


मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होेंने कहा कि अप्रैल से राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में 3,000 करोड़ रुपये व्यय कर विश्वस्तरीय, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार नैदानिक सेवाओं को मजबूत कर रही है तथा पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए ठोस कार्य किए गए हैं, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जा सके। स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त पद भी सृजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला में भी जल्द ही पैट स्कैन और रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जाएगी। राज्य के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में मरीजों को रोबोटिक सर्जरी सेवाएं मिल रही हैं। राज्य सरकार ‘आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों’ को भी मजबूत कर रही है ताकि मरीजों को उनके घर-द्वार के निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में सुविधाओं के उन्नयन पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाएं विभाग में 300 डॉक्टरों का प्रशिक्षण और अवकाश रिजर्व कोटा बनाने के निर्देश दिए, ताकि पीजी कोर्स के लिए जाने वाले डॉक्टरों के कारण उत्पन्न रिक्तियों से स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों और इन रिक्तियों को तुरंत भरा जा सके। उन्होंने कहा कि मेडिकल छात्रों के लिए छोटे बैच बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी कक्षा में 60 से अधिक छात्र नहीं होने चाहिए। मेडिकल कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार नए लेक्चर थिएटरों के निर्माण में सहायता करेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए प्रमुखता से कार्य कर रही है। सरकार प्रदेश के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़ेे। सरकार एक विस्तृत कार्य योजना अपनाकर काम कर रही है, ताकि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान को बेहतर सुविधाओं, पर्याप्त स्टाफ और उन्नत नैदानिक सेवाओं से सुसज्जित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा मिलने के साथ-साथ चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को सभी पहलों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि लोग विस्तृत स्तर पर लाभान्वित हो सकंे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निरंतर चिकित्सा शिक्षा में सुधार और कॉलेजों में पर्याप्त अधोसंरचना सुनिश्चित कर रही है जिससे प्रदेश में कुशल डॉक्टर तैयार होंगे। सरकार के यह कदम स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक साबित हो रहे हैं।
बैठक में सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, विशेष सचिव अश्विनी कुमार, निदेशक आयुष निपुण जिंदल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी

हिमाचल : हिमाचल पथ परिवहन निगम(एचआरटीसी) के नेरवा डिपो की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में तीन लोगों की माैत की सूचना है। 34 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह 9:30 नेरवा से पांवटा साहिब जा रही एचआरटीसी बस संख्या एचपी66 ए 2588 हरिपुर-कोटी-मीनस मार्ग पर क्वानू के पास नीचे शूदोई खड्ड में गिर गई। परिचालक की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार हादसे के समय बस में करीब 37 यात्री सवार थे। मौके पर एसडीआरएफ, हिमाचल व उत्तराखंड पुलिस की ओर से बचाव अभियान चलाया जा रहा है। हादसे की जानकारी बस के परिचालक ने पुलिस को फोन पर दी। दुर्घटना में घायल हुए नेरवा में प्लंबर का काम करने वाले विनोद कुमार पंडित निवासी बिहार ने बताया कि हादसा एक ट्रक को पास देते समय सड़के किनारे डंगे के अचानक गिरने के कारण हुआ है।
मृतक 1- यास्मीन बेगम (46) पत्नी नेक मोहम्मद ग्राम – क्यारला नेरवा (हिमाचल)
2- रिचा (30) पत्नी वीरेंद्र ग्राम- विजमल, नेरवा
3- धन बहादुर, ग्राम क्यारला नेरवा
मुख्यमंत्री ने बस दुर्घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज सुबह उत्तराखंड के कवाणु में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस दुर्घटना मेें तीन लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। यह बस चौपाल से पांवटा साहिब जा रही थी।
मुख्यमंत्री ने शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप से दूरभाष के माध्यम से इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जानकारी हासिल की। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए तथा घायलों को बेहतर उपचार सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर घायलों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने ईश्वर से दिवंगत की आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकग्रस्त परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
उप-मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने बस हादसे में तीन लोगों के निधन पर शोक व्यक्त किया
उप-मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री तथा शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज सुबह उत्तराखंड के कवाणु में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण तीन लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है।
उप-मुख्यमंत्री ने शोकग्रस्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
अपने शोक संदेश मंे शिक्षा मंत्री ने इस दुर्घटना में अपने परिजनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।
उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

