कि वर्तमान सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए लगातार विपक्ष, विशेषकर भारतीय जनता पार्टी, पर दोष मढ़ने का प्रयास कर रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण किसी भी सरकार का आईना होता है, लेकिन इस बार अभिभाषण को जिस प्रकार जल्दबाजी में समाप्त किया गया, वह कई सवाल खड़े करता है। अभिभाषण में स्वयं राज्यपाल द्वारा की गई टिप्पणियों पर सरकार को गंभीरता से मंथन करने की आवश्यकता है, विशेषकर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर उठाए गए मुद्दों पर।

राकेश जमवाल ने कहा कि सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्री और सत्ता पक्ष के विधायक लगातार भाजपा पर आरोप लगाने में ही लगे रहे, जबकि वास्तविकता यह है कि प्रदेश की वर्तमान स्थिति के लिए पूरी तरह सरकार स्वयं जिम्मेदार है। वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश का पक्ष प्रभावी ढंग से न रख पाना भी सरकार की बड़ी विफलता है।

भाजपा ने आरोप लगाया कि यह सरकार संवैधानिक पदों और संस्थाओं का सम्मान नहीं करती। राज्यपाल, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और यहां तक कि न्यायपालिका तक पर टिप्पणी करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। हाल ही में एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा राज्यपाल और देश के वरिष्ठ नेताओं पर की गई टिप्पणियां इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार मर्यादाओं को लगातार तोड़ रही है।

नेता प्रतिपक्ष के दिल्ली दौरे को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी भाजपा विधायक राकेश जमवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि प्रदेश के हितों के लिए केंद्र से संवाद करना गलत है, तो मुख्यमंत्री स्वयं विपक्ष के साथ दिल्ली जाकर प्रदेश के मुद्दे उठाने का साहस क्यों नहीं दिखाते।

राकेश जमवाल ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा गया कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं। सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया गया कि सिविल अस्पताल को अपग्रेड तो कर दिया गया, लेकिन भवन निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। पूर्व भाजपा सरकार द्वारा शुरू किए गए कई प्रोजेक्ट्स को वर्तमान सरकार ने या तो रोक दिया है या उनकी गति धीमी कर दी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के ट्रांसफर कर दिए गए, लेकिन उनकी जगह नई नियुक्तियां नहीं हुईं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर रेडियोलॉजी, अल्ट्रासाउंड और अन्य आवश्यक सेवाएं तक प्रभावित हैं।

राकेश जमवाल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश में 1000 करोड़ रुपये से अधिक के भवन और आधारभूत ढांचे तैयार किए गए, लेकिन वर्तमान सरकार उन्हें भी “अनावश्यक” बताकर काम रोक रही है। सुंदरनगर में स्टाफ क्वार्टर, सीएचसी भवन और इंडोर स्टेडियम जैसे महत्वपूर्ण कार्य अधर में लटके हुए हैं। सरकार की गारंटियों पर सवाल उठाते हुए भाजपा ने कहा कि चुनाव के समय किए गए वादों को पूरा करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है और आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी।

भाजपा नेता ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में प्रदेश सरकार की अपनी कोई ठोस उपलब्धि नजर नहीं आई, बल्कि अधिकतर योजनाएं केंद्र सरकार की थीं। ऐसे में बेहतर होता कि सरकार केंद्र का आभार व्यक्त करती, जो हिमाचल के विकास के लिए लगातार सहयोग कर रही है।
अपनी बात समाप्त करते हुए उन्होंने एक शेर के माध्यम से सरकार पर निशाना साधा—
“उम्र भर ये भूल करता रहा,
धूल चेहरे पर थी और मैं आईना साफ करता रहा।”
उन्होंने कहा कि सरकार को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी कमियों को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।

पार्थजीत डे ने एसजेवीएन के निदेशक (वित्त) का कार्यभार संभाला

शिमला: एसजेवीएन अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता, ने  पार्थजीत डे को नवरत्न सीपीएसई एसजेवीएन  के निदेशक (वित्त) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर करने  पर हार्दिक बधाई दी और एसजेवीएन में उनका स्वागत किया।

