ताज़ा समाचार

ब्लॉग

हिमाचल: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में सीएचओ के 940 पदों की भर्ती रद्द

प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने रद्द की स्कूल की मान्यता

हमीरपुर : प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने नादौन उपमंडल के गांव ग्वाल पत्थर के एएसएसडी पब्लिक स्कूल की मान्यता इस शैक्षणिक सत्र की समाप्ति यानि 31 मार्च 2026 से रद्द कर दी है।

प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कमल किशोर भारती ने बताया कि शिक्षकों से संबंधित मामलों और अन्य अनियमितताओं के कारण इस स्कूल की मान्यता रद्द की गई है। उन्होंने कहा कि यदि जिला में कोई भी निजी शिक्षण संस्था आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण किए बिना स्कूल का संचालन प्रारंभ करती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपनिदेशक ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को केवल मान्यता प्राप्त पाठशालाओं में ही दाखिल करवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कोई शिक्षण संस्था आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण किए बगैर ही शिक्षण संस्थान का संचालन आरंभ करती है तो इसकी सूचना तुरंत प्रारंभिक शिक्षा के कार्यालय में या स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि ऐसे निजी शिक्षण संस्थानों के विरुद्ध आरटीई एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सके।

14 से 23 फरवरी, 2022 तक आयोजित की जाएंगी विभागीय परीक्षा 

एलडीआर परीक्षा में उत्तीर्ण एसएमसी शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन 27-28 को

हमीरपुर : एसएमसी शिक्षकों के लिए आयोजित एलडीआर भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण जिला हमीरपुर के टीजीटी हिंदी, टीजीटी संस्कृत और ड्राइंग मास्टरों के दस्तावेजों का सत्यापन 27 और 28 मार्च को सुबह 10 बजे प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय हमीरपुर में किया जाएगा।

प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार टीजीटी हिंदी और टीजीटी संस्कृत को अपने साथ दसवीं एवं बारहवीं के कक्षा प्रमाण पत्र, बीए, बीएड, एमए की मार्क्स शीट्स तथा डिग्रियां, टैट प्रमाण पत्र, एसएमसी के नियुक्ति आदेश, उपनिदेशक द्वारा सत्यापित अनुभव प्रमाण पत्र, एलडीआर परीक्षा का आवेदन पत्र एवं एडमिट कार्ड, कार्य एवं आचरण प्रमाण पत्र, हिमाचली बोनाफाइड प्रमाण पत्र, श्रेणी प्रमाण पत्र और एक पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना होगा।

ड्राइंग मास्टर के उम्मीदवारों को दसवीं एवं बारहवीं के कक्षा प्रमाण पत्र, संबंधित डिप्लोमा या डिग्री की मार्क्स शीट्स, एसएमसी के नियुक्ति आदेश, उपनिदेशक द्वारा सत्यापित अनुभव प्रमाण पत्र, एलडीआर परीक्षा का आवेदन पत्र एवं एडमिट कार्ड, कार्य एवं आचरण प्रमाण पत्र, हिमाचली बोनाफाइड प्रमाण पत्र, श्रेणी प्रमाण पत्र और एक पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना होगा।

टीजीटी के लिए बीएड, टैट और एसएमसी अनुभव प्रमाण पत्र अनिवार्य है। ड्राइंग मास्टर के लिए एसएमसी अनुभव प्रमाण पत्र अनिवार्य है। आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में अभ्यर्थी को पात्र नहीं माना जाएगा।

एचपीआरसीए ने घोषित किया ग्रुप इंस्ट्रक्टर का फाइनल परिणाम

हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने तकनीकी शिक्षा, वोकेशनल एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग में ग्रुप इंस्ट्रक्टर (ट्रेनी) के पदों को भरने के लिए पोस्ट कोड-24001 के तहत आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है।

आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि दस्तावेजों की जांच के बाद 12 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि यह अंतिम परिणाम सभी उम्मीदवारों के नाम, रोल नंबर और अंकों सहित आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन hprca.hp.gov.in पर उपलब्ध करवा दिया गया है।

हमीरपुर: सुजानपुर में हजारों लोगों ने देखा भारतीय वायु सेना का अदभुत शौर्य, कौशल और समन्वय

