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मण्डी: वन्य प्राणियों के शिकार पर कड़ी निगरानी, वन मंडल नाचन ने फील्ड स्टाफ को सतर्क रहने के दिए निर्देश; शिकार करते पकड़े जाने पर सात साल तक की कैद

गोहर/मण्डी: सर्दियों के मौसम में वन्य प्राणियों के निचले क्षेत्रों में अप्रवासन के दृष्टिगत वन मंडल नाचन ने सभी वन परिक्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है और फील्ड स्टाफ को वन्य जीवों के शिकार इत्यादि गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

वन मंडलाधिकारी नाचन मुनीश रांगड़ा ने बताया कि सर्दियों की दस्तक के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ने लगी है। इसके चलते भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में वन्य प्राणी और पक्षी अब धीरे-धीरे निचले क्षेत्रों की ओर आने लगे हैं। घोरड, काकड़ और जंगली सुअर के अलावा मोनाल, कोकलास, कलीज, चीड़ तथा जुजुराना जैसे फेजेंट प्रजाति के पक्षी भी इन दिनों गांवों के आसपास के जंगलों और खेतों तक पहुंच सकते हैं।

उन्होंने बताया कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9 के तहत संरक्षित वन्य प्राणियों और पक्षियों का शिकार प्रतिबंधित है। शिकार का अर्थ केवल किसी वन्य प्राणी को मारना ही नहीं है। अपितु, फंदा या जाल लगाकर पकड़ना, घायल करना, जहर देना, पीछा करना, पक्षियों के अंडे उठाना अथवा उनके घोंसले नष्ट करना भी शिकार की श्रेणी में आता है।

उन्होंने बताया कि अधिनियम की धारा 39 के तहत वन्य प्राणी तथा उसका मांस, खाल, सींग या अन्य अंगों को अवैध रूप से कब्जे में रखना, खरीद-फरोख्त करना अथवा एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना अपराध है। सामान्य उल्लंघन पर तीन वर्ष तक की कैद या एक लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। अनुसूची-एक में शामिल वन्य प्राणियों के शिकार अथवा अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान में शिकार के मामलों में कम से कम तीन वर्ष और अधिकतम सात वर्ष तक की कैद तथा न्यूनतम 25 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। दोबारा अपराध करने पर सजा और अधिक कठोर हो सकती है और शिकार में प्रयुक्त हथियार, वाहन व अन्य सामान जब्त किए जा सकते हैं।

मुनीश रांगड़ा ने बताया कि वनों और वन्य जीवों की रक्षा करना विभाग का दायित्व है, जबकि प्रत्येक नागरिक का मौलिक कर्तव्य है कि वह वनों, नदियों और वन्य जीवों की रक्षा करें। उन्होंने क्षेत्र की जनता, पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडलों, युवक मंडलों तथा वन सुरक्षा समितियों से अपील की कि यदि कहीं शिकार या अन्य संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत नजदीकी वन रक्षक या अन्य अधिकारियों अथवा वन मंडलाधिकारी कार्यालय नाचन को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि यदि कोई वन्य प्राणी घायल अवस्था में मिले अथवा रिहायशी क्षेत्र या खेतों में पहुंच जाए तो उसे नुकसान न पहुंचाएं और तत्काल वन विभाग को सूचना दें। विभागीय टीम आवश्यक उपचार एवं सुरक्षित बचाव कर उसे उपयुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़ने की कार्रवाई करेगी।

पशु मित्र के पदों के लिए शारीरिक परीक्षण 8 अक्टूबर को

मण्डी:  उप-निदेशक, पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन, मंडी डॉ. मुकेश महाजन ने बताया कि उपमंडलीय पशु चिकित्सालय करसोग के अंतर्गत पशु मित्र के पदों को भरने के लिए शारीरिक परीक्षण 8 अक्टूबर, 2026 को आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पूर्व में खराब मौसम एवं अन्य अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण यह भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। अब शारीरिक परीक्षण को पुनः निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि शारीरिक परीक्षण वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला करसोग के मैदान में आयोजित होगा। अभ्यर्थियों के लिए रिपोर्टिंग समय प्रातः 8:30 बजे निर्धारित किया गया है, जबकि पंजीकरण की अंतिम समय-सीमा प्रातः 9:45 बजे तक रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रातः 9:45 बजे के बाद पहुंचने वाले किसी भी अभ्यर्थी का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। निर्धारित समय के बाद पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को शारीरिक परीक्षण में शामिल होने का कोई अन्य अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा।

