


शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल ‘शक्तिपीठों’ का भी प्रदेश है। हम माता नैना देवी जी के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार करने जा रहे हैं, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस कार्य में हम मंदिरों और शक्तिपीठों के आसपास पर्याप्त स्थान, सौंदर्य और दृश्यावली का विशेष ध्यान रख रहे हैं।
इसके लिए हमने 25 करोड़ रुपये का बजट रखा है, जिसमें माता नैना देवी जी और माता ज्वालामुखी जी दोनों शामिल हैं।
जिस भी विधानसभा क्षेत्र में कोई शक्तिपीठ होगा, वहाँ यदि स्थानीय विधायक सदस्य नहीं हैं, तो उन्हें हम Special या Permanent Invitee बनाएँगे।
एक वर्ष के भीतर इसका मास्टर प्लान तैयार कर बुजुर्गों के लिए लिफ्ट, दुकानदारों के लिए पर्याप्त स्थान, बैठने की सुविधाएँ आदि शामिल की जाएँगी। परिसर की पौराणिक सुंदरता को भी विशेष दृष्टि से संरक्षित किया जाएगा।
अगले छह महीनों में इससे संबंधित Religious Architect का कार्य शुरू करेंगे।

शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल योजना और अटल आदर्श विद्यालय योजना अलग-अलग हैं। अटल आदर्श विद्यालय में हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध है, जबकि डे-बोर्डिंग स्कूल में बच्चे सुबह आएँगे और शाम को घर लौटेंगे। यह सुविधा प्री-नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए उपलब्ध होगी।
अटल आदर्श विद्यालय बंद नहीं किया गया है। हम देश के सभी प्रधानमंत्रियों का सम्मान करने वाले लोग हैं और यही नीति हमारी सरकार की भी है।

शिमला : बजट अनुमानों पर मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने वॉकआउट किया। भारतीय जनता पार्टी के विधायक कौन है झूठ बोलने, झूठे आरोप लगाने और सदन को गुमराह बंद करने की नारे बाजी की। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि 3 साल के कार्यकाल में चार बजट में मुख्यमंत्री के पास बताने के लिए कुछ नहीं है इसलिए पूर्व सरकार की उपलब्धियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। सरकार को यह बात चुभती है कि प्रदेश के लोग हिम केयर की तारीफ करते हैं हमारी योजना की तारीफ करते हैं। मुख्यमंत्री जिस राह पर चल रहे हैं वह एक प्रदेश की मुखिया की राह नहीं है। वह लगातार विजिलेंस पर भाजपा के नेताओं पर फर्जी आरोप लगाने के बहाने खोजने के लिए दबाव बना रहे हैं। आरटीआई के दायरे से बाहर लाना उनकी इसी साजिश का हिस्सा है। मुख्यमंत्री सिर्फ आप और प्रत्यारोप की राजनीति में ही माहिर हैं और वही लगातार कर रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अपने बजट में बताने को जब कोई उपलब्धि नहीं है तो इसी तरह की तथ्यहीन बातें करनी पड़ रही हैं। एक तरफ मुख्यमंत्री कहते हैं की इलाज सरकारी अस्पताल में होगा दूसरी तरफ कहते हैं कि एक ही मेडिकल कॉलेज में 100 करोड़ का घोटाला हो गया। अगर घोटाला हो गया तो मुख्यमंत्री जांच करें जो भी जिम्मेदार लोग हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री के आरोप में कोई तथ्य नहीं है और बताने के लिए अपनी कोई उपलब्धि नहीं है। इसलिए इस तरीके की औचित्यहीन बातें करके मुख्यमंत्री सदन का वक्त जाया कर रहे हैं। इस प्रकार के काले कारनामों की बड़ी फेहरिस्त हमारे पास है। लोग हमें व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार के घोटालों के बारे में बता रहे हैं। सब कुछ बहुत जल्दी सामने आने वाला है। यह सरकार अपने विधायकों आला नेताओं और प्रदेश की जनता का भरोसा खो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने इस महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के लिए जल शक्ति विभाग के समर्पित प्रयासों को सराहा
शिमला: भारत सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग को सिंचाई गणना 2023दृ2025 के अंतर्गत पहली बार प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई (एमएमआई) गणना सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने सचिव जल शक्ति विभाग डॉ. अभिषेक जैन को प्रदान किया। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति सचिव वी.एल. कंथा राव भी उपस्थिति थे।
मुख्य सचिव संजय गुप्ता और सचिव जल शक्ति डॉ. अभिषेक जैन ने आज शिमला में यह पुरस्कार औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू को भेंट किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के लिए विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादकता को बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने में सिंचाई परियोजनाओं का महत्त्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रयासरत है। सरकार के प्रयासों की झलक वर्ष 2026दृ27 के बजट में प्रदर्शित हो रही है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विभाग की डेटा-आधारित योजना, बेहतर शासन और सिंचाई क्षेत्र को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
एमएमआई गणना का उद्देश्य सिंचाई से संबंधित आंकड़ों का एक व्यापक राष्ट्रीय डेटा-बेस तैयार करना हैं। इसके अंतर्गत जिन सिंचाई परियोजनाओं का सिंचित कमांड क्षेत्र (सीसीए) 10,000 हेक्टेयर से अधिक होता हैं, उन्हें प्रमुख परियोजनाओं के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जबकि 2,000 से 10,000 हेक्टेयर की परियोजनाओं को मध्यम श्रेणी में रखा जाता है।
हिमाचल प्रदेश में इस गणना के अनुसार कुल 10 प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाएं शामिल की गई है जिनमें एक प्रमुख और नौ मध्यम परियोजनाएं है। इनमें से आठ परियोजनाएं (एक प्रमुख और सात मध्यम) पूरी हो चुकी हैं, जबकि दो मध्यम परियोजनाएं अभी निर्माणाधीन हैं। इस गणना के दौरान 32 विभिन्न मानकों पर विस्तृत डेटा संग्रह किया गया है जिसमें सीसीए, ग्रॉस कमांड एरिया, सिंचाई क्षमता, क्रॉप पैटर्न, लाभान्वित जनसंख्या, डिजाइन विशेषताएं, विभिन्न क्षेत्रों में जल उपयोग तथा कमांड एरिया डिवेल्पमेंट (सीएडी) कार्य शामिल हैं। विभाग ने यह पूरा कार्य अक्टूबर 2025 तक, निर्धारित समय सीमा दिसंबर 2025 से पहले ही पूरा कर लिया जो उत्कृष्ट समन्वय और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राज्य की प्रमुख परियोजना का उपयोग पूरी तरह से सिंचाई के लिए किया जाता है जबकि नौ में से सात मध्यम परियोजनाएं भी सिंचाई के उद्देश्य की पूर्ति कर रही है। सिंचाई परियोजनाओं के उपयोग स्तर में सुधार की संभावना है। प्रमुख परियोजना में सृजित क्षमता का लगभग 64 प्रतिशत उपयोग हो रहा है, जबकि मध्यम परियोजनाओं में यह लगभग 84 प्रतिशत हैं। सिंचाई क्षमता के उपयोग में मध्यम परियोजनाओं का योगदान (लगभग 59 प्रतिशत) अधिक है। इन परियोजनाओं का मुख्यतः खरीफ और रबी के मौसम में उपयोग किया जाता है इसके साथ-साथ यह अन्य फसलों के लिए भी सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध करवाती हैं। जल उपयोग प्रमुख परियोजनाओं में मध्यम परियोजनाओं की तुलना में अधिक है और वर्तमान में सभी 10 परियोजनाएं बाढ़ सिंचाई पद्धति पर आधारित हैं।