एयर शो के पहले दिन उमड़ी लोगों की भारी भीड़, वीरवार को भी इसी समय पर होगा एयर शो

सुजानपुर:  भारतीय वायु सेना की विश्व प्रसिद्ध सूर्य किरण एरोबेटिक टीम द्वारा बुधवार को सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा के मैदान के ऊपर किए गए एयर शो के दौरान हजारों लोगों ने इस टीम के बेहतरीन अधिकारियों एवं पायलटों के अदभुत शौर्य, कौशल और आपसी समन्वय का एक हैरतअंगेज प्रदर्शन देखा। हिमाचल प्रदेश में पहली बार किए जा रहे इस एयर शो के साक्षी बनकर सभी दर्शक अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। इस अवसर पर सुजानपुर के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

सूर्य किरण एरोबेटिक टीम के 9 हॉक एमके-132 जेट विमानों ने करीब 10ः50 बजे एक साथ सुजानपुर के आसमान में दस्तक दी तो हजारों लोगों ने जोरदार तालियों के साथ भारतीय वायु सेना के इन जांबाजों का स्वागत किया। इसके बाद इन विमानों ने अलग-अलग और ग्रुप में एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज कलाबाजियां और करतब दिखा कर दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया।

गर्जना के साथ आसमान को चीरते हुए इन विमानों ने कई फॉर्मेंशन्स बनाकर रोमांच, गति, नियंत्रण और आपसी समन्वय का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया। नौ विमानों के इस समूह ने हवा में डायमंड, तीर, हृदय, डीएनए और कई अन्य आकृतियां बनाने के साथ-साथ जब आसमान में राष्ट्रीय ध्वज के रंग बिखेरे तो दर्शकों को एक बहुत ही शानदार नजारा देखने को मिला। इन अदभुत दृश्यों को देखकर सभी दर्शक इन्हें अपने-अपने मोबाइल फोन के कैमरों में कैप्चर करने से अपने आपको रोक नहीं सके।

सूर्य किरण एरोबेटिक टीम की कमेंटेटर फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू ने बहुत ही प्रभावशाली ढंग से इस एयर शो की जानकारी दर्शकों तक पहुंचाई तथा इस टीम के अधिकारियों का परिचय करवाया। स्क्वॉड्रन लीडर संजय सिंह ने ग्राउंड डयूटी की जिम्मेदारी निभाते हुए पायलटों के साथ समन्वय स्थापित किया। लगभग 30 मिनट तक चले इस रोमांच भरे एयर शो के दौरान दर्शक काफी उत्साहित नजर आए। विशेषकर, बच्चों ने इस रोमांच का खूब आनंद लिया और भारतीय वायु सेना की गौरवशाली परंपराओं से काफी प्रभावित हुए।

इससे पहले, सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्य एवं वायु सेना की वरिष्ठ अधिकारी कैप्टन रचना जोशी ने विधायक कैप्टन रणजीत सिंह, डीसी गंधर्वा राठौड़, एसपी बलवीर सिंह, कटोच वंश के परिवार के सदस्यों और अन्य अतिथियों का स्वागत किया तथा एयर शो से संबंधित प्रबंधों की जानकारी दी। इस अवसर पर एडीसी अभिषेक गर्ग, एसडीएम सुजानपुर विकास शुक्ला, एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह, सहायक आयुक्त चिराग शर्मा और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया, अधिकारियों को दी बधाई

सुजानपुर 25 मार्च। एयर शो के आयोजन के लिए कैप्टन रणजीत सिंह ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया तथा वायु सेना, सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा और प्रशासनिक अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार इस तरह के एयर शो की मेजबानी का मिलना सुजानपुर के लिए एक गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने इसके सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन को वायु सेना और सैनिक स्कूल के अधिकारियों का सहयोग करने तथा सभी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए थे। कैप्टन रणजीत सिंह ने कहा कि भारतीय सशस्त्र सेनाएं अपने शौर्य एवं देशभक्ति की उच्च परंपराओं के लिए जानी जाती हैं और इनमें हिमाचल प्रदेश का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि इस शो के माध्यम से प्रदेश के युवा प्रेरित एवं प्रोत्साहित होंगे।

