
पहली खेप में करीब दो टन मौसमी भेजी, किसानों को 40 से 45 रुपये प्रति किलो तक मिल रहा दाम
सुंदरनगर: एचपी शिवा परियोजना के तहत स्थापित कुठाईं और पलोहटा क्लस्टरों में तैयार मौसमी अब बड़े बाजार में दस्तक देने लगी है। दोनों क्लस्टरों से मौसमी की पहली खेप राजपुरा स्थित रिलायंस आउटलेट के लिए भेजी गई है। करीब दो टन की इस पहली खेप से क्षेत्र के किसानों में खुशी है और उन्हें अपने उत्पाद के बेहतर विपणन तथा उचित मूल्य मिलने की उम्मीद जगी है।
उपनिदेशक उद्यान विभाग मंडी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि पहली खेप में लगभग दो टन मौसमी रिलायंस आउटलेट को भेजी गई है। किसानों को इसके लिए 40 से 45 रुपये प्रति किलो तक का अच्छा मूल्य मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग की ओर से वर्ष 2020-21 में एचपी शिवा परियोजना के तहत कुठाईं और पलोहटा क्लस्टरों में 64 लाभार्थी किसानों की भूमि पर कुल 16,595 मौसमी के पौधे लगाए गए थे।
उन्होंने कहा कि एचपी शिवा परियोजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक बागवानी से जोड़ने के साथ उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध करवाना है। बड़े रिटेल आउटलेट तक सीधे उत्पाद पहुंचने से किसानों को विपणन के नए अवसर मिलेंगे तथा उनकी आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ेंगी।
मौसमी विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल है। इसमें पानी और फाइबर की पर्याप्त मात्रा होने के कारण इसे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि संबंधित उद्यान विकास अधिकारी, उद्यान प्रसार अधिकारी और जिला समन्वयक सीएचपीएमए किसानों के साथ रिलायंस आउटलेट जाएंगे। इस दौरे से उन्हें व्यावहारिक विपणन की बारीकियों और तकनीकों को सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे वे भविष्य में किसानों का और अधिक प्रभावी ढंग से मार्गदर्शन एवं सहयोग कर सकेंगे।

11 से 20 अक्तूबर तक चलेगा नवरात्र मेला
श्री चिंतपूर्णी /(ऊना): माता श्री चिंतपूर्णी में असूज नवरात्र मेला 11 से 20 अक्तूबर तक आयोजित किया जा रहा है। यह जानकारी एसडीएम अंब पारस अग्रवाल ने सोमवार को मेले की तैयारियों को लेकर माईदास सदन में आयोजित हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
पारस अग्रवाल ने बताया कि मेले के सफल आयोजन के लिए एसडीएम अंब को मेला अधिकारी, जबकि डीएसपी अंब को पुलिस मेला अधिकारी तैनात किया जाएगा। इसके अलावा उनकी सहायता के लिए चार अन्य पुलिस अधिकारी भी तैनात रहेंगे। एसएमओ मेले में चिकित्सा अधिकारी के रूप में तैनात होंगे। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र को चार सैक्टरों में बांटा जाएगा। मेला क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व होमगार्ड के जवान तैनात किए जाएंगे।
अग्रवाल ने बताया कि मेला क्षेत्र के चारों सैक्टरों में साफ-सफाई की व्यवस्था को सुनिश्चित बनाए रखने के लिए एक-एक सुपरवाइजर तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि वे मेले से पूर्व पेयजल टैंको की साफ-सफाई करवाना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त पेयजल के लिए चार स्थानों पर प्याऊ भी स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने विद्युत विभाग को भी निर्देश दिए कि मेले के दौरान सुचारू विद्युत आपूर्ति बनी रहनी चाहिए। उन्होंने अग्निशमन विभाग को भी निर्देश दिए कि अग्निशमन वाहन सही हालत में होने चाहिए यदि वाहनों में दिक्कत है तो मेले से पूर्व अग्निशमन वाहनों का निरीक्षण करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि हाइड्रेंड खराब स्थिति में है तो उन्हें जल्द ठीक करवाकर रिपोर्ट देना भी सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि मेले के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स गठित करके भीक्षावृति पर कड़ी नजर रखी जाएगी और यदि कहीं कोई बच्चों से भीख मंगवाते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि मेले के दौरान माता के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं को दर्शन पर्ची माई दास सदन, शंभू बैरियर और एमआरसी में मिलेगी। इसके अतिरिक्त लंगर लगाने की अनुमति लेना अनिवार्य है।