हिमाचल: प्रदेश में तीन नए सैटेलाइट शहरों के विकास के लिए हिमाचल प्रदेश आवास और शहरी विकास प्राधिकारण (हिमुडा) और हाउसिंग एंड अर्बन डिवेल्पमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (हुडको) के बीच आज यहां नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी की उपस्थिति में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया गया।
इस एमओयू के अंतर्गत हिम चंडीगढ़, हिम पंचकुला और कांगड़ा वैली एयरोसिटी का निर्माण किया जाएगा। हिमुडा की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव डॉ. सुरेंद्र कुमार वशिष्ठ तथा हुडको की ओर से क्षेत्रीय प्रमुख नीरज सेठी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर राजेश धर्माणी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च अधिमान देते हुए नियोजित शहरीकरण को बढ़ावा देने में यह परियोजनाएं मील पत्थर साबित होंगी। इन परियोजनाओं को भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने तथा राज्य में बढ़ते शहरीकरण के दबाव को कम करने के लिए इन परियोजनाओं को योजनाबद्ध, सतत् विकास के दृष्टिगत भविष्य के अनुरूप शहरी केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की नियोजित शहरीकरण की परिकल्पना को साकार करने की दृष्टि में यह परियोजनाएं सहायक साबित हांेगी। यह पहल नए आर्थिक अवसरों के सृजन में सहायक होगी। इन परियोजनाओं के साकार होने से प्रदेश को एक नई पहचान और लोगों को रोज़गार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष के अवसर मिलेंगे।
इस अवसर पर हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, हिमुडा और हुडको के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ऊना: सिस इंडिया लिमिटेड, आरटीए हमीरपुर द्वारा पुरुष वर्ग में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के 100 पद भरे जाएंगे। इन पदों के लिए साक्षात्कार 28 मार्च को सुबह 10.30 बजे उप रोजगार कार्यालय बंगाणा और 30 मार्च को उप रोजगार कार्यालय हरोली में आयोजित किए जाएंगे।
जिला रोजगार अधिकारी ऊना अक्षय शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण व अनुत्तीर्ण, ऊंचाई 168 सेंटीमीटर, आयु सीमा 19 से 40 वर्ष और वेतन 17,500 से 23 हजार रूपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि एक महीने की ट्रेनिंग के उपरांत अभ्यर्थियों की नियुक्ति एटीएम, अस्पतालों, औद्योगिक क्षेत्र, मॉल सहित अन्य संस्थानों में की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, जन्म तिथि, रोजगार कार्यालय पंजीकरण कार्ड, आधार कार्ड, दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। प्रमाण पत्र मूल रूप से प्रस्तुत करना होगा। अधिक जानकारी के लिए 85580-62252 पर सम्पर्क किया जा सकता है। साक्षात्कार में आने जाने का यात्रा भत्ता देय नही होगा।