सूर्य किरण एरोबेटिक टीम ने शहीद नमांश स्याल को भी किया नमन

इस टीम में शामिल है सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा के पूर्व विद्यार्थी

सुजानपुर 25 मार्च। भारतीय वायु सेना की एरोबेटिक टीम में सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा के पासआउट विद्यार्थी भी शामिल हैं। 25-26 मार्च को सुजानपुर में आयोजित किए जा रहे एयर शो में इसी स्कूल के 10वें बैच के विद्यार्थी रहे और वर्तमान में एयर फोर्स स्टेशन आदमपुर (पंजाब) के प्रभारी एयर कमोडोर बृजेश पॉल और स्क्वॉड्रन लीडर हिमकुश चंदेल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एयर शो के प्रथम दिन की समाप्ति से पहले एरोबेटिक टीम ने शहीद विंग कमांडर नमांश स्याल के सम्मान में आकाश में एक विशेष फॉर्मेशन बनाकर उन्हें नमन किया। कांगड़ा जिले के नगरोटा क्षेत्र के शहीद विंग कमांडर स्याल भी सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा के विद्यार्थी थे और उन्हें भारतीय वायु सेना के बेहतरीन पायलटों में गिना जाता था। 21 नवंबर 2025 को दुबई में एक एयर शो के दौरान हुई दुर्घटना में वह शहीद हो गए थे।

हमीरपुर: डुग्घा, मट्टनसिद्ध, लाहलड़ी में 26 को कुछ घंटे बंद रहेगी बिजली

हमीरपुर:  विद्युत उपमंडल-2 हमीरपुर में 26 मार्च को लाइनों एवं उपकरणों की आवश्यक मरम्मत के चलते मट्टनसिद्ध, पंजाली, डुग्घा, डुग्घा खुर्द, शास्त्री कॉलोनी, दोसड़का, लाहलड़ी, बीएसएनएल कॉलोनी, बारल, दुगनेड़ी, लाहड़, जसौर और इसके आस-पास के गांवों में सुबह 11 से दोपहर बाद 3 बजे तक बिजली बंद रहेगी। सहायक अभियंता सौरभ राय ने इस दौरान सभी उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।

हमीरपुर : 5 शहरी निकायों में 30 को तय होगा महिला आरक्षण

हमीरपुर : उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि नगर निगम हमीरपुर, नगर परिषद सुजानपुर, नगर पंचायत बड़सर, नगर पंचायत भोटा और नगर पंचायत भोरंज के विभिन्न वार्डों को महिलाओं के लिए आरक्षित करने की प्रक्रिया 30 मार्च को बचत भवन हमीरपुर में पूर्ण की जाएगी। वार्डों का आरक्षण ड्रॉ के माध्यम से तय किया जाएगा।

उपायुक्त ने इस ड्रॉ की प्रक्रिया को पूर्ण करवाने के लिए अधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों की नियुक्तियां कर दी हैं। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए उपायुक्त ने बताया कि इन पांचों निकायों की प्रक्रिया के लिए एडीसी हमीरपुर, एसडीएम हमीरपुर और जिला राजस्व अधिकारी को नियुक्त किया गया है।

इन अधिकारियों के अलावा नगर निगम हमीरपुर की आरक्षण प्रक्रिया के लिए प्रबुद्ध नागरिकों में राजेश ठाकुर, सुमन भारती और डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर को मनोनीत किया गया है।

इसी प्रकार, नगर परिषद सुजानपुर के लिए डॉ. देशराज, राजकुमार और मनोज कुमार को मनोनीत किया गया है। नगर पंचायत भोटा के लिए शरण प्रसाद, अश्वनी कुमार और संजय कुमार की नियुक्ति की गई है। नगर पंचायत बड़सर के लिए विशाल राणा, किशोरी लाल और आनंद आदर्श का मनोनयन किया गया है। नगर पंचायत भोरंज के लिए संजय कुमार, विनोद कुमार और वीना देवी को मनोनीत किया गया है।

हमीरपुर: नगर परिषद नादौन में भी महिला आरक्षण 30 को होगा तय

उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि नगर परिषद नादौन के विभिन्न वार्डों को महिलाओं के लिए आरक्षित करने की प्रक्रिया भी 30 मार्च को बचत भवन हमीरपुर में पूर्ण की जाएगी। वार्डों का आरक्षण ड्रॉ के माध्यम से तय किया जाएगा।

