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‘स्टेट लीडर के बजाय रियल एस्टेट डीलर’ की तरह बातें कर रहे हैं मुख्यमंत्री सुक्खू – जयराम ठाकुर

शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक ‘स्टेट लीडर की बजाय रियल एस्टेट डीलर’ की तरह बातें कर रहे हैं, जो सिर्फ जमीन बेचकर पैसा अंदर करना जानता है। इसीलिए उन्होंने प्रदेश भर में धारा 118 में छूट के नाम पर अराजकता फैलाने के लिए अपने मित्रों का नेटवर्क बनाया है, जो धारा 118 के नाम पर छूट दिलाने का ठेका लेकर घूम रहे हैं। उन्हीं के इशारे पर बार-बार धारा 118 में ढील देने का कानून विधानसभा में लाया जा चुका है। व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार को भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के भारी विरोध के बाद इस दिशा में थोड़ा रुकना पड़ा है।
आज मुख्यमंत्री इंडस्ट्रियल पैकेज की आलोचना कर रहे हैं, जबकि उन्हें इस दिशा में और काम करना चाहिए था। उन्हें प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग-धंधे लगाने और बेहतर ढंग से काम करने पर ध्यान देना चाहिए था। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर सरकार चला रहे सुक्खू इसके विपरीत काम कर रहे हैं। उनके संरक्षण में प्रदेश का औद्योगिक क्षेत्र अवैध वसूली का अड्डा बन गया है, जिस कारण उद्योग पलायन करने को विवश हैं। आज हिमाचल के उद्योग पड़ोसी राज्यों में जा रहे हैं और सरकार उन्हें रोकने की बजाय प्रताड़ित करने पर जोर दे रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि ‘हिमाचल फॉर सेल’ की योजना पर काम करने वाले मुख्यमंत्री औद्योगिक पैकेज को घोटाला बता रहे हैं तो इसकी जांच करें और उस योजना को रद्द कर दें। जिस मुख्यमंत्री ने बिना सोचे-समझे 1,500 से ज्यादा विद्यालय, सैकड़ों अस्पताल, कुल  2,000 से ज्यादा जनहित के संस्थान बिना मंत्रिमंडल के गठन के ही बंद कर दिए हों, उनके लिए एक इंडस्ट्रियल पैकेज को रद्द करना कौन-सी बड़ी बात है? चार साल से कोई काम करने की बजाय वह सिर्फ प्रवचन दे रहे हैं। काम करने की बजाय काम बिगाड़ने में ही सुख की अनुभूति करने वाले मुख्यमंत्री जानते हैं कि जब झूठ बोलकर ही समय निकाला जा सकता है तो प्रदेश के विकास में भूमिका निभाने वाले उद्योगों को बढ़ावा देकर क्या मिलेगा? मुख्यमंत्री आए दिन मंचों से हिमाचल प्रदेश को सिर्फ अपने भाषणों में ही 2027 तक आत्मनिर्भर और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने की बातें करके लोगों को बहला रहे हैं। औद्योगीकरण की आलोचना करना कांग्रेस का मूल चरित्र बन गया है, क्योंकि औद्योगीकरण विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। मुख्यमंत्री औद्योगीकरण का विरोध करके 2027 में हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर और 2032 में समृद्ध राज्य बनाने के अपने दावों को ही कमजोर कर रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पहले भी हिमाचल प्रदेश और देश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष सुविधाएं दी जाती रही हैं। कांग्रेस के समय में भी इसी तरह उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रयास किए गए। देश के हर हिस्से में उद्योग लाने के लिए राज्य सरकारें विभिन्न प्रकार के इंसेंटिव देती हैं। लेकिन जब मुख्यमंत्री का विजन ही ऐसा नहीं है कि वह औद्योगीकरण के दीर्घकालिक लाभों का आकलन कर सकें और उससे प्रदेश को होने वाले लाभों को समझ सकें, तो विकास कैसे होगा? उन्होंने कहा कि बिना औद्योगीकरण के दुनिया में कोई भी राष्ट्र तरक्की नहीं कर पाया। आज जिन प्रदेशों की माली हालत बेहतर है, उनमें औद्योगीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। औद्योगीकरण से प्रदेश में निवेश आता है, राज्य की आर्थिकी मजबूत होती है, रोजगार के प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक अवसर सृजित होते हैं। पूरी अर्थव्यवस्था को गति मिलती है, पलायन रुकता है और दीर्घकालिक आर्थिक अवसर सृजित होते हैं। लेकिन मुख्यमंत्री का सारा ध्यान प्लॉटिंग के जरिए ही पैसा कमाने पर है। इसीलिए वह प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने की बजाय प्लॉटिंग को बढ़ावा दे रहे हैं। मेडिकल डिवाइस पार्क में भी प्लॉट बेचने को लेकर सरकार के नेताओं के बीच ही घमासान मचा हुआ है। बल्क ड्रग पार्क में भी सरकार प्लॉटिंग से आगे नहीं सोच पा रही है, जबकि ये परियोजनाएं हिमाचल प्रदेश का कायाकल्प करने की क्षमता रखती हैं।
मेडिकल कॉलेज के भवन का उद्घाटन कर रहे हैं, लेकिन केंद्र के योगदान का नाम नहीं ले रहे मुख्यमंत्री
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में जो सुधार हो रहे हैं, उनमें केंद्र सरकार का सर्वाधिक योगदान है, लेकिन मुख्यमंत्री सारा श्रेय स्वयं ले रहे हैं और केंद्र सरकार के प्रति आभार जताने के बजाय आए दिन दोषारोपण करते हैं। उन्हें केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग के बारे में भी प्रदेश की जनता को बताना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अब रोबोटिक सर्जरी की फीस 90,000 रुपये कर दी गई है। लगभग एक साल में रोबोटिक सर्जरी की फीस तीन गुना बढ़ा दी गई, जबकि मुख्यमंत्री ने पिछले साल अगस्त में इसे हिम केयर और आयुष्मान के तहत शामिल करने का भरोसा दिया था। यह भरोसा आज तक पूरा नहीं हुआ। उल्टा सरकार हिम केयर को ही बदनाम करके बंद करने पर आमादा है। मुख्यमंत्री को अपनी कथनी और करनी में फर्क नहीं करना चाहिए।

