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हमीरपुर : नादौन में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के साक्षात्कार 17 को

हमीरपुर : एसआईएस इंडिया लिमिटेड आरटीए हमीरपुर द्वारा सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के 70 पदों पर भर्ती के लिए 17 अप्रैल को सुबह 11 बजे उप रोजगार कार्यालय नादौन में साक्षात्कार लिए जाएंगे।

जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए 19 वर्ष से 40 वर्ष तक के पुरुष उम्मीदवार भर्ती किए जाएंगे। दसवीं फेल या दसवीं पास अथवा इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवार, जिनकी लंबाई कम से कम 168 सेंटीमीटर और वजन 54 से 95 किलोग्राम के बीच हो, इन पदों के लिए पात्र हैं। चयनित उम्मीदवारों को मौके पर ही ऑफर लैटर प्रदान किए जाएंगे तथा उन्हें 17,500 रुपये से लेकर 23 हजार रुपये तक मासिक वेतन एवं अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अगर कोई युवा उपरोक्त योग्यता रखता है और उसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है तो वह अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा हिमाचली प्रमाण पत्र के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकता है।

भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222318 पर भी संपर्क किया जा सकता है।।

सीबीएसई स्कूलों में अध्यापकों के 808 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित

हमीरपुर :  हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने सीबीएसई स्कूलों में अध्यापकों की विभिन्न श्रेणियों के कुल 808 पदों को फिक्स मानदेय के आधार पर भरने के लिए 8 मई तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।

आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इन स्कूलों में संगीत अध्यापक, ड्राइंग टीचर, संस्कृत अध्यापक और फिजिकल एजूकेशन टीचर के 118-118 पद, हिंदी अध्यापक के 151, इतिहास के 86 और भूगोल के अध्यापक 99 पद भरे जाएंगे।

डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इन पदों के लिए आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन hprca.hp.gov.in पर लिंक 17 अप्रैल को सुबह 10 बजे से लेकर 8 मई रात 11ः59 बजे तक खुला रहेगा।

सिक्योरिटी गार्ड्स के लिए भूतपूर्व सैनिकों की भर्ती 17 को

हमीरपुर : गुजरात के भरूच जिले में सिक्योरिटी गार्ड्स के 350 पदों पर नियुक्ति के लिए चैकमेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड 17 अप्रैल को सुबह 10 बजे हमीरपुर के सैनिक विश्राम गृह में थल सेना के भूतपूर्व सैनिकों की भर्ती करेगी।

जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के उपनिदेशक स्क्वाड्रन लीडर मनोज राणा ने बताया कि इस भर्ती में 54 वर्ष तक की आयु के दसवीं पास भूतपूर्व सैनिक भाग ले सकते हैं। चयनित भूतपूर्व सैनिकों को रहने की निशुल्क सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। हर महीने खाने के 2800 रुपये और पीएफ की 3200 रुपये की कटौती के बाद उन्हें 25,800 रुपये मासिक वेतन और अन्य सुविधाएं मिलेंगी।

भर्ती के इच्छुक भूतपूर्व सैनिक अपने साथ डिस्चार्ज बुक, पीपीओ, एक्स सर्विस मैन का पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एसपी कार्यालय द्वारा जारी पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट, बैंक पासबुक या कैंसल्ड चौक, दसवीं कक्षा की अंक तालिका और 8 पासपोर्ट साइज फोटो अवश्य लाएं। उपनिदेशक ने बताया कि उम्मीदवारों की मेडिकल केटिगरी शेप-1, लंबाई 5 फुट 6 इंच होनी चाहिए।

अधिक जानकारी के लिए कैप्टन जगरूप सिंह के मोबाइल नंबर 70181-06943 पर या जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222334 पर संपर्क किया जा सकता है।

बिलासपुर: पशु मित्र भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षण 16, 21 व 22 अप्रैल को सुन्हाणी में होगा आयोजित

बिलासपुर: उप-निदेशक पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन डाॅ. के.एल. शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला बिलासपुर के अंतर्गत पशुपालन विभाग में पशु मित्र के 10 पदों को भरने हेतु शारीरिक परीक्षण का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उपमंडल झंडूता में 02 पदों के लिए शारीरिक परीक्षण 16 अप्रैल, 2026 को प्रातः 09ः30 बजे से सुन्हाणी मैदान, तहसील झंडूता में आयोजित किया जाएगा, जिसमें पशु औषधालय नखलेहड़ा के लिए एक पद तथा एक पद पशु औषधालय समोह के लिए भरा जाएगा।