शिमला: भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणधीर शर्मा ने आज शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट 2026-27 आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि यह बजट परंपरागत लोकलुभावन घोषणाओं वाला नहीं बल्कि सुधारवादी और दूरदर्शी बजट है, जो देश को विश्व की तीसरी आर्थिक शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक उथलपुथल, अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने की धमकियां, चीन द्वारा रियर अर्थ मटेरियल सप्लाई रोकना तथा हालिया अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों जैसी चुनौतियों के बीच भी भारत ने सशक्त बजट प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि 2014 से पूर्व भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी की नीतियों एवं निर्णायक नेतृत्व से आज भारत विश्व की चौथी आर्थिक शक्ति बन चुका है।
रक्षा, आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता
रणधीर शर्मा ने कहा कि भारत अब किसी भी क्षेत्र में विदेशों पर निर्भर नहीं रहना चाहता। इसी सोच के तहत बजट में रक्षा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और 15% वृद्धि के साथ ₹7.8 लाख करोड़ का रक्षा बजट प्रावधान किया गया है। देश अब हथियार, फाइटर जेट, माइक्रोचिप्स और सेमीकंडक्टर भी स्वयं बनाएगा।
उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर को मजबूती और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देकर भारत को आयातक नहीं बल्कि निर्यातक देश बनाने का प्रयास इस बजट में स्पष्ट दिखाई देता है। रियर अर्थ मिशन, टेक्सटाइल इंटीग्रेटेड मिशन और ₹10,000 करोड़ की बायोफार्मा शक्ति योजना भारत को वैश्विक फार्मा एवं मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में निर्णायक होगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक पूंजीगत व्यय
भाजपा मीडिया प्रदेश प्रभारी ने कहा कि भाजपा सरकारों ने हमेशा इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की रीढ़ माना है। आज केंद्र सरकार ने पूंजीगत व्यय बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया है। इससे देश में सड़क, रेल, जलमार्ग, हवाई मार्ग, पर्यटन और औद्योगिक नेटवर्क को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेज-4 में अब 250 से अधिक आबादी वाले गांव भी जुड़ रहे हैं, जिससे ग्रामीण विकास को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
कांग्रेस आलोचना के लिए आलोचना कर रही है
रणधीर शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी बिना तथ्यों के केंद्र सरकार का विरोध कर रही है। कांग्रेस ने पिछले साढ़े तीन वर्ष भाजपा को कोसने में बर्बाद कर दिए और अब अगले एक वर्ष भी वही नीति अपनाने जा रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सहित कांग्रेस नेता बार-बार कहते हैं कि हिमाचल को कुछ नहीं मिला, जबकि सच्चाई यह है कि हिमाचल को पहले से कई गुना अधिक सहायता मिल रही है।
हिमाचल को कर हस्तांतरण में ₹13,949 करोड़ – 2500 करोड़ अधिक
रणधीर शर्मा ने कहा कि टैक्स डिवोल्यूशन के तहत हिमाचल को इस बजट में ₹13,949 करोड़ मिले हैं, जो पिछली बार से लगभग ₹2,500 करोड़ अधिक है। कांग्रेस यह बताने से बच रही है कि हिमाचल को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
रेल बजट में ₹2,911 करोड़ – कांग्रेस काल से 27 गुना ज्यादा
उन्होंने कहा कि हिमाचल को रेल बजट में ₹2,911 करोड़ दिए गए हैं, जो कांग्रेस शासन की तुलना में 27 गुना अधिक है। राज्य में इस समय ₹17,711 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
अमृत स्टेशन योजना में हिमाचल के 4 स्टेशन शामिल हैं और ₹46 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। हिमाचल में वंदे भारत एक्सप्रेस चल रही है तथा 100% विद्युतीकरण लक्ष्य पूरा हो चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार रेलवे नेटवर्क विस्तार में सहयोग नहीं कर रही और 1900 करोड़ रुपये की देनदारी आज भी बाकी है।
विशेष राज्य दर्जा मोदी सरकार ने लौटाया, कांग्रेस ने छीना था
रणधीर शर्मा ने कहा कि हिमाचल को विशेष राज्य दर्जा और 90:10 फंडिंग का लाभ आदरणीय अटल जी ने दिया था, जिसे मनमोहन सिंह सरकार ने वापस ले लिया। प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे पुनः बहाल किया, जिसके कारण आज हिमाचल को प्रत्येक योजना में 90% केंद्र सहायता मिल रही है।
RDG अस्थायी व्यवस्था थी, कुप्रबंधन का दोष केंद्र पर नहीं
रणधीर शर्मा ने कहा कि जिस RDG को लेकर कांग्रेस रो रही है, वह एक अस्थायी व्यवस्था थी। 16वें वित्त आयोग ने पूरे देश के लिए सिफारिशें की हैं। यदि हिमाचल सरकार ने ग्रांट का उपयोग घाटा कम करने की बजाय गलत तरीके से किया, तो यह राज्य सरकार का कुप्रबंधन है, केंद्र का दोष नहीं।