एसजेवीएन  में शामिल होने से पूर्व, पार्थजीत डे एनएचपीसी लिमिटेड  में कार्यरत रहे, जहाँ वह निगम मुख्यालय में निगमित लेखा एवं नीति अनुभाग, निगमित कर प्रकोष्ठ एवं कर्मचारी लाभ न्यासों के प्रभारी रहे। उन्होंने एनएचपीसी की अधीनस्थ कंपनी, लोकतक डाउनस्ट्रीम हाइड्रोइलेक्ट्रिक कारपोरेशन लिमिटेड के निदेशक मंडल में नामित निदेशक के रूप में भी कार्य किया।

पार्थजीत डे नवंबर, 1998 में एनएचपीसी में ट्रेनी अधिकारी (वित्त) के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की और उन्होने निगमित लेखा, कराधान, वित्तीय प्रणालियों और अनुबंधों के क्षेत्रों में 27 वर्षों से अधिक का व्यापक कारोबारी अनुभव हासिल किया है। इनके व्यापक अनुभव में भारतीय लेखा मानकों, कराधान कानूनों, टैरिफ विनियमों और  कारपोरेट प्रशासन की गहन सूझ-बुझ शामिल है, जो विद्युत क्षेत्र की परियोजनाओं की अभियोजना, विकास एवं प्रचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पार्थजीत डे ने रंगित प्रोजेक्ट (सिक्किम), तीस्ता लो डैम प्रोजेक्ट (पश्चिम बंगाल), सियांग बेसिन प्रोजेक्ट (अरुणाचल प्रदेश) और ग्रामीण सड़क प्रोजेक्ट (बिहार) सहित कई प्रोजेक्ट स्थलों पर अपनी सेवाएँ प्रदान की हैं। उन्होंने एनएचपीसी में भारतीय लेखा मानकों  को प्रथम बार अपनाने के लिए गठित समिति का नेतृत्व भी किया।

डे इंस्टीट्यूट ऑफ़ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया के फेलो सदस्य हैं  और इनके पास चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट तथा सीजीएमए योग्यताएँ भी हैं।

सिरमौर: उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने विधिवत रूप से किया चैत्र नवरात्र मेला त्रिलोकपुर का शुभारंभ

नाहन : उपायुक्त सिरमौर एवं आयुक्त मंदिर न्यास माता बाला सुन्दरी, प्रियंका वर्मा ने आज श्री महामाया बालासुंदरी माता मंदिर त्रिलोकपुर में परिवार सहित विधिवत रूप से पूजा -अर्चना व हवन यज्ञ कर चैत्र नवरात्र मेले का शुभारंभ किया तथा जिला वासियों को नवरात्र पर्व की शुभकामनाएँ दी।

इस अवसर पर उन्होंने बताया कि आज से 02 अप्रैल, तक आयोजित होने वाले इस चैत्र नवरात्र मेला त्रिलोकपुर में 3000 हजार दिपों को प्रकाशित कर महाआरती का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि माता बालासुंदरी मेला त्रिलोकपुर में हिमाचल से ही नहीं, बल्कि हरियाणा सहित अन्य राज्य से भी बहुत अधिक संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए आते है। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए उनकी सुरक्षा हेतू मेला स्थल व आस पास के क्षेत्र में उचित कानून व्यवस्था की गई है।

पुलिस तथा होमगार्ड जवानों सहित मंदिर न्यास समिति के सुरक्षा कर्मियों को मेले के दौरान सुरक्षा व शांति व्यवस्था पर कड़ी नजर बनाए रखने के आदेश दिए गए है।

उन्होंने बताया कि मेला के दौरान प्राथमिक उपचार व अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के अतिरिक्त आपातकालीन स्थिति के लिए एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध रहेगी।

इसके उपरान्त उन्होंने मेला स्थल व परिसर में साफ सफाई, पेयजल तथा बिजली की सप्लाई की उचित व्यवस्था इत्यादि प्रबंधो का भी जायजा लिया तथा मेला अधिकारियों को मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा उनकी सभी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने को भी कहा।

उपायुक्त ने दर्शन के लिए आने वाले श्रद्घालुओं से साफ-सफाई, शांति व अनुशासन बनाए रखने में सहयोग करने का आह्वान किया।

