


शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज कुल्लू जिला स्थित भुंतर हवाई अड्डे पर 75 लाख रुपये की लागत से निर्मित एनसीसी हैंगर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एनसीसी की एयर विंग के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस सुविधा से प्रदेश के युवाओं को विमानन प्रशिक्षण के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि नया एनसीसी हैंगर क्षेत्र में विमानन प्रशिक्षण के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे एयर एनसीसी कैडेट्स को विमानन क्षेत्र से संबंधित व्यावहारिक जानकारी, सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण और उड़ान के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा विकसित करने के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह सुविधा प्रदेश के युवाओं को भविष्य में कुशल पायलट, जिम्मेदार नागरिक और नेतृत्व क्षमता से संपन्न व्यक्तित्व के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने एनसीसी एयर विंग के कैडेट्स की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के युवाओं को एविएशन (विमानन) सेक्टर में आगे बढ़ते हुए देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि भुंतर एयरपोर्ट पर एनसीसी के फ्लाइंग नोड और प्रशिक्षण गतिविधियों का सक्रिय होना हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्र के युवाओं को भारतीय वायुसेना और सिविल एविएशन में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा।
इससे पूर्व, हैंगर के उद्घाटन अवसर पर विमान के हैंगर की ओर बढ़ने के दौरान वाटर कैनन सैल्यूट के माध्यम से भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान एनसीसी कैडेट्स ने स्थिर एवं उड़ान योग्य विमान मॉडलों के साथ-साथ स्वयं द्वारा डिजाइन और विकसित ड्रोन का प्रदर्शन भी किया। इन प्रदर्शनों के माध्यम से कैडेट्स ने अपनी तकनीकी दक्षता, रचनात्मकता और विमानन क्षेत्र के प्रति बढ़ती रुचि का परिचय दिया।
यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष महत्त्व रखती है, क्योंकि वर्ष 1972 में हिमाचल प्रदेश में एयर एनसीसी की स्थापना के बाद पहली बार कुल्लू में इस प्रकार की समर्पित सुविधा स्थापित की गई है। दशकों से चली आ रही आधारभूत ढांचे की सीमाओं, प्रशासनिक जटिलताओं और विभिन्न परिचालन संबंधी चुनौतियों को दूर करते हुए इस सुविधा को साकार किया गया है। इससे प्रदेश के विशेषकर दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को उड़ान प्रशिक्षण के अवसरों के करीब लाने में सहायता मिलेगी।
इससे पूर्व, कुल्लू आगमन पर मुख्यमंत्री का लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस अवसर पर कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, एपीएमसी के अध्यक्ष राम सिंह मियां, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय शिमला के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर हरप्रीत सिंह, एनसीसी के अधिकारी एवं कर्मचारी, कैडेट्स तथा उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

कुल्लू : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खु ने आज कुल्लू जिला के कुल्लू तथा बंजार विधानसभा क्षेत्र में 206.32 करोड़ रुपये लागत की 25 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास किए। इसमें कुल्लू विधानसभा क्षेत्र की 65 करोड़ रुपये की पांच विकास परियोजनाएं तथा बंजार विधानसभा क्षेत्र की 141.32 करोड़ रुपये की 21 विकास परियोजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह ने कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के पिरड़ी में पिरड़ी-तरलोगी मार्ग पर 2,835 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 110मी लंबे पुल का भूमि पूजन किया। मोहल में 725 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 33 केवी सब स्टेशन, कुल्लू में 807 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले जीआईसी सब सटेशन तथा शास्त्री नगर में 2,057 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले वैलनेस सेंटर का शिलान्यास भी किया।
