


हिमाचल: प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर अब अनाथ और विधवा सेस लगेगा। विधानसभा में सोमवार को विपक्ष के विरोध के बीच हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर(संशोधन) विधेयक 2026 पारित हो गया। इसमें पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर नया अनाथ और विधवा सेस लगाने का प्रावधान किया है।
प्रदेश विधानसभा में मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित होने के बाद राज्य सरकार अब पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर प्रति लीटर अधिकतम 5 रुपये तक सेस लगा सकेगी। इस विधेयक के पारित होने के साथ ही राज्य में ईंधन की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना बढ़ गई है। विधेयक पर चर्चा के दौरान आज विपक्षी भाजपा ने विरोध किया और नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में कहा कि पेट्रोल और डीजल पर लगाए जाने वाले इस सेस से मिलने वाली राशि विधवाओं और अनाथ बच्चों के कल्याण पर खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की मदद करना है। मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि सेस लगाने के बावजूद सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा से अधिक न हों।

हिमाचल: प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक सोमवार को शिमला सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। राज्य मंत्रिमंडल ने पंचायती राज एक्ट में संशोधन का निर्णय लेते हुए फैसला लिया है कि जो लोग चिट्टे के साथ पकड़े जाएंगे वे पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इसके लिए पंचायती राज संशोधन विधेयक 2026 के ड्राफ्ट को राज्य मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी। पंचायत चुनाव से ठीक पहले राज्य सरकार इसके लिए राज्य विधानसभा में कानून पारित करने जा रही है। पारित विधेयक को राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही नया कानून अस्तित्व में आ जाएगा।
मंत्रिमंडल की बैठक यह निर्णय लिया गया कि 151 सीबीएसई स्कूलों में 2068 शिक्षकों को रखा जाएगा। कैबिनेट ने यह भी फैसला लिया कि मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, नेरचौक और आईजीएमसी शिमला में बायो फिजिक्स विभाग को शुरू किया जाएगा।

सोलन: जिला पुलिस की एसआईयू टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक स्विफ्ट डिजायर कार से 8 ग्राम चिट्टा बरामद कर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई 22 मार्च, 2026 को की गई। नाकाबंदी के दौरान संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी लेने पर कार में सवार दो युवकों के कब्जे से नशीला पदार्थ बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकुश उर्फ बिन्नी (26) पुत्र रामेश्वर ठाकुर निवासी गांव कोहरी, तहसील कंडाघाट तथा जतिन कुमार (30) पुत्र सीता राम निवासी गांव दोलग, तहसील कंडाघाट, जिला सोलन के रूप में हुई है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ थाना सदर सोलन में मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं। आरोपी जतिन कुमार के खिलाफ चोरी के 6 मामले दर्ज हैं, जिनमें 4 मामले पुलिस थाना कंडाघाट, 1 धर्मपुर और 1 सदर सोलन में दर्ज है। वहीं अंकुश उर्फ बिन्नी के खिलाफ भी पहले नशा तस्करी का एक मामला दर्ज पाया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगामी जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।

कांगड़ा : कांगड़ा जिले के कांग्रेस विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से भेंट कर वर्ष 2026-27 के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती और दिशा देने वाले दूरदर्शी, जनोन्मुखी तथा परिवर्तनकारी प्रावधानों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विधायकों ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार सरकार ने अपने वित्तीय संसाधनों को गांवों, गरीबों और किसानों के कल्याण के लिए प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गाय के दूध का खरीद मूल्य बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। इसके अतिरिक्त दूध को संग्रहण केंद्र तक पहुंचाने के लिए परिवहन सहायता राशि 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि पहली बार प्रदेश में भेड़ पालकों को ऊन के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जाएगा, जिससे इस वर्ग को विशेष लाभ मिलेगा। प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं और जौ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्का का 50 रुपये प्रति किलोग्राम तथा हल्दी का 150 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है, जबकि अदरक को पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य के दायरे में लाकर 30 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिले के ढगवार में 200 करोड़ रुपये की लागत से दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त नाहन और नालागढ़ में भी लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जिससे पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर प्रगतिशील कदम उठाती रहेगी।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया सहित विधायक किशोरी लाल, आशीष बुटेल, संजय रत्तन, मलेंदर राजन, कमलेश ठाकुर और संजय अवस्थी भी उपस्थित थे।