लाहौल में दो नई ग्राम सभाओं का गठन, परिसीमन प्रक्रिया शुरू

केलांग: लाहौल-स्पीति जिला में ग्राम पंचायत क्षेत्रों के पुनर्गठन के तहत दो नई ग्राम सभाओं का गठन किया गया है। उपायुक्त किरण भड़ाना ने अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि विकास खंड लाहौल की ग्राम पंचायत खंगसर के ग्राम सभा क्षेत्र का विभाजन कर ग्राम सभा शूलिंग का गठन किया गया है, जबकि ग्राम पंचायत तांदी और वारपा के क्षेत्रों के पुनर्गठन से ग्राम सभा मालंग अस्तित्व में आई है।

उन्होंने बताया कि इस पुनर्गठन के बाद प्रभावित ग्राम पंचायतों, पंचायत समिति तथा जिला परिषद वार्डों का परिसीमन किया जाना आवश्यक है, जिसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

बीडीओ को सौंपी जिम्मेदारी

उपायुक्त ने बताया कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम 1994 के तहत खंड विकास अधिकारी, विकास खंड लाहौल को संबंधित ग्राम पंचायतों—खंगसर, शूलिंग, तांदी, वारपा व मालंग—तथा पंचायत समिति लाहौल के निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन तैयार करने और उसे सार्वजनिक करने के लिए प्राधिकृत किया गया है।

20 मार्च तक अंतिम प्रकाशन

उन्होंने निर्देश दिए हैं कि परिसीमन से संबंधित प्रस्तावों का अंतिम प्रकाशन 20 मार्च 2026 तक या उससे पहले सुनिश्चित किया जाए, ताकि आगामी निर्वाचन प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से संपन्न हो सके।

सप्लीमेंट्री बजट ने सुक्खू सरकार के वित्तीय प्रबंधन, अनुशासन और दूरदर्शिता की धज्जियाँ उड़ाई – जयराम ठाकुर

प्रदेश में सप्लीमेंट्री बजट का 70 प्रतिशत होना सरकार की आर्थिक नाकामी का प्रमाण पत्र है
शिमला : अपने विधानसभा स्थित कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि इस बजट के मुख्यमंत्री के मुख्यमंत्री के तीन प्रिय शब्दों ‘फिस्कल प्रुडेंस, फिस्कल मैनेजमेंट, फिस्कल डिस्पीलीन और व्यवस्था परिवर्तन की धज्जियाँ उड़ा दी हैं। सीएम सुक्खू ने गत वर्ष बजट पेश करने  के पहले कहा था कि वह सबसे ज़्यादा पढ़ने वाले वित्त मंत्री हैं। उन्होंने इतिहास बना दिया। बजट अनुमान पूरी तरह से गलत साबित हुए, सब कुछ हवा हवाई है। बजट का मूल उद्देश्य ही यथार्थवादी अनुमान लगाना होता है। 70% अतिरिक्त खर्च बताता है कि सरकार को अपने ही आंकड़ों पर भरोसा नहीं था। यह साफ संकेत है कि सरकार अपनी ही वित्तीय योजना बनाने में विफल रही। अनुपूरक बजट में तीन मुख्य अवयव होतें हैं, पहला  पुनर्नियोजन, दूसरा अतिरिक्त खर्च, तीसरा भविष्य के अनुमान लगाने में चूँक। सरकार बताए यह अतिरिक्त धनराशि कहाँ से आएगी? क्या जनकल्याण कारी योजनाएं बंद हुई? या सरकार प्रदेश के खर्च अनुमान लगाने में नाकाम रही। या सरकार ने फिजूल खर्ची की। 
जयराम ठाकुर ने कहा कि इस बजट में न फिस्कल मैनेजमेंट है न फिस्कल डिस्पलीन और प्रूडेंस  और न ही कोई व्यवस्था है। यहाँ सिर्फ और सिर्फ़ अव्यवस्था है।।  इतना बड़ा अनुपूरक बजट यह बताता है कि खर्च पर कोई नियंत्रण नहीं है और सरकार बिना योजना के पैसे खर्च कर रही है। यह अनुपूरक बजट ही मुख्य बजट सरकार की आर्थिक नाकामी का प्रमाण पत्र है। गत वर्ष का कैपिटल एक्सपेंडिचर 3941 करोड़ जो पिछले बार से 37% कम है और कुल बजट का मात्र 3.98% है। इससे यह साफ़ है कि प्रदेश में विकास ठप है और सवाल यह उठता है 98 हज़ार 975 करोड़ रुपए आख़िर खर्च कहाँ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बार सप्लीमेंट्री बजट के डॉक्यूमेंट्स भी उपलब्ध नहीं करवाया। क्योंकि उन्हें अपनी इस नाकामी का एहसास हो चुका था।