बंजार विधानसभा क्षेत्र के बजौरा में पीएमजीएसबाई-चार के तहत 888 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली धारा बरसोगी सड़क, 81 लाख रुपये की लागत से नजन नाला से नजन रोड, 681 लाख रुपये से थेला जस्ता परली मार्ग, 974 लाख रुपये से बरनगी से मस्यार मार्ग, 109 लाख रुपयेकी लागत से बरनगी-चिपनी मार्ग, 880 लाख रुपये की लागत से सिधवा गौरीगढ़ से थनिचर मार्ग का शिलान्यास किया।
इसके अतिरिक्त, 1,197 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली देउरी सुनाड़ सड़क, बीणी से खंदरागी सड़क 305 लाख रुपये, चलेहण से देवगढ़ सड़क 635 लाख रुपये, घरटगाड़ से कड़ाहील सड़क 305 लाख रुपये बठाड़ से शीलश्रृंगाड सड़क 945 लाख रुपये, बागी कोठी-चौहनी से मियागी सड़क 703 लाख रुपये, देउठा से ज्वाली सड़क 529 लाख रुपये, गुशैणी पेखड़ी सड़क से तिन्दर गांव 849 लाख रुपये, बलागाड़ से भरठीधार 384 लाख रुपये, डिंबर चहरी से गशीणी सराज सड़क 1063 लाख रुपये, टील से बछुट सड़क 430 लाख रुपये, मंढी संपर्क सड़क 363 लाख रुपये, गलवाधार से राम्भी सड़क 452 लाख रुपये और 915 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली जीभी रशाला सरठी सड़क का शिलान्यास किया गया। गुशैणी में 273 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 33 केवी सब-स्टेशन का शिलान्यास तथा नगर पंचायत बंजार के रौ-नाला में 562 लाख रुपये की लागत से निर्मित बहुमंजिला पार्किंग का उद्घाटन किया।

शिमला: भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के मार्गदर्शन में, एसजेवीएन द्वारा केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के निर्देशों के अनुरूप 26 अक्तूबर से 1 नवंबर तक अपनी सभी परियोजनाओं एवं इकाइयों में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ है, जो विकास एवं राष्ट्रीय समृद्धि को बढ़ावा देने में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता तथा नैतिक आचरण की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है।
एसजेवीएन निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा, ने निदेशक (परियोजनाएं) राजेश कुमार चंदेल, तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज पोरवाल की उपस्थिति में कारपोरेट मुख्यालय, शिमला में कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाकर सतर्कता जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। एसजेवीएन की विभिन्न परियोजनाओं एवं इकाइयों में भी कर्मचारियों को एक साथ सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर अपने संबोधन में, अजय कुमार शर्मा ने इस बात पर बल दिया कि सत्यनिष्ठा एवं पारदर्शिता एक सशक्त संगठन के निर्माण के मूलभूत आधार हैं। उन्होंने कर्मचारियों से अपने व्यावसायिक दायित्वों के निर्वहन में नैतिक आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने तथा ईमानदारी एवं जवाबदेही पर आधारित कार्य–संस्कृति को बढ़ावा देने में योगदान देने का आह्वान किया।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत अशोक तिवारी, आईपीएस, पुलिस महानिदेशक, हिमाचल प्रदेश की अध्यक्षता में ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ विषय पर निवारक सतर्कता जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। सत्र के दौरान उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सतर्कता के महत्व, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को बढ़ावा देने में सतर्कता तंत्र की भूमिका तथा भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए अपनाए जाने वाले विभिन्न निवारक उपायों पर प्रकाश डालते हुए अपने बहुमूल्य अनुभव एवं विचार साझा किए। इस अवसर पर श्री वीरेंद्र कालिया, भा.पु.से., पुलिस अधीक्षक (एसआईयू सह, वीएचक्यू), एसवी एवं एसीबी, हि.