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ऊना: रोड़ा में 100 करोड़ की परियोजनाओं को व्यवस्थित रूप देने पर जोर, हेलीपोर्ट जुलाई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया निरीक्षण, सभी परियोजनाओं के व्यवस्थित विकास के निर्देश

ऊना: हरोली के रोड़ा में करीब 100 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं को समग्र योजना के तहत आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को क्षेत्र का दौरा कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए भूमि के उपयोग सहित भविष्य की जरूरतों पर अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे हेलीपोर्ट का काम जुलाई 2027 तक पूरा करने के लक्ष्य के अनुरूप तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही सरकारी भूमि के नियोजित उपयोग, पार्किंग और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

उप मुख्यमंत्री ने हेलीपोर्ट के साथ करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई परियोजनाएं एक साथ विकसित की जा रही हैं। ऐसे में इनके बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि भवनों, पार्किंग,जलनिकासी और अन्य सुविधाओं के विकास में भविष्य में कोई बाधा न आए।

भूमि उपयोग को लेकर स्पष्ट हो योजना: मुकेश अग्निहोत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोड़ा में उपलब्ध सरकारी भूमि का उपयोग विभिन्न परियोजनाओं के अनुरूप स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाए। किस परियोजना के लिए कौन-सी भूमि इस्तेमाल होगी और भवनों, पार्किंग तथा अन्य सुविधाओं के लिए कहां जगह रखी जाएगी, इसका पूरा खाका तैयार किया जाए। जरूरत पड़ने पर आर्किटेक्ट की मदद लेकर पूरे क्षेत्र की समग्र योजना बनाई जाए, ताकि विकास कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।

उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में जल निकासी और पार्किंग सहित सभी जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सहित संबंधित अधिकारियों को कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

न्यू हरोली विकास पथ के साथ विकसित होंगी सुविधाएं: सोमभद्रा पुल से हरोली जल शक्ति भवन तक के मार्ग को न्यू हरोली विकास पथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ उपलब्ध भूमि पर कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से ट्रैफिक पार्क का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से जल शक्ति भवन का निर्माण किया गया है।

इसके अलावा पांच करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन बनाया जा रहा है। इसके शुरू होने पर एक ही स्थान पर ड्राइविंग टेस्ट, वाहनों की फिटनेस जांच और पासिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। क्षेत्र में न्यायिक परिसर, इंडोर स्टेडियम, मेला ग्राउंड, उद्योग विभाग के कार्यालय और पूर्व सैनिक भवन जैसी परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं।

इन पूर्ण, निर्माणाधीन और प्रस्तावित परियोजनाओं को मिलाकर क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये के विकास कार्य शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को क्षेत्र की मौजूदा और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाए, ताकि आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण बाद में बदलाव की जरूरत न पड़े।

ऊना: घालूवाल-झलेड़ा पुल के निर्माण ने पकड़ी रफ्तार, 37 करोड़ से बनेगा डबल लेन पुल

ऊना: स्वां नदी पर घालूवाल-झलेड़ा पुल के निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से 292.50 मीटर लंबे डबल लेन पुल का निर्माण किया जा रहा है। इससे लोगों को आवागमन में सुविधा होगी।

उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री एवं हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री ने इसी वित्त वर्ष में पुल का शिलान्यास किया था। उनके प्रयासों से राष्ट्रीय राजमार्ग-503ए के तहत बनने वाली इस परियोजना को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से स्वीकृति मिली।

छह दशक पुराने पुल की जगह लेगा नया पुल: स्वां नदी पर पुराने पुल का निर्माण वर्ष 1962 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों के कार्यकाल में करवाया गया था। दशकों तक यह पुल क्षेत्र में आवाजाही का प्रमुख माध्यम रहा। समय के साथ वाहनों की संख्या बढ़ने से इस पर यातायात का दबाव बढ़ता गया। संकरे पुल के कारण यहां अक्सर जाम लगता था। बरसात के दौरान क्षति पहुंचने पर मरम्मत के लिए इसे अस्थायी रूप से बंद भी करना पड़ता था।

नया पुल मौजूदा यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। इससे आवागमन सुगम होने और क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था और मजबूत होगी है।