इंटर्नशिप स्टाइपंड बढ़ाने पर प्रदेश सरकार करेगी विचार – CM सुक्खू

मुख्यमंत्री ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के विद्यार्थियों से किया संवाद

हमीरपुर: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उनके विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से चिकित्सा शिक्षा, आर्थिक सहायता, कॉलेज के बुनियादी ढांचे, विदेश में एक्सपोजर विजिट और पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
द्वितीय वर्ष की छात्रा बबीता ने मुख्यमंत्री से पूछा कि विद्यार्थियों को आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई न छोड़नी पड़े, इसके लिए राज्य सरकार क्या कदम उठा रही है? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के अंतर्गत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी विद्यार्थी धन के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। एमबीबीएस छात्र आयान चोपड़ा ने चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर को अग्रणी चिकित्सा संस्थान बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में पूछा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसके लिए आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाने के लिए नई व्यवस्था के तहत लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों को जोड़कर मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिल सकें।
एमबीबीएस छात्रा प्रतिभा ने चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर को सुरक्षित बनाने तथा इसके आधारभूत अधोसंरचना के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में प्रश्न किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज में आधुनिक एम्फिथियेटर, ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, 300-300 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्र-छात्राओं के होस्टल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि जापान की कंपनी के सहयोग से चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर का लेआउट प्लान तैयार किया गया है। भविष्य में यहां सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, कैंसर अस्पताल, डेंटल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की योजना है। इसके साथ ही संस्थान में शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
विद्यार्थी निशांत ने मेडिकल छात्रों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने के संबंध में प्रश्न किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों से पीजी और एमबीबीएस के 10-10 विद्यार्थियों का चयन लगभग पूरा हो चुका है। चयनित विद्यार्थियों को जल्द ही विदेश भेजा जाएगा, जहां वे चिकित्सा क्षेत्र की सर्वोत्तम कार्यप्रणाली का अध्ययन कर सकेंगे।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में पीजी सीटों की संख्या पहले आठ थी, जो अब बढ़कर 57 हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में पहले कुल 277 पीजी सीटें थीं। राज्य सरकार के प्रयासों से इस वर्ष 320 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हुई हैं, जिससे प्रदेश में पीजी सीटों की कुल संख्या बढ़कर 597 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार एमबीबीएस विद्यार्थियों की इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड में वृद्धि करने पर विचार कर रही है। इसके लिए बजट में आवश्यक प्रावधान करने के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार मेडिकल शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कुल्लू: CM सुक्खू ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अकादमिक ब्लॉक का किया लोकार्पण

एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज का शुभारंभ किया, चार पाठ्यक्रमों के लिए 210 सीटें उपलब्ध
कुल्लू: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अकादमिक ब्लॉक का लोकार्पण किया। यह कदम चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में मील पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज, हमीरपुर का भी शुभारंभ किया। इस कॉलेज में कुल 210 सीटों के साथ चार पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इनमें बैचलर ऑफ मेडिकल लैब साइंस की 60 सीटें, बैचलर ऑफ रेडियोलॉजी की 60 सीटें, बैचलर ऑफ एनेस्थीसिया की 60 सीटें तथा डायलिसिस की 30 सीटें शामिल हैं।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि चिकित्सकों और अन्य चिकित्सा पेशेवरों को सहयोग प्रदान करने तथा मरीजों की सुविधा के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एलाइड एंड हेल्थकेयर शिक्षा को सुदृढ़ करना आवश्यक है। इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत से स्वास्थ्य क्षेत्र की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में अवसरों के नए द्वार खोलेगा और युवाओं के लिए शैक्षणिक अवसरों का विस्तार करेगा। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न विशिष्ट क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी योगदान देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनिर्मित अकादमिक ब्लॉक, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर के संस्थागत बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करेगा तथा गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की क्षमता में वृद्धि करेगा। इससे क्षेत्र के लोगों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी और उन्हें बेहतर उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
इसके पश्चात, मुख्यमंत्री ने 4.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के आवासीय परिसर का उद्घाटन किया।
उन्होंने 1.50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्ट्रीट फूड पार्क तथा 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बाल देखभाल संस्थान, हमीरपुर की आधारशिला भी रखी।

देवताओं के नजराने में 5 प्रतिशत, बजंतरियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी; CM सुक्खू ने कुल्लू दशहरे के समापन अवसर पर की घोषणा

भुंतर में विद्युत सब-डिवीजन खोलने की घोषणा की

कुल्लू: अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रघुनाथ मंदिर में शीश नवाया और प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि तथा शांति की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू दशहरा केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध देव संस्कृति और सदियों पुरानी विरासत का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य की इस अनूठी लोक-संस्कृति, देव परंपराओं और धार्मिक स्थलों के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज अतंरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा-2026 के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए देवी-देवताओं के नजराने में पांच प्रतिशत तथा बजंतरियों के मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करने और देवताओं के मुख्य गूर को 1100 रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कुल्लू जिला के लेफ्ट बैंक को जोड़ने के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये और मणिकर्ण सड़क के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने भुंतर में सीवरेज प्रणाली निर्माण के लिए 22 करोड़ रुपये प्रदान करने और विद्युत सब-डिवीजन खोलने तथा विद्युत कमांड-बारा मार्ग के लिए 50 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने दशहरा उत्सव में प्रतिभागी महिला मंडलों को 35-35 हजार रुपये की सम्मान राशि देने तथा बजौरा स्कूल में विज्ञान भवन के निर्माण के लिए एक करोड़ की राशि स्वीकृत करने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कुल्लू जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगी, ताकि जिला के लोगों को यहां बेहतर उपचार सुविधा मिल सके। उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों और पैरा मेडिकल स्टाफ को नियुक्त करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला अस्पताल में विश्व स्तरीय तकनीक की सुविधा प्रदान करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कृत संकल्प है और इसी दिशा में अब अदरक का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर शीघ्र ही 40 रुपये किया जाएगा ताकि ग्रामीणों की आमदनी में बढ़ोतरी हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार द्वारा शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिए प्रयास नहीं किए गए। वर्तमान प्रदेश सरकार स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र में अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस दिशा में अनेक महत्वाकांक्षी पहल की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब दशहरा उत्सव का वास्तव में अंतरराष्ट्रीय स्तरीय आयोजन हो रहा है तथा हर वर्ष इसे और ज्यादा बेेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के व्यवस्था परिवर्तन का संकल्प कुल्लू दशहरा आयोजन में भी परिलक्षित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में आई आपदा के दौरान कुल्लू जिला में सबसे ज्यादा क्षति हुई लेकिन मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों के साथ वे स्वयं दिन-रात यहां लोगों को राहत पहुंचाने के धरातल पर निरंतर कार्य करते रहे। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान कुल्लू के लोगों ने पर्यटकों को राहत पहुंचाने के लिए सराहनीय कार्य किया। इस सेवा भाव को देश-विदेश के लोग कभी नहीं भुला पाएंगे।
प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावितों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमों तथा कानून में बदलाव किया गया। गृह निर्माण के लिए अनुदान राशि को डेढ़ लाख रुपये से बढ़कर 8 लाख रुपये किया गया है ताकि उनका बेहतर पुनर्वास सुनिश्चित हो सके।
श्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर भाजपा दुष्प्रचार कर रही है जबकि राज्य सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और बहुत जल्द इसके लिए कई योजनाएं धरातल पर उतारी जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी वर्गों के सहयोग की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कुल्लू कार्निवाल को हरी झंडी दिखाई। इस कार्निवाल में 600 से ज्यादा महिलाओं और कलाकारों ने भाग लिया।
विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कुल्लू दशहरा के आयोजन में किसी भी प्रकार की कमी न रखने के आदेश दिए थे और सभी ने इसमें पूर्ण सहयोग दिया है। उन्होंने कुल्लू दशहरा के आयोजन के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, जन प्रतिनिधियों और सभी वर्गों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से यह आयोजन सफल हो पाया है। उन्होंने कहा कि उत्सव में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक दलों ने भाग लेकर इसे देश-विदेश में ख्याति दिलाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सांस्कृतिक दलों को विदेशों में भेजने के प्रयास कर रही है, ताकि वहां के लोग भी हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति से परिचित हो सकें।
हिमाचल प्रदेश में देव परंपराओं को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और देवी-देवताओं के आशीर्वाद से ही कुल्लू दशहरा उत्सव संपन्न होता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अधिक संख्या में देवी-देवताओं और लोगों ने दशहरा उत्सव में भाग लिया।
विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने मुख्यमंत्री का कुल्लू जिला में पधारने पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दूरदर्शी सोच के साथ कार्य कर रहे हैं और सभी वर्गोें को साथ लेकर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य किए जा रहे हैं, विशेष रूप में महिलाओं और अनाथ बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भुट्टी विवर्ज सांस्कृतिक दल को प्रथम, सूत्रधार कला संगम को दूसरा और युवा कला मंच को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