प्र., शिमला; श्री नरेश कुमार शर्मा, भा.पु.से., पुलिस अधीक्षक, एसआर, शिमला तथा श्री नरवीर सिंह राठौर, हि.पु.से., अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसआईयू, एसवी एंड एसीबी, शिमला भी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त, एसजेवीएन द्वारा अपनी विभिन्न परियोजनाओं एवं इकाइयों में आंतरिक तथा जनसंपर्क संबंधी गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इनमें जागरूकता एवं क्षमता निर्माण सत्र, वेंडर मीट, नुक्कड़ नाटक, वॉकाथॉन, प्रश्नोत्तरी तथा भाषण, वाद–विवाद, भाषण कला, चित्रकला, पोस्टर निर्माण, नारा लेखन एवं रंगोली निर्माण जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएँ शामिल हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए सत्यनिष्ठा एवं नैतिक आचरण के संदेश का व्यापक प्रसार करना है।

समालखा: ‘‘हर परिस्थिति में परमात्मा के प्रेम में स्थिर रहना ही सच्ची जागृति है।’’ उक्त दिव्य उद्गार निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के तीसरे दिन अपने प्रेरणादायी प्रवचनों के माध्यम से व्यक्त किए। समालखा की पावन धरा पर देश-विदेश से सम्मिलित लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने प्रेम, श्रद्धा और एकत्व का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया। सतगुरु के पावन दर्शनों से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और समूचा वातावरण भक्ति, समर्पण एवं आत्मिक आनंद से आलोकित हो गया। गुरु और गुरसिख का यह पावन मिलन प्रेम, मानवता और विश्वबंधुत्व की भावना को साकार करता दिखाई दिया।
सतगुरु माता जी ने श्रद्धालु भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आत्मा का परमात्मा से मिलन और हर पल निराकार प्रभु का अनुभव ही आध्यात्मिक जीवन का सार है। परमात्मा अटल सत्य है, किन्तु हमारी इच्छाएँ और परिस्थितियाँ निरंतर बदलती रहती हैं। अनुकूल परिस्थितियों में आस्था बनाए रखना सरल होता है, परंतु सच्ची भक्ति वही है जो हर परिस्थिति में अडिग रहे। माता जी ने आगे फरमाया कि ब्रह्मज्ञान से प्राप्त जागृति जीवनभर सजग और सचेत रहने की प्रेरणा देती है। यह जागृति हमारे व्यवहार, निर्णयों और सामाजिक जीवन में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। अन्याय के विरुद्ध खड़े होते समय हमें अपने उद्देश्य को अवश्य परखना चाहिए कि हमारा प्रयास वास्तव में भलाई के लिए है या अहंकार, स्वार्थ और दिखावे के लिए। विचारों में भिन्नता होने पर भी प्रत्येक व्यक्ति में परमात्मा का अंश देखकर उसे अपनाना ही निष्काम प्रेम की सच्ची पहचान है।
सतगुरु माता जी के दिव्य प्रवचनों से पूर्व निराकारी राजपिता रमित जी ने जागरूकता का संदेश देते हुए समझाया कि जीवन में जहाँ परिवर्तन संभव हो, वहाँ सकरात्मक प्रयास करने चाहिए और जहाँ परिवर्तन असंभव हो, वहाँ परिस्थितियों को सहजता से स्वीकार करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
राजपिता जी ने आगे कहा कि मनुष्य संसार की आवश्यकताओं और भौतिक सुख-सुविधाओं के प्रति तो सजग रहता है, लेकिन अक्सर अपनी आत्मा की वास्तविक प्यास को अनदेखा कर देता है। परमात्मा के प्रेम और उसकी सर्वव्यापकता को पहचानना, अहंकार का त्याग करना तथा सच्ची जिज्ञासा, श्रद्धा और समर्पण के साथ जीवन व्यतीत करना ही वास्तविक आध्यात्मिक जागृति है।
इस पावन अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सतगुरु के पावन आशीष को प्राप्त किया। साथ ही, कई पार्षदों और विधायकों ने भी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
दिव्यांग संत महात्माओ हेतु व्यवस्थाएंः- समागम में दिव्यांग संत-महात्माओं की सुविधा के लिए सभी प्रवेश द्वारों पर व्हीलचेयर का प्रबंध किया गया था, ताकि वे आसानी से समारोह स्थल तक पहुंच सकें। उनके ठहरने, भोजन और पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ कार्यक्रमों को देखने के लिए LED स्क्रीन भी लगाई गई थी। इसके अतिरिक्त, उन्हें समागम के दौरान सतगुरु के पावन दर्शन का भी लाभ मिला।