उन्होंने सभी पात्र एवं इच्छुक पुरुष एवं महिला अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पूर्व परीक्षा स्थल पर पहुंचना सुनिश्चित करें। अभ्यर्थियों को अपने साथ सभी मूल प्रमाण-पत्र एवं एक वैध पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लाना होगा। शारीरिक परीक्षण में शामिल होने से पहले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।

ऊना: माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव को लेकर बैठक आयोजित, 22 से 24 नवम्बर तक होगा भव्य आयोजन

ऊना: धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव की तैयारियों को लेकर कदमताल शुरू कर दी गई है। इस वर्ष माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव का भव्य आयोजन 22 से 24 नवंबर तक किया जाना प्रस्तावित है। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ऊना इशांत जसवाल ने आज बीडीओ कार्यालय अम्ब में महोत्सव की तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों के साथ आयोजित हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।

एडीसी ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव आस्था, लोक-संस्कृति और पर्यटन का अनूठा संगम है। पिछले वर्ष 14 से 16 नवम्बर तक अंब मैदान में आयोजित महोत्सव का दूसरा संस्करण बेहद सफल रहा था। आयोजन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही तथा महोत्सव ने प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी महोत्सव को आकर्षक एवं यादगार बनाने के लिए सांस्कृतिक संध्याओं, लोक-कलाओं की प्रस्तुतियों, खेल प्रतियोगिताओं तथा विभिन्न जनसहभागिता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से हिमाचल की समृद्ध लोक-संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच प्रदान किया जाएगा।
एडीसी ने कहा कि जिला प्रशासन महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करेगा। आयोजन से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए संबंधित विभागों की टीमें गठित की जाएंगी तथा विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे, ताकि श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने कहा कि महोत्सव के माध्यम से माता श्री चिंतपूर्णी की धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि महोत्सव में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु एवं पर्यटक सुखद और अविस्मरणीय अनुभव लेकर लौटे।

बैठक में एसडीएम अंब पारस अग्रवाल, डीएसपी अनिल पटियाल, बीडीओ अंब ओमपाल डोगरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कांगड़ा: पाइसा से बणे दी हट्टी सड़क मार्ग 6 नवंबर तक रहेगा बंद

धर्मशाला: जिला दंडाधिकारी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने अधिसूचना जारी करते हुए खबली-दोसड़का से बणे दी हट्टी तक के सड़कमार्ग पर सीसी पेवमेंट के कार्य के कारण पाइसा से बणे दी हट्टी तक सड़क को सभी प्रकार के वाहनों के लिए 6 नवम्बर तक बन्द करने के आदेश दिये हैं। इस अवधि के दौरान यातायात के लिए पाइसा से भट्ठा सड़कमार्ग को वैकल्पिक सड़कमार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। जबकि एम्बुलेंस, अग्निशमन तथा अन्य आपातकालीन वाहनों का निकलना यदि संभव हो, प्रतिबंध से छूट रहेगी।

बिलासपुर: धौलरा व आसपास के क्षेत्रों में 8 अक्तूबर को बिजली रहेगी बंद

बिलासपुर: विद्युत उपमंडल-द्वितीय बिलासपुर के सहायक अभियंता ई. रविन्द्र चौधरी ने बताया कि विद्युत लाइनों की आवश्यक मरम्मत तथा पेड़ों की कांट-छांट के कार्य के चलते 8 अक्तूबर, 2026 को चंगर अनुभाग के अंतर्गत धौलरा व आसपास के क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने आम जनता से सहयोग की अपील की है।

उन्होंने कहा कि शटडाउन मौसम की स्थिति पर निर्भर रहेगा।

9 और 16 अक्तूबर को क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में दिव्यांगजनों का होगा चिकित्सा परीक्षण