कांगड़ा: नूरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई महिला नशा तस्कर की 1.01 करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति फ्रीज

 नूरपुर पुलिस जिला में अब तक नशा तस्करों की 31.71 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति फ्रीज

कांगड़ा:  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के कड़े दिशा-निर्देशों की अनुपालना में चलाए जा रहे राज्यस्तरीय एंटी चिट्टा अभियान के अंतर्गत पुलिस लगातार नशा तस्कारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। यह अभियान नशा तस्करी के माध्यम से अर्जित अवैध संपत्तियों पर कानूनी शिकंजा कसने तथा नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।

इस अभियान के तहत कांगड़ा ज़िले के अंतर्गत नूरपुर पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करने में सफलता प्राप्त की है। तस्कर और विदेशी मुद्रा मैनिपुलेटर (सम्पत्ति का समपहरण) अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट, नई दिल्ली के सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक ने पुलिस थाना इंदौरा द्वारा की गई वित्तीय जांच के आधार पर 1,01,55,718 रुपये मूल्य की संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि की गई है।

पुलिस जिला नूरपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मचन्द वर्मा ने आज जानकारी दी है कि पुलिस थाना इंदौरा में दिनांक 30 मई, 2017 को दर्ज एक एफआईआर में दलवीरो नामक महिला के कब्जे से 6.50 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। माननीय न्यायालय ने 01 अप्रैल, 2025 को इस मामले में इस महिला को दोषसिद्ध करते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास औश्र एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामले के संबंध में नूरपुर पुलिस द्वारा की गई वित्तीय जांच के दौरान संबंधित संपत्तियों के स्वामित्व, निर्माण, मूल्यांकन तथा उनके अर्जन के वैध स्रोतों की जांच-पड़ताल की गई। जांच के आधार पर पुलिस थाना इंदौरा ने 28 सितम्बर, 2026 को फ्रीजिंग आदेश पारित किया और इसकी पुष्टि के लिए सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली को भेजा।

उन्होंने बताया कि वित्तीय जांच एवं उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के उपरांत सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली ने 26 अक्तूबर, 2026 को आदेश पारित कर उक्त फ्रीजिंग आदेश की पुष्टि की। इस कार्रवाई के अंतर्गत कुल 1,01,55,718 रुपये मूल्य की तीन संपत्तियों को फ्रीज करने की पुष्टि की गई है।