क्रिकेट में शानदार उपलब्धियों के लिए रेणुका ठाकुर को भी एक करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा
खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए जल्द होगा सम्मान समारोह का आयोजन
शिमला: 20वें एशियाई खेल में कबड्डी में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम की तीन हिमाचली खिलाड़ी पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर को एक-एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान करने की मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने घोषण की। विजेता खिलाड़ियों ने आज यहां मुख्यमंत्री से भेंट की। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की इस शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए उन्हें हिमाचली टोपी और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही उनके सम्मान में एक समारोह आयोजित करेगी, जिसमें उन्हें घोषित पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन तीनों खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में रोजगार भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी पुलिस विभाग में सेवाएं देने की इच्छुक नहीं होंगी, उन्हें युवा सेवाएं एवं खेल विभाग में नियुक्ति दी जाएगी, ताकि वे राज्य में खेलों के प्रोत्साहन और विकास में योगदान देने के साथ-साथ अपने खेल करियर को भी जारी रख सकें।
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी खेल नीति में संशोधन कर पुरस्कार राशि में ऐतिहासिक वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने पर भी विशेष बल दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी रेणुका ठाकुर को भी उनकी शानदार उपलब्धियों के सम्मान में एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान करने की घोषणा की।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल और मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान भी उपस्थित थे।

सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों को एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जांच से संबंधित डेटा को 20 अक्तूबर तक एंड-टू-एंड डिजिटाइज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
शिमला: स्वास्थ्य विभाग को जॉब ट्रेनी प्रशिक्षु चिकित्सकों को स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम करने की अनुमति देने के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सुपर-स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम करने के इच्छुक चिकित्सकों को भी अनुमति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के बॉन्ड की अवधि और राशि में वृद्धि की जाएगी ताकि पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद वे प्रदेश में लौटकर हिमाचल प्रदेश की जनता की सेवा जारी रखें। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के मरीजों को लाभ मिलेगा।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, सचिव स्वास्थ्य आशीष सिंहमार, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. गोपाल बेरी और मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), प्रदीप कुमार ठाकुर उपस्थित थे। मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्य ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कई कदम उठा रही है और इन पहलों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉयग्नॉस्टिक सुविधाओं को सुदृढ़ करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिए कि अपने-अपने रेडियोलॉजी विभागों में किए जा रहे सभी एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जांच से संबंधित डेटा को 20 अक्तूबर तक एंड-टू-एंड डिजिटाइज किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने सभी मेडिकल कॉलेजों को नर्सों और तकनीशियनों की विभागवार आवश्यकता की जानकारी भी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए ताकि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों सहित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज (एआईएमएसएस), चमियाणा में विशेषज्ञ विभागों के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के प्रस्ताव की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