सफल आयोजन के लिए प्रदेश सरकार और प्रशासन ने किए हैं सभी आवश्यक प्रबंध : गंधर्वा राठौड़
सुजानपुर : भारतीय वायु सेना की विश्व प्रसिद्ध सूर्य किरण एरोबेटिक टीम द्वारा 25 और 26 मार्च को सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा के मैदान के ऊपर किए जाने वाले अदभुत एयर शो की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंगलवार को सूर्य किरण एरोबेटिक टीम के 4 हॉक एमके-132 जेट विमानों ने प्रैक्टिस उड़ानें भरीं।
बुधवार और वीरवार को दोनों दिन सुबह करीब 10ः45 बजे सूर्य किरण एरोबेटिक टीम के कुल 9 विमान एयर शो शुरू करेंगे जोकि लगभग आधे घंटे का होगा। एयर फोर्स स्टेशन चंडीगढ़ और आदमपुर से उड़ान भरने के बाद ये विमान सुजानपुर के मैदान के ठीक ऊपर कई कलाबाजियां करते हुए और एक साथ कई फॉर्मेशन्स बनाकर कई करतब दिखाकर दर्शकों को आश्चर्यचकित कर देंगे।
सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम एशिया की एकमात्र नौ विमानों वाली एरोबेटिक टीम है और विश्व की चुनिंदा उत्कृष्ट एरोबेटिक टीमों में गिनी जाती है। इस टीम ने भारत के विभिन्न शहरों के अलावा चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर तथा संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भारतीय वायु सेना की पेशेवर उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि इस एयर शो के सफल आयोजन के लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की ओर से वायु सेना एवं सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है तथा मैदान में मुख्य अतिथि, अन्य अतिथियों तथा आम लोगों के बैठने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।
उधर, सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्य एवं वायु सेना की वरिष्ठ अधिकारी ग्रुप कैप्टन रचना जोशी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में वायु सेना के इस तरह के पहले एयर शो की मेजबानी का गौरव सुजानपुर को मिल रहा है। इससे हिमाचल प्रदेश के बच्चे और युवा सैन्य अधिकारी बनने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने बताया कि एयर फोर्स की इस टीम में सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा के दो पूर्व विद्यार्थी एवं वर्तमान में वायु सेना में सेवारत एयर कमोडोर बृजेश पॉल और स्क्वाड्रन लीडर हिमकुश चंदेल भी उड़ान भरेंगे। ग्रुप कैप्टन रचना जोशी ने बताया कि शो के लिए विशेष रूप से स्थापित कमेंटरी बॉक्स से वायु सेना के अधिकारी एक-एक पल और विमानों के करतबों की जानकारी दर्शकों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने सुजानपुर और इसके आस-पास के सभी क्षेत्रों के लोगों, विशेषकर बच्चों तथा युवाओं से इस एयर शो के रोमांच का अनुभव लेने के लिए निर्धारित समय से पहले ही मैदान में पहुंचने की अपील की है।

बड़सर : एसडीएम बड़सर स्वाति डोगरा ने बताया कि उपमंडल के अंतर्गत आने वाली तहसील बड़सर और ढटवाल (बिझड़ी) तथा उपतहसील भोटा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जमीन के सर्कल रेट तय कर दिए गए हैं। ये रेट पहली अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि के लिए तय किए गए हैं।
एसडीएम ने कहा कि तहसीलदार बड़सर, तहसीलदार ढटवाल (बिझड़ी) और नायब तहसीलदार भोटा द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों के लिए निर्धारित की गई जमीन की इन दरों के संबंध में अगर किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति है या फिर वह इनके संबंध में अपना सुझाव देना चाहता है तो वह अपनी आपत्तियां या सुझाव 28 मार्च तक एसडीएम कार्यालय बड़सर में दर्ज करवा सकता है या डाक द्वारा भेज सकता है।
एसडीएम ने कहा कि इस तिथि के बाद कोई भी आपत्ति या सुझाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।