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि घालूवाल-झलेड़ा पुल हरोली विधानसभा क्षेत्र के प्रवेश मार्ग के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसके निर्माण से क्षेत्र में आवागमन बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि सड़कें और पुल यातायात के साधन के साथ ही व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

हरोली में अन्य पुल परियोजनाओं पर भी काम: हरोली विधानसभा क्षेत्र में संपर्क व्यवस्था मजबूत करने के लिए अन्य पुल परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। करीब 52 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पंडोगा-त्यूड़ी पुल को इसी वर्ष तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा क्षेत्र में करीब 140 करोड़ रुपये की लागत से 11 पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है।

हरोली-रामपुर पुल का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त छोटे पुलों और सड़कों के निर्माण से जुड़े कार्य भी किए जा रहे हैं।

शाहपुर: द्रमण में करीब 8 करोड़ रुपये से खुलेगी सब्जी मंडी, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर- केवल सिंह पठानिया

फोरलेन प्रभावित दुकानदारों के लिए बनेंगी 25 दुकानें

शाहपुर: :शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत द्रमण में आयोजित दशहरा उत्सव में शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
केवल सिंह पठानिया ने बताया कि द्रमण में लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से सब्जी मंडी खोली जा रही है। सब्जी मंडी के शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा स्थानीय लोगों की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी। इसके अतिरिक्त, फोरलेन निर्माण से प्रभावित दुकानदारों को राहत एवं लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यहां 25 दुकानों का निर्माण भी किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि द्रमण में दशहरा उत्सव विजयादशमी के अगले दिन मनाया जाता है। उत्सव के दौरान केवल सिंह पठानिया ने रामलीला में विभिन्न किरदार निभाने वाले कलाकारों को सम्मानित कर उनकी कला एवं योगदान की सराहना की। इसके उपरांत उन्होंने रावण सहित अन्य पुतलों का दहन किया और उपस्थित लोगों को दशहरा उत्सव की शुभकामनाएं दीं।

राज्यपाल मण्डी जिला के प्रवास पर

मण्डी: राज्यपाल कविंद्र गुप्ता मंडी जिला के प्रवास पर आ रहे हैं। प्रवास कार्यक्रम के अनुसार राज्यपाल 22 अक्टूबर, 2026 को प्रातः करीब 10.00 बजे मंडी स्थित द्वितीय एनसीसी एचपी बटालियन का दौरा करेंगे। इसके उपरांत वे पालमपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

मण्डी में खुला यूआईडीएआई आधार सेवा केंद्र, सप्ताह के सातों दिन प्रदान करेगा विभिन्न सेवाएं

*नया आधार नामांकन, नाम-पता सुधार और बायोमेट्रिक अपडेट सहित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध*

मण्डी: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा संचालित अधिकृत आधार सेवा केंद्र मंडी में नागरिकों को आधार से संबंधित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। यह आधार सेवा केंद्र हाल ही में मंडी के सौली खड्ड में स्थापित किया गया है।

केंद्र के ऑपरेशन मैनेजर सुशील कुमार ने आज यहां बताया कि केंद्र में नए आधार नामांकन के साथ-साथ आधार कार्ड में नाम, पता, जन्मतिथि और लिंग में सुधार एवं अपडेट की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटो अपडेट सहित बायोमेट्रिक संबंधी सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं। नागरिक यहां आधार कार्ड प्रिंट करवाने और डाउनलोड करने में भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्र में हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों से आने वाले नागरिक भी आधार संबंधी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। यूआईडीएआई के निर्धारित नियमों एवं पात्रता के अनुसार पात्र विदेशी निवासियों के लिए भी आधार नामांकन की सुविधा उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि मंडी में आधार सेवा केंद्र की सुविधा उपलब्ध होने से लोगों को आधार संबंधी कार्यों के लिए शिमला या चंडीगढ़ जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी नागरिक मंडी स्थित केंद्र में पहुंचकर अपनी जरूरत के अनुसार उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