यह समिति सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों सहित एआईएमएसएस चमियाणा में ऐसे दो से चार विभागों की पहचान करेगी, जिन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किए जाने की क्षमता है। इन स्पेशलाइज्ड सेंर्ट्स में जटिल, दुर्लभ और गंभीर बीमारियों के लिए उन्नत बहुविषयक उपचार उपलब्ध करवाने की परिकल्पना की गई है। इनके उपचार के लिए विशेषज्ञता, उन्नत तकनीक और ऐसी सुविधाओं की आवश्यकता होती है जो पारंपरिक विभागीय सेवाओं के दायरे से बाहर हैं।
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों से परिचित करवाने और बहुमूल्य अनुभव प्रदान करने के लिए उन्हें विदेशों में एक्सपोजर विजिट पर भेजने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि इन यात्राओं से प्राप्त अनुभवों का उपयोग प्रदेश के मरीजों के हित में किया जा सकेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक्सपोजर विजिट के लिए चयन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

धर्मशाला: एशियन गेम्स 2026 के तहत जापान के आइची-नागोया में भारत और मलेशिया के बीच खेले गए हॉकी मुकाबले में हिमाचल प्रदेश के आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री श्री यादविन्द्र गोमा, उप मुख्य सचेतक एवं शाहपुर विधायक श्री केवल सिंह पठानिया, विधायक श्रीमती कमलेश ठाकुर एवं विधायक श्री विवेक शर्मा सहित परिवारजनों ने स्टेडियम पहुंचकर भारतीय हॉकी टीम का उत्साहवर्धन किया।
विदेश की धरती पर हाथों में तिरंगा, सिर पर हिमाचली टोपी और दिल में देशभक्ति का जज़्बा इस दौरान विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। भारतीय खिलाड़ियों को पूरे जोश और जुनून के साथ मैदान पर खेलते देखकर सभी ने उनका उत्साह बढ़ाया तथा देश की जीत के लिए शुभकामनाएं दीं।
भारतीय हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मलेशिया को 5-1 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस शानदार उपलब्धि पर श्री यादविन्द्र गोमा, श्री केवल सिंह पठानिया सहित सभी ने भारतीय टीम को हार्दिक बधाई दी और खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
श्री केवल सिंह पठानिया ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों की यह शानदार उपलब्धि पूरे देश और हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन देश के युवाओं को खेलों के प्रति आगे बढ़ने तथा बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि भारत का तिरंगा दुनिया के हर मैदान में इसी तरह शान से लहराता रहे और हमारे खिलाड़ी देश का नाम रोशन करते रहें, यही सभी देशवासियों की कामना है।
धर्मशाला: विद्युत उप-मण्डल सिद्धपुर के सहायक अभियंता संतोष कुमार ने जानकारी दी है कि 5 अक्टूबर को 11 केवी होडल फीडर के क्षेत्र सिद्धपुर, फतेहपुर, घुरलूनाला, उपाहू, अप्पर सुक्कड़, लोअर सुक्कड़, त्रिनेत्र महादेव, बाघणी तथा आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
इसके अतिरिक्त 06 अक्टूबर को 11 केवी खनियारा फीडर के अंतर्गत सिद्धपुर, एजुकेशन बोर्ड काॅलोनी के समीप, नोरबुलिंगा, फंकी टाउन, लोअर मोहली, मोहली, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय मोहली, खनियारा, पटोला, नाग मंदिर, टीटीएस फूड एंड क्राफ्ट, सांबर लाहड, थातरी, अगंझंर महादेव, खरोटा, नड्डी और आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
इसके साथ ही 06 अक्टूबर को 11 केवी टग फीडर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र टंग, तिरंगा, खैबर, ढब चैक, टिक्करी, सालिग, बगियारा, कंड करडियाना, जुहल, दिक्टू, नरवाणा, नरवाणा कस्बा, बलेहर, तंगरोटी तथा आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
धर्मशाला: सहायक आयुक्त (उपायुक्त) कांगड़ा विवेक चौहान ने जानकारी दी है कि भारतीय सैन्य पुलिस द्वारा टाण्डा फायरिंग रेंज में 5 और 6 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से रात्री 10 बजे तक फायरिंग का अभ्यास किया जाएगा। सुरक्षा के दृष्टिगत उन्होंने फाइरिंग रेंज के निकटवर्ती गांवों कोहाला, कच्छयारी, खोली तथा घुरकड़ी के लोगों से आग्रह किया है कि वे 5 और 6 अक्टूबर को निर्धारित फाइरिंग प्रशिक्षण के समय फायरिंग रेंज के आसपास न स्वयं जाएं और न अपने मवेशियों को जाने दें। इसके अलावा दूसरों को भी सतर्कता बनाए रखने को कहें।