बिलासपुर:  जिला बिलासपुर में दिव्यांगजन को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आगामी 9 और 16 अक्तूबर को शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर आयोजन के दृष्टिगत मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा ने जिला मेडिकल डिसेबिलिटी बोर्ड का गठन किया है।

इस सम्बन्ध में आदेश जारी करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस बोर्ड में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों एवं अधिकारियों को नामित किया गया है, जिनमें शिशू रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक तथा मेडिसिन विशेषज्ञ शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि यह शिविर 9 और 16 अक्तूबर को प्रातः 10 बजे से अंतिम लाभार्थी के परीक्षण तक नए ओपीडी परिसर में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित लाभार्थियों से सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित निर्धारित तिथि व समयानुसार शिविर में शामिल होने का आह्वान किया है।

PM मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे; भाजपा ने निकाली सेवा ज्योति यात्रा, रिज पर बनाई रंगोली

शिमला: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 7 अक्टूबर 2026 को लगातार 25 वर्ष पूरे हुए। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश भर में ‘सेवा संकल्प अभियान’, ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ और ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित विशेष रंगोली कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन ने भाग लिया और रंगोली के मध्य दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा को समर्पित ‘सेवा ज्योति’ का संदेश दिया।

रिज मैदान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की यात्रा को समर्पित आकर्षक रंगोली बनाई गई। रंगोली के चारों ओर भाजपा कार्यकर्ताओं ने दीप प्रज्वलित किए। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा आयोजन सेवा संकल्प तथा विकसित भारत के संदेश से जुड़ा रहा।

इस अवसर पर सिद्धार्थन ने कहा कि 7 अक्टूबर का दिन देश के राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शासन की जिम्मेदारी संभाली थी और उसके बाद प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करते हुए शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष की यात्रा पूरी की है।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के ये 25 वर्ष केवल सत्ता या पद पर बने रहने की यात्रा नहीं, बल्कि सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, राष्ट्र निर्माण और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को समर्पित यात्रा है। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के जिस संकल्प को देश के सामने रखा है, उसे पूरा करने में समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक कार्यकर्ता की भागीदारी आवश्यक है।

सिद्धार्थन ने दीप प्रज्वलित करते हुए कहा कि रिज मैदान पर जली यह ज्योति प्रधानमंत्री के सेवा भाव और विकसित भारत के संकल्प की प्रतीक है। जिस प्रकार एक दीप अंधकार को दूर करता है, उसी प्रकार सेवा का भाव समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। भाजपा कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि इस सेवा ज्योति को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण, महिला सशक्तीकरण, किसान हित, युवाओं के लिए अवसर, आधारभूत ढांचे के विस्तार और भारत की सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता देने के प्रयास किए गए हैं। आने वाले वर्षों में देश का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का है।

कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने भी ‘सेवा से संकल्प और संकल्प से विकसित भारत’ के भाव के साथ प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की यात्रा को याद किया। रंगोली और दीपों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रधानमंत्री के 25 वर्षों की सेवा से प्रेरणा लेते हुए कार्यकर्ता समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को और गति देंगे।

सिद्धार्थन ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि “मोदी जी के 25 वर्षों की सेवा यात्रा का उत्सव तभी सार्थक होगा, जब हम स्वयं भी सेवा को अपने जीवन का संकल्प बनाएं। राष्ट्र प्रथम का भाव लेकर आगे बढ़ें और विकसित भारत के निर्माण में हिमाचल प्रदेश की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करें।” कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश, जिला एवं मंडल स्तर के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

चुनाव जीते तो आयोग निष्पक्ष, हारे तो चुनाव आयोग पर हमला; कांग्रेस की सुविधा की राजनीति जनता समझ चुकी है – सुरेश कश्यप

शिमला। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने चुनाव आयोग और SIR को लेकर कांग्रेस के विरोध पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की लोकतंत्र की परिभाषा बड़ी विचित्र है—जिस चुनाव में कांग्रेस जीत जाए, वहां चुनाव आयोग, चुनाव प्रक्रिया और लोकतंत्र सब ठीक हैं; लेकिन जहां जनता कांग्रेस को नकार दे, वहां चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की रक्षा नहीं, बल्कि लगातार मिल रही चुनावी हार की जिम्मेदारी संवैधानिक संस्थाओं पर डालने का प्रयास है।