इसी प्रकार उपमंडल घुमारवीं में 08 पदों के लिए शारीरिक परीक्षण 21 तथा 22 अप्रैल, 2026 को प्रातः 09ः30 बजे आयोजित किया जाएगा, जिसमें 21 अप्रैल को पशु औषधालय पट्टा, बाह पदौडी, चुआडी तथा बैहल नुआण के लिए एक-एक पद के लिए शारीरिक परीक्षण आयोजित किया जाएगा। जबकि 22 अप्रैल को पशु चिकित्सालय भराड़ी, कपाहड़ा, बरोटा तथा पशु औषधालय डंगार के लिए पशु मित्र के एक-एक पद के लिए शारीरिक परीक्षण आयोजित होगा।

उन्होंने बताया कि जिन अभ्यर्थियों ने उपमंडल झंडूता के पशु औषधालय नखलेहड़ा व समोह तथा उपमंडल घुमारवीं के पशु औषधालय पट्टा, बाह पटौडी, चुआडी, बैहल नुआण, डंगार, पशु चिकित्सालय भराड़ी, कपाहड़ा एवं बरोटा के पदों के लिए आवेदन किया है, वह सब भी शारीरिक परीक्षण के लिए निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें।

बिलासपुर: दली से बंदलामियां सड़क मार्ग आगामी 30 अप्रैल तक यातायात के लिए बंद

बिलासपुर: जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के अंतर्गत आदेश जारी करते हुए बताया कि लोक निर्माण विभाग मण्डल बिलासपुर के अंतर्गत दली से बंदलामियां सड़क मार्ग आवश्यक मरम्मत कार्य के चलते प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए आगामी 10 अप्रैल 30 अप्रैल तक बंद रहेगा।

उन्होंने जारी आदेशों में बताया कि मरम्मत कार्य के दौरान इस सडक मार्ग पर केवल एम्बुलेंस, स्कूल बसों, वीआईपी वाहनों तथा अन्य आपातकालीन सेवा वाहनों की आवाजाही की ही अनुमति रहेगी।

ऊना: उपमंडल गगरेट और हरोली की पंचायत समिति वार्डों की अद्यतन सूचना

ऊना: एसडीएम कार्यालय गगरेट से प्राप्त जानकारी के अनुसार उपमंडल गगरेट की पंचायत समिति वार्डों से संबंधित अद्यतन सूचना इस प्रकार है।

उपमंडल गगरेट के अंतर्गत पंचायत समिति मरवाड़ी में मंदवाड़ा और मरबाड़ी पंचायतों के लिए महिला, पंचायत समिति पिरथीपुर में पिरथीपुर और डंगोह खुर्द पंचायतों के लिए अनारक्षित, पंचायत समिति सलोह बैरी में जोह और सलोह बैरी पंचायतों के लिए महिला, पंचायत समिति डंगोह खास में अनुसूचित जाति, पंचायत समिति रायपुर में रायपुर और ववेहड़ पंचायत के लिए अनुसूचित जाति महिला, पंचायत समिति भद्रकाली में भद्रकाली, अभयपुर और ब्रह्मपुर पंचायत के लिए अनारक्षित, पंचायत समिति भंजाल अप्पर में अमलैहड़ और भंजला अप्पर के लिए अनारक्षित, पंचायत समिति भंजाल लोअर में कुनेरन और भंजाल लोअर के लिए महिला, पंचायत समिति नकडोह में रामनगर, कैलाश नगर और नकडोह के लिए अनुसूचित जाति महिला, पंचायत समिति गोंदपुर बनेहड़ा लोअर में गोंदपुर बनेहड़ा अप्पर और लोअर के लिए अनुसूचित जाति महिला, पंचायत समिति चलेट में चलेट और मवा कोहलां पंचायतों में अनारक्षित, पंचायत समिति नंगल जरियालां में नंगल जरियालां और अम्बोआ के लिए महिला, पंचायत समिति दियोली में दियोली और घनारी पंचायत के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग महिला, पंचायत समिति संघनेई में संघनेई के लिए अनारक्षित, पंचायत समिति अम्बोटा में अम्बोटा और चतेहड़ पंचायत के अनारक्षित, पंचायत समिति गगरेट में गगरेट अप्पर और कलोह पंचायत के लिए अनुसूचित जाति, पंचायत समिति बडोह में बडोह और ओयल पंचायत के लिए अनारक्षित, पंचायत समिति टटेहड़ा में टटेहड़ा और मवां सिंधिया पंचायत के लिए महिला, पंचायत समिति कुठेहड़ा जसवालां में कुठेड़ा जसवालां और लोहारली के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग, पंचायत समिति जाडला कोइड़ी में जाडला कोइड़ी, बढे़ड़ा राजपूतां और गुगलैहड़ में अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के सीट आरक्षित की गई हैं।