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर बुशहर में विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा, पर्यटन, सामाजिक समानता, शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूूटी और नशे सहित विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से सवाल पूछे व अपनी मांगें भी रखीं।
एक छात्रा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रचौली के भवन निर्माण का आग्रह किया। छात्रा ने बताया कि विद्यालय वर्तमान में दो स्थानों पर संचालित हो रहा है तथा एक स्थान पर पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जहां विद्यालय भवन का निर्माण किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने मांग को स्वीकार करते हुए विद्यालय भवन निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि भवन निर्माण के लिए इससे अधिक धनराशि की आवश्यकता होगी तो राज्य सरकार अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध करवाएगी।
एक अन्य छात्रा ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि उन्होंने राजनीति को ही देश सेवा का माध्यम क्यों चुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राजनीति के माध्यम से देश सेवा कर रहे हैं। व्यक्ति को उसी क्षेत्र में कार्य करना चाहिए, जिसमें उसकी रुचि हो। उन्होंने बताया कि छात्र जीवन से ही उनकी रुचि राजनीति में रही है और राजनीति भी जनसेवा का एक माध्यम है।
एक विद्यार्थी ने सवाल किया कि यदि वह राजनीति में नहीं होते तो क्या करते। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खेती-बाड़ी करते।
समाज में बढ़ती अमीर-गरीब की खाई से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने इसे चिंतनीय विषय बताया। उन्होंने कहा कि समाज में समानता आवश्यक है और राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।
एक अन्य विद्यार्थी ने मुख्यमंत्री से उनके पसंदीदा भोजन के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें हिमाचल के पारंपरिक स्थानीय व्यंजन पसंद हैं और सिड्डू उनका पसंदीदा व्यंजन है।
एक विद्यार्थी ने पूछा कि क्या उन्होंने छात्र जीवन में कभी मुख्यमंत्री बनने के बारे में सोचा था। इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति जिस दिशा में कर्म और मेहनत करता है, उसी दिशा में रास्ते बनते जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी।
एक विद्यार्थी ने रामपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर परिवर्तन हो रहा है। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और गुणवत्तापूर्ण संस्थानों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
छात्रों ने स्कूलों में शिक्षकों को लंबे समय तक गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने की ओर भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया और अवगत करवाया कि इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में सुधार कर रही है और प्रयास किया जा रहा है कि शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूूटी को कम किया जाए ताकि वे विद्यार्थियों को अधिक समय दे सकें।
एक छात्रा ने अपने स्कूल में हिंदी विषय के केवल एक शिक्षक होने का मुद्दा उठाया। छात्रा ने बताया कि विद्यालय में करीब 150 विद्यार्थी हैं और एक अतिरिक्त हिंदी शिक्षक की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने आवश्यकतानुसार अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