फ्रीज की गई संपत्तियों में दलवीरो पत्नी स्वर्गीय अजय कुमार की गांव छन्नी, तहसील इंदौरा स्थित आवासीय संरचना, जिसका निर्धारित मूल्य 61,96,561 रुपये है, मिथुन उर्फ छप्पर पुत्र स्वर्गीय अजय कुमार की गांव छन्नी, तहसील इंदौरा स्थित आवासीय संरचना तथा उससे संबंधित फर्नीचर, घरेलू उपकरण एवं अन्य घरेलू सामान, जिनका कुल निर्धारित मूल्य 32,60,950 रुपये है तथा घारो देवी पुत्री स्वर्गीय अजय कुमार की 6,98,207 रुपये के निर्धारित मूल्य की मारुति सुजुकी कार शामिल हैं। इन तीनों संपत्तियों का कुल निर्धारित मूल्य 1,01,55,718 रुपये है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा उपलब्ध वित्तीय जांच रिपोर्ट एवं अभिलेखों के आधार पर उक्त संपत्तियों से संबंधित फ्रीजिंग आदेश की एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत पुष्टि की गई है। इस कार्रवाई का उद्देश्य संबंधित संपत्तियों को हस्तांतरित किए जाने, बेचे जाने अथवा अन्य किसी तरीके से उनका निपटान किए जाने पर वैधानिक प्रतिबंध प्रभावी बनाना है, ताकि कानून के अंतर्गत आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि पुलिस जिला नूरपुर नशा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई को केवल मादक पदार्थों की बरामदगी एवं आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रख रहा है, बल्कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान, वित्तीय जांच तथा उन्हें कानून के अनुरूप फ्रीज करने पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इस रणनीति का उद्देश्य नशा तस्करी से अर्जित अवैध आर्थिक लाभ पर रोक लगाना तथा तस्करी के पूरे आर्थिक नेटवर्क को को जड़ से खत्म करना है।

उन्होंने बताया कि एंटी चिट्टा अभियान के अंतर्गत पुलिस जिला नूरपुर द्वारा नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस जिला नूरपुर ने अब तक नशा तस्करों की 31 करोड़ 71 लाख, 61 हजार 429 मूल्य की संपत्तियों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा पुष्टि के उपरांत फ्रीज किया है।

पुलिस जिला नूरपुर ने आम जनता से अपील की है कि नशा तस्करी अथवा अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना पुलिस के साथ साझा करें।

किन्नौर : राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने जातरू उत्सव के समापन समारोह पर की शिरकत

रिकांग पिओ: राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री हिमाचल प्रदेश  जगत सिंह नेगी ने आज यहां सोमवार को तीन दिवसीय जातरू उत्सव भावानगर के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कैबिनेट मंत्री ने अपने संबोधन में किन्नौर की समृद्ध संस्कृति पर प्रकाश डाला तथा युवा पीढ़ी को इसे संजोने पर बल दिया ताकि भावी पीढ़ी अपनी जनजातीय संस्कृति पर गर्व महसूस कर सके।
जनजातीय विकास मंत्री में वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा आपदा राहत मैन्युअल में संशोधन करके आपदा ग्रस्त लोगों को ऐतिहासिक मुआवजा प्रदान करके वर्तमान प्रदेश सरकार का मानवीय सरोकार प्रस्तुत किया है तथा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू राजनीतिक प्रतिशोध से ऊपर उठकर विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हैं और राज्य के हर वर्ग एवं हर क्षेत्र के समान विकास के प्रति सजग रहते हैं।
श्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि जातरु उत्सव में खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण युवा प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान किया गया है जिससे युवा खिलाड़ी अपनी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बना सकते हैं।
उपमंडलाधिकारी निचार श्रीमती दिव्या यादव ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और उन्हें विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों के संदर्भ में जानकारी प्रदान की।
राजस्व मंत्री ने जातरू उत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले प्रत्येक महिला मंडलों व युवक मंडलों को ₹10000 की राशि प्रदान की तथा स्कूल वर्ग के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुति देने वालों को ₹5000 की राशि प्रदान की।
इससे पूर्व, शिकायत निवारण मंत्री ने उत्सव में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए विकासात्मक स्टालों का निरीक्षण किया।
श्री जगत सिंह नेगी ने विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया और उन्हें आगे बढ़ने में हर संभव मदद प्रदान करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष निचार श्री अनिल नेगी, कांग्रेस सेवा दल की राज्य उपाध्यक्ष तारा मुय़्यान, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष निचार श्री बीर सिंह नेगी, बाल विकास परिषद के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता प्रताप नेगी, पुलिस उप अधीक्षक भावानगर वरुण पटियाल, तहसीलदार निचार श्रीमती नेहा नेगी, उप निदेशक उद्यान डॉ शमशेर सिंह डेहरू, अधिशाषी अभियंता विद्युत टाशी छोडुप नेगी, कांग्रेस मीडिया प्रभारी मनोज नेगी सहित कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी गण, कार्यकर्ता विभिन्न विभागों के अधिकारी गण व कर्मचारी उपस्थित रहे।