शिमला: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता चरनजीत सिंह सपरा ने कहा है कि कांग्रेस देशभर में राष्ट्रीय टेलेंट हंट का आयोजन कर युवाओं को राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पर आगे बढ़ने व मीडिया संवाद के लिये तैयार कर रही है। इसमें पार्टी के मीडिया कॉर्डिनेटर,पनेलिस्ट,प्रवक्ता और अनुसंधानकर्ताओं की नियुक्ति की जानी है। इसके लिये प्रदेश में भी उन युवाओं और ऊर्जावान लोगों के साक्षात्कार लिए जा रहें है जिन्होंने इसके लिये आवेदन किया है।
सपरा ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में एक पत्रकार वार्ता में कहा कि जल्द ही प्रदेश को कांग्रेस की एक ऐसी मीडिया टीम दी जाएगी जो कांग्रेस की नीतियों व कार्यक्रमों को दृढ़ता से प्रदेश के समुख रखेगी। उन्होंने कहा कि साक्षात्कार पूरे होने के बाद इनकी छंटनी होगी और उनकी कुशलता को देखते हुए पार्टी उन्हें इन पदों पर नियुक्त करेगी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति के बाद इन लोगों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी जिससे यह लोग कुशलता से अपना कार्य कर सकें।

शिमला: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रीगण केंद्रीय बजट को लेकर हिमाचल की जनता के समक्ष गलत आंकड़े प्रस्तुत कर उन्हें बरगलाने का जो प्रयास कर रहे हैं, वह अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के विकास को सुनिश्चित करने के लिए बेहतरीन प्रावधान किए हैं और प्रदेश को लगातार बढ़ती सहायता प्रदान की जा रही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल को टैक्स डेवोल्यूशन के तहत लगभग ₹14 हजार करोड़ की राशि दी गई है, जो पिछले बजट की तुलना में लगभग ₹2500 करोड़ अधिक है। यह हिमाचल की जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाला कदम है।
उन्होंने बताया कि हिमाचल में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने हेतु लगभग ₹3 हजार करोड़ रेलवे विस्तार के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में 2700 किलोमीटर फोरलेन हाईवे का निर्माण केंद्रीय बजट के माध्यम से किया जा रहा है, जिस पर लगभग ₹40 हजार करोड़ का कार्य चल रहा है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सीआरएफ और बीआरओ द्वारा बनाई जा रही सड़कों के लिए अलग से लगभग ₹10 हजार करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान है। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों के लिए भी अलग बजट सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2020 से 2026 तक हिमाचल को लगभग ₹8 हजार करोड़ की विशेष सहायता दी गई, जिसमें से ₹1200 करोड़ गत वर्ष उपलब्ध करवाए गए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले सवा तीन–साढ़े तीन वर्षों से कार्य रोक कर बैठी है और अपनी नाकामियों का दोष केंद्र सरकार पर डालने में जुटी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अब नया नेरेटिव गढ़ना शुरू कर दिया है—“रात को सपना आता है और सुबह ₹50 हजार करोड़ की मांग खड़ी हो जाती है।”
डॉ. बिंदल ने सवाल किया कि आपदा के समय प्रदेश सरकार को लगभग ₹6 हजार करोड़ मिले, वह कहां गया? एक लाख के लगभग पक्के मकान मिले, उसमें बंदरबांट हुई—प्रदेश की जनता इसका जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि क्या प्रदेश सरकार धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल करने के लिए सत्ता में बैठी है?
उन्होंने बताया कि वबी-जीराम जी योजना में ₹95 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो मनरेगा के प्रावधान से लगभग ₹15 हजार करोड़ अधिक है। मनरेगा की पिछली देनदारियों के लिए ₹30 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, लेकिन प्रदेश सरकार मनरेगा कार्यों पर कुंडली मारकर बैठी है और अपना हिस्सा नहीं दे रही।
डॉ. बिंदल ने कहा कि ग्रामीण विकास, पंचायती राज और शहरी विकास के लिए केंद्रीय बजट में अलग से धन का व्यापक प्रावधान है, इसके बावजूद प्रदेश सरकार केवल यही कहकर पल्ला झाड़ रही है कि केंद्र ने पैसा नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि इस बजट में केंद्र सरकार ने हिमाचल को फार्मा हब बनाने की घोषणा की है, जो रोजगार और उद्योग के लिए बड़ा अवसर है, लेकिन प्रदेश सरकार इसका स्वागत करने की बजाय नकारात्मक रवैया अपना रही है। बल्क ड्रग पार्क मोदी सरकार ने दिया, कांग्रेस सरकार ने उसे ठुकराया।
डॉ. बिंदल ने कहा कि केवल नकारात्मक दृष्टिकोण से प्रदेश का हित नहीं होने वाला। प्रदेश सरकार को समझना चाहिए कि केंद्र सरकार हिमाचल को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर सहायता प्रदान कर रही है और जनता को गुमराह करना कांग्रेस की विफल राजनीति है।