एक छात्रा ने बताया कि वह पिछले सप्ताह राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित एक्सपोजर विजिट के तहत अयोध्या गई थी। उसने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस दौरान उसे पहली बार हवाई यात्रा और नया अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला। छात्रा ने पर्यटन के माध्यम से उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का उल्लेख करते हुए हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति, देवी-देवताओं के अनेक धार्मिक स्थलों और शक्तिपीठों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान राम हमारे आराध्य हैं और इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों को अयोध्या एक्सपोजर विजिट पर भेजा गया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और राज्य सरकार पर्यटन से जुड़ी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से मोबाइल फोन का कम से कम इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई है और विद्यार्थियों को इसका पालन करना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बचपन जीवन का सबसे अच्छा समय होता है। विद्यार्थियों को इस समय का सदुपयोग करते हुए पढ़ाई, खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए।
संवाद कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर बुशहर से ‘एंटी चिट्टा’ रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं भी रैली में शामिल हुए।
‘एंटी चिट्टा’ रैली में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने हाथों में नशा विरोधी संदेश लिखी तख्तियां लेकर नशे के खिलाफ नारे लगाए। रैली चौधरी अड्डा से होते हुए मुख्य बाजार पहुंची और वापस स्कूल मैदान में समाप्त हुई।
रैली के समापन पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

हमीरपुर : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर हमीरपुर दौरे पर हैं। अपने दौरे के दौरान शुक्रवार देर शाम वह बड़सर पहुंचे, जहाँ पर स्थानीय विधायक इंद्रदत्त लखनपाल सहित पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से उन्होंने भेंट की। शनिवार को वह टिप्पर में आयोजित ‘अल्पकालीन विस्तारक प्रशिक्षण वर्ग’ में वरिष्ठ पदाधिकारियों और पार्टी के सहयोगियों के साथ शामिल हुए। हमीरपुर से जारी बयान में उन्होंने सुक्खू सरकार के फैसलों के बार-बार न्यायालय में असंवैधानिक सिद्ध होने पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा स्वयं को क़ानून का उच्चकोटि का जानकार और अध्ययनकर्ता बताते हैं, उनके मित्र मंडल और सलाहकारों की फ़ौज के बाद भी बार-बार न्यायालय में सरकार की फ़ज़ीहत क्यों होती है? उनके द्वारा बनाए गए नियम, क़ानून, नीतियाँ और लिए गए फ़ैसले बार-बार असंवैधानिक क्यों हो जाते हैं? उनकी मंशा क्या है? व्यवस्था परिवर्तन का नारा देकर मुख्यमंत्री असंवैधानिक नियमों, नीतियों, क़ानून और फैसलों का रिकॉर्ड बना रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि न्यायालय में मुख्यमंत्री के जनसभाओं वाले झूठ नहीं चल सकते हैं। उन्होंने उच्च न्यायालय द्वारा मेडिकल अफसरों की भर्ती में जॉब ट्रेनी बनाए जाने के फैसले को असंवैधानिक बताते हुए रद्द करने का स्वागत किया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि बार-बार सरकार की फ़ज़ीहत से वह साबित क्या करना चाहते हैं? यदि उन्हें क़ानून की जानकारी नहीं है तो वह वास्तविक क़ानूनविदों की सुनते क्यों नहीं? इससे कांग्रेसी मित्रों की वह बात साफ़ हो जाती है कि मुख्यमंत्री किसी की नहीं, सिर्फ़ अपनी सुनते हैं। अगर अपने मित्रों की नहीं सुननी तो हमारी भी सुन लेते, तो भी इस तरह फ़ज़ीहत नहीं होती। जब-जब मुख्यमंत्री प्रतिशोध और वैमनस्य की भावना के साथ विधानसभा में असंगत क़ानून लेकर आए, भाजपा ने उन्हें साफ़ बता दिया कि यह क़ानून न्यायिक समीक्षा में क़ानून के सामने टिकेगा नहीं, इसलिए इसे वापस लेना विधानसभा की गरिमा के लिए भी ठीक रहेगा। लेकिन संख्याबल के गुमान और सरकार की ज़िद में सदन की मर्यादा गिरी। इसी तरह से जॉब ट्रेनी पॉलिसी के ख़िलाफ़ भाजपा ने आवाज़ उठाई। इसे युवाओं के भविष्य के विरोधी कदम बताया, लेकिन सरकार ने नहीं सुना। पहले से चल रही भर्ती प्रक्रिया में भर्ती हुए डॉक्टर्स को भी जब जॉब ट्रेनी बना दिया, तब भी भाजपा ने सवाल उठाए, ऐसा न करने का आग्रह किया, तब भी सत्ता के अहंकार में चूर मुख्यमंत्री को कुछ समझ नहीं आया। विडंबना यह है कि सुक्खू सरकार में ऐसे-ऐसे क़ानून बनाए गए, जो हास्यास्पद और संविधान की मूल भावना के ख़िलाफ़ नज़र आते हैं, लेकिन सुक्खू जी व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर संविधान और व्यवस्था की