पदमश्री पालेकर ने प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन शून्य लागत प्राकृतिक खेती पर दी किसानों को जानकारी

कृषि विभाग द्वारा शून्य लागत प्राकृतिक खेती पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर, पद्मश्री सुभाष पालेकर शून्य लागत प्राकृतिक खेती बारे देंगे प्रशिक्षण

  • शिविर में शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर, मंडी व स्पीति के करीब 800 किसान लेंगे हिस्सा : डा. देसराज

शिमला: कृषि विभाग द्वारा शिमला में कुफरी के एडवैंचर्स रिजार्टस में शून्य लागत प्राकृतिक खेती पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्घाटन राज्यपाल हि. प्र. आचार्य देवव्रत द्वारा 12 अक्टूबर को किया जाएगा। इस अवसर पर कृषि मन्त्री हि.प्र. राम लाल मारकंडा, प्रधान सचिव कृषि व राज्य परियोजना निदेशक भी उपस्थित रहेंगे। किसानों को शून्य लागत प्राकृतिक खेती बारे जागरूक करने व उन द्वारा शून्य लागत प्राकृतिक खेती को अपनाने हेतु पद्मश्री सुभाष पालेकर विशेष तौर पर शिरकत करेंगे।

कृषि निदेशक डा. देसराज ने इस प्रशिक्षण शिविर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि शिविर में शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर, मंडी व स्पीति के लगभग 800 किसान भाग लेंगे। जिन्हें पद्मश्री सुभाष पालेकर द्वारा 12 से 16 तक शून्य लागत प्राकृतिक खेती बारे प्रशिक्षण दिया जायेगा। कृषि विभाग ने प्रदेश के किसानों से आग्रह किया है कि वह इस शिविर में शामिल होकर अपने क्षेत्र में शून्य लागत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा इस बारे कोई कठिनाई आ रही हो तो उसका भी निवारण कर सकते हैं।

इससे पहले 30 सितम्बर से 5 अक्तूबर को पालमपुर में भी 6 दिवसीय कार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें 851 किसानों व 150 विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। अभी तक प्रदेश के सभी जिलों में ग्रामीण स्तर पर लगभग एक-एक दिन के 90 के आसपास प्रशिक्षण शिविर लग चुके हैं।

उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए, प्रदेश में इस वर्ष शून्य लागत प्राकृतिक खेती आरम्भ की है, जिसके अनुरूप प्रदेश में कम लागत वाली प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए  2018-19 में 25 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान भी रखा है। जीरो बजट प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए कइ पग उठाए जा रहे हैं। आने वाला वक्त प्राकृतिक खेती का ही है। यह बात धीरे-धीरे किसानों को समझ में आ रही है।

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