वहीं, एसडीएम कार्यालय हरोली से प्राप्त जानकारी के अनुसार उपमंडल हरोली के अंतर्गत पंचायत समिति के कुछ वार्डों की अद्यतन सूचना इस प्रकार है। इसमें लोअर पंजावर – 1 में सामान्य महिला, पंजावर – 2 में अनारक्षित, खड्ड – 3 में अनारक्षित, भदसाली – 6 में अनारक्षित, धर्मपुर – 10 में अनारक्षित हरोली – 12 में अनारक्षित, ललड़ी – 14 में अन्य पिछड़ वर्ग महिला, बाथू – 16 में सामान्य महिला, बीटन – 18 में अनुसूचित जाति, गोंदपुर जयचंद – 19 और गोंदपुर बुल्ला – 20 में सामान्य महिला, दुलैहड़ – 21 में अनारक्षित, कुंगड़त – 22 में अनुसूचित जाति और पूबोवाल – 24 में अनारक्षित सीटें निर्धारित की गई हैं।

उपमुख्यमंत्री ने 12.50 करोड़ रुपये से निर्मित जल शक्ति विभाग हरोली विश्राम गृह का किया लोकार्पण

हरोली (ऊना) : उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने गुरुवार को हरोली में जल शक्ति विभाग के नवनिर्मित विश्राम गृह का लोकार्पण किया। लगभग 12.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह आधुनिक परिसर 15 सुसज्जित कमरों से युक्त है, जो विभिन्न आयोजनों एवं बाहरी आगंतुकों के लिए बेहतर आवास सुविधा प्रदान करेगा तथा लंबे समय तक आम जनता के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली में लंबे समय से एक ऐसे केंद्रीय स्थान की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जहां बाहर से आने वाले अतिथि ठहर सकें। यह विश्राम गृह उसी आवश्यकता की पूर्ति करेगा। उन्होंने बताया कि परिसर की दीवारों पर हरोली और जिला ऊना के विकास कार्यों को दर्शाती तस्वीरें लगाई जाएंगी, जिससे यहां आने वाले लोगों को क्षेत्र के विकास की एक समग्र झलक प्राप्त होगी।

उन्होंने कहा कि आगामी हरोली उत्सव सहित अन्य प्रमुख आयोजनों के दौरान बाहर से आने वाले मेहमानों एवं कलाकारों के लिए यहां ठहरने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।

बता दें, इसी परिसर से 11 अप्रैल को शोभायात्रा का शुभारंभ भी किया जाएगा।

*प्रदेश में 2000 करोड़ की जल शुद्धिकरण योजना लागू होगी*

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता सुधारने और जल शुद्धिकरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये की व्यापक योजना लागू की जाएगी। इस योजना के तहत आधुनिक तकनीक आधारित जल शुद्धिकरण प्रणालियां स्थापित की जाएंगी, जिससे प्रदेशवासियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा और जलजनित बीमारियों में कमी आएगी। योजना को चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जिला ऊना में पेयजल एवं सिंचाई से संबंधित लगभग 1000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें 550-600 करोड़ रुपये के पेयजल तथा 350-400 करोड़ रुपये के सिंचाई कार्य शामिल हैं। एडीबी के तहत जिले में 135 करोड़ रुपये की 18 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें से 7 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष को इसी वर्ष पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भभौर साहिब से पोलियां बीत तक लगभग 175 करोड़ रुपये की नई पेयजल योजना पर कार्य किया जा रहा है। हरोली क्षेत्र में 75 करोड़ रुपये की बीत सिंचाई योजना (फेज-2) के माध्यम से आगामी 50 वर्षों तक जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त हरोली क्षेत्र में 300 से अधिक नलकूपों की रिमॉडलिंग के लिए 100 करोड़ रुपये की योजना के तहत कार्य किया जाएगा। टाहलीवाल, हरोली और खड्ड क्षेत्रों में आधुनिक सिंचाई तंत्र को सुदृढ़ किया जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री कहा कि हरोली समेत पूरे ऊना जिले में जल संरक्षण के तहत तालाबों के पुनर्जीवन (रिचार्जिंग) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को जिले के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में छोटे बांधों के निर्माण की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए।