कायरोप्रैक्टिक शिविर एवं स्वास्थ्य सेवाएँः- समागम में मिशन के स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा व्यापक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। परिसर में 8 एलोपैथिक और 6 होम्योपैथिक डिस्पेंसरी, 15 प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, एक कायरोप्रैक्टिक शिविर तथा 15 आईसीयू सुविधाओं सहित 120 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल बनाया गया। आपातकालीन सेवाओं के लिए मिशन की 12 और हरियाणा सरकार की 30 एम्बुलेंस जिसमें 15 वेंटिलेटर युक्त एम्बुलेंस का प्रबंध किया गया।
समागम के दौरान काइरोप्रैक्टिक शिविर में विदेशों और भारत से विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इन निस्वार्थ चिकित्सकों की उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल और उपचार से हजारों अस्वस्थ लाभान्वित हुए। इसके अतिरिक्त, ईएनटी, नेत्र, बाल रोग, दंत चिकित्सा एवं मनोरोग सहित विभिन्न क्षेत्रों के वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा श्रद्धालुओं को व्यापक और सटीक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
लंगर एवं कैंटीन व्यवस्थाः- समागम परिसर में चार स्थानों पर सामुदायिक भोजन (लंगर) की व्यवस्था की गई, जहाँ लाखों श्रद्धालुओं को दिन-रात भोजन उपलब्ध कराया गया। सभी को एक साथ बैठकर लंगर ग्रहण करते देख ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना साकार होती दिखाई दी। इसके अतिरिक्त 22 कैंटीनों में रियायती दरों पर अल्पाहार, चाय, कॉफी एवं मिनरल वाटर उपलब्ध कराया गया। इन सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं ने श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के साथ-साथ सेवा, समानता और सहयोग की भावना को भी उजागर किया।

शिमला: विजयादशमी के उपलक्ष्य में शरद पूर्णिमा के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) केशव नगर शिमला द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। बाईपास स्थित होटल हॉराइजन के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में कुल 184 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इनमें 147 स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थिति रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ शस्त्र पूजन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रांत संघचालक परम पूजनीय श्रीमान वीर सिंह रांगड़ा ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया।
अपने उद्बोधन में वीर सिंह रांगड़ा ने कहा कि समाज में समरसता होगी तो देश स्वतः शक्तिशाली बनेगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समरस समाज के निर्माण की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी सुरक्षित रह सकता है, जब वह शक्तिशाली हो। भारत की सुरक्षा और सामर्थ्य के लिए देश को सशक्त बनाना आवश्यक है और संघ की स्थापना भी इसी उद्देश्य से हुई है।
विजयादशमी संघ के छह प्रमुख उत्सवों में से एक: वीर सिंह रांगड़ा जी ने विजयादशमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छह प्रमुख उत्सवों में से एक है। इसी दिन संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में उन्होंने संघ की स्थापना और उसके उद्देश्यों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि विजयादशमी को पाप पर पुण्य और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक के रूप में भी मनाया जाता है। पांडवों ने अज्ञातवास के अंतिम दिन शमी वृक्ष से अपने अस्त्र निकालकर उनका पूजन किया था। इसी परंपरा से शस्त्र पूजन का विशेष महत्व जुड़ा है।