हिमाचल: वाल्मीकि आवास योजना शुरू, घर बनाने के लिए 3 लाख

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर शिमला के कृष्णा नगर स्थित भगवान वाल्मीकि मंदिर में माथा टेका और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि हमारी संस्कृति, साहित्य और आध्यात्मिक चेतना के महान प्रतीक हैं। रामायण की रचना के माध्यम से उन्होंने मानवता को सत्य, न्याय, करुणा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया, जो आज भी समाज का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर मिलें और कोई भी व्यक्ति सामाजिक या आर्थिक अभाव के कारण पीछे न रहे। कांग्रेस पार्टी संविधान और उसके मूल्यों में विश्वास करती है तथा राज्य सरकार सामाजिक न्याय, समानता और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को सम्मानजनक जीवन, बेहतर शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान करना है। इसी सोच के अनुरूप प्रदेश सरकार ने महर्षि वाल्मीकि कामगार आवास योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र वाल्मीकि समुदाय के सफाईकर्मियों को पक्का मकान बनाने के लिए तीन लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना का लाभ लेने के लिए पात्र परिवार की वार्षिक आय अढ़ाई लाख रुपये से कम होनी चाहिए तथा परिवार के पास अपना पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी समुदायों को उचित मान-सम्मान और अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृष्णा नगर क्षेत्र में अनेक परिवार लंबे समय से रह रहे हैं। इन परिवारों और यहां स्थित मकानों की गणना की जाएगी तथा उनके कल्याण के लिए एक योजना बनाने पर विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाल्मीकि समाज के सभी सदस्य उनके परिवार का हिस्सा हैं और उनके कल्याण एवं उत्थान के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कृष्णा नगर में मेडिकल कैंप का शुभारंभ भी किया।
इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, संजय अवस्थी, अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा, महापौर सुरेंद्र चौहान, पार्षद, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

हिमाचल में कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन से तालाबंदी की स्थिति, भाजपा की डबल इंजन सरकार ही देगी राहत – जयराम ठाकुर

शिमला/ रामपुर: ​पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नोगली में आयोजित पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह और कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल में कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन से चारों तरफ तालाबंदी की स्थिति बनी हुई है। विकास कहीं हो नहीं रहा है और कर्ज़ पर कर्ज़ लेकर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में केवल भाजपा की डबल इंजन सरकार ही इस आर्थिक कुप्रबंधन से राहत दे सकती है। सुक्खू सरकार लॉक और लोन प्रिय सरकार बन चुकी है। न सरकार विकास करने में सक्षम है और न ही कानून व्यवस्था को सही करने में।
प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सरकार की जनविरोधी नीतियों, विकास कार्यों में पैदा की जा रही बाधाओं और ग्रामीण क्षेत्रों की निरंतर अनदेखी का खामियाजा आज प्रदेश की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि रामपुर क्षेत्र की विकास संबंधी सभी अपेक्षाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा, जिसमें रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कोई भी सरकार विकास को आगे बढ़ाने के लिए चुनी जाती है, लेकिन दुर्भाग्य से हिमाचल प्रदेश में झूठी गारंटियों के सहारे सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने पद संभालते ही जनहित में खुले 2000 से अधिक सरकारी संस्थानों पर ताले लगा दिए। अब सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने को हैं, फिर भी धरातल पर कहीं कोई विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहा है और पूरे प्रदेश में तालाबंदी की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू केवल अपने गृह क्षेत्र नादौन और अपनी पत्नी के निर्वाचन क्षेत्र देहरा पर ही प्रदेश का सारा बजट खर्च कर रहे हैं और बाकी 66 विधानसभा क्षेत्रों की पूरी तरह से अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चुनाव को मात्र एक वर्ष शेष रहने पर इस सरकार ने राजनीतिक नमकसद से नए संस्थान खोले, तो भाजपा की सरकार आने पर उन सभी फैसलों की समीक्षा की जाएगी और बंद किए गए संस्थानों को पुन: बहाल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि रामपुर में उमड़ी भारी भीड़ ने इस कार्यक्रम को भारतीय जनता पार्टी के प्रति अपार जनसमर्थन में बदल दिया है। आने वाले समय में रामपुर से जो थोड़ी कसर रह गई थी, वह ऐतिहासिक अंतर से जीत में बदलेगी और रामपुर से भाजपा का विधायक होगा। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए यहाँ मिले ऊर्जावान और सशक्त युवा नेतृत्व को आगामी विधानसभा चुनाव में जिताकर विधानसभा पहुँचाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री के पिता को गाली से कांग्रेस नेताओं का असली चरित्र उजागर, राहुल गांधी की फेल लांचिंग की कुंठा आ रही है सामने
कांग्रेस नेतृत्व पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता अब मर्यादाओं को लांघ चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता पर अपमानजनक टिप्पणी करके उन्होंने अपने दल का असली चरित्र उजागर कर दिया है। राहुल गांधी की बार-बार हो रही नाकाम रिलॉंचिंग से बढ़ रही है कांग्रेस में हताशा, इसीलिए घटिया बयानबाज़ी कर रहे हैं। कांग्रेस और उसके कुछ नेता राहुल गांधी को ढोने को अभिशप्त हो सकते हैं पूरा देश नहीं। राहुल गांधी और कांग्रेस के छुटभैए नेता के साथ ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी प्रधानमंत्री के पिता पर की गई घटिया टिप्पणी का जवाब हर देशवासी देगा। उन्होंने आगे कहा कि पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों में पराजय के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व पर सवाल खड़े हो गए हैं, उन्हें न तो उनका मंत्रिमंडल गंभीरता से ले रहा है और न ही प्रशासनिक अधिकारी। अब 2027 में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
​रामपुर में लगातार मजबूत हो रहा भाजपा का कुनबा: 60 महिला मंडलों ने जॉइन की पार्टी
​रामपुर विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी का संगठनात्मक आधार और परिवार लगातार मजबूत होता जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के 60 महिला मंडलों की सदस्यों ने जनविरोधी कांग्रेस पार्टी की नीतियों से तंग आकर भाजपा की विचारधारा, सुशासन और विकासपरक नीतियों में अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए पार्टी का दामन थाम लिया। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भाजपा परिवार में शामिल हुईं सभी मातृशक्ति का हृदय से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति का यह अभूतपूर्व समर्थन और आशीर्वाद ही भारतीय जनता पार्टी की असली ताकत है, जो प्रदेश में जनसेवा, सुशासन तथा चहुंमुखी विकास के हमारे दृढ़ संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करता है। इस अवसर पर रामपुर से भाजपा के प्रत्याशी रहे युवा नेता कौल नेगी और जिला भाजपा अध्यक्ष अरुण फाल्टा सहित कई वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इंडिया गठबंधन की रैली के लिए अलका लांबा ने शिमला में लॉन्च किया ‘चलो दिल्ली’ पोस्टर