*कर्मचारियों को किया सम्मानित*

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि रिकॉर्ड समय में इस भव्य विश्राम गृह का निर्माण विभाग की कार्यकुशलता का प्रमाण है। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य के लिए मुख्य अभियंता रोहित दूबे, अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान, अधिशासी अभियंता पुनीत शर्मा, सहायक अभियंता आशीष चौधरी, वास्तुकार राजदीप अग्रवाल, कनिष्ठ अभियंता सुरजीत कटवाल तथा कार्य को अमलीजामा पहनाने वाले इकबाल को विशेष रूप से सम्मानित किया।

इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री द्वारा ऊना जिले में जल योजनाओं की सौगात के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री का विकास दृष्टिकोण हरोली सहित पूरे क्षेत्र के लिए मार्गदर्शक है।

पालमपुर थुरल में बीड़ से दिल्ली जा रही वॉल्वो बस हमला,चालक परिचालक घायल

कांगड़ा: पालमपुर के समीप थुरल क्षेत्र में बुधवार रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां बीड़ से दिल्ली जा रही एक वोल्वो बस पर थार सवार हमलावरों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में बस के चालक और परिचालक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।  घटना बुधवार रात 8:40 PM की है। आरोपी पठानकोट के रहने वाले हैं, जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात थुरल में थार गाड़ी में सवार हमलावरों ने बस को रुकवाया और चालक राज कुमार (48) निवासी पंजयाला (बैजनाथ) और परिचालक प्रवेश कुमार निवासी ज्वालामुखी पर चाकू से हमला कर दिया। दोनों के पेट और पीठ पर गहरे घाव आए हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद थुरल अस्पताल से टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।  पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान बलविन्दर सिंह (45) पुत्र सूरी लाल निवासी मकान नंबर 449 ढांगू रोड पठानकोट पंजाब, निशान पाल (46) पुत्र खजान चंद निवासी सागला दसूया जिला होशियारपुर पंजाब और अलीश (21) पुत्र बलदेन राज इंदिरा कॉलोनी नंदपुर टंकी जंक्शन हाउस जिला पठानकोट पंजाब के तौर पर हुई है।

 पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त चाकू, एक पिस्तौल और नशीला पदार्थ बरामद किया है। हमले में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है।