उन्होंने संघ के संस्थापक परम पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के त्याग, संकल्प, योगदान तथा मातृभूमि के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि संघ की स्थापना का उद्देश्य हिंदू राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाना है, ताकि भारत इतना सशक्त बने कि भविष्य में उसे कभी पराधीनता का सामना न करना पड़े और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सके।
युवाओं से सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान: अपने संबोधन में वीर सिंह रांगड़ा जी ने युवाओं से समाज में अराजकता फैलाने, सत्ता परिवर्तन की बात करने और नशे जैसी समस्याओं को बढ़ावा देने वाली शक्तियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसी चुनौतियों के प्रति सजग रहने के साथ उनका सामना करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
हॉराइजन होटल से शुरू हुआ पथ संचलन: कार्यक्रम के उपरांत स्वयंसेवकों ने पथ संचलन में भाग लिया। पथ संचलन बाईपास स्थित होटल हॉराइजन से शुरू होकर कच्ची घाटी से होते हुए वापस होटल परिसर में संपन्न हुआ। इस दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासित ढंग से सहभागिता की।
कार्यक्रम में क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख, श्रीमान हरीश जी, प्रांत प्रचारक श्रीमान संजय जी एवं जिला संघ चालक श्रीमान अजय सूद जी भी उपस्थिति रहे। कार्यक्रम के समापन पर सहभोज का आयोजन किया गया।

जातरू उत्सव निचार एवं किन्नौर महोत्सव के शुभारंभ समारोह में बतौर मुख्य अतिथि होंगे शामिल
रिकांग पिओ: राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री हिमाचल प्रदेश श्री जगत सिंह नेगी 26 अक्टूबर से नवंबर 1, 2026 तक जिला किन्नौर के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वह विभिन्न विकासात्मक कार्यों के उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे तथा स्थानीय लोगों की जनसमस्याएं भी सुनेंगे।
निर्धारित प्रवास कार्यक्रम के अनुसार, मंत्री 26 अक्टूबर को प्रातः 9 बजे शिमला से प्रस्थान कर दोपहर 2 बजे भावानगर पहुंचेंगे। इस दिन वह जातरू उत्सव निचार-2026 में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इसके उपरांत वह कल्पा में रात्रि ठहराव करेंगे।
27 अक्टूबर को बागवानी मंत्री कल्पा से प्रातः 9 बजे प्रस्थान कर दोपहर 12 बजे रिकांग पिओ पहुंचेंगे। यहां वह आइस स्केटिंग रिंक का उद्घाटन करेंगे तथा जनसमस्याएं सुनेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे रिकांग पिओ से प्रस्थान कर 2:30 बजे बटसेरी पहुंचेंगे, जहां मल निकासी परियोजना का शिलान्यास करेंगे और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनेंगे।
इसी दिन सायं 4 बजे बटसेरी से प्रस्थान कर 4:30 बजे थेमगारंग पहुंचेंगे। यहां युवक मंडल भवन का शिलान्यास करने के साथ-साथ राजकीय उच्च विद्यालय भवन का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद सायं 6 बजे थेमगारंग से प्रस्थान कर 6:30 बजे सांगला पहुंचेंगे, जहां लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में रात्रि ठहराव करेंगे।
28 अक्टूबर को कैबिनेट मंत्री प्रातः 11 बजे सांगला से प्रस्थान कर दोपहर 2 बजे कल्पा पहुंचेंगे तथा यहां रात्रि ठहराव करेंगे। 29 अक्टूबर को उनका कल्पा में ठहराव निर्धारित है।
30 अक्टूबर को श्री जगत सिंह नेगी प्रातः 10 बजे कल्पा से प्रस्थान कर 10:30 बजे रिकांग पिओ पहुंचेंगे तथा प्रातः 11 बजे राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव के शुभारंभ समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। रात्रि ठहराव कल्पा में होगा। 31 अक्तूबर, शनिवार को श्री जगत सिंह नेगी कल्पा में रहेंगे।
1 नवंबर को प्रातः 9 बजे कल्पा से जनजातीय विकास मंत्री प्रस्थान करेंगे और 11 बजे ग्रांगे (निचार) अठारोह समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। इसके उपरांत वे शाम 3 बजे कल्पा के लिए रवाना होंगे और रात्रि ठहराव कल्पा में करेंगे।