उपायुक्त ने इस ड्रॉ की प्रक्रिया को पूर्ण करवाने के लिए अधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों की नियुक्तियां कर दी हैं। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए उपायुक्त ने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए एडीसी हमीरपुर, एसडीएम हमीरपुर और जिला राजस्व अधिकारी को नियुक्त किया गया है।

इन अधिकारियों के अलावा प्रबुद्ध नागरिकों में शम्मी सोनी, कमल कुमार और योगराज को मनोनीत किया गया है।

भाजपा नेता अक्सर हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास करते हैं – CM सुक्खू

शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अनुराग ठाकुर  केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री रह चुके हैं, फिर भी उन्हें यह नहीं मालूम कि किसी बिल के एक्ट बनने के बाद राज्य सरकार का अधिकार होता है कि कर लगाना है या नहीं। बतौर सांसद उनका काम सिर्फ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी  और प्रियंका गांधी  के बारे में अनाप शनाप बयान देना रह गया है, ताकि केंद्र सरकार में कोई महत्वपूर्ण भूमिका मिल सके। इसलिए वह इस प्रकार की बयानबाजी कर भाजपा नेताओं का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। उन्हें इस पर बोलने से पहले अध्ययन करना चाहिए। जबकि, अभी तक हिमाचल प्रदेश में डीज़ल और पेट्रोल की कीमतें भाजपा शासित हरियाणा और आम आदमी पार्टी शासित पंजाब से कम हैं। यह हमारे ऊपर है कि हम पेट्रो पदार्थों पर वैट लगाएँ या नहीं। अगर वैट लगता है, तो उसका लाभ निश्चित रूप से विधवा बहनों और अनाथ बच्चों को मिले उन्होंने कहा कि

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेता अक्सर हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास करते हैं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर  की प्रवृत्ति भी इससे अलग नहीं हैं। एंट्री टैक्स को लेकर मचाया जा रहा अनावश्यक शोर तथ्यपरक नहीं है। मैंने पहले भी स्पष्ट किया है कि इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से विचार किया जाएगा।

इस मुद्दे पर मेरी पंजाब के मुख्यमंत्री, पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष तथा पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष से भी चर्चा हुई है।

यह टैक्स कोई नया नहीं है, यह पिछले लगभग 40 वर्षों से लागू है। इसे किसी विशेष राज्य को ध्यान में रखकर नहीं लगाया गया है। यदि इसके कारण मूल्य वृद्धि का प्रभाव पड़ा है, तो राहत देने के लिए संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर जी प्रधानमंत्री  से मिलकर लौटे हैं। उन्हें मोदी जी से RDG की बहाली के विषय पर भी बात करनी चाहिए थी, लेकिन इस संबंध में उन्होंने कोई बयान नहीं दिया। इसके बजाय वह विधानसभा के बाहर यह कह रहे हैं कि सरकार ने सेस लगा दिया है, जबकि अभी यह बिल केवल विधानसभा में पारित हुआ है।

बिल के कानून बनने के लिए राज्यपाल जी की स्वीकृति आवश्यक होती है, उसके बाद नोटिफिकेशन जारी होता है।

सीएम सुक्खू बोले नेशनल मीडिया में यह भी गलत तरीके से चलाया जा रहा है कि डीजल और पेट्रोल के दाम पाँच-पाँच रुपये बढ़ा दिए गए हैं, जबकि अभी इसका कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इस बिल के तहत अधिकतम पाँच रुपये तक सेस लगाने का अधिकार है, लेकिन इसे लागू करना या न करना सरकार पर निर्भर करता है।

ऐसे में बिना नोटिफिकेशन के ही नेशनल मीडिया में भ्रामक खबरें चलाई जा रही हैं?