राज्यपाल ने किया 51वें राष्ट्रीय नैदानिक मनोविज्ञान सम्मेलन का शुभारम्भ

स्वास्थ्य क्षेत्र में आशा और संभावनाओं के नए द्वार खोल रहा एआई : राज्यपाल

शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित 51वें राष्ट्रीय नैदानिक मनोविज्ञान सम्मेलन (एनएसीआईएसीपी-2026) का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर राज्यपाल बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। सम्मेलन की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राणा पी. सिंह ने की। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘मानसिक स्वास्थ्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका’ था।
राज्यपाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और व्यक्तिगत बनाने की क्षमता रखती है, जिससे जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता और उपचार मिल सकता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में एआई के उपयोग से रोगों की पहचान और उपचार की प्रक्रिया तेज, सटीक और अधिक प्रभावी हुई है।
श्री गुप्ता ने कहा कि आधुनिक समाज में तनाव, अवसाद, चिंता और अन्य मनोवैज्ञानिक विकार तेजी से बढ़ रहे हैं, जो सभी वर्गों को समान रूप से प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे समय में एआई स्वास्थ्य क्षेत्र में आशा और नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। फिलहाल कई डिजिटल प्लेटफॉर्म और एप्लिकेशन विकसित किए जा चुके हैं, जो व्यक्ति की भावनाओं, व्यवहार और भाषा के आधार पर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती अवस्था की पहचान कर सकते हैं। ये तकनीकें भविष्य में और भी अधिक कारगर साबित होंगी।
राज्यपाल ने कहा कि भारत सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने टेली-मानस जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जो देश के दूरदराज और वंचित क्षेत्रों तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल चिकित्सा का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी का भी मुद्दा है।
गुप्ता ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मौजूदा स्वास्थ्य योजनाओं के साथ अधिक प्रभावी ढंग से एकीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि प्रत्येक व्यक्ति के लिए समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को समाप्त करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के महत्त्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जहां मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की कमी है, उन क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकें जागरूकता फैलाने और सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग न्यूरोफीडबैक, ब्रेन इमेजिंग और डेटा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है, जिससे मानसिक विकारों को बेहतर ढंग से समझने और नए उपचार विकसित करने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल एक सहायक उपकरण है और यह मानवीय संवेदनशीलता, सहानुभूति और व्यक्तिगत स्पर्श का पूर्ण विकल्प नहीं बन सकता, जो मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
राज्यपाल ने एआई आधारित समाधानों को अपनाते समय डेटा गोपनीयता, नैतिकता और सुरक्षा जैसे महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि एआई का सही दिशा में और मानवीय मूल्यों के अनुरूप उपयोग किया जाए तो यह मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, सुलभ और प्रभावी बनाने में परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है।
कुलपति प्रोफेसर राणा पी. सिंह ने सम्मेलन के बारे में विस्तारपूर्वक बताया।

“पंचायती राज चुनाव हाईजैक करने की साजिश—कांग्रेस ने संविधान और कानून दोनों की धज्जियां उड़ाईं” – डॉ. बिंदल

शिमला: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लोकतंत्र की हत्या करने पर उतारू है और पंचायती राज एवं नगर निकाय चुनावों को सुनियोजित तरीके से हाईजैक करने की साजिश रच रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहले तो दो वर्षों तक चुनाव टालने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक ले गई। जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिया कि 31 मई से पहले चुनाव करवाए जाएं, तो सरकार ने अब धांधली का नया खेल शुरू कर दिया है।
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि हिमाचल के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि आरक्षण रोस्टर को “मदारी के खेल” की तरह बदला जा रहा है—
एक दिन पंचायत SC के लिए आरक्षित
दूसरे दिन वही पंचायत ओपन
तीसरे दिन महिला के लिए आरक्षित
“यह चुनाव प्रक्रिया नहीं, बल्कि कांग्रेस का ‘सूटेबिलिटी मॉडल’ है, जहां नियम नहीं बल्कि अपनी सुविधा के अनुसार रोस्टर तय किया जा रहा है,” उन्होंने तीखा राजनीतिक पंच करते हुए कहा।
उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पंचायती राज अधिनियम और संविधान के अनुच्छेद 243D की भावना के खिलाफ है, जिसमें स्पष्ट प्रावधान है कि आरक्षण और रोस्टर एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत पारदर्शी तरीके से तय होंगे, न कि बार-बार बदलकर चुनावी समीकरण साधे जाएंगे।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस के नेता और सरकार के दबाव में अधिकारी काम कर रहे हैं, जिसके कारण गांव-गांव और मोहल्लों में असमंजस और तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। “यह लोकतंत्र नहीं, दादागिरी है—जहां नियमों को ताक पर रखकर सत्ता बचाने की कोशिश हो रही है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कहा कि लाखों युवा, महिलाएं और समाज के विभिन्न वर्ग जो पंचायतों में सेवा करना चाहते हैं, वे लगातार बदलते रोस्टर से निराश और हताश हो चुके हैं।
“कांग्रेस को साफ दिख रहा है कि जनता उन्हें सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है, इसलिए अब चुनाव प्रक्रिया को ही कब्जाने की कोशिश की जा रही है,” उन्होंने आरोप लगाया।
अंत में डॉ. बिंदल ने चेतावनी दी कि भाजपा इस “लोकतंत्र विरोधी साजिश” को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी और सड़क से लेकर न्यायालय तक इस मुद्दे को उठाकर कांग्रेस सरकार की पोल खोलती रहेगी।