शिमला : अखिल भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा है कि कांग्रेस का वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान तब तक जारी रहेगा जबतक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटा कर उन्हें जेल नही भेजा जाता। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने देश के 13 करोड़ से अधिक नागरिकों को उनके मताधिकार से बंचित कर लोकतंत्र व संविधान का अपमान किया है इसके लिए उन्हें कभी माफ नही किया जा सकता।
आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए अलका लांबा ने कहा कि एक नवंबर को चलो दिल्ली,वोट चोर गद्दी छोड़,लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ के नारे का एक पोस्टर जारी करते हुए कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में 10 लाख से अधिक देश के नागरिक इंडिया गठबंधन की इस महारैली में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि वह आज हिमाचल प्रदेश के लोगों विशेष तौर पर महिलाओं को इस महारैली में आमंत्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि आज यह लड़ाई किसी राजनैतिक दल की नही है,यह लड़ाई देश के लोकतंत्र व संविधान को बचाने की लड़ाई है। इस लड़ाई में विपक्षी दलों के सभी राजनैतिक दल शामिल है।
अलका लांबा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने देश की राष्ट्रपति से मिल कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली व एसआईआर के नाम पर 13 करोड़ से अधिक देश के मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर करने के पुख्ता प्रमाणों के साथ अवगत करवाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार यह सवाल उठा रही है कि क्या देश मे हर वोट की रक्षा हो रही है।क्या चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष व पारदर्शी है। इन्ही सवालों को लेकर कांग्रेस जनता के बीच जा रही है।
अलका लांबा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक तानाशाह करार देते हुए कहा कि उन्होंने पपत्र 6 पर मनमाने ढंग से परिवर्तन किया,जबकि उन्हें इसका कोई अधिकार नहीं था। चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों ने इस संदर्भ में 10 दिनों में 14 आपत्ति पत्र केबीनेट सचिव को लिखे। इस तथ्य का खुलासा होने के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने स्वाभाविक है।
अलका लांबा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री व नेता प्रतिपक्ष की चयन समिति थी,पर दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस समिति से मुख्य न्यायधीश को हटा दिया गया,जिससे मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में सरकार अपनी मनमर्जी कर सकें।
अलका लांबा ने केंद्र की भाजपा सरकार से पूछा कि वह बताएं कि 13 करोड़ भारतीय मतदाता जिन्हें घुसपैठिया बता कर उन्हें वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया वह कब भारत मे आये थे। उन्होंने कहा कि क्या वह 2014 के बाद देश मे आये और अगर इस दौरान वह भारत में आएं है तो केंद्र में उनकी भाजपा की सरकार है।इसकी जिम्मेदारी किस की थी। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि 13 करोड़ उन मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटाया गया है जो भाजपा का समर्थन नही करते। इसमें दलित,गरीब व आदिवासी लोग है जो अपनी आवाज उठाने में सक्षम नही है। उन्होंने कहा कि एस आई आर के नाम पर वोट चोरी रोकने के लिए कांग्रेस का जन आन्दोल जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तीन मुख्य मांगे है जिसमें पहली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा उन्हें जेल भेजा जाए,उनके द्वारा लिये गए एकतरफा निर्णयों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए, दूसरा एस आई आर रद्द हो व वोट चोरी रुकनी चाहिए तीसरी ईवीएम की जगह वेल्ट पेपर पर मतदान होने चाहिए।
अलका लांबा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने लोकतंत्र से जंतर मंतर को छीना है। रामलीला मैदान में रैली के लिये भारी भरकम फीस निर्धारित कर दी है। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में भाजपा महारैली में किसी भी प्रकार का व्यवधान पैदा करने की कोशिश न करें। गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली पुलिस मुख्यालय में जाकर इस महारैली पर पुलिस दबाव बनाने की कोशिश कर रहें है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हताशा में है।एस्ट्रीम फ़ाइल में खुलासे के बाद ट्रंप के दबाव में वह कार्य कर रहें है।