कुल्लू : बाल विकास परियोजना अधिकारी, कटराई खुशविंदर ठाकुर ने बताया कि मिशन शक्ति ‘पालना’ स्कीम के अंतर्गत ग्राम पंचायत काइस के आंगनबाड़ी पालना एवं कैच केंद्र में कैच वर्कर (Creche Worker) और कैच हैल्पर (Creche Helper) के रिक्त पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की गई है। इन पदों के लिए केवल संबंधित कैच केंद्र के संग्रहण क्षेत्र (Feeder Area) की इच्छुक पात्र महिला उम्मीदवार ही आवेदन कर सकती हैं।
आवेदन पत्र सादे कागज पर सभी वांछित दस्तावेजों की प्रतियों सहित 06 अप्रैल 2026 सायंकाल 5:00 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय, कटराई में जमा किए जा सकते हैं। इन पदों के लिए साक्षात्कार 09 अप्रैल 2026 को प्रातः 11:00 बजे उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक) कुल्लू के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे।
पात्रता के लिए प्रार्थी की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए और परिवार की वार्षिक आय 50,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता के तहत कैच वर्कर के लिए 12वीं (10+2) और कैच हैल्पर के लिए 10वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया 25 अंकों की मेरिट के आधार पर होगी, जिसमें शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, अनाथ/विधवा/तलाकशुदा स्थिति और साक्षात्कार के अंक शामिल हैं। प्रार्थी का नाम संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र के सर्वेक्षण रजिस्टर और परिवार नकल में दर्ज होना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय कटराई या संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय के सूचना पट्ट पर विस्तृत विवरण देख सकते हैं।

कुल्लू : बाल विकास परियोजना अधिकारी, कटराई खुशविंदर ठाकुर ने बताया कि मिशन शक्ति ‘पालना’ स्कीम के अंतर्गत ग्राम पंचायत काइस के आंगनबाड़ी पालना एवं कैच केंद्र में कैच वर्कर (Creche Worker) और कैच हैल्पर (Creche Helper) के रिक्त पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की गई है। इन पदों के लिए केवल संबंधित कैच केंद्र के संग्रहण क्षेत्र (Feeder Area) की इच्छुक पात्र महिला उम्मीदवार ही आवेदन कर सकती हैं।
आवेदन पत्र सादे कागज पर सभी वांछित दस्तावेजों की प्रतियों सहित 06 अप्रैल 2026 सायंकाल 5:00 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय, कटराई में जमा किए जा सकते हैं। इन पदों के लिए साक्षात्कार 09 अप्रैल 2026 को प्रातः 11:00 बजे उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक) कुल्लू के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे।
पात्रता के लिए प्रार्थी की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए और परिवार की वार्षिक आय 50,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता के तहत कैच वर्कर के लिए 12वीं (10+2) और कैच हैल्पर के लिए 10वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया 25 अंकों की मेरिट के आधार पर होगी, जिसमें शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, अनाथ/विधवा/तलाकशुदा स्थिति और साक्षात्कार के अंक शामिल हैं। प्रार्थी का नाम संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र के सर्वेक्षण रजिस्टर और परिवार नकल में दर्ज होना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय कटराई या संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय के सूचना पट्ट पर विस्तृत विवरण देख सकते हैं।

कुल्लू: विशेष न्यायाधीश-I कुल्लू, प्रकाश चंद राणा की अदालत ने मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत चरस तस्करी के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी राम कुमार (पुत्र तिलक वोरा, उर्फ दिनेश कुमार), निवासी गांव बारी कोट, नेपाल को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोषी को 14 वर्ष के कठोर कारावास तथा 1.30 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आगे आदेश दिया है कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी अतिरिक्त दो वर्ष के साधारण कारावास में रहना होगा।
जिला न्यायवादी कुल्लू कुलभूषण गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि 25 जनवरी 2023 को भुंतर-मणिकरण मार्ग पर सियुंड के पास विशेष जांच इकाई (SIU) कुल्लू की टीम ने नाकाबंदी की थी। मणिकरण से मनाली जा रही एक निजी बस (HP34B-8525) की तलाशी के दौरान, सीट नंबर 25 पर बैठे आरोपी के बैग से 3.446 किलोग्राम चरस बरामद की गई थी। इस संदर्भ में पुलिस थाना भुंतर में प्राथमिकी संख्या 09/2023 दर्ज की गई थी। अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए 12 गवाहों और ठोस सबूतों के आधार पर अदालत ने राम कुमार को दोषी पाया।