नाहन: जिला सिरमौर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंर्तगत चार स्थानों पर नई उचित मूल्य की दुकानें खोलने के लिए इच्छुक व्यक्ति/संस्थाएं 16 नवम्बर, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इनमें विकास खंड संगडाह के ग्राम पंचायत ब्योंग टटवा के ग्राम ब्योंग टटवा वार्ड नंबर-1 व ग्राम पंचायत खाला क्यार के ग्राम खाला क्यार वार्ड नंबर-2, विकास खंड नाहन के ग्राम पंचायत नेहर स्वार के ग्राम कैंथ घाट के वार्ड नंबर-1, मानरिया तथा विकास खंड राजगढ के ग्राम पंचायत नईनेटी के ग्राम नईनेटी के वार्ड नंबर-3 शामिल हैं।
यह जानकारी देते हुए जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, शमशेर सिंह ने बताया कि इच्छुक व्यक्ति या संस्थाएं वांछित सूचना एवं आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन वेबसाईट emerginghimachal.hp.gov.in पर अपलोड कर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे और 16 नवम्बर, 2026 तक अपलोड किए गए आवेदन ही मान्य होंगे।
उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक तथा आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक को आवेदन प्रपत्र के साथ मैट्रिक प्रमाण पत्र, अन्य उच्च शिक्षा प्रमाणपत्र यदि हो, भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांग, बेरोजगारी (आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नियमित रोजगार में न होने) संबंधी प्रमाण पत्र, विधवा एकल नारी, अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/बीपीएल प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा।
उन्होंने बताया कि उचित मूल्य की दुकान के आंबटन में प्रथम प्राथमिकता ग्राम पंचायत( ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से आवेदन), स्वयं सहायता समूह, सहकारी सभाएं और महिलाओं के समूह को दी जाएगी। द्वितीय प्राथमिकता एकल नारी, विधवा, दिव्यांग व्यक्ति व भूतपूर्व सैनिक/शिक्षित बेरोजगार व्यक्ति को दी जाएगी। इसके अतिरिक्त तीसरी प्राथमिकता के लिए आवेदक को दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र, उच्च शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, यदि आवेदक उसी वार्ड का है जिसमें उचित मूल्य की दुकान खोली जानी प्रस्तावित है तो इस सम्बन्ध में ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र, एस०सी०, एस०टी०, ओ०बी०सी०, बी०पी०एल० प्रमाण पत्र तथा बेरोजगारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। सम्बन्धित प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रतियां निर्धारित प्रपत्र के साथ संलग्न की जानी अनिवार्य होगी, जिनके बिना आवेदन अस्वीकृत व रद्द कर दिया जाएगा।
अधिक जानकारी के लिए व वांछित औपचारिकताओं के सम्बन्ध में इच्छुक आवेदक किसी भी कार्यालय दिवस में कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं या कार्यालय दूरभाष नम्बर 01702-222558 पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

डीसी जतिन लाल ने जारी किए आदेश, पहले ओम भुजिया भंडार तक लागू था प्रतिबंध
ऊना: ऊना शहर में यातायात एवं वेंडिंग व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग जोन का दायरा बढ़ा दिया गया है। जिला दंडाधिकारी उपायुक्त जतिन लाल के आदेशों के तहत अब डीसी चौक से दयाल स्वीट्स, रक्कड़ कॉलोनी तक का पूरा सड़क मार्ग इस प्रतिबंधित क्षेत्र में शामिल होगा। इससे पहले डीसी चौक से ओम भुजिया भंडार तक के सड़क मार्ग को नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग जोन घोषित किया गया था।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 और 117 के तहत पूर्व में जारी आदेशों का विस्तार करते हुए प्रतिबंधित क्षेत्र की सीमा दयाल स्वीट्स, रक्कड़ कॉलोनी तक बढ़ाई गई है। विस्तारित सड़क खंड पर भी पूर्व आदेशों के प्रावधान, शर्तें और दंड संबंधी नियम लागू रहेंगे।
जिला दंडाधिकारी ने पुलिस, नगर निगम, एसडीएम और राष्ट्रीय राजमार्ग लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारियों को आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं है।