मुख्यमंत्री ने एचपीएसईडीसी के निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एचपीएसईडीसी) के निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में निगम के कार्यों, वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने निगम के आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय प्रत्येक माह की 7 तारीख तक जारी करने के निर्देश दिए, ताकि कर्मचारियों को अपने दैनिक खर्चों के निर्वहन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समय पर भुगतान व्यवस्था सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने निगम की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में निगम ने 275 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्ज किया, जिसमें 15 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित हुआ। इसी प्रकार वित्त वर्ष 2024-25 में निगम का टर्नओवर 300 करोड़ रुपये रहा और 18 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष में 31 दिसंबर, 2025 तक निगम ने 199.25 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने निविदाओं पर लागू तकनीकी शुल्क में संशोधन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि 5 करोड़ रुपये तक के टेंडरों पर 5 प्रतिशत, 5 करोड़ रुपये से अधिक और 10 करोड़ रुपये तक के टेंडरों पर 3 प्रतिशत तथा 10 करोड़ रुपये से अधिक के टेंडरों पर 2 प्रतिशत तकनीकी शुल्क निर्धारित किया जाए, ताकि प्रक्रिया अधिक व्यवहारिक और संतुलित हो सके।
निदेशक मंडल की बैठक में निगम के नाम में परिवर्तन को भी स्वीकृति प्रदान की गई। अब हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम को ‘हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैनपावर एवं ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट कॉरपोरेशन’ के नाम से जाना जाएगा, क्योंकि निगम राज्य के युवाओं को विदेशों में रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
निदेशक मंडल के सदस्य, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, सचिव डीडीटीजी आशिष सिंहमर, आयुक्त उद्योग यूनुस, निदेशक डीडीटीजी डॉ. निपुण जिंदल, एचपीएसईडीसी के प्रबंध निदेशक हरबंस ब्रासकोन तथा एचपीएसईडीसी के महाप्रबंधक अनिल सैमवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मण्डी: अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 2026 के दौरान रेहड़ी-फड़ी लगाने तथा झूलों की स्थापना के लिए आमंत्रित निविदाओं की अंतिम तिथियों को आगे बढ़ा दिया गया है। अब रेहड़ी-फड़ी से संबंधित निविदाएं 7 फरवरी को दोपहर 1 बजे तक तथा झूलों की स्थापना हेतु निविदाएं 5 फरवरी को दोपहर 1 बजे तक जमा की जा सकेंगी। दोनों श्रेणियों की निविदाएं संबंधित अंतिम तिथि के दिन दोपहर 3 बजे खोली जाएंगी।
सहायक आयुक्त एवं सचिव, अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी कुलदीप सिंह पटियाल ने बताया कि रेहड़ी-फड़ी के लिए पहले निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी निर्धारित की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 7 फरवरी दोपहर 1 बजे कर दिया गया है। इसी प्रकार झूलों की स्थापना हेतु निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी दोपहर 1 बजे से बढ़ाकर 5 फरवरी दोपहर 1 बजे कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों निविदाओं से संबंधित शर्तें एवं नियम पूर्ववत रहेंगे।

सरकाघाट: नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा नशा मुक्ति केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया गया। एडीसी मण्डी गुरसिमर सिंह के नेतृत्व में एसडीएम सरकाघाट राजेन्द्र कुमार गौतम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपाली शर्मा, डीएसपी संजीव सूद, डॉ. नीरज कंवर, डॉ. वी एस सिंधु तथा डॉ कैलाश शर्मा की संयुक्त टीम ने अप्पर भाम्बला स्थित दि विनर फाउंडेशन तथा लोअर भाम्बला स्थित दि रिकवरी विलेज नशा मुक्ति केन्द्र का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान केन्द्रों के लाइसेंस, उपचार व्यवस्था, स्वच्छता, आवास, भोजन, चिकित्सा सुविधा तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की बारीकी से जांच की गई। इन दोनों केन्द्रों में कुल 34 मरीज उपचाराधीन हैं।
संयुक्त टीम ने मरीजों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति, उपचार की गुणवत्ता और केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। एडीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी नशा मुक्ति केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का पूर्ण रूप से पालन करें तथा मरीजों को सुरक्षित, सम्मानजनक और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि नशा मुक्ति केन्द्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि नशे की गिरफ्त से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे लोगों को बेहतर वातावरण और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