कांगड़ा: देहरा में क्रैच कार्यकर्ता व सहायिका के भरे जाएंगे रिक्त पद

6 अप्रैल तक करें आवेदन ,महिला अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित*

देहरा: बाल विकास परियोजना देहरा के अंतर्गत उपमंडल देहरा में मिशन शक्ति–पालना योजना के तहत स्वीकृत आंगनवाड़ी-सह क्रैच केंद्रों में 6 क्रैच कार्यकर्ता एवं 6 क्रैच सहायिका के रिक्त पद भरे जाएंगे।

यह जानकारी देते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी देहरा, राजेंद्र सिंह ने बताया कि नगर परिषद देहरा के आंगनबाड़ी केंद्र हनुमान चौक, शिव मंदिर, राजगढ़ तथा गायत्री मंदिर में एक-एक क्रैच कार्यकर्ता एवं एक-एक क्रैच सहायिका के पद भरे जाएंगे। इसके अतिरिक्त पंचायत त्रिपल के आंगनबाड़ी केंद्र त्रिपल तथा पंचायत हरिपुर के आंगनबाड़ी केंद्र भरा तालाब में भी एक-एक क्रैच कार्यकर्ता व एक-एक क्रैच सहायिका के पद भरे जाएंगे।

उन्होंने बताया कि उपमंडल ज्वालामुखी के अंतर्गत नगर परिषद ज्वालामुखी के आंगनबाड़ी केंद्र अपर बोहन में भी एक क्रैच कार्यकर्ता एवं एक क्रैच सहायिका का पद भरा जाएगा।

उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी अपने आवेदन पत्र आवश्यक दस्तावेजों सहित 6 अप्रैल, 2026 को सायं 5 बजे तक कार्यालय बाल विकास परियोजना अधिकारी, देहरा में जमा कर सकते हैं। साक्षात्कार की तिथि की सूचना बाद में अलग से दी जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इन पदों के लिए केवल महिला अभ्यर्थी ही पात्र होंगी। क्रैच कार्यकर्ता के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2 तथा क्रैच सहायिका के लिए मैट्रिक पास होना अनिवार्य है। अभ्यर्थी संबंधित आंगनवाड़ी/क्रैच केंद्र के फीडर क्षेत्र की स्थायी निवासी होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा परिवार की वार्षिक आय 50,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी कार्यालय बाल विकास परियोजना अधिकारी, देहरा से संपर्क कर सकते हैं।

मण्डी: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने किया ईवीएम भंडारण कक्ष का निरीक्षण

उपायुक्त की उपस्थिति में ईवीएम मशीनों की प्रथम स्तर जांच सम्पन्न

मण्डी: हिमाचल प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने आज यहां ईवीएम की प्रथम स्तर की जांच प्रक्रिया का निरीक्षण किया। जिला निर्वाचन कार्यालय मंडी द्वारा जिले के ईवीएम भंडारण कक्ष (वेयरहाउस) भ्यूली में रखी इन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की प्रथम स्तर जांच उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अपूर्व देवगन की उपस्थिति में सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों के तहत संपन्न किया गया।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईवीएम जांच प्रक्रिया को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने मशीनों की जांच प्रक्रिया, सुरक्षा प्रोटोकॉल तथा रिकॉर्ड संधारण का अवलोकन भी किया और संतोष व्यक्त किया।

इस अवसर पर उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ईवीएम मशीनों की नियमित एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एफएलसी प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी मशीनें तकनीकी रूप से पूर्णत: सही एवं सुरक्षित हैं और आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, तहसीलदार (निर्वाचन) राजेश शर्मा सहित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संजय शर्मा, भारतीय जनता पार्टी से एडवोकेट करणवीर सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित रहे और उन्होंने पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया।

हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में विपक्ष ने परिसर में की नारे बाजी; सरकार पर लगाया ‘माफिया राज’ का आरोप

शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन के भीतर और बाहर भारी गहमागहमी देखने को मिली, जहां मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अवैध वन कटान और खनन माफिया को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में माफिया राज पूरी तरह से हावी हो चुका है और सत्ता के संरक्षण में बेशकीमती वन संपदा को बेरहमी से लूटा जा रहा है।

जयराम ठाकुर ने विशेष रूप से सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां केवल 25 पेड़ काटने की अनुमति ली गई थी, लेकिन असलियत में नियम-कानूनों को ताक पर रखकर 300 से अधिक हरे पेड़ों को जमींदोज कर दिया गया, जिसमें एक रसूखदार कांग्रेस नेता की सीधी संलिप्तता सामने आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए भी सरकार को घेरा और कहा कि वहां भी कांग्रेस नेताओं के इशारे पर सैकड़ों पेड़ों का अवैध कटान किया गया और जब भाजपा विधायकों की जांच कमेटी ने मामले की तह तक जाने के लिए क्षेत्र का दौरा किया, तो साक्ष्यों को मिटाने के लिए उन कटे हुए पेड़ों को सतलुज नदी में फेंक दिया गया तथा कई पेड़ों को जेसीबी मशीनों के जरिए जमीन में दफन कर दिया गया, जो यह दर्शाता है कि माफिया को प्रशासन और सरकार का कोई डर नहीं रह गया है।

विपक्ष ने स्पष्ट किया कि निजी भूमि की आड़ में सरकारी और संरक्षित वनों पर कुल्हाड़ी चलाई जा रही है और अवैध खनन की गतिविधियां भी चरम पर हैं, जिससे न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है बल्कि प्रदेश के राजस्व को भी करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से जवाब मांगते हुए कहा कि सरकार इन माफियाओं पर नकेल कसने में पूरी तरह विफल रही है और विपक्ष जनता के हितों तथा पर्यावरण की रक्षा के लिए इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़क तक तब तक उठाता रहेगा जब तक दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो जाती।

बिलासपुर: शिवम ट्रेडर्स, घुमारवीं ने अधिसूचित किए आईटीआई/बहुतकनीकी पास इलेक्ट्रीशियन के 25 पद

25 मार्च को उप रोजगार कार्यालय घुमारवीं तथा 27 मार्च को जिला रोजगार कार्यालय में होंगे साक्षात्कार

बिलासपुर: शिवम ट्रेडर्स, गांधी चैक घुमारवीं ने आईटीआई/बहुतकनीकी पास इलेक्ट्रीशियन के 25 पदों को अधिसूचित किया है। इन पदों के लिए 25 मार्च को उप रोजगार कार्यालय घुमारवीं में तथा 27 मार्च को जिला रोजगार कार्यालय बिलासपुर में प्रातः 10ः30 बजे से कैंपस इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा।

इस बारे जानकारी देते हुए जिला रोजगार अधिकारी बिलासपुर राजेश मेहता ने बताया कि इन पदों के लिए केवल योग्य पुरुष उम्मीदवार ही आवेदन कर सकते है। उन्होंने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार आयु 18 से 45 वर्ष होनी चाहिए है।

चयनित अभ्यर्थियों को 15,000 रुपये से 18,000 रुपये तक मासिक वेतन प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को सम्बन्धित कम्पनी द्वारा बिलासपुर, घुमारवीं, भराडी, कलोल, कंदरौर, बरठीं, तलाई तथा झंडूता में नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिनका नाम रोजगार कार्यालय में पंजीकृत नहीं है वो आॅनलाइन वेबसाइट eemis.hp.gov.in पर अपना आवेदन कर सकते है।

उन्होंने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित निर्धारित स्थान, तिथि व समय पर उपस्थित होकर कैंपस इंटरव्यू में भाग ले सकते हैं। इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर 01978-222450 पर सम्पर्क किया जा सकता है।