केंद्र का पता एवं कार्य समय: उन्होंने बताया कि यह आधार सेवा केंद्र होटल पारस के निकट, ग्राउंड फ्लोर, सौली खड्ड, मंडी में स्थित है। केंद्र सप्ताह के सभी सातों दिन, सोमवार से रविवार तक, सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक खुला रहेगा। आधार संबंधी जानकारी एवं सहायता के लिए नागरिक यूआईडीएआई की हेल्पलाइन नंबर 1947 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

दिवाली पर राशनकार्ड उपभोक्ताओं को मिलेगी ज्यादा चीनी

बिलासपुर में चीनी की स्टॉक सीमा घटाकर 1000 क्विंटल, जमाखोरी पर रहेगी नजर

बिलासपुर: जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, बिलासपुर शीतल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा देशभर में चीनी के स्टॉक भंडारण की सीमा में संशोधन करते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। संशोधित प्रावधान 15 अक्तूबर 2026 से लागू हो गए हैं। जिला में कार्यरत सभी थोक व्यापारियों को इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि नए आदेशों के अनुसार अब व्यापारी अधिकतम 1000 क्विंटल चीनी का स्टॉक रख सकेंगे, जबकि पहले यह सीमा 2000 क्विंटल निर्धारित थी। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना, जमाखोरी पर रोक लगाना तथा निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण की निगरानी सुनिश्चित करना है।

शीतल शर्मा ने बताया कि जिला के सभी चीनी डीलरों, व्यापारियों एवं थोक विक्रेताओं को फूड स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल https://foodstock.dfpd.gov.in पर अपने चीनी के स्टॉक का विवरण निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने ऐसे व्यापारियों, जिन्होंने अभी तक उक्त पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवाया है, से जल्द से जल्द पंजीकरण करवाने तथा स्टॉक संबंधी जानकारी नियमित रूप से अपडेट करना सुनिश्चित करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि पोर्टल पर स्टॉक का नियमित विवरण उपलब्ध होने से विभाग को बाजार में चीनी की उपलब्धता की जानकारी मिलती रहेगी तथा स्टॉक सीमा से अधिक भंडारण पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। इसके अतिरिक्त, विभाग के निरीक्षक वर्ग को भी इस संबंध में औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्धारित दिशानिर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित की जा सके।

10 अप्रैल, 2027 को आयोजित होगी कक्षा नौवीं व ग्यारहवीं की पार्श्व प्रवेश परीक्षा

22 अक्तूबर तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन, 23 से 25 अक्तूबर तक आवेदन में सुधार का मिलेगा अवसर

बिलासपुर: पी.एम.श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा के प्रभारी प्राचार्य राकेश कटोच ने जानकारी देते हुए बताया कि जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा में रिक्त स्थानों के सापेक्ष कक्षा नौवीं व ग्यारहवीं में पार्श्व प्रवेश परीक्षा-2027 (सत्र 2027-28) का आयोजन 10 अप्रैल, 2027 को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रवेश परीक्षा के लिए इच्छुक अभ्यर्थी आगामी 22 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आगामी 23 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक तीन दिनों के लिए ऑनलाइन आवेदन में सुधार हेतु विंडो खोली जाएगी।

उन्होंने बताया कि कक्षा नौवीं में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी https://cbseitms.nic.in/2025/nvsix_9 तथा कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश के लिए https://cbseitms.nic.in/2025/nvsix_11 वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इस बारे अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी पी.एम.श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा, जिला बिलासपुर के कार्यालय में मोबाइल नंबर 9418114501, 9872311414 तथा 8219844779 पर सम्पर्क कर सकते है।

हमीरपुर: टौणी देवी में 22 को प्रस्तावित आंगनवाड़ी कर्मचारियों के साक्षात्कार स्थगित

हमीरपुर : बाल विकास परियोजना टौणी देवी के अंतर्गत कुछ आंगनवाड़ी केंद्रों में खाली पड़े पदों को भरने के लिए 22 अक्तूबर को प्रस्तावित साक्षात्कार फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं। टौणी देवी के बाल विकास परियोजना अधिकारी संतोष कौंडल ने बताया कि अपरिहार्य प्रशासनिक कारणों से इन्हें स्थगित करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि साक्षात्कार की नई तिथि शीघ्र ही निर्धारित कर दी जाएगी।