लोकसभा में गूंजा हिमाचल के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा का मुद्दा – हजारों स्कूल अब भी संसाधनों से वंचित : कश्यप

केंद्र से हजारों करोड़ का प्रावधान, फिर भी प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर अधूरा – जवाबदेही तय हो

शिमला: भाजपा लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा की स्थिति को लेकर गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया की दिशा में केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन प्रदेश में जमीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
उन्होंने लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश में कुल 13,978 ग्रामीण और 469 शहरी, कुल मिलाकर 14,397 सरकारी स्कूल हैं। इनमें से:

* केवल 8,599 ग्रामीण और 311 शहरी (कुल 8,910 स्कूल) में इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध है

* 13,783 ग्रामीण और 468 शहरी (कुल 14,251 स्कूल) में डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं

* लेकिन स्मार्ट क्लास की सुविधा मात्र 10,570 ग्रामीण और 425 शहरी (कुल 10,995 स्कूल) तक ही सीमित है

उन्होंने कहा कि यह आंकड़े दर्शाते हैं कि बड़ी संख्या में स्कूल अभी भी पूर्ण डिजिटल सुविधाओं से वंचित हैं।

सुरेश कश्यप ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पिछले वर्षों में भारी बजट उपलब्ध कराया गया है:

* 2021-22 में ₹10,165.60 करोड़ (राज्य) और ₹9,149.04 करोड़ (केंद्र)

* 2022-23 में ₹16,351.33 करोड़ (राज्य) और ₹14,716.20 करोड़ (केंद्र)

* 2023-24 में ₹14,656.54 करोड़ (राज्य) और ₹13,108.99 करोड़ (केंद्र)

* 2024-25 में ₹3,722.54 करोड़ (राज्य) और ₹3,350.28 करोड़ (केंद्र)

* 2025-26 (BE) में ₹7,920.86 करोड़ (राज्य) और ₹7,128.77 करोड़ (केंद्र)

उन्होंने कहा कि इतने बड़े बजट के बावजूद यदि स्कूलों में इंटरनेट, स्मार्ट क्लास और डिजिटल संसाधन पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो यह प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
सुरेश कश्यप ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत देशभर में 3,71,749 स्कूलों को इंटरनेट कनेक्टिविटी दी गई है और 89.92 लाख विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल रहा है, लेकिन हिमाचल में इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा।
उन्होंने प्रदेश सरकार से सवाल किया:

* जब डिजिटल उपकरण उपलब्ध हैं तो सभी स्कूलों में स्मार्ट क्लास क्यों नहीं?

* इंटरनेट कनेक्टिविटी अभी भी हजारों स्कूलों तक क्यों नहीं पहुंची?

* केंद्र से मिले बजट का पूरा उपयोग क्यों नहीं हुआ?

अंत में उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा आज की आवश्यकता है और हिमाचल के बच्चों को इससे वंचित रखना उनके भविष्य के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे विषय की समीक्षा कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और हर स्कूल तक डिजिटल सुविधाएं पहुंचाई जाएं।

“केंद्र सरकार संसाधन दे रही है, लेकिन प्रदेश सरकार की लापरवाही के कारण हिमाचल के बच्चों को डिजिटल शिक्षा का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है – यह स्थिति तुरंत सुधारी जानी चाहिए।”

सोलन: नौणी विश्वविद्यालय के शोधार्थी को सर्वश्रेष्ठ पीएचडी शोध डिसर्टैशन पुरस्कार

सोलन: डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के शोधार्थी डॉ. अंशुल कुमार को राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सर्वश्रेष्ठ पीएचडी शोध डिसर्टेशन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।डॉ. अंशुल ने विश्वविद्यालय के पुष्प विज्ञान एवं परिदृश्य विभाग से डॉ. भारती कश्यप के मार्गदर्शन में अपना पीएचडी शोध कार्य पूर्ण किया है। उनका शोध विषय ताजे एवं सूखे गेंदे के फूलों से तैयार गुलाल के भंडारण, भौतिक-रासायनिक एवं संवेदी गुणों का अध्ययन”  था।

यह पुरस्कार भारतीय सजावटी बागवानी सोसायटी  द्वारा फ्लोरीकल्चर एवं लैंडस्केपिंग @2047 विकसित भारत विषय पर केलाड़ी शिवप्पा नायक कृषि एवं उद्यानिकी विज्ञान विश्वविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।