कश्यप ने कहा कि 6 अक्टूबर को दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी व अन्य विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने के बाद राहुल गांधी सहित नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में कई घंटे धरना दिया और बाद में उन्हें हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर लगातार राजनीतिक प्रहार करना अलग विषय है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सबसे पहले हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देखना चाहिए। प्रदेश में कांग्रेस की अपनी सरकार और मुख्यमंत्री होने के बावजूद मई 2026 में हुए चार नगर निगम चुनावों में भाजपा ने मंडी, धर्मशाला और सोलन—चार में से तीन नगर निगमों में जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस केवल पालमपुर जीत सकी। उन्होंने सवाल किया कि क्या इन चुनावों में भी कांग्रेस अपनी हार के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराएगी?

कश्यप ने कहा कि प्रदेश के स्थानीय निकाय और जिला परिषद के चुनाव कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में और प्रदेश की अपनी प्रशासनिक व्यवस्था के बीच हुए। जहां चुनाव बैलेट पेपर से हुए, वहां भी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को कई स्थानों पर जनता ने नकारा। इसलिए बार-बार EVM या चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करके कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं को नहीं छिपा सकती। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है और कांग्रेस को जनता के निर्णय का सम्मान करना सीखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस से एक सीधा सवाल है—हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस जीती तो क्या चुनाव आयोग निष्पक्ष था? कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस जीती तो क्या व्यवस्था ठीक थी? और जब कांग्रेस हारती है तभी चुनाव आयोग संदिग्ध कैसे हो जाता है? हाल में भाजपा ने भी इसी आधार पर कांग्रेस से पूछा है कि जिन राज्यों में वह चुनाव जीतकर सत्ता में है, क्या वहां के चुनाव परिणामों पर भी उसे अविश्वास है। 

सुरेश कश्यप ने SIR पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन होना निष्पक्ष चुनाव की बुनियादी आवश्यकता है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह मतदाता सूची के सत्यापन और उसमें पात्र मतदाताओं की सही जानकारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का विरोध क्यों कर रही है। यदि किसी पात्र मतदाता के अधिकार से जुड़ा कोई ठोस विषय है तो उसे प्रमाणों के साथ चुनाव आयोग के सामने रखा जाना चाहिए, लेकिन पूरी प्रक्रिया को राजनीतिक रंग देकर संवैधानिक संस्था को बदनाम करना उचित नहीं है।

कश्यप ने कांग्रेस के चुनाव आयोग से संबंधों के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि आज जिस संस्था पर कांग्रेस सवाल उठा रही है, उसके पूर्व पदाधिकारियों को राजनीति में अवसर देने का उसका अपना इतिहास रहा है। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एम.एस. गिल 1996 से 2001 तक CEC रहे और बाद में कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य बने तथा यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे। चुनाव आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड में गिल का CEC कार्यकाल 12 दिसंबर 1996 से 13 जून 2001 दर्ज है। उन्होंने कहा कि पूर्व CEC टी.एन. शेषन ने भी बाद में कांग्रेस के समर्थन से राष्ट्रपति चुनाव लड़ा था। 

उन्होंने कहा कि इसलिए कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से पहले अपना इतिहास भी देखना चाहिए। “जब चुनाव आयोग का पूर्व मुखिया बाद में कांग्रेस से राज्यसभा पहुंचकर केंद्रीय मंत्री बनता है, तब संस्था की स्वतंत्रता पर कांग्रेस को चिंता नहीं होती; लेकिन जनता कांग्रेस को चुनाव में हरा दे तो उसी चुनाव आयोग पर सवाल खड़े होने लगते हैं।”

कश्यप ने कहा कि हिमाचल की जनता भी कांग्रेस की इस राजनीति को देख रही है। प्रदेश में सत्ता और सरकारी तंत्र होने के बावजूद कांग्रेस को स्थानीय चुनावों में झटके लगे हैं। जनता की नाराजगी का उत्तर चुनाव आयोग पर हमला नहीं, बल्कि अपने शासन और नीतियों का आत्ममंथन होना चाहिए।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस का नया सिद्धांत बन गया है—जीते तो जनादेश, हारे तो चुनाव आयोग दोषी। लोकतंत्र ऐसे नहीं चलता। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। कांग्रेस को SIR के नाम पर भ्रम और भय फैलाने के बजाय जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए।”

शिमला: लोकभवन के बाहर सीएम सुक्खू के साथ कांग्रेस ने किया प्रदर्शन..