शिमला: दिपावली के मध्य नजर पटाखों की बिक्री को लेकर स्थान चिन्हित

त्योहारों के मद्देनजर शिमला में पटाखों के अवैध कारोबार पर रहेगी प्रशासन की कड़ी नजर

अवैध भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाने के लिए संयुक्त निरीक्षण समितियों का गठन
शिमला: जिला शिमला में आगामी त्योहारों के दौरान पटाखों एवं आतिशबाजी के अवैध परिवहन, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने संयुक्त निरीक्षण समितियों का गठन किया है। जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। इन समितियों का गठन तहसील एवं उप-तहसील स्तर पर किया जाएगा, जो संबंधित क्षेत्रों में निरीक्षण कर नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करेंगी।
तहसील स्तर पर गठित होंगी संयुक्त निरीक्षण समितियां: संयुक्त निरीक्षण समिति की अध्यक्षता संबंधित तहसीलदार करेंगे, जबकि नायब तहसीलदार, संबंधित थाना प्रभारी, अग्निशमन विभाग, हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य कर एवं आबकारी विभाग/जीएसटी, संबंधित नगर निकाय अथवा पंचायती राज संस्थान तथा राजस्व विभाग के प्रतिनिधि समिति के सदस्य होंगे। आवश्यकता पड़ने पर उपमंडलाधिकारी द्वारा अन्य अधिकारियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जा सकेगा। संबंधित उपमंडलाधिकारी समितियों के कार्यों की निगरानी एवं समन्वय सुनिश्चित करेंगे।
पटाखों के परिवहन की होगी जांच: पुलिस अधीक्षक, शिमला द्वारा जिला के प्रमुख प्रवेश मार्गों, सीमावर्ती क्षेत्रों, राष्ट्रीय राजमार्गों तथा अंतर-जिला मार्गों पर विशेष जांच नाके एवं मोबाइल निरीक्षण दल स्थापित किए जाएंगे। पटाखों का परिवहन करने वाले वाहनों के विस्फोटक लाइसेंस, परिवहन परमिट, जीएसटी बिल एवं ई-वे बिल, स्रोत एवं गंतव्य संबंधी विवरण, परिवहन की जा रही सामग्री की मात्रा तथा सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। वैध दस्तावेजों के बिना पाए जाने वाले पटाखों के परिवहन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अवैध बिक्री एवं भंडारण पर होगी सख्त कार्रवाई: संयुक्त निरीक्षण समितियां पटाखों की बिक्री एवं भंडारण के लाइसेंस की वैधता की जांच करने के साथ यह सुनिश्चित करेंगी कि आतिशबाजी केवल स्वीकृत एवं लाइसेंस प्राप्त परिसरों में ही रखी जाए। इसके अतिरिक्त अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन व्यवस्थाओं, पर्यावरणीय मानकों तथा निर्धारित मात्रा संबंधी नियमों की भी जांच की जाएगी। अवैध बिक्री, भंडारण, कब्जे अथवा परिवहन के मामलों की पहचान कर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट किया जाएगा।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी: प्रशासन द्वारा बिना अनुमति पटाखों की बिक्री, सड़क किनारे अस्थायी दुकानों तथा मोबाइल एवं अस्थायी बिक्री केंद्रों के संचालन पर रोक सुनिश्चित की जाएगी। रात के समय पटाखों की थोक आवाजाही पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और त्योहारों के दौरान औचक निरीक्षण किए जाएंगे। अवैध पटाखा कारोबार से संबंधित जन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्रों, बाजारों, आवासीय कॉलोनियों, शिक्षण संस्थानों तथा अस्पतालों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाएगी।
उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विस्फोटक अधिनियम, 1884, विस्फोटक नियम, 2008, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023, जीएसटी कानूनों, पर्यावरण संरक्षण कानूनों तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सक्षम प्राधिकारी द्वारा पटाखों का स्टॉक जब्त करने, परिसर सील करने, लाइसेंस निलंबित अथवा रद्द करने तथा दोषियों के विरुद्ध अभियोजन की कार्रवाई भी की जा सकेगी।
निरीक्षण रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करना अनिवार्य: संयुक्त निरीक्षण समितियों को निरीक्षण शुरू होने के तीन दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट संबंधित उपमंडलाधिकारी को प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद त्योहारों के दौरान प्रत्येक सोमवार को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट दी जाएगी, जिसमें नियमों के उल्लंघन, जब्ती, अभियोजन तथा की गई निवारक कार्रवाई का विवरण शामिल होगा। संबंधित उपमंडलाधिकारी इन रिपोर्टों को संकलित कर उपायुक्त, शिमला के कार्यालय को भेजेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी उपमंडलाधिकारियों, नायब तहसीलदारों, थाना प्रभारियों, अग्निशमन अधिकारियों, राज्य कर एवं आबकारी विभाग, नगर निकायों तथा संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे तथा त्योहारों का सीजन समाप्त होने अथवा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।