गरिमा तार-तार करते जा रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर झूठ और अराजकता को संरक्षण दे रही है। स्वास्थ्य व्यवस्था लोगों के जीवन से जुड़ी है, सबसे ज़्यादा दुर्गति सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की करके प्रदेशवासियों की जान से खिलवाड़ कर रही है। प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेज और अस्पताल सरकार की उपेक्षा और झूठी भाषणबाज़ी का शिकार हो रहे हैं। सभी तक मूलभूत सुविधाएँ पहुँचाने के बजाय मुख्यमंत्री केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सहयोग से मशीनें खरीदने पर जोर दे रहे हैं। प्रदेश में एमआरआई समेत अन्य मशीनें खरीद कर आ गई हैं, लेकिन उन्हें ऑपरेट करने वाला स्टाफ नहीं है। प्रदेश के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 10 महीने से ओपन हार्ट सर्जरी बंद है। अस्पतालों में मशीन है तो तकनीशियन नहीं है, जहाँ तकनीशियन हैं तो मशीनें नहीं हैं। जहाँ दोनों हैं, तो वहाँ जाँच में इस्तेमाल होने वाले केमिकल और अन्य एक्सेसरीज का टोटा है। मुख्यमंत्री को यह समझना चाहिए कि झूठ के भरोसे लोगों का जीवन नहीं बचाया जा सकता है। इसलिए वह घूम-घूम कर झूठ बोलकर लोगों की जान से खिलवाड़ करना बंद करें।

शिमला: राज्य सरकार प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए एक मजबूत व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को कुशल मानव संसाधन का केन्द्र बनाने और राज्य के युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप दक्ष बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं और सरकार के इन प्रयासों के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मांणी की उपस्थिति में उम्बर मात्रा इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण निदेशालय के मध्य एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। प्रदेश सरकार की ओर से निदेशक तकनीकी शिक्षा रोहित राठौर और उम्बर मात्रा की ओर से नीतू विज ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं की रोजगार के बेहतर अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित करना और शिक्षा एवं रोजगार के बीच की दूरी को कम करना है।
इससे उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को मजबूती मिलेगी। इसके तहत विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट एवं इंटर्नशिप के अवसर, प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रशिक्षुओं तक सेवाओं और रोजगार के अवसरों तक पहुंच, कौशल विकास कार्यशालाएं और विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त उद्योग जगत की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करके पाठ्यक्रमों को अधिक उपयोगी बनाने और युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया जाएगा।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को उद्योगों से जोड़ने के उद्देश्य से रवपद उममस ऐप का शुभारम्भ भी किया। इस ऐप पर विद्यार्थी निःशुल्क पंजीकरण कर अपनी शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी एवं अन्य कौशल और करियर संबंधी प्राथमिकताओं की जानकारी उपलब्ध करवा सकेंगे। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों और उद्योगों के बीच एक प्रभावी सेतु का कार्य करेगा। इससे विद्यार्थियों को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस सहयोग से उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इसके अतिरिक्त, कुशल कार्यबल को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी। इसके माध्यम से हिमाचल प्रदेश के युवाओं को कुशल बनाया जाएगा ताकि हिमाचल के युवा भविष्य के लिए एक कुशल एवं सक्षम कार्यबल के रूप में तैयार हों।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए सार्थक रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए तकनीकी रोजगार सेतु पोर्टल शुरू किया है। यह पोर्टल एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें विद्यार्थी अपनी प्रोफाइल और प्रमाण-पत्रों का विवरण अपलोड करते हैं। सरकार के इस कदम से छात्रों को रोजगार के अवसरों और उद्योगों की आवश्यकताओं तक सीधी पहुंच सुनिश्चित हो रही है।