यह शोध कार्य सीएसआईआर–हिमालयी जैव संसाधन प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से किया गया, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यावसायिक रूप से उपयोगी तकनीक विकसित हुई है। इस कार्य के माध्यम से विभाग द्वारा हर्बल गुलाल की बिक्री से आय भी अर्जित की जा रही है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने डॉ. अंशुल कुमार को इस उपलब्धि पर बधाई दी। पुष्प विज्ञान एवं परिदृश्य विभाग के संकाय सदस्यों एवं छात्रों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री का हिमाचल दौरा जल्द, हर विषय पर हुई विस्तृत चर्चा – जयराम ठाकुर

शिमला : ​दिल्ली दौरे से लौटते ही पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखे प्रहार किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के समक्ष प्रदेश के गंभीर आर्थिक संकट का विस्तार से ब्यौरा रखा गया है और केंद्र से आवश्यक सहयोग का आग्रह भी किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जल्द ही हिमाचल दौरा प्रस्तावित है, जो प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण होगा। प्रधानमंत्री से हर विषय पर लंबी और विस्तृत चर्चा हुई है जिसके परिणाम आप जल्द देखेंगे।
विधानसभा परिसर में जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट किया कि प्रदेश की बिगड़ती वित्तीय स्थिति के लिए पूरी तरह से सुक्खू सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं, जिसके कारण राज्य की अर्थव्यवस्था लगातार रसातल में जा रही है। वहीं, प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र पर पैसा रोकने के लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने तंज कसा कि प्रधानमंत्री से मिलना सौभाग्य की बात है और यदि मुख्यमंत्री सुक्खू भी सही ढंग से समय मांगें, तो उन्हें भी केंद्र के साथ संवाद का अवसर मिल सकता है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि हमें अपने नेताओं से मिलने के लिए कांग्रेस के लोगों से परमिशन लेने की जरूरत नहीं हैं।
हिमाचल में राहुल गांधी भी आए, प्रियंका गांधी भी हाल में आए हैं। किसी को अपने पास फटकने की भी इजाजत नहीं दी। पहले भी यह नेता  सैलानी की तरह आते रहे लेकिन एक बार भी उन्होंने हिमाचल के इन कांग्रेस नेताओं को मिलने की इजाज़त तक नहीं दी।
उन्होंने  कहा कि राहुल गांधी की विकृत सोच का असर हिमाचल कांग्रेस के नेताओं पर भी पड़ गया है। भाजपा और कांग्रेस की कार्यशैली में अंतर स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं का स्वभाव कांग्रेस आलाकमान के नेताओं जैसा नहीं है, जो शिमला आकर केवल आराम करते हैं और आम जनता से दूरी बनाए रखते हैं।
जयराम ठाकुर ने प्रदेश में ड्रेस कोड लागू करने संबंधी सरकार के फैसलों पर भी उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार को पहले अपने नेताओं को आचरण और पहनावे की उचित समझ विकसित करने का प्रयास करना चाहिए। उनके नेता राहुल गांधी कैसे कपड़े पहनकर लोकसभा में आते हैं आप सबने देखा है। उन्हें  संसद में टी-शर्ट पहन कर जाने के लिए अपने नेता राहुल गांधी को समझाना चाहिए, देश की शान बढ़ाने वाले एआई समिट में नंगा नाच करने वाले अपने कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी को ड्रेसिंग सेंस सिखानी चाहिए। लेकिन मुख्यमंत्री उन्हें सरकारी सुरक्षा में हिमाचल प्रदेश सरकार का मेहमान बनाकर खातिरदारी करते हैं।  मुख्यमंत्री कहते हैं कि जनता के लिए प्रदेश का ख़ज़ाना ख़ाली है और देशभर से आए कांग्रेस के नेताओं को “स्टेट गेस्ट” बनाकर महीनों खातिरदारी करके प्रदेश के करोड़ों रुपए लुटाते हैं।
जयराम ठाकुर ने विशेष रूप से कांग्रेस के सह प्रभारियों के सरकारी खर्च पर लंबे समय तक शिमला में रुकने और हरियाणा के विधायकों की महंगी मेजबानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ तो सरकार फिजूलखर्ची कम करने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी ओर मात्र दो दिनों में विधायकों की खातिरदारी पर तीस लाख रुपए खर्च करने का मामला सामने आया है, जिसका जवाब मुख्यमंत्री को देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी खजाने का दुरुपयोग कर कांग्रेस के मेहमान अपनी मेहमाननवाजी का लुत्फ उठा रहे हैं, जबकि आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।