ऊना: हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा महिला उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच जिला ऊना के अंबोटा गांव की निशु सूद आज आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बन चुकी हैं। उन्होंने न केवल स्वयं आर्थिक मजबूती हासिल की, बल्कि दर्जनों महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनके जीवन में आत्मविश्वास और नई उम्मीद का संचार किया है।
निशु सूद द्वारा तैयार की गई चटनियों और अचार का स्वाद अब केवल ऊना तक सीमित नहीं रहा। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ बाहरी राज्यों के लोग भी उनके उत्पादों को पसंद कर रहे हैं। बाजार से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया ने उनके इस प्रयास को एक सफल महिला उद्यम की पहचान दिलाई है।
छोटे प्रयास से बड़े मुकाम तक का सफर
निशु सूद ने ‘गणेश स्वयं सहायता समूह’ के माध्यम से अपने उद्यम की शुरुआत की। शुरुआत में महज 8 महिलाओं के साथ शुरू हुआ यह प्रयास आज लगभग 70 महिलाओं को जोड़ चुका है। समूह द्वारा वर्तमान में करीब 60 प्रकार की चटनियां और अचार तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें कटहल, सहजन, करेला, नींबू, गाजर, आम, आंवला और जामुन सहित कई पारंपरिक स्वाद शामिल हैं।
हर महीने 60 हजार तक की आय, 5 महिलाओं को स्थायी रोजगार
निशु सूद का यह उद्यम आज आर्थिक रूप से भी सशक्त बन चुका है। सभी खर्चों को निकालने के बाद वे प्रतिमाह लगभग 50 से 60 हजार रुपये तक का शुद्ध मुनाफा अर्जित कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने पांच महिलाओं को स्थायी रोजगार भी प्रदान किया है, जिससे उनके परिवारों की आजीविका मजबूत हुई है।
मेलों और बाजारों से मिली पहचान
समूह द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता और पारंपरिक स्वाद ने बाजार में विशेष पहचान बनाई है। निशु सूद ने हिमाचल प्रदेश के प्रमुख मेलों सहित सरस मेला, श्री चिंतपूर्णी महोत्सव और राज्यस्तरीय हरोली उत्सव में स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की सफल बिक्री की है, जहां प्रत्येक मेले में लगभग दो से ढाई लाख रुपये तक का कारोबार हुआ। इसके अलावा गुरुग्राम जैसे बाहरी शहरों तक भी उनके उत्पादों की पहुंच बन चुकी है।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिल चुका है सम्मान
निशु सूद के उत्कृष्ट कार्यों को कई मंचों पर सराहा गया है। वर्ष 2023 में उन्हें हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल द्वारा महिला सशक्तिकरण में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उन्हें एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया। कोविड-19 महामारी के दौरान सराहनीय कार्यों के लिए वर्ष 2021 में उपायुक्त ऊना द्वारा उन्हें ‘गरिमा अवॉर्ड’ भी प्रदान किया गया।
स्वयं सहायता समूहों से मिला आगे बढ़ने का अवसर
निशु सूद बताती हैं कि उन्हें स्वयं सहायता समूह की जानकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से मिली। वर्ष 2001 में समूह के पंजीकरण के बाद उन्होंने छोटे स्तर पर उत्पादों की बिक्री शुरू की। वर्ष 2015 में समूह को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जोड़े जाने के बाद उन्हें आर्थिक और तकनीकी सहयोग मिला, जिससे उनके कार्य को नई गति मिली। 35 हजार रुपये के रिवॉल्विंग फंड से उन्होंने दाल पिसाई और बड़ियां बनाने की मशीन खरीदकर अपने व्यवसाय को और सुदृढ़ किया।
वर्तमान में निशु सूद अपने उत्पादों को हिमाचल के विभिन्न पर्यटन स्थलों शिवबाड़ी गगरेट, शिमला, ततापानी, कुफरी और चंबा में आउटलेट के माध्यम से बेच रही हैं। इसके साथ ही ki ऑनलाइन ऑर्डर और कुरियर सुविधा के जरिए वे देशभर में अपने उत्पादों की आपूर्ति भी कर रही हैं।
निशु सूद का कहना है कि सरकार और प्रशासन से मिले सहयोग और सम्मान ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की अपील की है, ताकि वे भी परिवार की आर्थिक मजबूती में भागीदार बन सकें।
सरकार की पहल से महिला समूहों को मिल रहा प्रोत्साहन
प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन के अवसर उपलब्ध करवाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में विभिन्न योजनाओं को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे महिला समूहों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक मंच मिल रहा है।
स्वयं सहायता समूहों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई दिशा : उपायुक्त
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि जिले में स्वयं सहायता समूह महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशनानुसार जिला प्रशासन स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर रहा है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अन्य योजनाओं के तहत समूहों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, विपणन सुविधा और प्रदर्शनी मंच उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा मेलों और उत्सवों में स्टॉल लगाने के अवसर प्रदान कर इन उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ा जा रहा है, जिससे महिला समूहों की आय में वृद्धि हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिल रही है।