रोहड़ू/ शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने 90 लाख से निर्मित गेओटा संपर्क मार्ग का किया लोकार्पण

क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का लिया जायजा
शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज रोहड़ू उपमंडल की ग्राम पंचायत धराड़ा के गांव गेओटा के लिए निर्मित संपर्क मार्ग का लोकार्पण किया। लगभग 90 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस सड़क की लंबाई करीब दो किलोमीटर है। संपर्क मार्ग के निर्माण से स्थानीय लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी तथा कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान उन्होंने सड़क का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा भी लिया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सड़कें विकास की भाग्य रेखाएं हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान 203 सड़कों को पास की गई है। सड़क घनत्व की दृष्टि से यह क्षेत्र प्रदेश के अग्रणी क्षेत्रों में शामिल है। उन्होंने कहा कि सड़क नेटवर्क के विस्तार से लोगों की आवाजाही सुगम होगी तथा बागवानी सहित अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत 29 सड़कों तथा अन्य योजनाओं के तहत 17 सड़कों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस प्रकार कुल 46 सड़कों को स्वीकृति मिली है, जिससे क्षेत्र की सड़क संपर्क व्यवस्था को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ पहले से निर्मित सड़कों को भी चरणबद्ध तरीके से पक्का किया जाए।
सीमित वित्तीय संसाधनों के बावजूद विकास कार्यों को प्राथमिकता
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सीमित वित्तीय संसाधनों के बावजूद विकास कार्यों की गति बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने के बाद प्रदेश की ऋण सीमा में कटौती तथा जीएसटी मुआवजे से संबंधित वित्तीय चुनौतियों के कारण राज्य के संसाधनों पर दबाव बढ़ा है। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक आपदाओं के कारण भी प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इन परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े कार्यों और विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद प्रदेश के विकास की गति को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश ने हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धियां
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाने और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) में हिमाचल प्रदेश ने 21वें स्थान से तीसरा स्थान हासिल किया है, जबकि परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में प्रदेश 18वें स्थान से 05वें स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शत-प्रतिशत साक्षरता दर हासिल करना भी शिक्षा के क्षेत्र में किए गए निरंतर प्रयासों और प्रभावी निर्णयों का परिणाम है।
इस दौरान शिक्षा मंत्री ने गेओटा-खलाई संपर्क सड़क के निर्माण की मांग पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। वहीं, स्थानीय स्तर पर पशु चिकित्सालय भवन के निर्माण की मांग के संबंध में उन्होंने आगामी बजट में इस प्रस्ताव को शामिल करवाने के लिए प्रयास करने की बात कही।
निर्माणाधीन शरौंथा स्कूल भवन का किया निरीक्षण
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शरौंथा में निर्माणाधीन स्कूल भवन का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने तथा इसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि स्कूल भवन का निर्माण लगभग 3 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है और अब तक करीब 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।
शरौंथा-कलगौंटीर सड़क निर्माण कार्य का लिया जायजा
शिक्षा मंत्री ने विधायक प्राथमिकता के अंतर्गत निर्माणाधीन शरौंथा-कराली-कांगर-कलगौंटीर संपर्क सड़क का भी निरीक्षण किया। लगभग 6.2 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण करीब 7 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा होने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति प्राप्त होगी।