एसजेवीएन ने 29वीं अंतर सीपीएसयू कैरम प्रतियोगिता का किया सफल आयोजन

शिमला:एसजेवीएन अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक,भूपेंद्र गुप्ता, ने विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में पावर स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड (पीएससीबी) के अंतर्गत एसजेवीएन द्वारा आयोजित 29वीं अंतर सीपीएसयू कैरम प्रतियोगिता के विजेताओं एवं सभी प्रतिभागी टीमों को बधाई दी।

 पुरस्कार वितरण समारोह में निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा, मुख्य अतिथि तथा निदेशक (परियोजनाएं) राजेश कुमार चंदेल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। इस प्रतियोगिता में 12 टीमों, विद्युत मंत्रालय, सीईए, आरईसी, एनएचपीसी, टीएचडीसी, बीबीएमबी, पीएफसी, पीजीसीआईएल, ग्रिड–इंडिया, डीवीसी, नीपको तथा एसजेवीएन ने भाग लिया।

  अजय कुमार शर्मा ने विजेताओं एवं उप विजेताओं को बधाई दी तथा सभी टीमों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं, बल्कि टीम भावना, अनुशासन, दृढ़ता और निष्पक्ष खेल जैसे मूल्यों को भी विकसित करते हैं, जो व्यावसायिक जीवन में भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

पुरुष टीम चैंपियनशिप में, सीईए ने विजेता का खिताब हासिल किया, जबकि विद्युत मंत्रालय और नीपको ने क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय उप विजेता का स्थान हासिल किया। महिला टीम चैंपियनशिप में पीजीसीआईएल ने विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि एसजेवीएन और सीईए क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय उपविजेता रहे।

पुरुष एकल वर्ग में विद्युत मंत्रालय से श्री मनोहर प्रसाद चमोली ने विजेता का स्थान हासिल किया, जबकि नीपको से आर. के. सैकिया और श्री एमडी नफ़िस ने क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय उप विजेता का स्थान हासिल किया। महिला एकल वर्ग में विद्युत मंत्रालय से सुश्री सरोज देवी ने विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि बीबीएमबी से अंजलि और सीईए से  स्वाति रावत ने क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय उप विजेता का स्थान हासिल किया।

 पुरुष युगल वर्ग में, एनएचपीसी के अनूप कुमार और ओम प्रकाश ने विजेता का खिताब हासिल किया, जबकि विद्युत मंत्रालय के एम.पी. चमोली और विशाल कुमार तथा नीपको के आर.के. सनसुई और आर.के. सैकिया ने क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय उप विजेता का स्थान हासिल किया। महिला युगल वर्ग में विद्युत मंत्रालय की सरोज देवी और जया चौधरी विजेता रहीं, जबकि सीईए की स्वाति रावत और सोनिया तथा पीएफसी की सुश्री संध्या चावला और सुश्री सुधा विज ने क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय उप विजेता का स्थान हासिल किया।