शिमला : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी तथा अन्य सांसदों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदेश कांग्रेस ने आज मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। मुख्यमंत्री ने नारेबाजी कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को हिरासत में लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष कर रहे हैं, गिरफ्तारियां दे रहे हैं और लगातार आम लोगों की आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों की चोरी के माध्यम से सत्ता हासिल की जा रही है और यह जनता की वास्तविक आवाज नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या के विरोध में कल पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवाज उठाई है और उनकी आवाज को कोई दबा नहीं सकता। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को किसी पद का लालच नहीं है, बल्कि वह उस संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिसके कारण देश में लोकतंत्र कायम है और जिसके तहत नरेन्द्र मोदी आज प्रधानमंत्री के पद पर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के साथ हिमाचल प्रदेश के लोग और कांग्रेस के कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं।
इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, प्रदेश कांग्रेस महासचिव विनोद जिंटा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देश के संविधान,लोकतंत्र से  खिलवाड़ किया है। उन्होंने भाजपा के साथ मिल कर एसआईआर के नाम पर 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं को उनके मताधिकार से बंचित किया है। इसलिए उन्हें इस पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नही है। उन पर देशद्रोह का मुकदमा दायर होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र को बचाने के लिए राहुल गांधी संघर्ष कर रहें है पर भाजपा उनकी इस आवाज को भाजपा सत्ता के बल पर दबाने का असफल प्रयास कर रही है।
आज लोक भवन के बाहर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी व अन्य नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए विनय कुमार ने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ राहुल गांधी की आवाज को नही दबाया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि आज केंद्रीय  चुनाव आयोग भाजपा की कठपुतली वन कर काम कर रहा है। देश के लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में भाजपा के खिलाफ एकजुटता से खड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस वोट चोरी व मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदेश व्यापी आंदोलन करने जा रही है।
विनय कुमार ने बताया कि कल ऊना में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी से प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल विशेष तौर पर इस धरना प्रदर्शन में शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस जिला अध्यक्षों के नेतृत्व में भाजपा व केंद्रीय चुनाव आयोग के खिलाफ जबरदस्त धरने प्रदर्शन करेगी। इस धरना प्रदर्शन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इसके सफल आयोजन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी दी गई है।

शिमला: नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश

शिमला: आयुक्त (मंदिर) एवं उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने नवरात्रि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं आम जनता की सुरक्षा, सुविधा तथा स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नवरात्रि पर्व 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक मनाया जाएगा तथा 20 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों के तहत मंदिरों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने, कानून-व्यवस्था कायम रखने तथा संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रवेश एवं निकासी के लिए अलग-अलग मार्ग चिन्हित करने तथा त्वरित प्रतिक्रिया दल और चिकित्सा सहायता दलों को तैयार रखने को कहा गया है।
नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसरों एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ अस्थायी शौचालय, पेयजल तथा कूड़ेदान की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय निकायों को चौबीसों घंटे स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा गया है। मंदिरों के समीप प्राथमिक उपचार केंद्र एवं एंबुलेंस सेवाएं उपलब्ध रखने तथा स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यातायात एवं भीड़ प्रबंधन के तहत उचित ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू करने, पर्याप्त पार्किंग स्थलों को चिन्हित कर इसकी जानकारी आम जनता को पहले से उपलब्ध करवाने तथा मार्ग, पार्किंग एवं सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के लिए सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का उपयोग करने को कहा गया है।
मंदिर परिसरों एवं संपर्क मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, विद्युत एवं जलापूर्ति विभागों के साथ समन्वय कर निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करने तथा महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। जाखू मंदिर में एस्केलेटर सुविधा को एकतरफा एवं उचित दिशा में संचालित करने के लिए भी कहा गया है।
उपायुक्त ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने तथा नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से नवरात्रि पर्व को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने तथा जारी निर्देशों की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।